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Hindi Reading Comprehension Exercises with Answers - Junior

# Passages 1 निम्नलिखित गद्यांश में से किसी एक को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का है । सुखी, सफल और उत्तम जीवन जीने के लिए किए गए आचरण और प्रयत्नों का नाम ही धर्म है। देश, काल और सामाजिक मूल्यों की दृष्टि से संसार में भारी विविधता है, अतएव अपने-अपने ढंग से जीवन को पूर्णता की ओर ले जाने वाले विविध धर्मों के बीच भी ऊपर से विविधता दिखाई देती है। आदमी का स्वभाव है कि वह अपने ही विचारों और जीने के तौर तरीकों को तथा अपनी भाषा और खान-पान के तौर-तरीकों को तथा अपनी भाषा और खान-पान को सर्वश्रेष्ठ मानता है तथा चाहता है कि लोग उसी का अनुसरण और अनुकरण करें। अतएव दूसरों से अपने धर्म को श्रेष्ठतर समझते हुए वह चाहता है कि सभी लोग उसे अपनाएँ । इसके लिए वह जोर जबरदस्ती को भी बुरा नहीं समझता । धर्म के नाम पर होने वाले जातिगत विद्वेष, मारकाट और हिंसा के पीछे मनुष्य की यही स्वार्थ भावना काम करती है। सभी धर्म अपनी-अपनी भौगोलिक, सांस्कृतिक, और ऐतिहासिक आवश्यकताओं के आधार पर पैदा होते हैं; पनपते और बढ़ते हैं, अतएव उनका बाह्य स्वरूप भिन्न-भिन्न ...
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# Passages 1 निम्नलिखित गद्यांश में से किसी एक को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का है । सुखी, सफल और उत्तम जीवन जीने के लिए किए गए आचरण और प्रयत्नों का नाम ही धर्म है। देश, काल और सामाजिक मूल्यों की दृष्टि से संसार में भारी विविधता है, अतएव अपने-अपने ढंग से जीवन को पूर्णता की ओर ले जाने वाले विविध धर्मों के बीच भी ऊपर से विविधता दिखाई देती है। आदमी का स्वभाव है कि वह अपने ही विचारों और जीने के तौर तरीकों को तथा अपनी भाषा और खान-पान के तौर-तरीकों को तथा अपनी भाषा और खान-पान को सर्वश्रेष्ठ मानता है तथा चाहता है कि लोग उसी का अनुसरण और अनुकरण करें। अतएव दूसरों से अपने धर्म को श्रेष्ठतर समझते हुए वह चाहता है कि सभी लोग उसे अपनाएँ । इसके लिए वह जोर जबरदस्ती को भी बुरा नहीं समझता । धर्म के नाम पर होने वाले जातिगत विद्वेष, मारकाट और हिंसा के पीछे मनुष्य की यही स्वार्थ भावना काम करती है। सभी धर्म अपनी-अपनी भौगोलिक, सांस्कृतिक, और ऐतिहासिक आवश्यकताओं के आधार पर पैदा होते हैं; पनपते और बढ़ते हैं, अतएव उनका बाह्य स्वरूप भिन्न-भिन्न ...
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