एकार्थक शब्द Notes for SSC & CBSE Class 6-12
CBSE, BSEB, UP, PYQ, Sample Questions, Model Paper Question अभ्यास 🏁 निष्कर्ष (Conclusion) अंतःकरण — विशुद्ध मन की विवेकपूर्ण शक्ति। जैसे—आप अपने अंतःकरण में झाँककर देखें। आत्मा — जीवों में चेतन, अतीन्द्रिय और अभौतिक तत्त्व, जिसका कभी नाश नहीं होता। जैसे—आत्मा अविनाशी है। अगोचर — जो इंद्रियों द्वारा न जाना जा सके, वरन् प्रज्ञा से जाना जा सके। जैसे—ईश्वर अगोचर है। अज्ञेय — जिसका बोध होना असंभव है। जैसे—ईश्वर अज्ञेय है। अतिरिक्त — वांछित पदार्थों से भी ज्यादा प्राप्त होना। जैसे—इसके अतिरिक्त मुझे और कुछ नहीं चाहिए। अधिक — जरूरत से ज्यादा। जैसे—उसकी आमदनी अधिक है। काफी — जरूरत के मुताबिक। जैसे—बस इतने रुपए काफी हैं। अध्यक्ष — किसी गोष्ठी, समिति या संस्था का स्थाई प्रधान। जैसे—डॉ० राजेंद्र प्रसाद 'संविधान प्रारूप समिति' के अध्यक्ष थे। सभापति — किसी आयोजित बड़ी अस्थाई सभा का प्रधान। जैसे—आज पांडेय जी को सभा का सभापति बनाया गया। अनबन — दो व्यक्तियों का आपस में नहीं बनना। जैसे—इन दिनों दोनों भाइयों में कौन किससे बढ़कर है, इसे लेकर अनबन है। खटपट — दो पक्षों या व्यक्तियों मे...
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Guddu Kumar