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BSEB Class 12 History 2009 Question Answer in Hindi

खण्ड-'अ' ( वस्तुनिष्ठ प्रश्‍न ) खण्ड-'ब' ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) खण्ड-'स' ( दीर्घ उत्तरीय प्रश्न ) Conclusion खण्ड-'अ' ( वस्तुनिष्ठ प्रश्‍न ) ​ धम्ममहामात्रों को किसने नियुक्त किया ? चुद्रगुप्त मौर्य बिंदुसार अशोक कनिष्क । त्रिपिटक साहित्य है (अ) जैन धर्म का (ब) बौद्ध धर्म का (स) शैव धर्म का (द) वैष्णव धर्म का । कनिष्क की राज्यारोहण तिथि है 48 ई॰ 78 ई॰ 88 ई॰ 98 ई॰ महाभारत युद्ध कितने दिनों तक चला ? a. b. c. d. महावीर ने पार्श्वनाथ के सिद्धांतों में नया सिद्धांत क्या जोड़ा ? a. b. c. d. पुर्तगालियों ने गोवा पर कब अधिकार किया ? a. b. c. d. सहायक संधि की नीति कार्यन्वित की a. b. c. d. अवध में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था ? a. b. c. d. 1857 का विद्रोह आरंभ हुआ a. b. c. d. भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के संस्थापक कौन माने जाते हैं ? a. b. c. d. वि जयनगर साप्राल्य की स्थापना कि सने की ? a. b. c. d. उत्तर भारत में भक्ति आंदोलन का आरंभ कि स संत ने किया ? a. b. c. d. कैप्टेन हॉकि न्स कि स मुगल शासक के दरबार में आया ? a. b. c. d. निम्नलि खि त में अकबर कि स...
By Guddu Kumar
BSEB Class 9 Science Chapter 15 Notes: खाद्य संसाधनों में सुधार

BSEB Class 9 Science Chapter 15 Notes: खाद्य संसाधनों में सुधार

Notes फसल उत्पादन में उन्नति फसल की किस्मों में सुधार (मुख्य बिंदु) फसल उत्पादन प्रबंधन (मुख्य बिंदु) फसल सुरक्षा प्रबंधन पशुपालन और संबंधित प्रणालीयाँ (मुख्य बिंदु) हमारे देश की अधि कांश जनसंख्या अपने जीवनयापन के लि ए कृषि पर नि र्भर करती है। संपूषणीय जीवनयापन के लि ए मि श्रि त खेती, अंतराफसलीकरण तथा संघटि त कृषि - प्रणालि याँ अपनानी चाहि ए । पौधे सूर्य के प्रकाश में प्रकाश-संश्लेषण द्वारा अपना भोजन बनाते हैं । कुछ ऐसी फसलें हैं, जि न्हें हम वर्षा ऋतु में उगाते हैं, खरीफ फसल कहते हैं। धान सोयाबीन, अरहर, मक्का, मूँग तथा उड़द खरीफ फसलें हैं । कुछ फसलें शीतकऋतु में उगायी जाती हैं, जो नवम्बर से अप्रैल माह तक में होती है । इन फसलों को रबी फसल कहते हैं । गेहूँ, चना, मटर, सरसों तथा अलसी रबी फसलें हैं। भारत में सन्‌1960 से सन्‌2004 तक कृषि -भूमि की पैदावार में चारगुनी वृद्धि हुई है । में 25% की वृद्धि हुई है, जबकि अन्न खाद बनाने में हम जैवि क कचरे का उपयोग करते हैं । फसल के लि ए पोषकों के मुख्य सोत खाद तथा उर्वरक हैं । कुशल फसलीकरण पद्धति आवश्यक हैं । के लि ए मि श्रि त खेती, अंतरफसलीकरण तथा फ...
By AvN Learn
BSEB Class 9 Science Chapter 14 Notes: प्राकृतिक संपदा

BSEB Class 9 Science Chapter 14 Notes: प्राकृतिक संपदा

Notes
By AvN Learn
BSEB Class 9 Science Chapter 13 Notes: हम बीमार क्यों होते हैं

BSEB Class 9 Science Chapter 13 Notes: हम बीमार क्यों होते हैं

Notes स्वास्थ्य वह अवस्था है, जिसके अंतर्गत शारीरिक, मानसिक तथा सामाजि क कार्य समुचित क्षमता द्वारा उचित प्रकार से सम्पन्न होता है। सामुदायि क स्वच्छता व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए, आवश्यक है । शारीर में जब कोई रोग होता है, तो शरीर के एक अथवा अनेक अंगों एवं तंत्रों में क्रिया अथवा संरचना में खराबी परिलक्षित होने लगती है । कुछ ऐसे रोग (जैसे – खाँसी, जुकाम) हैं, जो बहुत कम अवधि के लिए होते हैं, उसे तीव्र रोग कहते हैं तथा कुछ ऐसे रोग (जैसे – फीलपाँव, एलिफेन्टाइटिस) हैं, जो लंबी अवधि तक अथवा जीवनपर्यंत रहते हैं, उसे दीर्घकालिक रोग कहते हैं । दीर्घकालिक रोग, तीव्र रोग की अपेक्षा लोगों के स्वास्थ्य पर लंबे समय तक विपरीत प्रभाव बनाये रखते हैं । वैसे रोग, जिनके तात्कालि क कारक सूक्ष्म जीव होते हैं, उन्हें संक्रामक रोग कहते हैं । कुछ ऐसे रोग हैं, जो बैक्टीरि या द्वारा फैलते हैं । जैसे–टायफॉइड, बुखार, हैजा, क्षयरोग तथा ऐएंथेक्स । प्रोटोजोआ से फैलनेवाले रोग हैं मलेरि या तथा कालाजार । वायु द्वारा फैलनेवाले रोगों के उदाहरण हैं -खाँसी, जुकाम, नि मोनि या तथा क्षयरोग । कुछ रोग ऐसे हैं, जो जंतुओं द्वारा ...
By AvN Learn
BSEB Class 9 Science Chapter 12 Notes: ध्वनि (Sound)

BSEB Class 9 Science Chapter 12 Notes: ध्वनि (Sound)

Notes तरंग 1. सरल आवर्त गति 2. ध्वनि तरंग तरंग ​ 1. सरल आवर्त गति ​ आवर्त गति (Periodic Motion) : एक निश्‍चित पथ पर गति करती वस्तु जब एक निश्‍चित समय-अन्तराल के पश्चात्‌ बार-बार अपनी पूर्व गति को दोहराती है, तो इस प्रकार की गति को आवर्त गति कहते हैं । दोलन गति (Oscillatory Motion): किसी पिंड की साम्य स्थिति के इधर-उधर गति करने को दोलन अथवा काम्पनि क गति कहते हैं । एक दोढन या एक कम्पन : दोलन करने वाले कण का अपनी साम्य स्थिति के एक ओर जाना फिर साम्य स्थिति में आकर दूसरी ओर जाना और पुनः साम्य स्थिति में वापस लौटना, एक दोलन या कम्पन कहललाता है । आवर्तकाल (Time Period) : एक दोलन पूरा करने के समय को आवर्तकाल कहते है। आवृति (Frequency) : कम्पन करने वाली वस्तु एक सेकेण्ड में जितना कम्पन करती है, उसे उसकी आवृत्ति कहते हैं। इसका S.I. मात्रक हरटर्ज (Hertz) होता है । यदि आवृति n तथा आवर्तकाल T हो, तो n = होता है । सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion) : यदि कोई वस्तु एक सरल रेखा पर मध्यमान स्थिति (Mean Position) के इधर-उधर इस प्रकार की गति करे कि वस्तु का त्वरण मध्यमान स्थि ति से वस्तु के वि स्थ...
By AvN Learn
BSEB Class 9 Science Chapter 11 Notes: कार्य तथा ऊर्जा

BSEB Class 9 Science Chapter 11 Notes: कार्य तथा ऊर्जा

Notes कार्य (Work) ऊर्जा (Energy) 2. स्थितिज ऊर्जा शक्ति (Power) कार्य (Work) ​ कार्य (Work) की माप लगाये गये बल तथा बल की दिशा में वस्तु के वि स्थापन के गुणनफल के बराबर होता है। कार्य एक अदिश राशि है, इसका S.I. मात्रक जूल है । कार्य = बल × विस्थापन ऊर्जा (Energy) ​ किसी वस्तु की कार्य करने की क्षमता को उस वस्तु की ऊर्जा कहते हैं । ऊर्जा एक अदिश राशि है, इसका S.I. मात्रक जूल है । कार्य द्वारा प्राप्त ऊर्जा यांत्रिक ऊर्जा कहलाती है, जो दो प्रकार की होती है– गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy): कि सी वस्तु में उसकी गति के कारण कार्य करने की जो क्षमता आ जाती है, उसे उस वस्तु की गति ज ऊर्जा कहते हैं। यदि वेग से चल रही हो, तो गति ज ऊर्जा (KE) होगी– KE = + mov - द्रव्यमान की वस्तु 2. स्थितिज ऊर्जा ​ जब कि सी वस्तु में विशेष अवस्था (State) या स्थिति के कारण कार्य करने की क्षमता आ जाती है, तो उसे स्थितिज ऊर्जा कहते हैं, जैसे – बाँध बनाकर इकट्ठा किये गये पानी की ऊर्जा, घड़ी की चाभी में संचित ऊर्जा , तनी हुई स्प्रिंग या कमानी की ऊर्जा । गुरुत्व बल के विरुद्ध संचित स्थिति ज ऊर्जा का व्यंजक है – ए.६. = ०...
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BSEB Class 9 Science Chapter 10 Notes: गुरुत्वाकर्षण

BSEB Class 9 Science Chapter 10 Notes: गुरुत्वाकर्षण

Notes g के मान में परिवर्तन लिफ्ट में पिण्ड का भार (Weight of a body in lift) दाब न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का नियम (Newton's Law of Gravitaion) : किन्हीं दो पिण्डों के बीच कार्य करने वाला आकर्षण-बल पि ण्डों के द्रव्यमानों के गुणनफछ के अनुक्रमानुपाती तथा उनके बीच के दूरी की वर्ग के व्युल्मानुपाती होता है । माना दो पिण्ड जिनके द्रव्यमान m 1 , एवं m 2 हैं, एक दूसरे से R दूरी पर स्थित है, तो न्यूटन के नि यम के अनुसार उनके बीच लगने वाला आकर्षण-बल, होता है। जहाँ g एक नियतांक है, जिसे सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक कहते हैं और जिसका मान 6.67 × 10 −11 Nm 2 kg −2 होता है । गुरुत्व (Gravity) : न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के अनुसार दो पिंडों के बीच एक आकर्षण बल कार्य करता है। यदि इनमें से एक पिंड पृथ्वी हो तो इस आकर्षण-बल को गुरुत्व कहते हैं। अर्थात्‌, गुरुत्व वह आकर्षण-बल है, जिससे पृथ्वी किसी वस्तु को अपने केन्द्र की और खींचती है । इस बल के कारण जो त्वरण उत्पन्न होता है, उसे गुरुत्व जनि त त्वरण (g) कहते हैं, जिसका मान 9.8 m/s 2 होता है । गुरुत्वजनित त्वरण (g) वस्तु के रूप, आकार, द्रव्य...
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BSEB Class 9 Science Chapter 9 Notes: बल तथा गति के नियम

BSEB Class 9 Science Chapter 9 Notes: बल तथा गति के नियम

Notes न्यूटन का गति-नियम (Newton's laws of motion) न्यूटन का गति-नियम (Newton's laws of motion) ​ भौतिकी के पिता न्यूटन ने सन्‌ 1687 ई० में अपनी पुस्तक 'प्रिसिपिया' में सबसे पहले गति के नियम को प्रतिपादित किया था । न्यूटन का प्रथम गति-नियम (Newton's first law of motion): ​ यदि कोई वस्तु विराम अवस्था में है, तो वह विराम अवस्था में रहेगी या यदि वह एकसमान चाल से सीधी रेखा में चल रही है, तो वैसी ही चलती रहेगी, जब तक कि उस पर कोई बाह्य बल लगाकर उसकी वर्तमान अवस्था में परिवर्तन न किया जाए । प्रथम नियम को गैलीलियो का नियम या जड़त्व का नियम भी कहते हैं। बाह्य बल के अभाव में किसी वस्तु की अपनी विरामावस्था या समान गति की अवस्था को बनाये रखने की प्रवृत्ति को जड़त्व (Inertia) कहते हैं। जड़त्व के प्रकार : (क) विराम का जड़त्व (ख) गति का जड़त्व (ग) दिशा का जड़त्व जड़त्व के कुछ उदाहरण : (क) ठहरी हुई मोटर या रेलगाड़ी के अचानक चल पड़ने पर उसमें बैठे यात्री पीछे की ओर झुक जाते हैं। (ख) चलती हुई मोटरकार के अचानक रुकने पर उसमें बैठे यात्री आगे की ओर झुक जाते हैं। (ग) कम्बल को हाथ से पकड़क...
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BSEB Class 9 Science Chapter 8 Notes: गति (Motion)

BSEB Class 9 Science Chapter 8 Notes: गति (Motion)

Notes यदि किसी वस्तु की स्थिति में समय के साथ कोई परि वर्तन नहीं होता है, तो वस्तु विराम (Rest) अवस्था में कहलाती है। यदि किसी वस्तु की स्थि ति में समय के साथ परि वर्तन होता है, तो वस्तु गति (Motion) की अवस्था में कहलाती है। गति के प्रकार (Types of Motion) ​ जब कोई कण एक सरल रेखा में गति मान होता है, तो उसकी गति सरलरेखीय गति (Rectilinear Motion) कहलाती है। उदाहरण – प्रकाश के कणों की गति। जब एक वस्तु (कण नहीं) एक सीधी रेखा में गति मान होता है, तो उसकी गति स्थानान्तरीय गति (Trasnlatory Motion) कहलाती है। उदाहरण – कार की सीधी सड़क पर गति जब कोई कण कि सी वृत्ताकार मार्ग पर गति करता है, तो उसकी गति वृत्तीय गति (Circular Motion) कहलाती है उदाहरण – पत्थर को तार पर बाँधकर घुमना। जब कोई वस्तु (कण नहीं) एक निश्चित अक्ष के परित : (यह अक्ष वस्तु से भी गुजर सकता है) एक वृत्तीय पथ पर गति करती है, तो उसकी गति घूर्णन गति (Rotatory Motion) कहलाती है। उदाहरण – घरों में पंखें की गति। जब कोई वस्तु किसी निश्चित बिन्दु के इघर-उघर गति करती है, तो उसकी गति आवर्ती या दोलनी गति (Periodic or Oscillatory M...
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