हिंदी व्याकरण Ch 4: शब्द रूप, विलोम, मुहावरे-लोकोक्तियाँ
शब्द रूप भाषा की समृद्धि उसकी शब्द संपदा पर निर्भर करती है। शब्दों के स्वरूपगत तथा अर्थगत वैविध्य से भाषा का सौंदर्य बढ़ता है और उसकी व्यंजकता में निखार आता है। "‘कनक-कनक तें सौ गुनी मादकता अधिकाय’’ जैसा कथन हिंदी में इसलिए हो सकता है क्योंकि इसमें कनक के दो अर्थ (सोना और धतूरा) होते हैं। इस आधार पर शब्दों के प्रमुख पाँच प्रकार होते हैं - अनेकार्थक यानी एक शब्द के अनेक अर्थ वाले शब्द। श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द विपरीतार्थक शब्द अनेक शब्दों के लिए एक शब्द पर्यायवाची शब्द CBSE, BSEB, UP, PYQ, Sample Questions, Model Paper Question शब्द रूप 📚 अध्याय 1: श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द (Homonyms) 🎯 मुख्य परिभाषा (Concept Checklist) कुछ उदाहरण द्रष्टव्य 💡 सुपर टिप-ट्रिक (Exam Hacker Trick) 📝 महत्वपूर्ण शब्द-युग्म (Top Exam-Oriented List) 🔍 परीक्षा के विशेष बिंदु (Exam Points) 📌 क्विक समरी (Quick Summary) 📚 अध्याय 2: पर्यायवाची शब्द (Synonyms) 🎯 मुख्य परिभाषा (Concept Checklist) कुछ उदाहरण द्रष्टव्य 💡 सुपर टिप-ट्रिक (Exam Hacker Formula) 📝 महत्वपूर्ण पर्यायवाची शब्द (Most Repeated Exam ...
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Guddu Kumar