📖 अध्याय 2: संरचना तथा भू-आकृति विज्ञान (Structure and Physiography)

📌 1. भारत का भू-वैज्ञानिक इतिहास (Geological Structure)
पृथ्वी के भीतर उठने वाली विवर्तनिक हलचलों (Tectonic Movements) के आधार पर भारत को तीन भू-वैज्ञानिक खंडों में बाँटा गया है:
① प्रायद्वीपीय खंड (Peninsular Block)
- ⛰️ स्वरूप: यह भारत का सबसे प्राचीन, कठोर और स्थिर भूभाग है।
- 🧱 चट्टानें: यह मुख्य रूप से अत्यंत प्राचीन ग्रेनाइट और नीस (Gneiss) जैसी आग्नेय चट्टानों से बना है।
- 🧭 विस्तार: राजस्थान के अरावली पर्वत से लेकर पूर्व में असम की कार्बी-एंगलोंग पहाड़ियों तक।
② हिमालय और अन्य अतिरिक्त-प्रायद्वीपीय पर्वतमालाएँ
- 🏔️ स्वरूप: प्रायद्वीपीय खंड के विपरीत, यह एक नवीन, मोड़दार (Fold Mountain) और अस्थिर भूभाग है।
- 🌊 उत्पत्ति: इसकी उत्पत्ति टेथिस सागर (Tethys Sea) के अवसादों में वलन (folding) पड़ने से हुई है। यहाँ आज भी भूगर्भीय हलचलें होती हैं, जिसके कारण इस क्षेत्र में भूकंप आते रहते हैं।
③ सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान
- 🌾 स्वरूप: यह एक विशाल भू-अभिनति (Geosyncline) गर्त था, जो हिमालय और प्रायद्वीपीय पठार से निकलने वाली नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ अवसादों (Alluvial Deposits) के जमा होने से बना है।
🗺️ 2. भारत के भू-आकृतिक उपखंड (Physiographic Divisions)
धरातलीय विविधताओं के आधार पर भारत को 6 मुख्य भू-आकृतिक प्रदेशों में बाँटा गया है:
┌─────────────────────────────────────────┐│ भारत के 6 भू-आकृतिक प्रदेश │└────────────────────┬────────────────────┘│┌───────────────┬─────────────────┼─────────────────┬───────────────┐▼ ▼ ▼ ▼ ▼उत्तरी पर्वत उत्तरी मैदान प्रायद्वीपीय पठार मरुस्थल तटीय मैदान द्वीप समूह🏔️ [1] उत्तर तथा उत्तर-पूर्वी पर्वतमाला (The Northern & Northeastern Mountains)
इसमें पूरा हिमालय पर्वत और उत्तर-पूर्व की पहाड़ियां शामिल हैं। इसे पश्चिम से पूर्व की ओर 5 मुख्य उपखंडों में बाँटा गया है:
(A) कश्मीर या पश्चिमी हिमालय ❄️
- 🏔️ प्रमुख श्रेणियां: काराकोरम, लद्दाख, जास्कर और पीर पंजाल।
- ❄️ करेवा (Kareva): कश्मीर घाटी में पाई जाने वाली हिमनद जलोढ़ मिट्टी की मोटी परत को 'करेवा' कहते हैं। यह जाफरान (केसर - Saffron) की खेती के लिए विश्व प्रसिद्ध है। (प्रतियोगी परीक्षाओं का हॉट टॉपिक 🔥)
- 🗺️ प्रमुख दर्रे: जोजिला (जास्कर श्रेणी), बनिहाल (पीर पंजाल), खारदुंग ला (लद्दाख श्रेणी)।
(B) हिमाचल और उत्तराखंड हिमालय 🌲
- 🌊 नदियाँ: यह क्षेत्र रावी, ब्यास, सतलुज, यमुना और गंगा नदियों द्वारा अपवाहित होता है।
- 🏡 दुन (Dun): यहाँ घाटी में विशिष्ट स्थलाकृतियां पाई जाती हैं जिन्हें 'दुन' कहते हैं। (जैसे- देहरादून, कोटलीदुन)।
(C) दार्जिलिंग और सिक्किम हिमालय ☕
- 🏔️ सर्वोच्च चोटी: यहाँ भारत की दूसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा (Kanchenjunga) स्थित है।
- ☕ विशेषता: यह क्षेत्र अपनी तेज बहने वाली नदियों (जैसे- तीस्ता) और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। અહીં 'लेपचा' जनजाति पाई जाती है।
(D) अरुणाचल हिमालय 🦅
- 🧭 विस्तार: यह भूटान हिमालय से लेकर पूर्व में दीफू दर्रे तक फैला है।
- 🏔️ प्रमुख चोटियाँ: कांगतू और नमचा बरवा। यहाँ दिहांग, दिबांग और लोहित जैसी गहरी गॉर्ज (Gorge) बनाने वाली नदियाँ बहती हैं।
(E) पूर्वी पहाड़ियां और पर्वत (Purvanchal) 🌿
- ⛰️ स्वरूप: हिमालय के पूर्व में दक्षिण की ओर मुड़ने वाली पहाड़ियां।
- 📂 प्रमुख पहाड़ियां: पटकाई बुम, नागा पहाड़ियां, मणिपुर पहाड़ियां और मिजो (लुशाई) पहाड़ियां।
- 🌊 लोकताक झील (Loktak Lake): मणिपुर में स्थित यह पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है, जिसमें तैरता हुआ राष्ट्रीय पार्क (केइबुल लामजाओ) स्थित है।
🌾 [2] उत्तरी भारत का मैदान (The Northern Plains)
यह मैदान सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा बहाकर लाए गए जलोढ़ से बना है। उत्तर से दक्षिण की ओर इसे 4 भागों में विभाजित किया गया है:
- भाबर (Bhabar): हिमालय के गिरिपद (शिवालिक के समानांतर) 8 से 10 किमी चौड़ी पट्टी, जहाँ नदियाँ बड़े पत्थरों के नीचे लुप्त हो जाती हैं। यह कृषि के लिए अनुपयुक्त है।
- तराई (Tarai): भाबर के दक्षिण का वह दलदली और नम क्षेत्र जहाँ लुप्त नदियाँ दोबारा धरातल पर प्रकट होती हैं। यहाँ घने वन पाए जाते हैं।
- बांगर (Bhangar): मैदान का वह पुराना जलोढ़ भाग जहाँ बाढ़ का पानी नहीं पहुँच पाता। यह अपेक्षाकृत कम उपजाऊ होता है। इसमें कंकड़ पाए जाते हैं।
- खादर (Khadar): हर साल बाढ़ के पानी द्वारा लाई गई नई जलोढ़ मिट्टी का क्षेत्र। यह अत्यंत उपजाऊ होता है और गहन कृषि के लिए सर्वोत्तम है।
⛰️ [3] प्रायद्वीपीय पठार (The Peninsular Plateau)
- 📐 आकार: यह एक कटे-फटे त्रिकोणीय आकार का पठार है जो मेज की आकृति जैसा दिखता है।
- 🧱 मिट्टी: इस क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में काली मिट्टी (Black Soil) पाई जाती है, जो कपास की खेती के लिए सर्वोत्तम है। इसे 'दक्कन ट्रैप' भी कहते हैं।
- 🏔️ प्रमुख पर्वत: अरावली (विश्व की सबसे पुरानी वलित पर्वत श्रृंखला), विंध्याचल, सतपुड़ा।
- 🥇 सर्वोच्च चोटी: प्रायद्वीपीय भारत की सबसे ऊंची चोटी अनाइमुडी (Anamudi - 2,695 मी.) है, जो अन्नामलाई पहाड़ियों पर स्थित है। दूसरी सबसे ऊंची चोटी डोडाबेटा (Dodabetta) है जो नीलगिरी पहाड़ियों पर है।
📊 पश्चिमी घाट बनाम पूर्वी घाट (Quick Comparison)
| विशेषता | 🌊 पश्चिमी घाट (Western Ghats) | 🌾 पूर्वी घाट (Eastern Ghats) |
|---|---|---|
| निरंतरता | यह एक सतत श्रृंखला है, जिसे केवल दर्रों (थालघाट, भोरघाट, पालघाट) द्वारा पार किया जा सकता है। | यह असतत और कटा-फटा है, क्योंकि नदियाँ इसे काटकर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं। |
| ऊंचाई | यह अपेक्षाकृत अधिक ऊँचा है (औसत 900-1600 मीटर)। | यह कम ऊँचा है (औसत 600 मीटर)। |
| नदियाँ | गोदावरी, कृष्णा और कावेरी का उद्गम यहीं से होता है। | यहाँ से कोई बड़ी नदी नहीं निकलती। |
🐪 [4] भारतीय मरुस्थल (The Indian Desert)
- 🏜️ नाम: इसे थार का मरुस्थल (Thar Desert) कहा जाता है। यह अरावली पहाड़ियों के उत्तर-पश्चिम में स्थित है।
- 💧 जलवायु: यहाँ प्रति वर्ष 150 मिमी से भी कम वर्षा होती है, इसलिए यहाँ वनस्पति बहुत कम है और जलवायविक स्थिति शुष्क है।
- 🌊 प्रमुख नदी: लूनी (Luni) इस क्षेत्र की सबसे प्रमुख नदी है, जो आगे चलकर कच्छ के रन में विलीन हो जाती है।
- 🌙 बरखान (Barchan): यहाँ पाए जाने वाले अर्धचन्द्राकार रेत के टीलों को 'बरखान' कहा जाता है।
🏖️ [5] तटीय मैदान (The Coastal Plains)
भारत के पठार के दोनों ओर समुद्र तटीय मैदान पाए जाते हैं:
- पश्चिमी तटीय मैदान: यह अरब सागर और पश्चिमी घाट के बीच स्थित एक संकीर्ण (Narrow) पट्टी है। इसके तीन भाग हैं: गुजरात का कच्छ/काठियावाड़ तट, महाराष्ट्र-गोवा का कोंकण तट, और केरल का मालाबार तट (जहाँ कयाल/लैगून झीलें पाई जाती हैं)।
- पूर्वी तटीय मैदान: यह बंगाल की खाड़ी के समानांतर एक चौड़ा और समतल मैदान है। इसके उत्तरी भाग को 'उत्तरी सरकार' और दक्षिणी भाग को 'कोरोमंडल तट' (तमिलनाडु) कहा जाता है। यहाँ नदियाँ विशाल डेल्टा बनाती हैं।
🏝️ [6] द्वीप समूह (The Islands)
भारत में दो प्रमुख द्वीप समूह हैं:
- 🌊 अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: यह बंगाल की खाड़ी में स्थित है। इसमें लगभग 572 द्वीप हैं। यह द्वीप समूह जलमग्न पर्वतों का हिस्सा है। भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी 'बैरन द्वीप' (Barren Island) यहीं स्थित है। इसे 10 डिग्री चैनल दो भागों में बांटता है।
- 🪸 लक्षद्वीप समूह: यह अरब सागर में स्थित है। यह पूरी तरह से प्रवाल भित्तियों (Coral Reefs) से निर्मित द्वीप समूह है। इसमें कुल 36 द्वीप हैं और इसकी राजधानी कावारत्ती है। इसे 9 डिग्री चैनल मिनिकॉय से अलग करता है।
🚀💡 TOP TIPS & TRICKS (स्मार्ट याद रखने की ट्रिक)
- मैदानों का उत्तर से दक्षिण क्रम:
- Trick: "भाभी तेरा बंगला खद्दर का"
- भा = भाबर, तेरा = तराई, बंगला = बांगर, खद्दर = खादर।
- Trick: "भाभी तेरा बंगला खद्दर का"
- कश्मीर हिमालय की श्रेणियों का उत्तर से दक्षिण क्रम:
- Trick: "काले जा पीर"
- का = काराकोरम, ले = लद्दाख, जा = जास्कर, पीर = पीर पंजाल।
- Trick: "काले जा पीर"
- दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी:
- Trick: दक्षिण भारत में सब अनानास (अनाइमुडी) चाव से खाते हैं।
🎯 EXAM-POINTS (सीधे पेपर में छपने वाले प्रश्न)
- ❓ 'करेवा' मिट्टी किसके लिए प्रसिद्ध है? ➡️ केसर (जाफरान) की खेती के लिए (कश्मीर हिमालय)।
- ❓ प्रायद्वीपीय भारत की सबसे ऊंची चोटी कौन सी है? ➡️ अनाइमुडी (2,695 मीटर)।
- ❓ अंडमान को निकोबार से कौन सा चैनल अलग करता है? ➡️ 10 डिग्री चैनल (
)। - ❓ भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी कहाँ है? ➡️ बैरन द्वीप (अंडमान सागर)।
🏁 निष्कर्ष (Conclusion)
अध्याय 2 "संरचना तथा भू-आकृति विज्ञान" हमें यह सिखाता है कि भारत की भू-आकृतिक संरचना में अद्भुत विविधता है। जहाँ उत्तर का हिमालय प्रहरी बनकर खड़ा है और नदियों को पानी देता है, वहीं उत्तर का विशाल मैदान देश का 'अन्न भंडार' है। प्रायद्वीपीय पठार खनिजों से समृद्ध है, तो तटीय मैदान और द्वीप समूह व्यापार और मत्स्य पालन के केंद्र हैं। यह भौगोलिक विविधता ही भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाती है।
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