
अंधा
- संज्ञा — अंधा दया का पात्र होता है।
- विशेषण — सुरेश अंधा लड़का है।
अच्छा
- संज्ञा — अच्छों की संगति में रहना चाहिए।
- विशेषण — मोहन अच्छा लड़का है।
- क्रिया-विशेषण — सोहन अच्छा गाता है।
- विस्मयादिबोधक — अच्छा ! तो वहाँ आप खड़े थे ? या, अच्छा, कल खेला जाएगा।
आगे
- संज्ञा — आगे के लिए इसे सँभाल कर रखो।
- क्रिया-विशेषण — वह आगे जा रहा है।
- संबंधसूचक — मेरे विद्यालय के आगे राजू का घर है।
आज
- संज्ञा — आज के लिए इतना काफी है।
- विशेषण — आज रात राधा आनेवाली है।
- क्रिया-विशेषण — सभा का आयोजन आज है।
आदि
- संज्ञा — मैंने आदि से अंत तक प्रवचन सुना।
- सर्वनाम — हमें मान, यश आदि प्राप्त करना चाहिए।
- विशेषण — सीता, गीता आदि छात्राओं को बुलाओ।
आप
- सर्वनाम (मध्यमपुरुष) — मैंने बार-बार बैठने को कहा, आप बार-बार खड़े क्यों हो जाते हैं ?
- सर्वनाम (अन्यपुरुष) — अमिताभ बच्चन एक श्रेष्ठ कलाकार हैं। आपको अनेक पुरस्कार मिले हैं।
- सर्वनाम (निजवाचक) — मेरे पास बिलकुल समय नहीं है, अतः अपनी सहायता तुम आप कर लो।
- क्रिया-विशेषण — वह यहाँ से आप ही चला गया।
और
- संज्ञा — आपको औरों की चिंता है, अपनी नहीं ?
- सर्वनाम — कक्षा में सिर्फ सात छात्र हैं, और कहाँ गए ?
- विशेषण — और छात्र कहाँ चले गए ?
- क्रिया-विशेषण — मोहन ! और दौड़ो, तभी अभ्यास पूरा होगा।
- समुच्चयबोधक — राम और श्याम खेलते हैं।
इतना
- संज्ञा — इतने का तुम क्या लोगे ?
- विशेषण — इतना धन लेकर तुम क्या करोगे ?
- क्रिया-विशेषण — तू मुझसे इतना डरता है ?
इसलिए
- क्रिया-विशेषण — मैं इसलिए पढ़ रहा हूँ ताकि तुझे पढ़ा सकूँ।
- समुच्चयबोधक — मैंने तुम्हें पढ़ाया, इसलिए तुम पास कर गए।
ऊपर
- संज्ञा — ऊपर से नीचे धीरे-धीरे आ जाओ।
- विशेषण — यह ऊपर वर्ग में पढ़ाया जाएगा।
- क्रिया-विशेषण — मैं बिना किसी सहारे के ऊपर चढ़ गया।
- संबंधबोधक — पेड़ के ऊपर दो बंदर बैठे हैं।
उल्टा
- संज्ञा — काला का उल्टा सफेद होता है।
- विशेषण — उल्टे कामों से कठिनाई होती है।
- क्रिया-विशेषण — महेश हमेशा उल्टा सोचता है।
एक
- संज्ञा — एक गया, तो दूसरा भी चला गया।
- सर्वनाम — इतने छात्रों में मात्र एक बुद्धिमान् है।
- विशेषण — एक लड़का सबसे पहले आया।
- क्रिया-विशेषण — मैंने सबको मिलाकर एक कर दिया।
ऐसा
- संज्ञा — ऐसों से मेल-जोल मत करो।
- सर्वनाम — ऐसा करोगे तो अच्छा न होगा।
- विशेषण — मैंने ऐसा घोड़ा पहले कभी नहीं देखा।
- क्रिया-विशेषण — वह ऐसा गिरा कि उसका पैर टूट गया।
- संबंधवाचक — सुदामा को कृष्ण-ऐसा मित्र मिला।
कारण
- संज्ञा — असफलता के कारणों को ढूँढ़ना चाहिए।
- संबंधबोधक — बुखार होने के कारण वह आज नहीं आई।
- समुच्चयबोधक — वह नहीं पढ़ा, इस कारण वह फेल हो गया।
कुछ
- संज्ञा — दूध में कुछ ज़रूर पड़ गया है।
- सर्वनाम — मैं खाली हाथ लौटा, मुझे कुछ भी न मिला।
- विशेषण — कुछ बच्चे कमरे में पढ़ रहे थे।
- क्रिया-विशेषण — मेरे पूछने पर उसने कुछ कहा।
- समुच्चयबोधक — कुछ तुम खाओ, कुछ मैं खाऊँ।
केवल
- विशेषण — केवल शक्ति से सभी कार्य पूर्ण नहीं होते।
- क्रिया-विशेषण — वह केवल पढ़ता है, लिख नहीं सकता।
या, हिलाओ मत, केवल पकड़ो।
कोई
- संज्ञा — उसके मन का हाल कोई क्या जाने।
- सर्वनाम — नदी में कोई तैर रहा था।
- विशेषण — कोई लड़का सोहन-जैसा तेज नहीं।
- क्रिया-विशेषण — उसके पास कोई रहता है।
कौन
- सर्वनाम — कौन जा रहा है ?
- विशेषण — कौन लड़का जा रहा है ?
- अव्यय — इसे पूरा करना कौन कठिन काम है ?
क्या
- सर्वनाम — तुम क्या कर रहे हो ?
- विशेषण — आप क्या काम करते हैं ?
- क्रिया-विशेषण — आप क्या करेंगे ?
- प्रश्नवाचक — क्या राजू मछली खाता है ?
- विस्मयादिबोधक — क्या ! हमलोग यहाँ नहीं रहेंगे ?
- समुच्चयबोधक — अमीर क्या, गरीब क्या, सभी लोग खाली हाथ जाते हैं।
गुणी
- संज्ञा — गुणी का आदर हर जगह होता है।
- विशेषण — गणेश बाबू बड़े ही गुणी व्यक्ति हैं।
गुरु
- संज्ञा — गुरुजी प्रकांड विद्वान् हैं।
- विशेषण — यह गुरु-कार्य मेरे लिए बोझ नहीं है।
चाहे
- क्रिया — यदि वह चाहे, तो वहाँ खेल सकता है।
- क्रिया-विशेषण — आप चाहे जितना भला करें, वह कृतघ्न है।
- समुच्चयबोधक — चाहे पढ़ो, चाहे खेलो, तुम जानो।
जैसा
- सर्वनाम — जैसा करोगे, वैसा भरोगे।
- विशेषण — जैसा देश, वैसा भेष होना चाहिए।
- क्रिया-विशेषण — आप जैसा चाहते थे, वैसा ही कर दिया।
- संबंधबोधक — तुम-जैसा पुत्र पाकर मैं धन्य हूँ।
जो
- सर्वनाम — जो यहाँ आता है, सफल होकर जाता है।
- विशेषण — जो वस्तु तुम्हें चाहिए, ले लो।
- क्रिया-विशेषण — जो खाया, वही खिला रहा हूँ।
- समुच्चयबोधक — मैं वही करता हूँ, जो तुम कहते हो।
ठीक
- विशेषण — ठीक आदमी से दोस्ती रखो।
- क्रिया-विशेषण — ठीक लिखना, नहीं तो फेल कर जाओगे।
- विस्मयादिबोधक — ठीक ! मैं अब वैसा ही करूँगा।
डूबता
- संज्ञा — डूबते को तिनके का सहारा।
- विशेषण — डूबता व्यक्ति किसी तरह बच पाया।
- क्रिया — देखो ! वह डूब रहा है।
थोड़ा
- संज्ञा — थोड़ा खाओ, थोड़ा बचाओ।
- विशेषण — थोड़े रुपए से काम चलनेवाला नहीं।
- क्रिया-विशेषण — वह थोड़ा दौड़ा, फिर गिर पड़ा।
या, थोड़ा पढ़ो, थोड़ा लिखो।
दुष्ट
- संज्ञा — दुष्टों के साथ दोस्ती ठीक नहीं।
- विशेषण — वह दुष्ट आदमी है, जरा बच के रहो।
दूसरा
- संज्ञा — दूसरा भी चला गया।
- सर्वनाम — हमारी कठिनाई से दूसरों को क्या !
- विशेषण — दूसरा लड़का आया और चला गया।
दोनों
- संज्ञा — दोनों साथ-साथ खेलते हैं।
- सर्वनाम — दुविधा में दोनों भटक गए।
- विशेषण — दोनों लड़के पढ़ने गए।
न
- क्रिया-विशेषण — मैं न बोलूँगा।
- समुच्चयबोधक — श्याम न हँसता है, न रोता है।
नहीं
- संज्ञा — नहीं-नहीं करने से कुछ नहीं होगा।
- क्रिया-विशेषण — अब मैं नहीं खेलूँगा।
- विस्मयादिबोधक — नहीं ! यह घोर पाप है।
नील
- संज्ञा — चंपारण में नील की खेती होती थी।
- विशेषण — तालाब में नील-कमल है।
पत्थर
- संज्ञा — पत्थर महँगा बिकता है।
- विशेषण — सोहन पत्थर-दिल है, वह समझनेवाला नहीं।
- अव्यय — तुम उनकी मदद खाक-पत्थर करोगे।
प्रति
- उपसर्ग — वह मेरे प्रतिकूल है।
- संज्ञा — इस पुस्तक की एक ही प्रति है।
प्रति (पिछले पृष्ठ का शेष भाग)
- क्रिया-विशेषण — वह प्रतिदिन आ रहा है।
- संबंधबोधक — माता-पिता के प्रति अपने संबंध का पालन करो।
फल
- संज्ञा — फल बहुत कच्चा है।
- क्रिया — फले या न फले, तुम्हें इससे क्या मतलब ?
- विशेषण — फले वृक्ष को देखकर किसे प्रसन्नता नहीं होती ?
बड़ा
- संज्ञा — हमें बड़ों का सम्मान करना चाहिए।
- विशेषण — वह बहुत बड़ा आदमी बन गया है।
- क्रिया-विशेषण — आजकल सोहन बड़ा हाँकता है।
बली
- संज्ञा — यहाँ बली की चलती है, कमजोर की नहीं।
- विशेषण — वह बली है तो क्या हुआ ?
बहुत
- संज्ञा — बहुत आए, बहुत चले गए।
- विशेषण — सड़क पर बहुत भीड़ थी।
- क्रिया-विशेषण — मैंने बहुत किया, पर क्या फायदा ?
बुरा
- संज्ञा — बुरे का साथ छोड़ दो।
- विशेषण — शराबघर एक बुरा स्थान है।
- क्रिया-विशेषण — मोहन ने मेरे लिए बुरा किया।
भला
- संज्ञा — भले का साथ कभी न छोड़ो।
- विशेषण — राम एक भला आदमी है।
- क्रिया-विशेषण — आँधी आई थी, लेकिन सारे बच्चे भले आ गए।
- समुच्चयबोधक — भले ही तुम अच्छे हो, पर मेरे लिए तो बुरे हो।
- विस्मयादिबोधक — भला ! इस मामले में मैं क्या करता ?
या, भला, उसमें क्या सामर्थ्य है ?
भूख
- संज्ञा — भूख का मारा क्या नहीं करता ?
- विशेषण — भूखा व्यक्ति मन लगाकर कोई काम नहीं करता।
यह
- सर्वनाम — यह किसकी पुस्तक है ?
- विशेषण — यह लड़का खिलाड़ी है।
- क्रिया-विशेषण — उसका कुत्ता यह रहा।
यहाँ
- क्रिया-विशेषण — क्या आप यहाँ थे ?
- संबंधबोधक — मोहन के यहाँ कल पूजा होगी।
- समुच्चयबोधक — यहाँ तुम आए हो, वहाँ वह गया है।
लाख
- संज्ञा — लाखों का कारोबार है, इसकी देखभाल करो।
- विशेषण — इस मकान में पचास लाख रुपए लगेंगे।
- अव्यय — मैंने लाख कोशिश की, फिर भी बात न बनी।
वह
- सर्वनाम — वह दिल्ली जा रहा है।
- विशेषण — वह आदमी दिल्ली जा रहा है।
सच
- संज्ञा — सच का सामना झूठ नहीं कर सकता।
- क्रिया-विशेषण — गुरुजी की भविष्यवाणी सच निकली।
साथ
- संज्ञा — सच्चा मित्र कभी साथ नहीं छोड़ता।
- क्रिया-विशेषण — साथ-साथ पढ़ो, साथ-साथ खेलो।
या, मोहन सोहन के साथ गया। - संबंधबोधक — मैं पिताजी के साथ बाजार गया था।
- समुच्चयबोधक — याद करो, साथ-ही-साथ लिख भी लो।
सामने
- संज्ञा — सामने से जरा हट जाओ।
- क्रिया-विशेषण — उसका मकान सामने पड़ता है।
सिर
- संज्ञा — सिर छोटा, लेकिन अपेक्षाकृत वजनदार होता है।
- क्रिया-विशेषण — तुम क्या सिर खाते रहोगे ?
सीधा
- संज्ञा — सीधे का मुँह तो कुत्ता भी चाट लेता है।
- विशेषण — सोहन सीधा लड़का है।
- क्रिया-विशेषण — सीधे चले जाओ, स्कूल पहुँच जाओगे।
या, मोहन सीधा नहीं चलता है।
सुंदर
- संज्ञा — सुंदर की शादी कल हो गई।
- विशेषण — सुंदर लिखावट सभी पसंद करते हैं।
- क्रिया-विशेषण — सीता बहुत सुंदर लिखती है।
सुख
- संज्ञा — शांति ही सुख है, अशांति दुःख।
- विशेषण — वह सुख की नींद सो रहा है।
हजार
- संज्ञा — महेश हजारों में एक है।
- विशेषण — हजार रुपए मिलने पर भी उसने मना कर दिया।
- क्रिया-विशेषण — हजार कहिए, वह माननेवाला नहीं है।
हाँ
- संज्ञा — आपके 'हाँ' पर मुझे पूरा विश्वास है।
- क्रिया-विशेषण — उमेश जी ने 'हाँ' कहा है।
- विस्मयादिबोधक — हाँ ! हाँ ! मैं अवश्य आऊँगा।
हार
- संज्ञा — हार बेशकीमती है, क्या ?
- क्रिया — वह हार गया और मैं जीत गया।
हैं
- संज्ञा — 'हैं' के कई प्रयोग होते हैं।
- मुख्य क्रिया — वे अच्छे हैं।
- सहायक क्रिया — वे खा रहे हैं।
- विस्मयादिबोधक — हैं ! क्या हुआ ?
🏁 निष्कर्ष (Conclusion)
निष्कर्ष के तौर पर, हिंदी व्याकरण में एक शब्द का विभिन्न शब्द-भेदों में प्रयोग (Same Word Used as Different Parts of Speech) को समझना वाक्यों की शुद्धता और सही अर्थ निकालने के लिए बेहद आवश्यक है। यह विस्तृत Notes CBSE (Class 6-12), BSEB, और SCERT के बोर्ड विद्यार्थियों के साथ-साथ SSC जैसी प्रमुख competitive exam के उम्मीदवारों को अंकों की बढ़त दिलाने में अत्यधिक सहायक साबित होंगे।
एक ही शब्द वाक्य में अपनी स्थिति के अनुसार संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण या क्रिया का रूप ले सकता है, और इस सूक्ष्म अंतर को नियमित अभ्यास से ही समझा जा सकता है। यदि इस टॉपिक से जुड़ा आपका कोई भी सवाल या संशय हो, तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। अपनी पढ़ाई को निरंतर जारी रखें और सफलता प्राप्त करें!
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