⚖️ विलोम शब्द (Antonyms) यह अध्याय BSEB (कक्षा 9-12), CBSE, CUET, State Boards, SSC, SCERT, SBTE और अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के शब्द-भंडार (Vocabulary) का एक अनिवार्य हिस्सा है। परीक्षाओं में सीधे विपरीतार्थक शब्द या वाक्यों में रेखांकित शब्दों के विलोम शब्द छाँटने के लिए कहा जाता है।
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🗺️ विलोम शब्द का मास्टर माइंड मैप मुख्य परिभाषा: जो शब्द किसी दूसरे शब्द का उल्टा या विपरीत अर्थ प्रकट करते हैं, उन्हें विलोम शब्द या 'विपरीतार्थक' शब्द कहते हैं।⚠️ VVIP व्याकरणिक नियम: विलोम शब्द हमेशा समान कोटि (Category) के होने चाहिए। यदि शब्द तत्सम है विलोम भी तत्सम होगा (उदा: अंधकार प्रकाश)। यदि शब्द तद्भव है विलोम भी तद्भव होगा (उदा: अंधेरा उजाला)। यदि शब्द संज्ञा है विलोम संज्ञा होगा, और विशेषण का विलोम विशेषण ही होगा। किसी शब्द का विलोम या विपरीत अर्थ बतलानेवाले शब्द को विलोमार्थक या विपरीतार्थक शब्द कहते हैं। ऐसे शब्दों की सूची नीचे प्रस्तुत है-
शब्द विलोम शब्द अंगीकार इनकार अंत आदि अंतरंग बहिरंग अंतर सतत अंतर्द्वंद्व बहिर्द्वंद्व अंतर्मुख बहिर्मुख अंतर्मुखी बहिर्मुखी अंधकार प्रकाश अकाम सकाम अकाल सुकाल अगम सुगम अगला पिछला अग्र पश्च अग्रज अनुज अघ अनघ अचल चल अज्ञ विज्ञ अतल वितल अति अल्प अतिरिक्त अनतिरिक्त अतिवृष्टि अनावृष्टि अत्यधिक अत्यल्प अथ इति अदोष सदोष अधः उपरि अधम उत्तम अधिकतम न्यूनतम अधिकारी अनधिकारी अधित्यका उपत्यका अधुनातन पुरातन अध्यवसाय अनध्यवसाय अनंत सांत अनय नय अनाथ सनाथ अनुकरण अननुकरण अनुकूल प्रतिकूल अनुग्रह विग्रह अनुरक्त विरक्त अनुरक्ति विरक्ति अनुराग विराग अनुलोम विलोम अपमान सम्मान अपेक्षा उपेक्षा अभ्यास अनभ्यास अभिज्ञ अनभ्यास अमर मर्त्य अमावस्या पूर्णिमा अमृत विष अरुचि रुचि अर्जन वर्जन अर्थ अनर्थ अर्थी प्रत्यर्थी अर्पण ग्रहण अर्पित गृहीत अलभ्य लभ्य अल्प बहु अल्पज्ञ बहुज्ञ अल्पसंख्यक बहुसंख्यक अल्पायु दीर्घायु अवकाश अनवकाश
शब्द विलोम शब्द अवगत अनवगत अवनत उन्नत अवनति उन्नति अवनि अंबर अवर प्रवर अवरोध अनवरोध अश्रु हास अस्त उदय अस्वस्थ स्वस्थ आकर्षण विकर्षण आकाश पाताल आकीर्ण विकीर्ण आकुंचन प्रसारण आगत अनागत आगम लोप आगामी विगत आग्रह अनाग्रह आचार अनाचार आजाद गुलाम आजादी गुलामी आज्ञा अवज्ञा आतप अनातप आत्मा अनात्मा आदत्त प्रदत्त आद्य अंत्य आदान प्रदान आदि अनादि, अंत आदिष्ट निषिद्ध आदृत अनादृत आर्द्र शुष्क आधार अनाधार, लम्ब आधुनिक प्राचीन आभ्यंतर बाह्य आम (साधारण) खास आमिष निरामिष आय व्यय आयात निर्यात आरंभ अंत आरूढ़ अनारूढ़ आरोह अवरोह आलोक अंधकार आवर्तन निवर्तन आवश्यक अनावश्यक आविर्भाव तिरोभाव आशा निराशा आश्रित अनाश्रित आसक्त अनासक्त आस्तिक नास्तिक आस्था अनास्था आहार अनाहार आह्वान विसर्जन इकट्ठा अलग इच्छा अनिच्छा इति अथ इष्ट अनिष्ट इहलोक परलोक ईद मुहर्रम ईश अनीश ईश्वर अनीश्वर ईषत् अलम् उग्र सौम्य उचित अनुचित उच्च निम्न उत्कर्ष अपकर्ष उत्कृष्ट निकृष्ट उत्तम अनुत्तम उत्तरायण दक्षिणायन उत्तीर्ण अनुत्तीर्ण
शब्द विलोम शब्द उत्थान पतन उत्साह निरुत्साह उदयाचल अस्ताचल उदात्त अनुदात्त उदार अनुदार उद्धत विनीत उद्यम निरुद्यम उधार नकद उन्नति अवनति उन्मीलन निमीलन उन्मुख विमुख उन्मूलन मूलन उपकार अपकार उपभुक्त अनुपभुक्त उपयुक्त अनुपयुक्त उपयोग दुरुपयोग उपरि अधः उपसर्ग प्रत्यय उपस्थिति अनुपस्थिति उर्वर अनुर्वर उर्वरा बंजर ऋजु वक्र ऋत अनृत एकतंत्र बहुतंत्र एकत्र विकीर्ण एकमुखी बहुमुखी एकेश्वरवाद बहुदेववाद एड़ी चोटी ऐतिहासिक अनैतिहासिक ऐश्वर्य अनैश्वर्य ऐक्य अनैक्य ऐहिक पारलौकिक औचित्य अनौचित्य औदित्य अनौदित्य कल आज कटु मधु कठिन सरल कठोर दयालु कड़वा मीठा कनिष्ठ ज्येष्ठ कपट निष्कपट कपूत सपूत करुण निष्करुण कर्कश मधुर कर्म अकर्म कर्मण्य अकर्मण्य कसूरवार बेकसूर कलुष निष्कलुष कायर निडर कायरता निडरता कीर्ति अपकीर्ति कृतज्ञ कृतघ्न कृत्रिम प्राकृत कृपण दानी कृष्ण शुक्ल कुटिल सरल कुमार्ग सुमार्ग कुरूप सुंदर कुसुम वज्र कोप कृपा कोमल कठोर क्रय विक्रय क्रेता विक्रेता क्रूर अक्रूर क्रोध क्षमा क्षणिक शाश्वत क्षम अक्षम क्षमा दंड
शब्द विलोम शब्द क्षम्य अक्षम्य क्षर अक्षर क्षुद्र महत् खंडन मंडन खरीद बिक्री खल सज्जन खाद्य अखाद्य खिलना मुरझाना खीझना रीझना खेद प्रसन्नता गगन धरा गणतंत्र राजतंत्र गत आगत गमन आगमन गरल सुधा गरीब अमीर गहरा छिछला गीला सूखा गुण दोष गुप्त प्रकट गुरु लघु गृहस्थ संन्यासी गृही संन्यासी गेय अज्ञेय गोचर अगोचर गोरक्षक गोभक्षक गौरव लाघव ग्रस्त मुक्त ग्राम्य नागर ग्राह्य त्याज्य घटना बढ़ना घर बाहर घरेलू बनैला घात प्रतिघात घृणा प्रेम चंचल अचंचल चढ़ाव उतार चर अचर चल अचल चाह अनचाह चिन्मय अचिन्मय चिरंतन अधुनातन चिर नवीन चेतन अचेतन चोर साधु छली निश्छल छाँह धूप छूत अछूत जंगम स्थावर जटिल सरल जड़ चेतन जन्म मृत्यु जय पराजय जल थल जल्द देर जवानी बुढ़ापा जागरण निद्रा जागृति सुषुप्ति जाग्रत सुप्त, सुषुप्त जाड़ा गरमी जाति विजाति जातीय विजातीय जीवन मरण, मृत्यु जीवित मृत ज्येष्ठ कनिष्ठ ज्योति तम ज्वार भाटा ज्ञान अज्ञान
शब्द विलोम शब्द झूठ सच झोपड़ी महल तम आलोक तरल ठोस तरुण वृद्ध तानी भरनी ताप शीत तामसिक सात्विक तारीफ शिकायत तिक्त मधुर तिमिर प्रकाश तीक्ष्ण कुंठित तीव्र मंद तुकांत अतुकांत तुच्छ महान तृष्णा तृप्ति त्याज्य ग्राह्य थोक खुदरा थोड़ा बहुत दक्षिण वाम दिन रात दिवा रात्रि दीर्घ ह्रस्व दीर्घकाय कृशकाय दुराचारी सदाचारी दुर्जन सज्जन दुर्दांत शांत दुर्बल सबल दुर्लभ सुलभ दुःशील सुशील दूषित स्वच्छ, अदूषित दृढ़ अदृढ़, विचलित दृश्य अदृश्य देय अदेय धनी निर्धन धरा गगन धर्म अधर्म धूप छाँह धृष्ट अधृष्ट, विनीत ध्वंस निर्माण देव दानव दोष गुण नकली असली नख शिख नगर ग्राम नमकहलाल नमकहराम नया पुराना नर नारी नवीन प्राचीन नश्वर शाश्वत नागरिक ग्रामीण नास्तिक आस्तिक निगलना उगलना निंदा प्रशंसा, स्तुति निंद्य वंद्य नित्य अनित्य निद्रा अनिद्रा, जागरण निरक्षर साक्षर निरर्थक सार्थक निरामिष सामिष निर्जीव सजीव निर्दय सदय निर्दोष सदोष निर्मल अनिर्मल, मलिन निर्माण ध्वंस निर्लज्ज सलज्ज निश्चेष्ट सचेष्ट निषिद्ध अनिषिद्ध निषेध विधि
शब्द विलोम शब्द निष्काम सकाम नूतन पुरातन नेकी बदी नैसर्गिक कृत्रिम न्याय अन्याय न्यून अधिक पंडित मूर्ख पक्ष विपक्ष पतन उत्थान पतनोन्मुख विकासोन्मुख पता खोज परतंत्र स्वतंत्र पराजय जय पराया अपना परार्थ स्वार्थ परिश्रम विश्राम परुष कोमल पवित्र अपवित्र पात्र अपात्र पानी आग पाप पुण्य पालक संहारक पाश्चात्य पौरस्त्य पुरस्कार दंड पुरातन अधुनातन पुष्ट अपुष्ट पूर्णता अपूर्णता पूर्णिमा अमावस्या पूर्व उत्तर, पश्चिम पूर्ववत् नूतनवत् पूर्ववर्ती उत्तरवर्ती प्रकट गुप्त प्रकाश अंधकार प्रख्यात अख्यात प्रज्ञ अज्ञ, मूढ़ प्रतिकूल अनुकूल प्रतीची प्राची प्रत्यक्ष परोक्ष प्रधान गौण प्रफुल्ल म्लान प्रमुख सामान्य प्रयोग अप्रयोग प्रलय सृष्टि प्रवृत्ति निवृत्ति प्रशंसा निंदा प्रसाद विषाद प्रसारण संकुचन प्राकृतिक कृत्रिम प्राचीन अर्वाचीन प्रारंभिक अंतिम प्रेम घृणा फलदायक निष्फल फायदा नुकसान बंधन मुक्ति बच्चा बूढ़ा बढ़िया घटिया बद्ध मुक्त बर्बर सभ्य बलवान बलहीन बहिरंग अंतरंग बाढ़ सूखा बाह्य आभ्यंतर बुरा भला भद्र अभद्र भारी हल्का भूगोल खगोल भूत भविष्य भूलोक द्युलोक
शब्द विलोम शब्द भेद अभेद भोगी योगी भौतिक आध्यात्मिक भ्रान्त निर्भ्रान्त, अभ्रान्त मंगल अमंगल मनुज दनुज मर्त्य अमर्त्य मसृण रूक्ष महात्मा दुरात्मा माता पिता मान अपमान मानव दानव मालिक नौकर मिलन विरह मुख पृष्ठ मुख्य गौण मुनाफा नुकसान मूक वाचाल मृत जीवित मृदुल रूक्ष, कठोर मेहनती आलसी मोक्ष बंधन यथार्थ कल्पित यश अपयश योग वियोग योगी भोगी यौवन वार्धक्य रंगीन रंगहीन, बेरंग रक्षक भक्षक रचना ध्वंस, विनाश रत विरत राग विराग रागी विरागी राजतंत्र प्रजातंत्र राजा प्रजा, रंक राम रावण राव रंक रिक्त पूर्ण रूपवान कुरूप लघु गुरु लाभ हानि लिखित अलिखित लिप्त अलिप्त, निर्लिप्त लुप्त प्रकट, व्यक्त लेन देन लौकिक अलौकिक वक्र ऋजु वन मरु वन्य पालित वसंत पतझड़ बहिष्कार स्वीकार वाद प्रतिवाद विकर्ष आकर्ष विजय पराजय विधवा सधवा विधि निषेध विपत्ति संपत्ति विपद् संपद् विपन्न सम्पन्न विमुख उन्मुख वियोग संयोग विरत निरत, रत विरह मिलन विवाद अविवाद विशालकाय लघुकाय विशिष्ट साधारण विशेष सामान्य विश्लेषण संश्लेषण
शब्द विलोम शब्द विश्वास अविश्वास विष अमृत विसर्जन सर्जन विस्तार संक्षेप विस्तृत संक्षिप्त वीर कायर वृद्ध बालक वृद्धि ह्रास वृष्टि अवृष्टि, अनावृष्टि वृहत् लघु वैतनिक अवैतनिक वैमनस्य सौमनस्य व्यर्थ अव्यर्थ, सार्थक व्यष्टि समष्टि व्यावहारिक अव्यावहारिक शकुन अपशकुन शत्रु मित्र शयन जागरण शरण अशरण शांत अशांत शांति अशांति शासक शासित शिव अशिव शीत अशीत, उष्ण शुक्ल कृष्ण शुचि अशुचि शुभ अशुभ शुष्क आर्द्र शोक हर्ष शोषक पोषक शोषण पोषण श्रद्धा अश्रद्धा श्रव्य दृश्य श्रांत अश्रांत श्रीगणेश इतिश्री श्रृंखला विशृंखला श्लील अश्लील श्वेत श्याम संकल्प विकल्प संकीर्ण विस्तीर्ण संकोच असंकोच, प्रसार संगत असंगत संगठन विघटन संत असंत संतोष असंतोष संधि विग्रह संन्यासी गृहस्थ संपद् विपद् संपन्न विपन्न संयोग वियोग संश्लिष्ट विश्लिष्ट सकर्मक अकर्मक सकाम निष्काम सक्षम अक्षम सखा शत्रु सगुण निर्गुण सजल निर्जल सजीव निर्जीव सज्जन दुर्जन सत् असत् सत्कर्म दुष्कर्म सत्कार तिरस्कार सत्यवृत्त दुर्वृत्त सदय निर्दय सदाचार दुराचार सदाशय दुराशय सद्वृत्ति दुर्वृत्ति सनाथ अनाथ
शब्द विलोम शब्द सपूत कपूत सफल विफल सबल दुर्बल सबाध निर्बाध सभ्य असभ्य सम विषम समष्टि व्यष्टि समाज व्यक्ति समास व्यास समूल निर्मूल सम्मान अपमान सम्मुख विमुख सरल वक्र, तिर्यक सर्द गर्म सरस नीरस सलज्ज निर्लज्ज सवाल जवाब सविकार निर्विकार ससीम असीम सहज कठिन, दुष्कर सहयोगी असहयोगी सांत अनंत साकार निराकार साक्षर निरक्षर सात्त्विक तामसिक सादर निरादर साधु असाधु सापेक्ष निरपेक्ष सामान्य असामान्य, विशिष्ट सामिष निरामिष सार असार सार्थक निरर्थक साला बहनोई साहस भय सुकर दुष्कर सुकर्म दुष्कर्म सुकाल अकाल सुकृति दुष्कृति सुख दुःख सुगंध दुर्गंध सुगम दुर्गम सुदूर सन्निकट सुधा गरल सुनाम दुर्नाम सुंदर कुरूप सुपथ कुपथ सुपरिणाम दुष्परिणाम सुपात्र कुपात्र सुबह शाम सुबुद्धि कुबुद्धि सुभाग दुर्भाग सुमति कुमति, दुर्मति सुमार्ग कुमार्ग सुयश अयश सुराज दुराज सुलभ दुर्लभ सुशील दुःशील सुसंगति कुसंगति सूक्ष्म स्थूल सृष्टि प्रलय सेवक स्वामी सौभाग्य दुर्भाग्य सौम्य असौम्य स्तुति निन्दा स्तुत्य निन्द्य स्थावर जंगम स्थिर चंचल स्थूल सूक्ष्म स्निग्ध रूक्ष स्मरण विस्मरण
शब्द विलोम शब्द स्वकीया परकीया स्वजाति विजाति स्वतंत्रता परतंत्रता स्वदेशी परदेशी, विदेशी स्वधर्म परधर्म स्वप्न जागरण स्वर्ग नरक स्वाधीन पराधीन स्वामी सेवक स्वार्थ परार्थ स्वीकृत अस्वीकृत हर्ष विषाद हार जीत हास रुदन हिंसा अहिंसा हित अहित ह्रस्व दीर्घ ह्रास वृद्धि
🔍 2. परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले 40+ VVIP विलोम शब्द यहाँ पिछले 10 वर्षों के बोर्ड एग्जाम्स (विशेषकर बिहार बोर्ड) और सरकारी नौकरियों के पेपर्स से चुने गए सबसे महत्वपूर्ण शब्द दिए जा रहे हैं:
🌟 उच्च स्तर एवं वैचारिक शब्द अथ (शुरुआत): इति (समाप्ति)अनुराग (प्रेम): विराग (उदासीनता)अमृत: विषआलोक (प्रकाश): अंधकार / तिमिरआयात: निर्यातउदार (बड़े दिल वाला): अनुदार / कृपण (कंजूस)उत्कर्ष (उन्नति): अपकर्ष (पतन)उदयाचल: अस्ताचल🌾 व्यावहारिक एवं सामाजिक शब्द ऋजू (सीधा): वक्र (टेढ़ा) (Exams का मोस्ट फेवरेट) कृतज्ञ (उपकार मानने वाला): कृतघ्न (उपकार न मानने वाला) (VVIP) कृत्रिम (मानव निर्मित): प्राकृतिक / प्राकृत (नैसर्गिक)गोचर: अगोचरजंगम (जो चल सके): स्थावर (जो स्थिर रहे) (बार-बार पूछा जाने वाला) जटिल / कठिन: सरलतम (अंधेरा): ज्योत्सना / प्रकाशनिंदा (बुराई): स्तुति (प्रशंसा)🔬 वैज्ञानिक एवं दार्शनिक शब्द परमार्थ (दूसरों का भला): स्वार्थप्रवृत्ति: निवृत्तिबंधन: मोक्ष / मुक्तिभौतिक: आध्यात्मिकमुख्य / प्रधान: गौण (Secondary)मूक (गूँगा): वाचाल (बहुत बोलने वाला)राग: द्वेषसनाथ (जिसका स्वामी हो): अनाथहर्ष (खुशी): विषाद (दुःख)🎯 परीक्षा के विशेष बिंदु (Exam Points & Shortcuts) 💡 एग्जाम ट्रिक-1 (भ्रामक विकल्प): परीक्षा में प्रश्न आता है— "अनुकूल का विलोम क्या होगा?" विकल्प में 'अनावृत्ति', 'विपरीत' और 'प्रतिकूल' दिया रहता है। छात्र 'विपरीत' पर टिक लगा देते हैं, जबकि सही व्याकरणिक विलोम प्रतिकूल होगा।💡 एग्जाम ट्रिक-2 (PYQ प्रश्न): बिहार बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं में कम से कम 50 बार पूछा गया प्रश्न— "स्थावर" का विलोम क्या है? सही उत्तर: जंगम । इसी तरह "ऋजू" का विलोम वक्र होता है।🏁 निष्कर्ष (Conclusion) वचन और लिंग की तरह विलोम शब्द भी हिन्दी व्याकरण के शब्द-भंडार को समृद्ध करते हैं। परीक्षा में पूरे अंक प्राप्त करने के लिए रटने के बजाय तत्सम का विलोम तत्सम (जैसे: रात्रि का दिवस , न कि रात का दिवस ) रखने के नियम और उपसर्ग आधारित ट्रिक्स पर ध्यान देना ही सबसे अचूक और स्मार्ट तरीका है।
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