वर्ण-प्रकरण: Hindi Grammar Varn Vichar Full Guide
1. वर्ण विचार वर्ण दो प्रकार के होते हैं बारहरखडी स्वरों के उच्चारण अनुस्वार और पंचमाक्षर 1. वर्ण विचार वर्ण उस मूल ध्वनि को कहते हैं, जि सके खंड या टुकड़े नहीं हो सकते । जैसे – अ , आ , इ , ई , ओ , क् , ख् , च् , छ् , य् , र् , ल् आदि। वर्ण दो प्रकार के होते हैं 1, स्वर वर्ण जो किसी अन्य वर्ण की सहायता के बिना ही बोले जाते हैं, उन्हें स्वर कहते हैं । उदाहरणस्वरूप मूल ध्वनि यों को इस प्रकार स्पष्ट कि या जा सकता है 'आम' शब्द में तीन मूल ध्वनि याँ है- आ + म् + अ। इन्हीं अखण्ड मूल ध्वनि यों को वर्ण कहते हैं। TIP कुछ वैयाकरण ऋ को स्वर नहीं मानते हैं। उनका तर्क है कि इसका उच्चारण प्रायः रि — जैसा होता है, लेकि न मात्रा की दृष्टि से ऋ स्वर है। जैसे – ऋषभ, ऋषि , ऋण, ऋतु आदि । ( रि व्यंजन ध्वनि) कृषक, कृषि , पितृण, पृष्ठ आदि । ( ृ स्वर की मात्रा) अयोगवाह हिन्दी वर्णमाला में अं (ं) और अः (ः) को स्वरों के साथ लिखने की परंपरा है, लेकिन अं ( अनुस्वार ) और अः ( विसर्ग ) न स्वर हैं न व्यंजन । अर्द्धचन्द्र इसका उच्चारण स्वर की तरह होता है, लेकिन यह अँगरेजी की स्वर ध्वन...
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Guddu Kumar