Skip to content

वर्ण-प्रकरण: Hindi Grammar Varn Vichar Full Guide

1. वर्ण विचार

वर्ण उस मूल ध्वनि को कहते हैं, जि सके खंड या टुकड़े नहीं हो सकते । जैसे – , , , , , क्, ख्‌, च्‌, छ्, य्‌, र्, ल् ‌आदि।

वर्ण दो प्रकार के होते हैं

1, स्वर वर्ण

जो किसी अन्य वर्ण की सहायता के बिना ही बोले जाते हैं, उन्हें स्वर कहते हैं ।

उदाहरणस्वरूप मूल ध्वनि यों को इस प्रकार स्पष्ट कि या जा सकता है 'आम' शब्द में तीन मूल ध्वनि याँ है- आ + म्‌ + अ। इन्हीं अखण्ड मूल ध्वनि यों को वर्ण कहते हैं।

TIP

कुछ वैयाकरण को स्वर नहीं मानते हैं। उनका तर्क है कि इसका उच्चारण प्रायः रि — जैसा होता है, लेकि न मात्रा की दृष्टि से स्वर है। जैसे –

  • ऋषभ, ऋषि , ऋण, ऋतु आदि । (रि व्यंजन ध्वनि)
  • कृषक, कृषि , पितृण, पृष्ठ आदि । ( स्वर की मात्रा)
अयोगवाह

हिन्दी वर्णमाला में अं (ं) और अः (ः) को स्वरों के साथ लिखने की परंपरा है, लेकिन अं (अनुस्वार) और अः (विसर्ग) न स्वर हैं न व्यंजन ।

अर्द्धचन्द्र

इसका उच्चारण स्वर की तरह होता है, लेकिन यह अँगरेजी की स्वर ध्वनि है। इसे गृहीत/आगत स्वर ध्वनि कहते हैं। इसका प्रयोग प्राय: अँगरेजी के शब्दों में होता है । जैसे – ऑफिस, ऑफसेट, कॉलेज, नॉलेज, स्पॉट, स्टॉप आदि।

स्वर के तीन भेद होते हैं (उच्चारण में लगनेवाले समय) —
(क) ह्रस्व

इसके उच्चारण में बहुत कम समय लगता है। , , , , , और । इन्हें मूल स्वर भी कहते हैं।

(ख) दीर्घ –

इसके उच्चारण में दो मात्राओं का समय लगता है। , , , , , , तथा

(ग) प्लुत

जिस स्वर के उच्चारण में तीन या उससे अधिक मात्राओं का समय लगे उसे प्लुत कहते हैं। ओ३म्

जाति के आधार पर स्वर के दो भेद हैं —
  • (क) सजातीय या सवर्णअ-आ, इ-ई, उ-ऊ आदि जोड़े आपस में सजातीय या सवर्ण कहे जाते हैं, क्योंकि ये एक ही उच्चारण-ढंग या उच्चारण-प्रयत्न से उच्चरि त होते हैं। इनमें सि र्फ मात्रा का अंतर होता है ।
  • (ख) विजातीय स्वर या असवर्णअ-इ, अ-ई, अ-उ, अ-ऊ, आ-इ; आ-ई आदि जोड़े आपस में वि जातीय स्वर या असवर्ण हैं, क्योंकि ढंग या उच्चारण-प्रयत्न से उच्चरि त होते हैं ।

बारहरखडी

किसी व्यंजन के साथ स्वरों की मात्राएँ (ऋ को छोड़कर) अनुस्वार और विसर्ग के साथ लिखने को बारहखड़ी कहते हैं। जैसे — क का कि की कु कू के कै को कौ कं कः

स्वरों के उच्चारण

  1. निरनुनाखसिक – यदि स्वरों का उच्चारण सि र्फ मुख से कि या जाए, तो ऐसे स्वरों को निरनुनासि क स्वर कहा जाएगा । जैसे अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ।

  2. अनुनासिक – यदि स्वरों का उच्चारण मुख और नाक (नासि का) से कि या जाए और उसमें कोमलता हो, तो ऐसे स्वरों को अनुनासि क स्वर कहा जाएगा। जैसे– जँ, औँ, इँ, ईँ/, उँँ, ऊँ, एँ, ऐ/ऐं, ओं/ओं, औँ/औं

  3. सानुस्वार – इसमें स्वरों के ऊपर अनुस्वार ( `) का प्रयोग होता है । इसका उच्चारण नाक से होता है और उच्चारण में थोड़ी कठोरता होती है । जैसे– अंग, अंगद, अंगूर, ईंट, कंकण आदि।

  4. विसर्गयुक्त – इसमें स्वरों के बाद वि सर्ग ( : ) का प्रयोग होता है । इसका उच्चारण घोष ध्वनि “ह” की तरह होता है। संस्कृत में इसका काफी प्रयोग होता है। तत्सम शाब्दों में इसका प्रयोग आज भी देखा जाता है । जैसे– अतः, स्वतः, प्रातः, प्रायः, पय:पान, मन:कामना आदि।

  5. व्यञ्जन वर्ण – जो वर्ण स्वयं उच्चरित न होकर स्वर की सहायता से हों 'व्यंजन वर्ण' या हल् कहलाते हैं। इसके अंतर्गत 33 वर्ण आते हैं – 'क् से ह् तक।'

    • (क) स्पर्श – इनके उच्चारण के समय जिह्वा मुख के विभिन्न स्थानों का स्पर्श करती है।

      प्रथम वर्णद्वितीय वर्णतृतीय वर्णचतुर्थ वर्णपंचम वर्ण / अनुनासिक / पंचमाक्षर
      क-वर्णक्ख्ग्घ्ङ्
      च-वर्णच्छ्ज्झ्ञ्
      ट-वर्णट्ठ्ड्ढ्ण्
      त-वर्णत्थ्द्ध्न्
      प-वर्णप्फ्ब्भ्म्
    • (ख) अन्तःस्थ व्यञ्जन वर्णय्, र्, ल् और व्। कुछ वैयाकरण और को अर्धस्वर भी कहते हैं।

    • (ग) ऊष्म व्यञ्जन वर्णश्, ष्, स्, ह् वर्णों को ऊष्म कहते हैं।

    • संयुक्त व्यञ्जन — दो व्यञ्जनो के संयोग से बने वर्ण को संयुक्त व्यञ्जन कहते हैं। जैसे – क् + ष = क्ष, ज् + ञ = ज्ञ, त् + र = त्र, श् + र = श्र आदि।

    • तल बिंदुवाले व्यंजन

      1. हिन्दी में और । जैसे – पढ़ना, लड़का, सड़क, बाढ़ आदि।
      2. उर्दू (अरबी-फारसी) में , , , और । जैसे – क़लम, ग़रीब, बाज़ार आदि।
      3. अँगरेजी में और । जैसे – फ़ेल, ज़ीरो, फ़ास्ट आदि।

ध्यान दिजिए:

हल् ‌– संस्कृतमें व्यंजन को हल् ‌कहते हैं, जबकि व्यंजनों के नीचे जो एक छोटी तिरछी लकीर दि खाई देती है उसे हिन्दी में हल् ‌कहते हैं। हल् ‌लगे व्यंजन अर्था त्‌स्वररहि त व्यंजन' ही शुद्ध व्यंजन हैं। बोल-चाल की भाषा में ऐसे व्यंजन को आधा व्यंजन या आधा अक्षर भी कहा जाता है ।

उच्चारण स्थान – कण्ठ, तालु, मूर्धा, दन्त, ओष्ठ एवं नासिका को उच्चारण स्थान कहते हैं। वर्णों का उच्चारण करने के लिए फेफड़े से निकली निःश्वास वायु इन स्थानों का स्पर्श करती है।

उच्चारण-स्थानवर्णों के नामउच्चरित वर्ण
कंठकंठ्य वर्णअ, आ, क-वर्ग, ह और विसर्ग
तालुतालव्य वर्णइ, ई, च-वर्ग, य और श
मूर्द्धामूर्द्धन्य वर्णऋ, ट-वर्ग, र और ष
दंतदंत्य वर्णत-वर्ग, ल और स
ओष्ठओष्ठ्य वर्ण'उ, ऊ और प-वर्ग
नासिका और मुखअनुनासिक वर्णपंचमाक्षर, अनुस्वार और चन्द्रबिंदु
कंठ और तालुकंठतालव्य वर्णए तथा ऐ
कंठ और ओष्ठकंठौष्ट्य वर्णओ तथा औ
दंत और ओष्ठदंतौष्ठट्य वर्ण
Image of varn prakaran sound place
चित्र द्वारा

श्वास-वायु की मात्रा के आधार पर व्यंजन के दो भेद हैं

  1. अल्पप्राणा – जिन वर्णों के उच्चारण में श्वास (प्राण) वायु की मात्रा कम (अल्प) होती है। जैसे — प्रथम वर्ण, तृतीय वर्ण, पंचम वर्ण, अंतःस्थ व्यंजन वर्ण।
  2. महाप्राण – जिन वर्णों के उच्चारण में श्वास-वायु की मात्रा अधिक होती है। जैसे — द्वितीय वर्ण, चतुर्थ वर्ण, ऊष्म व्यंजन वर्ण।

संपूर्ण स्वर और व्यंजन वर्णों को स्वरतंत्रियों में कंपन के आधार पर दो भागों में बाँटा गया है

  1. घोष या सघोष – जिन वर्णो के उच्चारण में स्वरतंत्रि यों में कंपन होता है। जैसे — सभी स्वर वर्ण, तृतीय वर्ण, चतुर्थ वर्ण, पंचम वर्ण, अंतःस्थ व्यजंन वर्ण, ह।
  2. अघोष – जिन वर्णो के उच्चारण में स्वरतंत्रि यों में कंपन नहीं होता है। जैसे — प्रथम वर्ण, द्वितीय वर्ण, श, ष, स।
  • व्यंजन-गुच्छ – यदि किसी शाब्द में दो-तीन व्यंजन लगातार हों और उनके बीच कोई स्वर न हो, तो उस व्यंजन-समूह को व्यंजन-गुच्छ कहते हैं। जैसे – अच्छा, क्यारी, क्लेश, स्फूर्ति , स्पष्ट, स्वप्न, मत्स्य, उज्ज्वल, स्वास्थ्य आदि। उदाहरणा :

  • अच्छा = अ + च्‌+ छ |+ आ (च्‌,छदो व्यंजनों का गुच्छ)

  • मत्स्य = म्‌+ अ + त्‌+ स्‌+ य्‌+ अ (त्‌,स्‌,य-तीन व्यंजनों का गुच्छ)

  • स्वास्थ्य =| स्‌+ व |+ आ +|स्‌+ थ्‌+ य्‌| + अ (दो व्यंजन-गुच्छ)

  • ्वित्व -यदि दो समान व्यंजनों के बीच कोई स्वर न हो, तो वह संयुक्त व्यंजन या व्यंजन-गुच्छ द्वि त्व कहलाता है। जैसे– अड्डा / अड्डा, पद्टी / पट्ठी, धक्का / धक्का, सत्ता / सत्ता, पत्ती / पत्ती, कुत्ता / कुत्ता आदि । धक्का = ध्‌+ अ +[वक्ट + क्‌|+ आ (क्‌+ क्-द्वि त्व हैं )

नोट– वर्गी य व्यंजन के दूसरे अथवा चौथे वर्णो को द्वि त्व (दो बार) के रूप में नहीं लि खा जाता, अर्था त्‌दो महाप्राण आपस में संयुक्त नही होते हैं । जैसे– ख-ख; घ-घ; छ-छ; झ-झ; ठ-ठ; ढ-ढ; थ-थ; ध-ध; फ-फ और भ-भ । उदाहरणा : अशुद्ध-मख्खन, बघ्घी, मछछर, झझ्झर, चिठ्ठी, बुढढा, पथ्यर आदि। शुद्ध-मक्खन, बग्घी, मच्छर, झज्झर, चिट्ठी, बुड्ढा, पत्थर आदि।

अनुस्वार और पंचमाक्षर

ड्‌,ज्‌,ण्‌,न्‌और म–अनुनासि क व्यंजन हैं। इन्हें “पंचमाक्षर” भी कहते हैं। ये जब अपने वर्ग के व्यंजन से हल्‌रूप में जुड़ते हैं, तब लेखन- सुवि धा हेतु इन्हें अनुस्वार (`) में बदल दि या जाता है। जैसे– क-वर्ग के साथ (ड)– अङ्क/अङक = अंक । पङ्क/पडख़ = पंख । अङ्ग/अड = अंग । जङ्घा / जङ्घा = जंघा । च-वर्ग के साथ (ञ्‌)–पञ्च = पंच । पञ्छी = पंछी । झञ्झट = झंझट । . ट-वर्ग के साथ (ण्‌)–घण्टा = घंटा । कण्ठ = कंठ । दण्ड = दंड । ढण्ढवार = ढंढ़ार (बेडौल) । त-वर्ग के साथ (न्‌)– पन्त = पंत । पन्थ = पंथ । बन्द = बंद । अन्था = अंधा । प-वर्ग के साथ (म्‌)– कम्प = कंप । जम्फर = जंफर । अम्बा = अंबा । दम्भ = दंभ ।

Join the Discussion

Show Comments

No comments

No comments yet.

Post a Comment

Popular Post

संक्षेपण लेखन: नियम, उदाहरण और महत्वपूर्ण टिप्स

संक्षेपण-लेखन (Precis Writing) संक्षेपण-लेखन के लिए आवश्यक निर्देश : संक्षेपण उदाहरण (Precis Example) - 1 संक्षेपण उदाहरण (Precis Example) - 2 संक्षेपण उदाहरण (Precis Example) - 3 संक्षेपण उदाहरण (Precis Example) - 4 संक्षेपण उदाहरण (Precis Example) - 5 संक्षेपण उदाहरण (Precis Example) - 6 संक्षेपण उदाहरण (Precis Example) - 7 संक्षेपण उदाहरण (Precis Example) - 8 Conclusion संक्षेपण-लेखन (Precis Writing) ​ संक्षेपण-लेखन एक ऐसी विधा है जिसके द्वारा पठित/अपठित गंद्यांश की मूल बातों/भावों को संक्षेप में प्रस्तुत किया जाता है। और, यह संक्षेपित रूप उस मूल उद्धरण की आत्मा होती है। संक्षेपण-लेखन के लिए आवश्यक निर्देश : ​ Notes 1 दिए गए उद्धरण या गद्यांश को दो-तीन बार ठीक ढंग से पढ़ना चाहिए , जिससे मूल बातें समझ में आ जाएँ । Notes 2 पढ़ते समय गद्यांश के महत्त्वपूर्ण वाक्य या शब्दों के नीचे लकीर देकर चिह्नित कर लेना चाहिए । Notes 3 गद्यांश में निहित शब्दों की संख्या की गिनती कर लेनी चाहिए और एक ऐसा खाका तैयार करना चाहिए जिसमें शब्दों की संख्या मूल गद्यांश की एक तिहाई हो। अगर संक्षेपित गद...
By Guddu Kumar
Algebra Class 6 to 8 Worksheet with Solutions in Hindi

Algebra Class 6 to 8 Worksheet with Solutions in Hindi

1. बीजीय व्यंजक प्रश्नावली 1.1 प्रश्नावली 1.2 प्रश्नावली 1.3 प्रश्नावली 1.4 प्रश्नावली 1.5 प्रश्नावली 1.6 2. गुणनखंड प्रश्नावली 2 3. एक चर वाले रेखिक समीकरण प्रश्नावली 3.1 प्रश्नावली 3.2 प्रश्नावली 3.3 4. शाब्दिक समीकरण 1. बीजीय व्यंजक ​ प्रश्नावली 1.1 ​ प्रश्‍न 1 ​ (क) p + 7 (ख) (ग) − 5p (घ) 2m − 11 (ङ) 5y + 3 (च) 5y − 16 (छ) −5y + 16 (ज) (झ) z × z (ञ) (ट) x 2 + y 2 (ठ) 10 − yz (ड) (a × b) − (a + b) (ढ) 2x + 1 (यहाँ x वह संख्या है) (ण) x℃ − 20℃ (त) 3m (परिमाप = m + m + m) (थ) आयत का क्षेत्रफल = k × n (द) x + 1 (ध) x और x + 2 (यहाँ x एक विषम संख्या है।) (न) x और x + 2 (यहाँ x एक सम संख्या है।) (प) 5n (यहाँ n कोई भी पूर्णांक है, जैसे 1, 2, 3...) (फ) (यहाँ x भिन्न का अंश (numerator) है और x+1 उसका हर (denominator)) प्रश्‍न 2 ​ (क) पद: −4x, 5y गुणनखंड: –4x → –4, x 5y → 5, y पेड़ आरेख (Tree Diagram) : (ख) पद: xy, 2x 2 y 2 गुणनखंड: xy → x, y 2x 2 y 2 → 2, x, x, y, y पेड़ आरेख (Tree Diagram) : (ग) पद: 1, x, x 2 गुणनखंड: 1 → 1 x → x x 2 → x, x पेड़ आरेख (Tree...
By Guddu Kumar

अपठित गद्यांश: Intermediate Hindi Unseen Passage Guide

अपठित गद्यांश और प्रश्नोत्तर-लेखन ​ परीक्षा में कभी-कभी ऐसे गद्यांश दिए जाते हैं जिनका पाठ्यपुस्तकों से कोई संबंध नहीं रहता। फिर भी उस अंश से संबद्ध कई प्रकार के प्रश्‍न रहते हैं। छात्रों को उनका उत्तर देना पड़ता है। इस अभ्यास से बौद्धिक क्षमता और भाषा पर उनकी कैसी पकड़ है, इसका ज्ञान होता है । उदाहरणार्थ कुछ गद्यांश और उनसे संबंधित प्रश्नोत्तर दिए जा रहे हैं। अपठित गद्यांश और प्रश्नोत्तर-लेखन अपठित गद्यांश 1 अपठित गद्यांश 2 अपठित गद्यांश 3 अपठित गद्यांश 4 अपठित गद्यांश 5 अपठित गद्यांश 6 अपठित गद्यांश 7 अपठित गद्यांश 8 अपठित गद्यांश 9 अपठित गद्यांश 10 अपठित गद्यांश 11 अपठित गद्यांश 12 अपठित गद्यांश 13 अपठित गद्यांश 14 अपठित गद्यांश 15 अपठित गद्यांश 16 अपठित गद्यांश 17 अपठित गद्यांश 18 अपठित गद्यांश 1 ​ विश्वविद्यालय कोई ऐसी वस्तु नहीं हैजो समाज से काटकर अलग की जा सके । समाज दरिद्र है तो विश्वविद्यालय भी दरिद्र होंगे, समाज कदाचारी है, तो विश्वविद्यालय भी कदाचारी होंगे और समाज में अगर लोग आगे बढ़ने के लिए गलत रास्ते अपनाते हैं तो विश्वविद्यालय के शिक्षक और छात्र भी सही रास्तों को छोड़कर ...
By AvN Learn

संख्या स्थानीय मान सारणी: एक संपूर्ण मार्गदर्शिका

संख्या स्थानीय मान सारणी (Place value chart) ​ संख्या स्थानीय मान सारणी (Place value chart) भारतीय पद्धति (Indian System) अंतर्राष्ट्रीय पद्धति (International System) भारतीय पद्धति (Indian System) ​ भारतीय पद्धति (Indian System) संख्या (Commas) Scientific Notation इकाई 1 10 0 दहाई 10 10 1 सैकड़ा 100 10 2 हज़ार 1,000 10 3 दस हज़ार 10,000 10 4 लाख 1,00,000 10 5 दस लाख़ 10,00,000 10 6 करोड़ 1,00,00,000 10 7 दस करोड़ 10,00,00,000 10 8 अरब 1,00,00,00,000 10 9 दस अरब 10,00,00,00,000 10 10 खरब 1,0...
By AvN Learn

Class 6-8 Number System Quiz PDF with Answers in Hindi

0 से छोटे प्रत्येक पूर्णांक का चिह्न होता है - + − × ÷ संख्या रेखा पर 0 के दायीं ओर 5 इकाई की दूरी पर पूर्णाक है - + 5 − 5 + 4 − 4 पूर्णाक −1 का पूर्ववती है - 0 2 −2 1 पूर्णाकों −1 और 1 के बीच पूर्णाकों की संख्या है - 1 2 3 0 −5 और 5 के बीच स्थित पूर्ण संख्याओं की संख्या है - 10 3 4 5 −10 और −15 के बीच स्थित सबसे बड़ा पूर्णाक है - −10 −11 −15 −14 −10 और −15 के बीच स्थित सबसे छोटा पूर्णाक है - −10 −11 −15 −14 संख्या रेखा पर, पूर्णाक 5 स्थित है - 0 के बायीं ओर 0 के दायीं ओर 1 के बायीं ओर −2 के बायीं ओर पूर्णाकों के किस युग्म में, पहला पूर्णांक संख्या रेखा पर दूसरे पूर्णांक के बायीं ओर स्थित नहीं है? (−1, 10) (−3, −5) (−5, −3) (−6, 0) ऋणात्मक चिहण (−) वाला पूर्णाक सदैव निम्नलिखित से छोटा होता है - 0 −3 −1 −2 धनात्मक चिहू (+) वाला पूर्णाक सदैव निम्नलिखित से बड़ा होता है - 0 1 2 3 −50 के पूर्ववर्ती का परवर्ती है −48 −49 −50 −51 एक ऋणात्मक पूर्णांक का योज्य प्रतिलोम - सदैव ऋणात्मक होता है सदैव धनात्मक होता है वही पूर्णांक होता है शून्य होता है अमूल्य और अमर कश्मीर में क्रमशः दो स्थानों 2 और 5 ...
By Guddu Kumar

Number System Class 6 to 8 Worksheet with Answer in Hindi

1. प्राकृत संख्याएँ ​ 2. पूर्ण संख्याएँ 3. गुणनखंड और गुणज​ 1. प्राकृत संख्याएँ ​ ​ प्रश्‍न 1 ​ 6 अंकों की कुल संख्याएँ: 9,00,000 (नौ लाख) सबसे बड़ी संख्या: 9,99,999 सबसे छोटी संख्या: 1,00,000 प्रश्‍न 2 ​ 4, 7, 5, 0 से बनी संख्याएँ: सबसे बड़ी संख्या: 7,540 सबसे छोटी संख्या: 4,057 प्रश्‍न 3 ​ 2, 0, 4, 7, 6, 5 से बनी संख्याएँ और उनका योग: सबसे बड़ी संख्या: 7,65,420 सबसे छोटी संख्या: 2,04,567 योग: 9,69,987 प्रश्‍न 4 ​ 4, 5, 6, 0, 7, 8 से बनी 5 संख्याएँ: 4,56,078; 8,76,540; 5,04,678; 7,80,456; 6,54,780 प्रश्‍न 5 ​ 4, 5, 6, 7, 8, 9 से 8 अंकों की 3 संख्याएँ (अंक दोहराते हुए): 9,98,76,544 4,45,67,899 8,87,76,544 प्रश्‍न 6 ​ 3, 0, 4 से 6 अंकों की 5 संख्याएँ (अंक दोहराते हुए): 3,00,044; 4,33,000; 3,40,340; 4,00,433; 3,33,440 प्रश्‍न 7 ​ 8 अंकों की सबसे छोटी संख्या से अगली 5 संख्याएँ (आरोही क्रम): 1,00,00,000 (एक करोड़) 1,00,00,001 (एक करोड़ एक) 1,00,00,002 (एक करोड़ दो) 1,00,00,003 (एक करोड़ तीन) 1,00,00,004 (एक करोड़ चार) 1,00,00,005 (एक करोड़ पाँच) प्रश्‍न 8 ​ तुलना और क्रम: सबसे छोटी संख्या:...
By Guddu Kumar

120+ पर्यायवाची शब्द लिस्ट: Paryayvachi Shabd in Hindi

पर्यायवाची शब्द ​ पर्यायवाची शब्द ऐसे शब्दों की सूची नीचे प्रस्तुत है– अभ्यास Conclusion किसी शब्द के समान अर्थवाले अन्य शब्दों को पर्यायवाची या समानार्थी शब्द कहते हैं। जैसे - आँख के बदले नेत्र, नयन, लोचन आदि शब्द पर्यायवाची शब्द कहे जाते हैं । हिन्दी में अधिकतर शाब्द ऐसे हैं जिनके बदले बहत से शब्द प्रयुक्त होते हैं। ऐसे शब्दों की सूची नीचे प्रस्तुत है– ​ अंग : अंश, अवयव, खंड, भाग, विभाग, हिस्सा । अंधकार : अँधियारा, अँधेरा, तम, तमिस्र, तिमिर, ध्वांत। अदरक : अनूपज, अपाकशाक, आदी, आर्द्रशाक, कटुभद्र । अनुपम : अतुल्य, अद्वितीय, अदभुत, अनूठा, अनोखा, अपूर्व । अपमान : अनादर, अवज्ञा, अवमान, अवमानना, अवहेलना, तिरस्कार । अभिमान : अहं, अहंकार, अहंभाव, गर्व, घमंड, दर्प, दंभ, मद । अमृत : अमी, अमिय, पीयूष, मधु, सुधा, सोम । अर्जुन : गांडीवधर, गांडीवी, पांडुनन्दन, पांडुपुत्र, पार्थ, मध्यमपांडव, वृहन्नला, सव्यसाची । आँख : अंबक, अक्ष, अक्षि, ईक्षण, चश्म, चक्षु, दृक्‌, दृग्‌, दृष्टि, नजर, नयन, नेत्र, नैन,. लोचन, बिलोचन । आकाश : अंबर, अंतरिक्ष, अनंत, अभ्र, अर्श, आसमान, ख, गगन, तारापथ, दिव,...
By AvN Learn

English Synonyms with Hindi Meaning | Daily Use Word List

1. Synonyms (पर्यायवाची शब्द ) ​ Word Hindi Meaning Synonyms Ability दक्षता/क्षमता/निपुणता skill, power, capacity Accident दुर्घटना Casualty, Mishap, Mischance Abode निवास Residence, Habitation, Dwelling place Absence अनुपस्थिति Dearth, Deficiency, Scarcity Accent दबाव/जोर Emphasis, Stress, Pitch Access पहुँच Approach,Admission, Entrance Alliance संधि/समझौता Coalition, Agreement, Treaty Ancestor पूर्वज Forefather, Predecessor, Antecedent Ancient प्राचीन Obsolete, Oldfashioned, Out of date Antipathy घृणा/अनिच्छा Hostility, Dislike, Enemity, Hate Barrier अवरोध Obstacle, Fence, Impedime Barbarian असभ्य/गँवार Savage, Illiterate, Boor Battalion सैन्य दल/ पलटन Regiment, Brigade, Company Behaviour व्यवहार/चाल ढाल Conduct, Manner, Dealing Benefit लाभ Gain, Profit, Advantage Absolute पूर्ण/शुद्ध Complete, Exact, Unconditional Abnormal असामान्य/प्रतिकूल Anomalous, Insane, Irregular Admirable प्रशसनीय Excellent, Commendable, Estimable Abundant प्रचुर Ample, plentiful, Copious Alert सतर्क Quick, P...
By AvN Learn

फारेनहाइट और सेल्सियस: तापमान बदलने का आसान तरीका

फारेनहाइट और सेल्सियस (Farenheit and Celsius) फारेनहाइट से सेल्सियस में बदलने का सुत्र (Convert to fahrenheit to celsius) प्रश्‍न सेल्सियस से फारेनहाइट में बदलने का सुत्र (Convert to celsius to fahrenheit) प्रश्‍न फारेनहाइट और सेल्सियस (Farenheit and Celsius) ​ वस्तु(Object) फारेनहाइट मापन (Farenheit Scale) सेल्सियस मापन (Celsius Scale) पानी का जमना 32°F 0°C पानी का ऊवलना 212°F 100°C फारेनहाइट से सेल्सियस में बदलने का सुत्र (Convert to fahrenheit to celsius) ​ °C = ((°F - 32) × 5) ÷ 9 या (or) °C = (°F - 32) × 5/9 या (or) °C = ∘ F − 32 9 × 5 प्रश्‍न ​ 75°F को सेल्सियस में बदलें। हल : °C = 75 − 32 9 × 5 = 43 9 × 5 = 23.89°C सेल्सियस से फारेनहाइट में बदलने का सुत्र (Convert to celsius to fahrenheit) ​ °F = { ( °C × 9 ) ÷ 5 } + 32 या (or) °F = ( °C × 9/5 ) + 32 या (or) °F = °C × 9 5 + 32 प्रश्‍न ​ 20°C को फारेनहाइट में बदलें। हल : °F = (20 × 9/5) + 32 = 68°F
By AvN Learn

AvN Learn English

AvN Learn English

No blogs found in this list.

Share