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Class 12 Hindi Grammar Notes & Important Questions 2026

1. वर्ण विचार ​ वर्ण उस मूल ध्वनि को कहते हैं, जि सके खंड या टुकड़े नहीं हो सकते । जैसे – अ , आ , इ , ई , ओ , क् , ख् ‌, च् ‌, छ् , य् ‌, र् , ल् ‌आदि। वर्ण दो प्रकार के होते हैं ​ स्वर वर्ण व्यञ्जन वर्ण 2. स्वर वर्ण ​ जो किसी अन्य वर्ण की सहायता के बिना ही बोले जाते हैं, उन्हें स्वर कहते हैं । स्वर के तीन भेद होते हैं (उच्चारण में लगनेवाले समय) — ​ (क) ह्रस्व – इसके उच्चारण में बहुत कम समय लगता है। अ , इ , उ , ऋ , ऌ , और ॡ । इन्हें मूल स्वर भी कहते हैं। (ख) दीर्घ – इसके उच्चारण में दो मात्राओं का समय लगता है। आ , ई , ऊ , ऋ , ए , ऐ , ओ तथा औ । (ग) प्लुत – जिस स्वर के उच्चारण में तीन या उससे अधिक मात्राओं का समय लगे उसे प्लुत कहते हैं। ओ३म् जाति के आधार पर स्वर के दो भेद हैं (जाति के आधार पर) — ​ (क) सजातीय या सवर्ण – अ-आ , इ-ई , उ-ऊ आदि जोड़े आपस में सजातीय या सवर्ण कहे जाते हैं, क्योंकि ये एक ही उच्चारण-ढंग या उच्चारण-प्रयत्न से उच्चरि त होते हैं। इनमें सि र्फ मात्रा का अंतर होता है । (ख) विजातीय स्वर या असवर्ण – अ-इ , अ-ई , अ-उ , अ-ऊ , आ-इ ; आ-ई आदि जोड़े आपस में वि जातीय स...
By Guddu Kumar

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