BSEB Class 9 History Chapter 8 NCERT Solutions
8. कृषि और कृषक समाज • स्मरणीय तथ्य • कृषि कार्य करनेवाले किसान, कृषक और खेतिहर कहलाते हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कृषक अथवा खेतिहर किसान की महत्त्वपूर्ण भूमिका रहती है। कृषि का आरंभ नवपाषाणिक युग में हुआ। कांस्य युग अथवा ताम्रपाषाणिक युग में कृषि का विकास हुआ। भारतीय संदर्भ में सिंधुघाटी की सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता) में कृषि का प्रमाण मिलता है। औपनिवेशिक काल में सरकारी नीतियों से परंपरागत कृषि में बदलाव आया। कृषि के वाणिज्यीकरण की नीति अपनाई गई। औपनिवेशिक शासन में किसानों की स्थिति दयनीय हो गई थी। भारत एक कृषि प्रधान देश है। स्वतंत्रता-प्राप्ति के बाद 1960 के दशक में भारत सरकार द्वारा कृषि के विकास के लिए हरित क्रांति लाई गई। वर्तमान समय में सरकारी स्तर पर कृषि के विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इससे देश में हरित क्रांति आई है। भारत में झूम खेती, पारंपरिक खेती, गहन खेती, बागानी खेती, फसल चक्र तथा मिश्रित खेती का प्रचलन है। बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है। बिहार की कृषि मानसूनी वर्षा पर निर्भर है। बिहार की प्रमुख फसलें भदई, अगहनी, रबी एवं गरमा हैं। बिहार की प्रमुख ...
By
Guddu Kumar