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BSEB Class 9 Democratic Politics Chapter 1 Solutions

By Guddu Kumar

BSEB Class 9 Democratic Politics Chapter 2 Solutions

By Guddu Kumar

BSEB Class 9 Democratic Politics Chapter 3 Solutions

By Guddu Kumar

BSEB Class 9 Democratic Politics Chapter 4 Solutions

By Guddu Kumar

BSEB Class 9 Democratic Politics Chapter 5 Solutions

By Guddu Kumar

BSEB Class 9 Democratic Politics Chapter 6 Solutions

By Guddu Kumar

BSEB Class 9 Democratic Politics Chapter 6 Summary & Notes

📖 अध्याय-6 : लोकतांत्रिक अधिकार ​ यह व्यापक और परीक्षा-केंद्रित डिजिटल नोट्स BSEB (कक्षा-9) , CBSE , BPSC (Pre/Mains) , SSC (CGL/CHSL) , CUET , RRB NTPC और SCERT/SBTE परीक्षाओं के नवीनतम् पैटर्न के अनुसार तैयार किए गए हैं। 🏛️ ① अधिकार: अर्थ और लोकतंत्र में इनकी आवश्यकता ​ 🔍 अधिकार किसे कहते हैं? ​ परिभाषा : अधिकार नागरिकों के वे तार्किक और विवेकपूर्ण दावे हैं जिन्हें समाज से स्वीकृति और अदालतों द्वारा कानूनी मान्यता प्राप्त होती है. अधिकारों के बिना जीवन : यदि समाज में अधिकार न हों, तो अमानवीय कृत्य (जैसे कैदियों के साथ दुर्व्यवहार, भागलपुर जेल आँख फोड़ कांड, म्यांमार में आंग सान सू ची की नजरबंदी) और जातीय नरसंहार जैसी अराजकता फैल जाएगी. 📜 लोकतंत्र में अधिकारों की अनिवार्यता ​ प्रतिनिधित्व की पहली शर्त : नागरिकों को चुनाव में भाग लेने, वोट देने (मताधिकार) और राजनैतिक दल बनाने के लिए अधिकार आवश्यक हैं. निरंकुशता पर रोक : ये अधिकार सरकार की शक्तियों की सीमा तय करते हैं ताकि चुनी हुई बहुसंख्यक सरकार निरंकुश न हो सके. अल्पसंख्यकों की सुरक्षा : ये बहुसंख्यकों की मनमानी से समाज के कम...
By Guddu Kumar

BSEB Class 9 Democratic Politics Chapter 5 Summary & Notes

📖 अध्याय-5 : संसदीय लोकतंत्र की संस्थाएँ ​ यह व्यापक, सारगर्भित और परीक्षा-उपयोगी डिजिटल नोट्स BSEB (कक्षा-9) , CBSE , BPSC (Pre/Mains) , SSC (CGL/CHSL) , CUET , RRB NTPC और SCERT/SBTE परीक्षाओं के नवीनतम पैटर्न के अनुसार तैयार किए गए हैं। 🏛️ ① लोकतंत्र की तीन मुख्य संस्थाएँ (Three Pillars of Democracy) ​ आधुनिक लोकतांत्रिक देशों में शासन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने और जनहित में निर्णय लेने के लिए तीन प्रमुख संस्थाएँ कार्य करती हैं: विधायिका (Legislature) : इसका मुख्य कार्य देश के लिए नए कानून बनाना, पुराने कानूनों में संशोधन करना या उन्हें समाप्त करना है. केंद्र स्तर पर इसे संसद और राज्य स्तर पर विधानमंडल कहते हैं. कार्यपालिका (Executive) : यह व्यक्तियों का ऐसा निकाय है जो विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों और नीतियों को व्यावहारिक रूप से लागू करने और फैसले लेने के लिए जिम्मेदार है. न्यायपालिका (Judiciary) : यह कानूनी विवादों के निपटारे, नागरिकों और सरकार के बीच के मतभेदों को सुलझाने तथा संविधान की रक्षा करने वाली स्वतंत्र संस्था है. 📜 ② नीतिगत निर्णय की प्रक्रिया: मंडल आयोग क...
By Guddu Kumar

BSEB Class 9 Democratic Politics Chapter 4 Summary & Notes

📖 अध्याय-4 : चुनावी राजनीति ​ यह विस्तृत और परीक्षा-केंद्रित डिजिटल नोट्स BSEB (कक्षा-9) , CBSE , BPSC (Pre/Mains) , SSC (CGL/CHSL) , CUET , RRB NTPC और SCERT/SBTE के नवीनतम प्रतियोगिता पैटर्न के अनुसार तैयार किए गए हैं। 🗳️ ① चुनाव की आवश्यकता और महत्व ​ लोकतंत्र का व्यावहारिक स्वरूप यह है कि जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधियों के माध्यम से शासन चलाती है. 🔍 चुनाव क्यों जरूरी है? ​ व्यावहारिक सीमा : किसी बड़े समुदाय के लिए यह संभव नहीं है कि सभी लोग प्रतिदिन एक साथ बैठें और सर्वसम्मति से निर्णय लें. शासक बदलने का माध्यम : यह एक ऐसी नियमित व्यवस्था है जिसके द्वारा लोग एक निश्चित अंतराल पर अपने प्रतिनिधियों को चुन सकते हैं और इच्छा होने पर उन्हें बदल भी सकते हैं. 📜 चुनाव को लोकतांत्रिक मानने के 5 आधार (न्यूनतम शर्तें) ​ समान मताधिकार : हर किसी को मत (वोट) देने का अधिकार हो और हर वोट का मूल्य बराबर हो. वास्तविक विकल्प : राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने की आज़ादी हो ताकि मतदाताओं के सामने वास्तविक विकल्प उपलब्ध हों. नियमित अंतराल : चुनाव का अवसर एक निश्चित और नियमित अंतराल (जै...
By Guddu Kumar

BSEB Class 9 Democratic Politics Chapter 3 Summary & Notes

📖 अध्याय-3 : संविधान निर्माण ​ यह विस्तृत और परीक्षा-केंद्रित नोट्स BSEB (कक्षा-9) , CBSE , BPSC (Pre/Mains) , SSC (CGL/CHSL) , CUET , RRB NTPC और SCERT/SBTE के नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार तैयार किए गए हैं। 🇿🇦 ① दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद और नया संविधान ​ 🛑 रंगभेद (Apartheid) शासन व्यवस्था (1948 - 1989) ​ परिभाषा : चमड़ी के रंग (नस्ल) के आधार पर भेदभाव करने वाली एक क्रूर और अलोकतांत्रिक प्रशासनिक नीति। दमनकारी नियम : बहुसंख्यक अश्वेतों (काले लोगों) को गोरों की बस्तियों में रहने की अनुमति नहीं थी। परमिट होने पर ही वे गोरों के क्षेत्रों में काम कर सकते थे। पृथक्करण (Segregation) : रेल, बस, टैक्सी, होटल, अस्पताल, सिनेमाघर और यहाँ तक कि सार्वजनिक शौचालयों तक में गोरों और अश्वेतों के लिए एकदम अलग-अलग इंतज़ाम थे। अश्वेतों को वोट डालने का अधिकार भी नहीं था। ✊ संघर्ष और अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस (ANC) ​ एकजुटता : 1950 से ही अश्वेतों, रंगीन चमड़ी वालों और भारतीय मूल के लोगों ने अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस के झंडे तले ऐतिहासिक संघर्ष शुरू किया। नेल्सन मंडेला (Nelson Mandela) : रंगभेद का विरोध करने ...
By Guddu Kumar

BSEB Class 9 Democratic Politics Chapter 2 Summary & Notes

📖 अध्याय-2 : लोकतंत्र क्या और क्यों? ​ यह प्रीमियम और टू-द-पॉइंट नोट्स BSEB (कक्षा-9) , CBSE , BPSC (Pre/Mains) , SSC (CGL/CHSL) , CUET और RRB NTPC परीक्षाओं के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं। 🏛️ ① लोकतंत्र का वास्तविक अर्थ और परिभाषा ​ लोकतंत्र शासन का वह रूप है जिसमें शासकों का चुनाव स्वयं जनता करती है. 🇺🇸 अब्राहम लिंकन की प्रसिद्ध परिभाषा ​ "लोकतंत्र जनता का, जनता के लिए और जनता द्वारा संचालित शासन व्यवस्था है।" 🔄 लोकतंत्र के दो मुख्य प्रकार ​ प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct Democracy) : जनता शासन और कानून निर्माण में सीधे भाग लेती है (उदा. स्विट्जरलैंड ). अप्रत्यक्ष / प्रतिनिधि लोकतंत्र (Indirect Democracy) : जनता अपने प्रतिनिधि चुनती है और वे शासन चलाते हैं (उदा. भारत , ब्रिटेन ). 🌎 ② गैर-लोकतांत्रिक शासन: वैश्विक केस स्टडीज ​ परीक्षाओं में सीधे पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण अलोकतांत्रिक उदाहरण निम्नलिखित हैं: 🇵🇰 पाकिस्तान (जनरल मुशर्रफ का दौर) ​ अक्टूबर 1999 : जनरल परवेज मुशर्रफ ने लोकतांत्रिक सरकार को हटाकर सैनिक तख्तापलट किया. 2002 का लीगल फ्रेमवर्क ऑर्डर : संविधान बदल...
By Guddu Kumar

BSEB Class 9 Democratic Politics Chapter 1 Summary & Notes

📖 अध्याय-1 : लोकतंत्र का क्रमिक विकास ​ यह व्यापक नोट्स BSEB (कक्षा-9) , CBSE , BPSC (Pre/Mains) , SSC , CUET , RRB NTPC तथा अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए तैयार किए गए हैं। 🏛️ ① चिली में लोकतंत्र और उसका उतार-चढ़ाव ​ 🔹 साल्वाडोर आयेंदे का लोकतांत्रिक दौर (1970) ​ गठबंधन : 'पॉपुलर यूनिटी' नामक मोर्चा राजनीतिक दल : सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना की सुधारात्मक कार्य : बच्चों को मुफ्त दूध बांटना भूमि सुधार : भूमिहीन किसानों को जमीन बांटना श्रमिक कल्याण : मजदूरों की दशा सुधारने के अनेक प्रयास सामरिक कदम : विदेशी तांबा कंपनियों के अत्यधिक मुनाफे का विरोध विरोधी वर्ग : देश के अमीर, चर्च और जमींदार वर्ग 🪖 खूनी सैनिक तख्तापलट (11 सितंबर, 1973) ​ मुख्य सूत्रधार : जनरल ऑगस्टो पिनोशे विदेशी सहयोग : अमेरिकी सरकार का गुप्त समर्थन हिंसा : राष्ट्रपति भवन पर हमला एवं आयेंदे की हत्या दमन चक्र : लोकतंत्र समर्थकों की सामूहिक जेल यात्रा और क्रूर हत्याएं तानाशाही की अवधि : पिनोशे का सैनिक शासन पूरे 17 वर्षों तक चला 🔄 जनमत संग्रह और लोकतंत्र की पुनस्थापना ​ 1988 का जनमत संग्रह : पिनोशे की सत्त...
By Guddu Kumar

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