📐 अध्याय 11: रचनाएँ (Constructions)
ज्यामिति में आकृतियों के सिद्धांतों को पढ़ना एक अलग पहलू है, लेकिन उन्हें पटरी (Scale) और परकार (Compass) की सहायता से सटीक रूप से बनाना एक कला है। इस अध्याय में हम बिना प्रोटेक्टर (चाँदा) का उपयोग किए, केवल परकार की मदद से कोण और त्रिभुज बनाना सीखेंगे।
1. आवश्यक ज्यामितीय उपकरण (Geometry Toolbox) 🧰✍️
सटीक और साफ रचना के लिए आपके पास निम्नलिखित उपकरण होने चाहिए:
- अंशांकित पटरी (Graduated Scale): सीधी रेखाएँ खींचने और लंबाई मापने के लिए।
- परकार (Compass) 🧭: चाप (Arc) लगाने और वृत्त बनाने के लिए। इसमें पेंसिल की नोक पटरी की नोक के बराबर होनी चाहिए।
- पेंसिल ✏️: अत्यधिक नुकीली (Sharp) होनी चाहिए ताकि रेखाएँ पतली और साफ बनें।
2. आधारभूत रचनाएँ (Basic Constructions) 📐⚖️⭐⭐⭐⭐⭐⭐
यह खंड परीक्षा के लघु-उत्तरीय और मूल वैचारिक प्रश्नों के लिए इस अध्याय की नींव है:
क) एक दिए गए कोण का समद्विभाजक (Angle Bisector) खींचना ✂️📐:
"किसी कोण को दो बराबर भागों में बाँटने वाली रेखा खींचना कोण का समद्विभाजन कहलाता है।"
📝 रचना के चरण (Steps of Construction):
- माना एक कोण
दिया गया है, जिसका समद्विभाजक खींचना है। को केंद्र मानकर किसी भी त्रिज्या से एक चाप लगाएँ जो भुजाओं और को क्रमशः और पर काटे। - अब
को केंद्र मानकर, की आधी लंबाई से अधिक की त्रिज्या लेकर कोण के अंदर एक चाप लगाएँ। - उसी त्रिज्या से
को केंद्र मानकर दूसरा चाप लगाएँ जो पहले चाप को बिंदु पर काटे। - पटरी से किरण
खींचें। यही किरण , कोण का अभीष्ट समद्विभाजक है ( )।
[Image]
A// • F (कटान बिंदु)/ /•───/───• CB (किरण BF कोण को दो बराबर भागों में बाँटती है)
ख) एक दिए गए रेखाखंड का लम्ब समद्विभाजक (Perpendicular Bisector) खींचना 🔀⭐⭐⭐⭐⭐:
"वह सीधी रेखा जो किसी रेखाखंड को ठीक बीच से दो बराबर भागों में काटती है और उस पर
📝 रचना के चरण:
- माना एक रेखाखंड
दिया गया है। को केंद्र मानकर, की आधी लंबाई से अधिक की त्रिज्या लेकर रेखाखंड के दोनों ओर (ऊपर और नीचे) एक-एक चाप लगाएँ। - अब उसी त्रिज्या से
को केंद्र मानकर पुनः ऊपर और नीचे चाप लगाएँ जो पहले वाले चापों को क्रमशः और पर काटें। - पटरी की सहायता से बिंदु
और को मिलाती हुई रेखा खींचें, जो को पर काटती है। - यही रेखा
, रेखाखंड का अभीष्ट लम्ब समद्विभाजक है ( तथा )।
[Image]
• P (ऊपर का चाप)│A ────────┼──────── BM (मध्य-बिंदु)│• Q (नीचे का चाप)[ रेखा PQ, AB पर लम्ब भी है और AM = BM है ]
ग) दिए गए प्रारंभिक बिंदु पर का कोण बनाना 📐 परकार विधि ⭐⭐⭐⭐⭐:
यह इस अध्याय का सबसे महत्वपूर्ण व्यावहारिक भाग है। (चाँदे का उपयोग वर्जित है)।
📝 और का कोण बनाने के चरण:
- एक प्रारंभिक बिंदु
से एक किरण खींचें। को केंद्र मानकर किसी भी त्रिज्या से एक बड़ा अर्धवृत्ताकार चाप लगाएँ जो को बिंदु पर काटे। - बिना त्रिज्या बदले (त्रिज्या को बिल्कुल नहीं हिलाना है),
को केंद्र मानकर एक चाप लगाएँ जो पहले वाले बड़े चाप को पर काटे। को से मिलाकर आगे बढ़ा दें। यह कोण होगा ⭐⭐⭐. - अब उसी त्रिज्या से
को केंद्र मानकर आगे एक और चाप लगाएँ जो बड़े चाप को पर काटे। को से मिलाने पर यह कोण होगा।
📝 और का कोण बनाने के चरण ⭐⭐⭐⭐⭐:
- चूँकि
का कोण और के ठीक बीच में होता है, इसलिए ऊपर प्राप्त बिंदु और का समद्विभाजन करेंगे। और को बारी-बारी से केंद्र मानकर ऊपर की ओर दो चाप लगाएँ जो आपस में पर काटें। को से मिला दें। यह कोण समकोण होगा। - यदि इस
वाले कोण का भी समद्विभाजन ( और के बिंदुओं से चाप लगाना) कर दिया जाए, तो हमें का कोण प्राप्त हो जाता है।
[Image]
• F (90°)• E(120°) \ \ • (60°)\ \ /•────────┴────────• BA (प्रारंभिक बिंदु)
3. त्रिभुजों की विशिष्ट रचनाएँ (Constructions of Triangles) 🔺🛠️⭐⭐⭐⭐⭐⭐
यह खंड बिहार बोर्ड और अन्य राज्य बोर्डों की परीक्षाओं में
प्रकार १: जब आधार, एक आधार कोण तथा अन्य दो भुजाओं का योग ( ) दिया हो ⭐⭐⭐⭐⭐:
📝 रचना के चरण:
- सबसे पहले दिए गए माप का आधार
खींचें। - बिंदु
पर दिए गए माप का कोण बनाएँ। - परकार पर अन्य दो भुजाओं के योग (
) के बराबर की दूरी मापकर, किरण पर एक बिंदु काटें (अर्थात )। - बिंदु
और को पटरी से मिला दें ( रेखा खींचे)। - अब रेखाखंड
का लम्ब समद्विभाजक खींचें (आधी से ज्यादा दूरी लेकर दोनों तरफ चाप), जो रेखा को बिंदु पर काटे। को से मिला दें। यही आपका अभीष्ट (वांछित) त्रिभुज है। (तर्क: चूँकि , के लम्ब समद्विभाजक पर है, इसलिए होगा। अतः सिद्ध होता है)।
प्रकार २: जब आधार, एक आधार कोण तथा अन्य दो भुजाओं का अंतर ( या ) दिया हो ⭐⭐⭐⭐⭐:
📝 रचना के चरण (जब हो):
- आधार
खींचें और बिंदु पर दिए गए माप का कोण बनाएँ। - किरण
पर दोनों भुजाओं के अंतर ( ) के बराबर रेखाखंड काटें। और को मिला दें। - रेखाखंड
का लम्ब समद्विभाजक खींचें, जो आगे बढ़ाने पर किरण को बिंदु पर काटे। को से मिला दें। यही आपका अभीष्ट त्रिभुज है। (नोट: यदि हो, तो अंतर को किरण की विपरीत दिशा में नीचे की ओर काटा जाता है)।
प्रकार ३: जब एक त्रिभुज का परिमाप (तीनों भुजाओं का योग ) तथा दो आधार कोण दिए हों 📐🔺:
📝 रचना के चरण:
- परिमाप के बराबर लंबाई का एक रेखाखंड
खींचें ( )। - बिंदु
पर पहले आधार कोण के बराबर कोण और बिंदु पर दूसरे आधार कोण के बराबर कोण बनाएँ। - इन दोनों कोणों (
और ) के कोण समद्विभाजक खींचें, जो आपस में ऊपर बिंदु पर प्रतिच्छेद करते हैं। - अब रेखाखंड
का लम्ब समद्विभाजक खींचें जो को बिंदु पर काटे, तथा का लम्ब समद्विभाजक खींचें जो को बिंदु पर काटे। को से तथा को से मिला दें। यही आपका अभीष्ट त्रिभुज है।
🚀 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण शार्टकट और फुल-मार्क्स टिप्स (Exam Scoring Secrets)
- रचना के चरण लिखना अनिवार्य है 📝: बोर्ड परीक्षाओं (विशेषकर बिहार बोर्ड) में केवल चित्र बना देना काफी नहीं होता। चित्र के बगल में "रचना के चरण" (Steps of Construction) बिंदुवार (
) साफ भाषा में अवश्य लिखें, इसके स्वतंत्र अंक होते हैं। - परकार की त्रिज्या का नियम ⚠️: कोण बनाते समय (जैसे
या ) जब आप पहला मुख्य चाप काटते हैं, तो उसके बाद बिना त्रिज्या बदले ही अगला चाप काटना होता है। यदि परकार हिल गया, तो कोण का माप गलत हो जाएगा। - स्वच्छता का ध्यान रखें 🧼: चित्र में बार-बार रबर (Eraser) का उपयोग न करें। चाप के कटान बिंदु अत्यंत बारीक और स्पष्ट होने चाहिए। परीक्षा में हमेशा पेन्सिल को शार्प करके ही बैठें।
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