- कार्य को
- जूल (1) मात्रक है
- ओअपने सि र पर 2018४ का बक्सा उठाए हुए कोई कुली क्षेति ज प्लेटफॉर्म पर 50.0 चलता है। गुरुत्व-बल के वि रुद्ध कुली द्वारा किया गया कार्य होगा
- यदि सी गति मान वस्तु की चाल को दुगुना कर दि या जाए, तो
- बराबर द्रव्यमान के दो पि ंड क्रमशः 3 और 2» के वेग से चल रहे हैं। उनकी गति ज ऊर्जा का अनुपात होगा
- कि सी गति शील पि ंड का वेग आधा करने से उसकी गति ज ऊर्जा हो जाती है
- 1 की वस्तु की गति ज ऊर्जा 1] तब होगी जबकि इसकी चाल होगी
- 30 लोहे के एक गोले तथा 10.5 k४ ऐलुमि नि यम के एक गोले के व्यास बराबर हैं। दोनों गोलों को कि सी मीनार से एक साथ गि राया गया। जब वे गोले पृथ्वी से 10 0 ऊपर हैं, तब ठनका
- कि सी वस्तु के संवेग को ति गुना करने से उसकी गति ज ऊर्जा
- यदि 2500 ] कार्य करने में कि सी मशीन को 55 समय लगता है तो उसकी शक्ति होगी
- कार्य का 1] मात्रक “-'“"“ है।
- का ऽ[ मात्रक ““"“ है।
- कि सी पि ंड का वि स्थापन शून्य है, तो बल द्वारा उस पि ंड पर कि या गया कार्य *'**"“ होगा।
- यदि कि सी वस्तु में कार्य करने की क्षमता हो, तो यह कहा जाता है कि उसमें :—– है।
- कि सी वस्तु की गति ज तथा स्थि ति ज ऊर्जा ओं के योग को उसकी कुल `“ “-* ऊर्जा कहते हैं।
- कार्य करने की दर को '''“ कहते हैं।
- 1 कि लोवाट घंटा (kWh) ““ “` का मात्रक है।
- जूल ऊर्जा का बहुत '*—“ मात्रक है जबकि 1 kWw॥ ऊर्जा कन मात्रक है।
- 9, का की न तो उत्पत्ति की जा सकती है और न ही वि नाश।
- रूपांतरण के पहले और रूपांतरण के पश्चात कुल ऊर्जा सदैव '“'“““ रहती है।
- 1 जूल = ….. & 1 मीटर
- 1W=……/s
- यदि किसी वस्तु पर आरोपित बल F, बल की दिशा में वस्तु का विस्थापन s तथा संपन्न कार्य W हो, तो निम्नांकित में कौन सही है?
- W = F / s
- W = s / F
- W = F × s
- W = F - s
- कार्य का SI मात्रक है
- न्यूटन (N)
- वाट (W)
- जूल (J)
- पास्कल (Pa)
- 1 न्यूटन मीटर (1 N m) बराबर
- 1 वाट (1 W)
- 1 जूल (1 J)
- 1 न्यूटन (1 N)
- 1 मीटर सेकेंड (1 m s)
- m द्रव्यमान की एक वस्तु जो v वेग से गतिशील है कि गतिज ऊर्जा है
- mv²
- 1/2 mv²
- mv
- m / v
- पृथ्वी तल से h ऊँचाई पर m द्रव्यमान की वस्तु की स्थितिज ऊर्जा है जहाँ, g गुरुत्वीय त्वरण है।
- mh / g
- mgh
- mh + g
- mg - h
- संपीडित कमानी (compressed spring) में धारित ऊर्जा है
- गतिज
- स्थितिज
- ध्वनि
- इनमें कोई नहीं
- किसी पहाड़ी पर चढ़ती हुई कार में होती है
- केवल स्थितिज ऊर्जा
- केवल गतिज ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा तथा स्थितिज ऊर्जा दोनों
- न तो गतिज ऊर्जा और न ही स्थितिज ऊर्जा
- जब कोई पिंड मुक्त रूप से कुछ ऊँचाई से गिरता है, तब उस पिंड की कुल ऊर्जा
- बढ़ती जाती है
- घटती जाती है
- पहले बढ़ती है, फिर घटती है
- अपरिवर्तित रहती है
- जब किसी पिंड को ऊपर की ओर फेंका जाता है, तब वह जैसे-जैसे ऊपर की ओर जाती है
- उसकी गतिज ऊर्जा में कमी होती है
- उसकी गतिज ऊर्जा में वृद्धि होती है
- उसकी स्थितिज ऊर्जा में कमी होती है
- उसके किसी प्रकार की ऊर्जा में कोई परिवर्तन नहीं होता है
- ऊपर से नीचे की ओर गिरते हुए पिंड को कौन-सी ऊर्जा होती है?
- केवल गतिज ऊर्जा
- केवल स्थितिज ऊर्जा
- गतिज एवं स्थितिज ऊर्जा दोनों
- कोई ऊर्जा नहीं होती है
- ऊर्ध्वाधरतः नीचे की ओर गिरने के क्रम में किसी पिंड की ऊर्जा का रूपांतरण होता है
- गतिज ऊर्जा से स्थितिज ऊर्जा में
- स्थितिज ऊर्जा से गतिज ऊर्जा में
- स्थितिज ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा में
- ऊर्जा का रूपांतरण होता ही नहीं है
- कार्य करने की दर को कहते हैं
- स्थितिज ऊर्जा
- गतिज ऊर्जा
- आंतरिक ऊर्जा
- शक्ति
- शक्ति का SI मात्रक है
- वाट (W)
- मीटर (m)
- जूल (J)
- सेकंड (s)
- 1 वाट (1 W) बराबर
- 1 J s
- 1 J/s
- 1 J
- 1 J s²
- किलोवाट घंटा (kWh) किस भौतिक राशि का मात्रक है?
- विद्युत-धारा का
- कार्य का
- शक्ति का
- ऊर्जा का
- 1 kWh (1 किलोवाट घंटा) कितने जूल (J) के बराबर होता है?
- 36 × 10⁶ J
- 3.6 × 10⁶ J
- 0.36 × 10⁶ J
- 0.036 × 10⁶ J
- एक घोड़ागाड़ी को घोड़ा 50 N के बल से 5 m तक खींचकर ले जाता है। घोड़े द्वारा किया गया कार्य होगा
- 50 × 5 J
- 50 / 5 J
- 5 / 50 J
- 0 (शून्य) J
- यदि दो व्यक्ति अलग-अलग 5 kg की दो वस्तुओं को 30 m की ऊँचाई पर क्रमशः 2 तथा 4 मिनटों में ले जाते हैं, तो वस्तु पर किया गया कार्य
- दोनों व्यक्तियों द्वारा समान होगा
- पहले व्यक्ति द्वारा अधिक होगा
- दूसरे व्यक्ति द्वारा अधिक होगा
- संभवतः, दोनों व्यक्तियों द्वारा शून्य होगा
- m तथा 2m द्रव्यमानों के दो पिंड एकसमान वेग से चल रहे हैं। इनकी गतिज ऊर्जाओं का अनुपात (ratio) है
- 1 / 2
- 1 / 4
- 1 / 3
- 1 / 5
- 15 kg का एक पिंड 6 m/s की चाल से चल रहा है। पिंड की गतिज ऊर्जा कितनी होगी?
- 15 J
- 6 J
- 15 / 6 J
- 270 J
- 2 m/s की चाल से घूमते हुए एक पिंड की गतिज ऊर्जा 50 J है। पिंड का द्रव्यमान कितना होगा?
- 50 kg
- 2 kg
- 25 kg
- 100 kg
- 10 m/s की चाल से m द्रव्यमान के एक पिंड की गतिज ऊर्जा 50 J है। यदि पिंड की चाल को दुगुना कर दिया जाए, तो पिंड की गतिज ऊर्जा हो जाएगी
- 100 J
- 200 J
- 300 J
- 400 J
- जब पृथ्वी-तल से किसी वस्तु की ऊँचाई दुगुनी कर दी जाती है, तब उसकी स्थितिज ऊर्जा हो जाती है
- एक-चौथाई
- आधी
- दुगुनी
- चौगुनी
- 10 kg की वस्तु को पृथ्वी की सतह से 5 m ऊपर उठाने में संपन्न कार्य होगा
- 10 J
- 98 J
- 490 J
- 5 J
- एक भवन की ऊँचाई 72 m है। 60 kg का एक मनुष्य ऊपर तक चढ़ने में कितना कार्य करेगा?
- 72 J
- 60 J
- 4000 J
- 42336 J
- पृथ्वी से लगभग कितनी ऊँचाई पर 1 kg द्रव्यमान के एक पिंड की स्थितिज ऊर्जा 2 J होगी?
- 2 m
- 1 m
- 0.204 m
- 0.98 m
- 10 kg द्रव्यमान का एक पिंड 50 m की ऊँचाई से स्वतंत्र रूप से पृथ्वी की ओर गिरता है। पृथ्वी पर पहुँचने के ठीक पहले उसकी गतिज ऊर्जा होगी
- 10 J
- 50 J
- 500 J
- 4900 J
- यदि 5 s में कोई मशीन 640 J कार्य करती है, तो मशीन की शक्ति क्या होगी?
- 640 W
- 64 W
- 5 W
- 128 W
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