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Class 11 Physics Chapter 7 Notes: गुरुत्वाकर्षण

ब्रह्मांड का प्रत्येक कण दूसरे सभी कणों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस आकर्षण बल को गुरुत्वाकर्षण कहते हैं। अथवा ब्रह्मांड के किन्हीं दो पिंडों के मध्य गुरुत्व के कारण लगने वाले बल को गुरुत्वाकर्षण बल कहते हैं। इस अध्याय को अलग-अलग तैयार किया गया है। जिनका लिंक नीचे दिया गया है यहां गुरुत्वाकर्षण अध्याय से कुछ महत्वपूर्ण बिंदु – • सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह प्लूटो है। • सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह बुध है चूंकि यह सूर्य के सबसे निकट है। • सबसे ज्यादा उपग्रह बृहस्पति के हैं जो संख्या में 63 हैं‌। जबकि पृथ्वी का एक ही उपग्रह है चंद्रमा। • पृथ्वी तल से ऊपर जाने पर गुरुत्वीय त्वरण का मान घटता जाता है। एवं पृथ्वी तल से नीचे जाने पर भी गुरुत्वीय त्वरण का मान घटता है। • गुरुत्वीय त्वरण का मान पृथ्वी के ध्रुवों पर अधिकतम तथा भूमध्य रेखा पर न्यूनतम होता है। • गुरुत्वीय क्षेत्र की तीव्रता का मात्रक न्यूटन/किग्रा तथा विमीय सूत्र [LT-2] होता है। ग्रह आकाश में सूर्य के चारों ओर विभिन्न पिंड अपनी-अपनी कक्षाओं में घूमती रहती हैं इन आकाशीय पिंडों को ग्रह कहते हैं। सूर्य के नौ ग्रह हैं। बुध ग्रह सूर्य के स...
By Guddu Kumar
BSEB Class 9 Science Chapter 10 Notes: गुरुत्वाकर्षण

BSEB Class 9 Science Chapter 10 Notes: गुरुत्वाकर्षण

Notes g के मान में परिवर्तन लिफ्ट में पिण्ड का भार (Weight of a body in lift) दाब न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का नियम (Newton's Law of Gravitaion) : किन्हीं दो पिण्डों के बीच कार्य करने वाला आकर्षण-बल पि ण्डों के द्रव्यमानों के गुणनफछ के अनुक्रमानुपाती तथा उनके बीच के दूरी की वर्ग के व्युल्मानुपाती होता है । माना दो पिण्ड जिनके द्रव्यमान m 1 , एवं m 2 हैं, एक दूसरे से R दूरी पर स्थित है, तो न्यूटन के नि यम के अनुसार उनके बीच लगने वाला आकर्षण-बल, होता है। जहाँ g एक नियतांक है, जिसे सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक कहते हैं और जिसका मान 6.67 × 10 −11 Nm 2 kg −2 होता है । गुरुत्व (Gravity) : न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के अनुसार दो पिंडों के बीच एक आकर्षण बल कार्य करता है। यदि इनमें से एक पिंड पृथ्वी हो तो इस आकर्षण-बल को गुरुत्व कहते हैं। अर्थात्‌, गुरुत्व वह आकर्षण-बल है, जिससे पृथ्वी किसी वस्तु को अपने केन्द्र की और खींचती है । इस बल के कारण जो त्वरण उत्पन्न होता है, उसे गुरुत्व जनि त त्वरण (g) कहते हैं, जिसका मान 9.8 m/s 2 होता है । गुरुत्वजनित त्वरण (g) वस्तु के रूप, आकार, द्रव्य...
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