BSEB Class 9 Science Chapter 7 Notes: जीवों में विविधता
Notes सभी जीवधारियों को उनकी शारीरिक संरचना और कार्य के आघार पर पहचाना जा सकता है तथा उनका वर्गीकरण किया जा सकता है । कोशिकीय संरचना और कार्य-वर्गीकरण का आघारभूत लक्षण है। वर्गीकरण की आधारभूत इकाई जाति (स्पीशीज) है । जीवों का वर्गी करण उनके वि कास से सम्बन्धि त है । विटेकर द्वारा वर्गीकरण के पाँच जगत् हैं – मोनेरा, प्रोटिस्टा, फंजाई, प्लांटी और एनीमेलिया। ये समूह कोशिकीय संरचना पोषण के सोत और तरीके तथा शारीरिक संगठन के आघार पर बनाए गए हैं। प्लांटी और एनिमेलिया को उनकी क्रमिक शारीरिक जटिलताओं के आधार पर वर्गी कृत किया गया है। पौघों को पाँच वर्गो में बाँटा गया है – शैवाल, बायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, जिम्नोस्पर्म और ऐंजियोस्पर्म । धैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा और टेरिडोफाइटा में नग्न भ्रूण पाए जाते हैं । जिन्हें बीजाणु (Spore) कहते हैं। वे पौधे, जिनमें जनक ऊतक पूर्ण विकसित एवं विभेदित होते हैं तथा जनन-प्रक्रिया के पश्चात् बीज उत्पन्न करते हैं, फेनरोगेम कहलाते हैं। जन्तुओं को दस फाइलम में बाँटा गया है – पोरीफेरा, सीलेंटरेटा, स्लेटीहेल्मि न्थीज, निमेटोडा, एनीलिडा, आर्थो पोडा, मोलस्का, इकाइनोडर्मेटा,...
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