Bihar Board Class 12 History राजा, किसान और नगर : आरंभिक राज्य और अर्थव्यवस्थाएँ Important Question, PYQ and Model Paper or Sample Paper

Important Question (I.Q.)
बहुविकल्पीय
- अभिलेखों का अध्ययन कहलाता है
- इतिहास
- पुरातत्त्व
- मुद्रशास्त्र
- अभिलेखशास्त्र
- जनपद शाब्द इंगित करता है
- प्रशासनिक अधिकारी को
- क्षेत्रीय इकाई को
- धार्मिक संप्रदाय को
- सामाजिक इकाई को
- मौर्यकाल में राजकीय कृषि का प्रधान था
- आकराध्यक्ष
- सीताध्यक्ष
- पण्याध्यक्ष
- पौतवाध्यक्ष
- निम्नलिखित में किसने सबसे पहले भारत में स्वर्ण सिक्के जारी किए?
- मौर्यों ने
- हिंद-यूनानियों ने
- कुषाणों ने
- गुप्तों ने
- शक संवत् का आरंभ किसने किया?
- मिनांडर ने
- गोंदोफर्निस ने
- रुद्रदामन ने
- कनिष्क ने
- निम्नलिखित में किसने भूमि अनुदान की प्रथा आरंभ की?
- मौर्यों ने
- कुषाणों ने
- सातवाहनों ने
- गुप्तों ने
- मुद्राराक्षस के लेखक कौन थे?
- कौटिल्य
- कालिदास
- विष्णुशर्मा
- विशाखदत्त
- प्रयाग प्रशास्ति की रचना किसने की?
- आर्यभट्ट ने
- कालिदास ने
- हरिषेण ने
- वाणभट्ट ने
- देवकुलों का निर्माण किसने करवाया?
- बैक्ट्रियाई यूनानियों ने
- पहलवों ने
- शकों ने
- कुषाणों ने
- छठी शताब्दी ई॰ पू॰ में राजतंत्र थे –
- अंग, मगध, वत्स, वज्जि
- कौशल, चेदि, काशी, वज्जि
- अंग, मगध, कुरु, मतल
- अंग, मगध, काशी, कोशल
- छठी शताब्दी ई॰ पू॰ में ऐसा कौन-सा महाजनपद था, जहाँ पहले राजतंत्र था किंतु बाद में गणतंत्र स्थापित हो गया था –
- पंजाब
- चेदि
- वज्जि
- वत्स
- छठी शताब्दी ई॰ पू॰ के मध्य में 'पुष्करसारिन' नामक राज्य किस महाजनपद में राज्य कर रहा था?
- अम्भक
- अवंति
- गंधार
- शूरसेन
- गंगा और सोन नदियों के संगम पर 'पाटलिपुत्र' नामक नगर की स्थापना की गई थी –
- बिंबसार द्वारा
- अजातशत्रु द्वारा
- उदयभद्र द्वारा
- मुडक द्वारा
- छठी शताब्दी ई॰ पू० अनेक गणतंत्रात्मक राज्य अमेरिका में थे, इस प्रकार के राज्यों में एक शासक राज्य था, इस राज्य में किंस महान व्यक्ति का जन्म हुआ था?
- महात्मा बुद्ध
- महावीर स्वामी
- उपर्युक्त दोनों
- कोई नहीं
- मेगास्थनीज की इंडिका के विषय में कौन-सा कथन सत्य है ?
- 'इंडिका' वास्तविक रूप से प्राप्त नहीं हुई है।
- डायोडोरस ने इंडिका के कुछ उद्धरणों को प्रस्तुत किया है।
- इंडिका मौर्यकालिन इतिहास जानने का महत्त्वपूर्ण स्रोत है।
- उपर्युक्त सभी
- मेगास्थनीज के अनुसार पाटतिपुत्र का प्रबंध तीन सदस्यों का एक आयोग करता था, इस आयोग के छः मंडल थे, प्रत्येक में सदस्य थे –
- छः
- पाँच
- चार
- तीन
- अशोक द्वारा प्रचारित बौध कर्म कहाँ प्रचलित नहीं हुआ?
- जापान
- सीरिया
- ब्रिटेन
- श्रीलंका
- अशोक के प्राप्त अभिलेखों की संख्या –
- 77
- 75
- 66
- 44
- उत्तरी पश्चिमी भारत से प्राप्त अशोक के अभिलेखों में लिपि का प्रयोग किया गया है –
- खरोष्ठी लिपि
- ब्राह्यी लिपि
- आरमेयी लिपि
- उपयुक्त में से कोई नहीं।
- अशोक की कलिंग विजय का उल्लेख मिलता है –
- 10वें अभिलेख से
- 11वें अभिलेख से
- 12वें अभिलेख से
- 13वें अभिलेख से
- मौर्यकाल में सेना का प्रबंध करने वाला अधिकारी कहलाता था –
- प्रदेष्टा
- संस्था
- राजुक
- बलाध्यक्ष
- मौर्यकालीन कलिंग राज्य स्थित था –
- वर्तमान उत्तरी उड़ीसा में।
- वर्तमान पूर्वी उड़ीसा में।
- वर्तमान पश्चिमी उड़ीसा में।
- वर्तमान दक्षिणी उड़ीसा में।
- मौर्य साम्रान्य मुख्य रूप में विभक्त था –
- चार प्रांतों में
- दो प्रांतों में
- पाँच प्रांतों में
- आठ प्रांतों में
- मौर्यकाल में जनपद से प्राप्त होने वाली आय को कहा जाता था –
- दुर्ग
- राष्ट्र
- राष्ट्रीय
- उपर्युक्त में से कोई नहीं।
- मगध साम्रान्य को राजधानी थी –
- चम्पा
- कौशम्बी
- पाटलिपुत्र
- उज्जैन
- सोलह महाजनपदों का उदय हुआ –
- मौर्य युग में
- बुद्ध युग में
- गुप्त युग में
- ऋग्वैदिक युग में
- निम्न में से कौन-सा महाजनपद दक्कन में स्थित था?
- कौशल
- अवंती
- अस्माल
- मत्स्य
- सर्वप्रथम सिक्कों का चलन आरंभ होता प्रतीत होता है –
- पहली शदी पू॰ लगभग से
- पाँचवीं शदी ईसा पू॰ के लगभग से
- दसवीं शदी ईसा पू॰ के लगभग से
- पाँचवी शदी ईस्वी के लगभग से
- गांधार महाजनपद की राजधानी थी –
- पटना
- महिष्मती
- हाटक
- तक्षशिला
- जनपद अस्तित्व में आ चुके थे –
- दसवीं शताब्दी ईसा पू॰
- पंद्रहवी शताब्दी ईसा पू॰ तक
- छठी शताब्दी ईसा पू॰ तक
- आठवीं शताब्दी ईसा पू॰ तक
- जनपद शब्द का शाब्दिक अर्थ है –
- जहाँ लोग अपने घर बनाते हैं।
- जहाँ लोग अपने पैर रखते हैं।
- जहाँ लोग अपने मवेशी रखते हैं
- इनमें से कोई नहीं
- मगध महाजनपद में शामिल थे ( इसके साम्रान्य बनने से भी पहले )
- अंग
- वाजी
- कुरु
- (a) और (ख) दोनों
- महाजनपदों में मूल बस्तियों की इकाई थी –
- राज्य
- शहर
- कस्बा
- गाँव
- निम्न में से 'ग्रामीण' कहलाते थे –
- सिपाही
- हाथियों तथा अश्व प्रशिक्षक
- मंच प्रबंधक
- सभी
- अभिलेखों की निम्नलिखित में कौन सीमा नहीं है?
- अभिलेख देश के कुछ ही भागों में मिलते हैं।
- कुछ अभिलेखों के अक्षर हल्के हैं।
- कुछ अभिलेखों के अक्षर लुप्त हो गये हैं।
- अभिलेख के तथ्य का अर्थ निकालना कठिन है।
- भारत में सबसे अधिक अभिलेख किसके मिले हैं?
- अशोक
- समुद्रगुप्त
- चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य
- कनिष्क
- जेम्स प्रिंसेप ने अशोककालीन ब्राह्मी लिपि का अर्थ कब निकाला?
- 1738 ई॰
- 1838 ई॰
- 1938 ई॰
- 1947 ई॰
- आह्त सिक्कों को किसने जारी किया?
- राजा ने
- व्यापारियों ने
- नागरिकों ने
- उपर्युक्त सभी ने
- उत्तरी कृष्ण मार्जित पात्र के साथ क्या नहीं मिला है?
- मोबाइल
- सोने की वस्तुएँ
- चाँदी की वस्तुएँ
- उपकरण
- प्रभावती गुप्त कौन थी?
- समुद्रगुप्त की पुत्री
- चन्द्रगुप्त द्वितीय की पुत्री
- कुमारगुप्त की पुत्री
- स्कन्दगुप्त की पुत्री
- राजा के आतंक से तंग आकार लोग क्या करते थे?
- घर में अपने को बंद करते थे।
- राजा को मार देते थे।
- घर को छोड़कर जंगल में भाग जाते थे।
- आत्महत्या कर लेते थे।
- निम्नलिखित में कौन सामन्तों से संबंधित नहीं था?
- राजा से वेतन लेते थे।
- अपना निर्वाह स्थानीय संसाधनों से करते थे।
- भूमि पर नियंत्रण रखते थे।
- शासकों का आदर करते थे।
- अशोक ने साम्राज्य को अखंड करने के लिए क्या किया?
- शक्तिशाली सेना का निर्माण किया।
- उसने धम्म का प्रचार किया।
- सीमा रक्षकों की नियुक्ति की।
- सीमा पर तार लगवायें।
- प्राचीन भारत के एक ऐसे क्षेत्र का नाम बताइए जहाँ राज्य और नगर सघन रूप से बसे थे –
- दक्षिण भारत
- उत्तर-पश्चिमोत्तर प्रान्त
- पूर्वी भारत
- पश्चिम भारत
- प्राचीनतम् अभिलेख किस भाषा में लिखे गये?
- प्राकृत
- संस्कृत
- यूनानी
- हिन्दी
- संघ या गणराज्यों में किसका शासन था?
- राजा
- लोगों के समूह का
- मंत्रियों का
- किसी का नहीं
- सबसे पहले पाटलिपुत्र (पटना) राजधानी कब बनी?
- छठी शताब्दी सा॰यु॰पू॰ में
- पाँचवी शताब्दी सा॰यु॰पू॰ में
- चौथी शताब्दी सा॰यु॰पू॰ में
- दूसरी शताब्दी सा॰यु॰पू॰ में
- वह प्रथम सम्राट कौन था जिसने पत्थरों और स्तम्भों पर प्रजा और अधिकारियों के लिए सन्देश खुदवाये?
- अशोक
- कनिष्क
- चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य
- हर्षवर्धन
लघु उत्तरीय प्रश्न
- अशोक धर्म के प्रमुख सिद्धान्त क्या थे?
- गुप्त साम्राज्य के पतन के कारणों की चर्चा करें।
Bihar Board (BSED) Previous Year Questions (PYQ)
बहुविकल्पीय
- किस भारतीय शासक को नेपोलियन की संज्ञा दी गई है? 2009A, 2013A, HP TGT (Non-Medical) TET 2018 Official Paper
- चन्द्रगुप्त मौर्य
- कनिष्क
- समुद्रगुप्त
- हर्षवर्द्धन
- सोलह महाजनपदों में सबसे शक्ति शाली महाजनपद कौन था? 2009A, 2013A
- मगध
- अवन्ती
- कोशल
- गांधार
- किस शिलालेख में अशोक के कलिंग विजय का उल्लेख है? 2009A, 2011A
- प्रथम
- सप्तम
- दशम
- तेरहवाँ
- कनिष्क की राज्यारोहण-तिथि है – 2009A, 2011A
- 48 ई॰
- 78 ई॰
- 88 ई॰
- 98 ई॰
- धम्म महामात्तों को किसने नियुक्त किया? 2009A, 2012A
- चन्द्रगुप्त मौर्य
- बिंदुसार
- अशोक
- कनिष्क
- अशोक किस वंश का शासक था? 2010A, 2014A
- नन्द वंश
- मौर्य वंश
- गुप्त वंश
- चोल वंश
- भारतीय इतिहास का कौन-सा काल स्वर्ण-काल के नाम से जाना जाता है?
- मौर्य काल
- गुप्त काल
- मुगल काल
- अंग्रेजों का काल
- प्रयाग प्रशस्ति की रचना किसने की थी? 2010A, 2013A, 2015A, 2016A
- कालिदास
- बाणभट्ट
- हरिसेन
- पतंजलि
- मौर्यकालीन 'टकसाल' का प्रधान कौन था? 2011A
- कोषाध्यक्ष
- मुद्राध्यक्ष
- पण्याध्यक्ष
- लक्षणाध्यक्ष
- 'राजतरंगिणी' के लेखक कौन थे? 2011A
- पंतजलि
- बाणभट्ट
- विशाखदत्त
- कल्हण
- अर्थशास्त्र और इंडिका से किस राजवंश के विषय में जानकारी मिलती है? 2009A, 2012A
- मौर्य वंश
- कुषाण वंश
- सातवाहन वंश
- गुप्त वंश
- 'अर्थशास्त्र' की रचना कब हुई थी? 2011A
- छठी शाताब्दी ईसा पूर्व में
- पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व में
- चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में
- तीसरी शाताब्दी ईसा पूर्व में
- पतंजलि के महाभाष्य से हमें जानकारी मिलती है – 2011A
- गुप्त काल की
- मौर्य काल की
- प्राक् मौर्य काल की
- तीसरी शाताब्दी ईसा पूर्व में
- अर्थशास्त्र के लेखक कौन थे? 2015A, 2016A
- बाल्मीकि
- मनु
- कौटिल्य
- वेदव्यास
- चौथी बौद्ध संगीति किस शासक के काल में हुई थी? 2015A, 2016A
- अशोक
- अजातशत्रु
- कालाशोक
- कनिष्क
- वज्जि को सामाजिक ग्रन्थों में कहा गया है – 2015A
- गणसंघ
- गणतंत्र
- राजतंत्र
- इनमें से सभी
- 'जनपद' शब्द का शाब्दिक अर्थ है – 2015A
- जहाँ लोग मवेशी रखते हैं
- जहाँ लोग अपना घर बनाते हैं
- (a) और (b) दोनों
- इनमें से कोई नहीं
- पंच चिह्न वाले सिक्के बने होते थे – 2015A
- सोने के
- चाँदी के
- ताँबे के
- (b) और (c) दोनों के
- अशोक द्वारा प्रचारित बौद्ध धर्म कहाँ प्रचलित नहीं हुआ? 2015A
- सोरिया
- ब्रिटेन
- श्रीलंका
- जापान
- पाटलिपुत्र नगर की स्थापना की गई थी – 2015A
- मुंडक द्वारा
- बिंबिसार द्वारा
- उदयभद्र द्वारा
- अजातशत्रु द्वारा
- प्रसिद्ध ग्रंथ 'इंडिका' रचना किसने की थी? 2010A, 2014A
- कौटिल्य
- मेगास्थनीज
- अलबेरूनी
- इत्सिंग
- प्राचीन भारत में 'धम्म' की शुरुआत किस शासक ने की थी? 2016A
- चन्द्रगुप्त मौर्य
- चन्द्रगुप्त-II
- अशोक
- कनिष्क
- 'भारत का नेपोलियन' किस शासक को कहा जाता है 2016A
- अशोक को
- समुद्रगुप्त को
- अकबर को
- चन्द्रगुप्त मौर्य को
- महावीर ने पार्श्वनाथ के सिद्धांतों में नया सिद्धांत क्या जोड़ा? 2015A, 2016A
- अहिंसा
- ब्रह्यचर्य
- सत्य
- अपरिग्रह
- मौर्य साम्राज्य का संस्थापक कौन था 2025A
- चंद्रगुप्त मौर्य
- अशोक
- बिंबिसार
- अजातशत्रु
- धम्म महामात्त का क्या कार्य था? 2025A
- धम्म का प्रचार
- राजस्व संग्रह
- मंदिर निर्माण
- इनमें से कोई नहीं
- उज्जयिनी किस महाजनपद की राजधानी थी? 2025A
- चेदि
- वत्स
- अवन्ति
- मत्स्य
लघु उत्तरीय प्रश्न
इतिहास लेखन में अभिलेखों का क्या महत्त्व है ? 2016
अभिलेखों से तात्पर्य है पाषाण, धातु या मिट्टी के बर्तनों आदि पर खुदे हुए लेखाभिलेखों से तत्कालीन राजनीतिक सामाजिक, आर्थिक तथा धार्मिक जीवन की जानकारी मिलती है, अशोक कें अभिलेखों द्वारा उसके धम्म, प्रचार-प्रसार के उपाय, प्रशासन, मानवीय पहलूओं आदि के विषय में सहज जानकारी प्राप्त कर सकते हैं । इतिहास लेखन में अभिलेख की महत्ता इससे भी स्पष्ट हो जाती है कि मात्र अभिलेखों के ही आधार पर भण्डारकर महोदय ने अशोक का इतिहास लिखने का सफल प्रयत्न कि या है ।
मौर्यकालीन इतिहास के प्रमुख स्रोतों का संक्षिप्त विवरण दें। 2009/2011/2015/2016
मौर्यकालीन इतिहास की जानकारी हेतु हमारे पास साहित्यिक एवं पुरातात्विक दोनों प्रकार के स्रोत हैं । साहित्यिक स्रोतों में कौटिल्य का अर्थशास्त्र, मेगास्थनीज की इण्डिका विशाखादत्त की मुद्राराक्षस महत्त्वपूर्ण है तो पुरातात्विक स्रोतों में अशोक के शिलालेख, स्तम्भलेख, कुम्हरार के अवशेष महत्त्वपूर्ण एवं विश्वसनीय जानकारी प्रदान करते हैं ।
अशोक के धम्म पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
अतीत के इति हासकार आमतौर पर अशोक के धम्म की व्याख्या लगभग बौद्ध मत टो पर्याय के रूप में करके यह संकेति त करते रहे हैं कि अशोक बौद्ध धर्म को राज धर्म बनाना चाह: था। उसका ऐसा कोई इरादा था यह संदेहात्मक है । धम्म का उद्देश्य एक ऐसी मानसि क वृद्धि का नि र्मा ण करना था जि समें सामाजि क उत्तरदायि त्व को एक व्यक्ति के दूसरे व्यक्ति के प्रति व्यवहार को अत्यधि क महत्वपूर्ण समझे जायें । इसमें मनुष्य की महि मा को स्वीकृति होने और समाज के कार्यकलापों में मानवीय भावना का संचार करने का आग्रह था। बुनि यादी सि द्धान्तों में अशोक ने सबसे ज्यादा सहि ष्णुता पर बल दि या। अहि ंसा धम्म का एक बुनि यादी सि द्धान्त था। धम्म की नीति में ऐसे कार्य भी शामि ल थे जो आज नागरि क के कल्याण से संबंधि त ह
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
Answer comming soon…
मौर्य साम्राज्य के नगर प्रशासन पर प्रकाश डालें।
Answer comming soon…
Bihar Board (BSED) Model Paper
बहुविकल्पीय
- किसने भारत में सर्वप्रथम स्वर्ण सिक्के जारी की?
- मौर्य
- हिंद-यूनानी
- कुषाण
- गुप्त
- जनपद शब्द इंगित करता है।
- प्रशासनिक अधिकारी
- धार्मिक सम्प्रदाय
- सामाजिक इकाई
- क्षेत्रीय इकाई
- मौर्यकाल में राजकीय कृषि का प्रधान था –
- आकराध्यक्ष
- सीताध्यक्ष
- पणयाध्यक्ष
- पौतवाध्यक्ष
- अशोक का शासन काल था –
- 270-230 ई॰ पू॰
- 269-232 ई॰ पू॰
- 260-240 ई॰ पू॰
- कोई नहीं
- अशोक का अभिलेख सर्वप्रथम पढ़ा गया –
- 1845 ई॰ में
- 1833 ई॰ में
- 1837 ई॰ में
- 1850 ई॰ में
- मुद्राराक्षस का लेखक कौन था?
- कौटिल्य
- विष्णु ईमा
- हिरषेण
- विशाखदत
- अंग जनपद की राजधानी कहाँ थी?
- पाटलिग्राम
- विराटनगर
- चम्पा
- वैशाली
लघु उत्तरीय प्रश्न
अशोक के अभिलेखों के विषय में आप क्या जानते हैं?
अशोक और उसके बाद के मौर्य सम्राटों के अध्ययन के लिए अभिलेख महत्वपूर्ण साक्ष्य है। अशोक के अभिलेखों को प्रकाश में लाने का श्रेय जेम्स प्रिंसेप को है। वह अंग्रेजी कंपनी का पदाधिकारी था। 1837 ई० में उन्होंने एक अभिलेख को पढ़ा जिसपर ब्राह्मी लिपि और प्राकृत भाषा में ^देवानांपिय* पियदस्सी अर्थात देवों के प्रिय प्रियदर्शी का उल्लेख था। 1915 में इसी प्रकार का एक अन्य लेख प्राप्त हुआ जिनपर पियदस्सी अशोक खुदा हुआ था। इस आधार पर पियदस्सी शब्द वाले अभिलेख अशोक के माने गए। अशोक के अभिलेख अनेक प्रकार के हैं। जैसे - वृहत् शिलालेख, लघु शिलालेख, स्तम्भलेख, गुहालेख आदि।
भारतीय सिक्कों का संक्षिप्त परिचय दें।
सिक्कों के प्रचलन से अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिला। भारत के प्राचीनतम सिक्के आहत सिक्के हैं। इनका चलन छठी शताब्दी ईस्वी पूर्व में आरंभ हुआ। ये चांदी और तांबा के बने थे। इनपर सिर्फ कुछ चिह्न बने थे। इन्हें जारी करने की आकृति एवं लेख नहीं है। चिह्नों के आधार पर ही इन्हें राजवंशों से जोड़ा गया है। संभवतः कुछ सिक्के व्यापारियों एवं धनी नागरिकों द्वारा भी जारी किए गए। मयूर के छाप वाले सिक्के मौर्यों के माने गए। मौर्यों ने सिक्कों को ढालने पर राजकीय नियंत्रण स्थापित किया। हिन्द यूनानियों के समय से सिक्कों को ढालने में क्रांतिकारी परिवर्तन आया। सोने के सिक्के सर्वप्रथम इन्होंने ही जारी किया। सातवाहनों ने भी मूल्यवान धातु के सिक्के चलाए। ईसा के छठी शताब्दी तक सिक्कों की संख्या कम हो गयी।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
अशोक भारत सहित विश्व के महान शासकों में स्थान रखता है। बौद्ध स्रोतों के अनुसार उसने उत्तराधिकार युद्ध में 99 भाइयों की हत्या कर गद्दी प्राप्त की। लेकिन उत्तराधिकार का यह युद्ध सही प्रतीत नहीं होता है। आरंभ में अशोक का उल्लेख चंडाशोक परन्तु बाद में धर्माशोक के रूप में किया गया।
अशोक कलिंग युद्ध के बाद हृदय परिवर्तित हो गया। उसने दिग्विजय की नीति त्याग दी तथा धम्मविजय को अपनाया।
अशोक ने समाज में सभी वर्गों के बीच सद्भाव एवं सामंजस्य स्थापित करने के लिए धम्म की नीति का पालन किया धम्म वस्तुतः सभी धर्मों का सार रूप था। इससे सामाजिक आचार संहिता भी कहा जाता हैं उसने धम्म के माध्यम से सत्य, अहिंसा, सदाचार मधुर वाणी, लोक कल्याण, दया, दान एवं क्षमा की भावना को अपनाने एवं ईर्ष्या, क्रोध लालच तृष्णा एवं घृणा का परित्याग करने की बात कही।
अशोक विश्व का अनोखा शासक था जिसने अपने प्रजा को पुत्र के समान समझा। उसने प्रजा के कल्याण के लिए अनेक कल्याणकारी कार्य किया। यात्रियों की सुविधा के लिए सड़कों के किनारे वृक्ष लगवाया, पेयजल की सुविधा के लिए कुँआ खुदवाया, उनके सराय का निर्माण करवाया, पशु-पक्षियों की हत्या को कम करने का आदेश दिया। जरुरत मंदों को दान दिया।
इस प्रकार अशोक की अहिंसा की नीति, धम्म की नीति, लोक कल्याण की नीति महत्वपूर्ण उपलब्धियों में है। इसी उपलब्धियों के कारण अशोक को महान भी कहा जाता है।
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