
Book Based Questions (BBQs)
जड़त्व का गुण
- किसी-किसी वस्तु में होता है
- प्रत्येक वस्तु में होता है
- किसी भी वस्तु में नहीं होता है
- केवल गति शील वस्तु में होता है
सही विकल्प (b) है।
जब किसी वस्तु की गति त्वरित होती है तो
- उसकी चाल में हमेशा वृद्धि होती है
- उसके वेग में हमेशा वृद्धि होती है
- वह हमेशा पृथ्वी की ओर गिरती है
- उसपर हमेशा कोई बल कार्य करता है
सही विकल्प (d) है।
गति करने के लिए स्वतंत्र किसी वस्तु पर कोई बल लगाया गया। यदि बल का परिमाण तथा वस्तु का द्रव्यमान ज्ञात हो, तो न्यूटन के दूसरे नियम की सहायता से हम
- वस्तु का भार ज्ञात कर सकते हैं
- वस्तु की चाल ज्ञात कर सकते हैं
- वस्तु का त्वरण ज्ञात कर सकते हैं
- वस्तु की स्थिति ज्ञात कर सकते हैं
सही विकल्प (c) है।
यदि गति करने के लिए स्वतंत्र 1 kg द्रव्यमान की किसी वस्तु पर 1 N बल लगाया जाए, तो वह
- 1 m/s की चाल से गति करेगी
- 1 km/s की चाल से गति करेगी
- 10 m/s2 के त्वरण से गति शील होगी
- 1 m/s2 के त्वरण से गति शील होगी
सही विकल्प (d) है।
जब किसी वस्तु पर कोई बाह्य बल लगता है तब वह बल की दिशा में त्वरित हो जाती है। इस प्रकार उत्पन्न त्वरण वस्तु
- पर लगे बल के समानुपाती होता है
- के वेग के समानुपाती होता है
- के द्रव्यमान के समानुपाती होता है
- के जड़त्व के समानुपाती होता है
सही विकल्प (a) है।
कोई अचर बल 0.68 kg द्रव्यमान के किसी पिंड में 0.08 m/s2 का त्वरण उत्पन्न करता है, तो बल का परिमाण है
- 0.048 N
- 0 N
- 48 N
- 0.48 N
सही विकल्प (a) है।
कोई बल 10 g द्रव्यमान की वस्तु A में 8 m/s2 का त्वरण उत्पन्न करता है और कोई टूसरा बल 20 g द्रव्यमान की वस्तु
- B की अपेक्षा A पर बड़ा बल लगा है
- A की अपेक्षा B पर बड़ा बल लगा है
- A और B दोनों पर समान बल लगा है
- A और B दोनों पर लगा बल शून्य है
सही विकल्प (b) है।
सही विकल्प (d) है।
सही विकल्प (a) है।
न्यूटन के गति के तीसरे नियम के अनुसार क्रिया तथा प्रतिक्रिया से संबद्ध बल
- हमेशा एक ही वस्तु पर लगे होने चाहिए
- भिन्न-भिन्न वस्तुओं पर लगे हो सकते हैं
- हमेशा भिन्न-भिन्न वस्तुओं पर ही लगे होने चाहिए
- का परिमाण बराबर होना जरूरी नहीं है, किंतु उनकी दिशा समान होनी चाहिए
सही विकल्प (c) है।
किसी बल्लेबाज द्वारा क्रिकेट की गेंद को मारने पर गेंद जमीन पर लुढ़कती है। कुछ दूरी चलने के पश्चात गेंद रुक जाती है। गेंद रुकने के लिए धीमी होती है, क्योंकि
- बल्लेबाज ने गेंद को पर्याप्त प्रयास से हिट नहीं किया है
- वेग गेंद पर लगाए गए बल के समानुपाती है
- गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है
- गेंद पर कोई असंतुलित बल कार्यरत नहीं है, अतः गेंद विरामावस्था में आने के लिए प्रयासरत है
सही विकल्प (c) है।
सही विकल्प (c) है।
जिस गुण के कारण कोई पिंड अपने विराम की अवस्था बनाए रखना चाहता है, उसे … कहते हैं।
- बल
- त्वरण
- जड़त्व
- वेग
सही विकल्प (c) है।
5 kg द्रव्यमान के गेंद में 30 m/s2 का त्वरण उत्पन्न करने के लिए … न्यूटन बल की आवश्यकता होगी।
- 16
- 15
- 17
- 18
सही विकल्प (b) है।
60 km/h के वेग से चलती मोटरसाइकिल का जड़त्व 20 km/h के वेग से चलती मोटरगाड़ी के जड़त्व से होता है।
- कम
- अधिक
- बराबर
- इनमें से कोई नहीं
सही विकल्प (a) है।
सही विकल्प (d) है।
किसी 3 kg द्रव्यमान की वस्तु पर 12 N का बल लगाने से उसमें उत्पन्न त्वरण होगा
- 5 m/s2
- 6 m/s2
- 4 m/s2
- 7 m/s2
सही विकल्प (d) है।
किसी विलग निकाय (isolated system) में संवेग (momentum) …. रहता है।
- प्रतिक्षित
- अनुक्षित
- संरक्षित
- इनमें से कोई नहीं
सही विकल्प (d) है।
सही विकल्प (d) है।
सही विकल्प (d) है।
सही विकल्प (d) है।
बल की परिभाषा मिलती है :
- गति के प्रथम नियम से
- गति के दूसरे नियम से
- गति के तीसरे नियम से
- गुरुत्वाकर्षण के नियम से
सही विकल्प (d) है।
गाड़ी में बैठा यात्री गाड़ी के अचानक चलने पर पीछे की ओर झुक जाता है
- गुरुत्व के कारण
- विराम के जड़त्व के कारण
- डर के कारण
- जानबुझकर
सही विकल्प (d) है।
किसी बल के कारण पिण्ड मे उत्पन्न त्वरण :
- द्रव्यमान के समानुपाती होता है
- द्रव्यमान के व्युत्क्रमानुपाती होता है
- बल के व्युत्क्रमानुपाती होता है
- द्रव्यमान के बराबर होता है।
सही विकल्प (d) है।
दो पिंडों के संवेग समान हैं। यदि उनकी मात्राएँ भिन्न हों तो :
- उनके वेग समान होंगे
- हल्के पिंड का वेग अधिक होगा
- भारी पिंड का वेग अधिक होगा
सही विकल्प (d) है।
किसी पिंड के वेग की दुगुना किया जायगा, तो
- संवेग दुगुना हो जायगा
- त्वरण आधा हो जायगा
- गतिज ऊर्जा दुगुनी हो जायगी
सही विकल्प (d) है।
समरूप वेग से गतिशील खुली गाड़ी में बैठा एक आदमी गेंद ऊपर की ओर फेंकता है। गेंद गिरेगा :
- आदमी के हाथ में
- आदमी के आगे
- आदमी के पीछे
सही विकल्प (d) है।
सही विकल्प (d) है।
संवेग में परिवर्त्तन की दर लगाए गए बल के समानुपाती होती है। यह है :
- न्यूटन के गति का दूसरा नियम
- न्यूटन के गति का पहला नियम
- न्यूटन के गति का तीसरा नियम
- गुरुत्वाकर्षण नियम
सही विकल्प (d) है।
किसी वस्तु के जड़त्व (inertia) की माप होती है
- वस्तु की चाल से
- वस्तु कहाँ स्थित है उससे
- वस्तु के द्रव्यमान से
- इनमें कोई सही नहीं है
सही विकल्प (d) है।
साइकिल, मोटरसाइकिल, कार और रेलगाड़ी में किसका जड़त्व अधिक है?
- सभी के जड़त्व बराबर हैं
- मोटरसाइकिल का जड़त्व अधिक है
- रेलगाड़ी का जड़त्व अधिक है
सही विकल्प (d) है।
सही विकल्प (d) है।
सही विकल्प (d) है।
सही विकल्प (d) है।
यदि F परिमाण का बल m द्रव्यमान की वस्तु में a त्वरण उत्पन्न करता है, तो
- a ∝ m
- a ∝
- a ∝
- a = F × m
सही विकल्प (d) है।
किसी वस्तु के द्रव्यमान, उसके त्वरण तथा उसपर आरोपित बल के बीच क्या संबंध होता है?
- बल = द्रव्यमान × त्वरण
- बल = द्रव्यमान + त्वरण
- बल = द्रव्यमान − त्वरण
- बल = द्रव्यमान / त्वरण
सही विकल्प (d) है।
घर्षण बल हमेशा कार्य करता है
- गति की दिशा में
- गति की विपरीत दिशा में
- गति की लंबवत दिशा में
- इनमें कोई सही नहीं है
सही विकल्प (d) है।
किसी वस्तु का संवेग (momentum)
- केवल उसके द्रव्यमान पर निर्भर करता है
- केवल उसके वेग पर निर्भर करता है
- द्रव्यमान और वेग दोनों पर निर्भर करता है
- न तो द्रव्यमान पर और न ही वेग पर निर्भर करता है
सही विकल्प (d) है।
सही विकल्प (d) है।
निम्नलिखित में किन दो राशियों का SI मात्रक kg m/s होता है?
- संवेग और आवेग
- बल और संवेग
- आवेग और वेग
- संवेग और विस्थापन
सही विकल्प (d) है।
संवेग में परिवर्तन की दर (rate of change of momentum), निम्नलिखित में किस राशि को सूचित करती है?
- त्वरण को
- द्रव्यमान को
- बल को
- इनमें किसी को नहीं
सही विकल्प (d) है।
यदि द्रव्यमान की कोई वस्तु पृथ्वी की सतह पर रखी हो, तो उसका भार होगा
- m
- m से कम
- mg
- इनमें कोई नहीं
सही विकल्प (d) है।
"प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत प्रति क्रिया होती है" – यह है
- न्यूटन के गति का प्रथम नियम
- न्यूटन के गति का तृतीय नियम
- गैलीलि यो का नियम
- न्यूटन के गति का द्वितीय नियम
सही विकल्प (d) है।
यदि m1 तथा m2 द्रव्यमान के दो पिंडों के टकराने के पहले उनके वेग क्रमशः u1 तथा u2 एवं टक्कर के बाद उन पिंडों के वेग क्रमशः v1 तथा v2 हों, तो संवेग-संरक्षण के सिद्धांत के अनुसार निम्नांकित में कौन मान्य है?
- m1u1 − m2u2 = m1v1 − m2v2
- m1u1 + m2u2 = m1v1 + m2v2
- m1u1 − m2u2 = m1v1 + m2v2
- m1u1 + m2u2 = m1v1 − m2v2
सही विकल्प (d) है।
बंदूक का प्रतिक्षेप (recoil of the gun) किसके संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है?
- बलों के
- संवेग के
- ऊर्जा के
- वेग के
सही विकल्प (d) है।
5 kg द्रव्यमान के एक पिंड पर कितना बल लगाने से उसमें 2 m/s2 का त्वरण उत्पन्न होगा?
- 5 N
- 10 N
- 2 N
- 7 N
सही विकल्प (d) है।
3 kg की वस्तु पर यदि 3 N का बल लगता हो, तो उस वस्तु में उत्पन्न त्वरण होगा
- 3 m/s2
- 9 m/s2
- 1 m/s2
- 6 m/s2
सही विकल्प (d) है।
30 N का एक बल 6 kg द्रव्यमान की वस्तु पर 2 s तक कार्य करता है, तो वस्तु का त्वरण होगा
- 5 m/s2
- 30 m/s2
- 6 m/s2
- 0 (शून्य)
सही विकल्प (d) है।
दो पिंडों पर एकसमान बल (Uniform force) आरोपित करने पर यह पाया गया कि एक वस्तु A में उत्पन्न त्वरण दूसरे वस्तु B में उत्पन्न त्वरण से चार गुना है। ऐसी स्थिति में पहली और दूसरी वस्तु के द्रव्यमान का अनुपात होगा
- 1
सही विकल्प (d) है।
यदि 2 kg द्रव्यमान की किसी वस्तु A में 5 m/s2 का त्वरण उत्पन्न करने के लिए F1 बल की आवश्यकता होती है और 4 kg द्रव्यमान की दूसरी वस्तु B में 2 m/s2 का त्वरण उत्पन्न करने के लिए F2 बल की आवश्यकता होती है, तो निम्नलिखित में कौन सही है?
- F1 = F2
- F1 > F2
- F1 < F2
- इनमें कोई सही नहीं है
सही विकल्प (d) है।
एक मोटरगाड़ी का द्रव्यमान 1200 kg है। यदि मोटरगाड़ी को 1.5 m/s2 के ऋणात्मक त्वरण (negative acceleration), अर्थात मंदन (retardation) के साथ विरामावस्था में लाना हो, तो मोटरगाड़ी और सड़क के बीच लगनेवाला घर्षण बल होगा
- −1200 N
- −1500 N
- −1800 N
- −2000 N
सही विकल्प (d) है।
0.5 kg द्रव्यमान की एक पुस्तक टेबुल पर रखी है। पुस्तक का संवेग कि तना होगा?
- 0.5 kg m/s
- 5 kg m/s
- 1.5 kg m/s
- 0 (शून्य)
सही विकल्प (d) है।
100 kg द्रव्यमान की एक वस्तु 5 m/s के वेग से चल रही है, तो इसका संवेग (momentum) होगा
- 100 kg m/s
- 5 kg m/s
- 500 kg m/s
- 105 kg m/s
सही विकल्प (d) है।
एक बंदूक से 0.03 kg की एक गोली 20 m/s के वेग से छोड़ी जाती है। यदि बंदूक 10 m/s के वेग से पीछे हटती हो, तो बंदूक का द्रव्यमान होगा
- 0.04 kg
- 0.06 kg
- 20 kg
- 10 kg
सही विकल्प (d) है।
0.06 kg की एक गोली एक पिस्टल से 40 m/s के वेग से छोड़ी जाती है। यदि पिस्टल 20 m/s के वेग से पीछे हटती है, तो इसका द्रव्यमान होगा
- 0.06 kg
- 40.06 kg
- 0.12 kg
- 20 kg
सही विकल्प (d) है।
36 N का बल 6 kg द्रव्यमान पर कि तनी देर तक लगे कि उसका वेग 12 m s−1 हो जाए?
- 12 s
- 6 s
- 3 s
- 2 s
सही विकल्प (d) है।
2400 kg द्रव्यमान की एक कार 10 m/s की चाल से चल रही है। कार की चाल 30 s में घटकर 7.5 m/s हो जाती है। कार पर लगनेवाला औसत मंदन बल होगा
- 2400 N
- 2000 N
- 200 N
- 10 N
सही विकल्प (d) है।
शक्ति (strength) की दृष्टि से न्यूनतम प्रबलता की अन्योन्य क्रिया है
- विद्युत-चुंबकीय
- नाभिकीय
- गुरुत्वीय
- मंद अन्योन्य क्रिया
सही विकल्प (d) है।
किसी परमाणु में प्रोटॉन एवं इलेक्ट्रॉम के बीच लगनेवाले बल की प्रकृति होती है
- केवल नाभिकीय
- केवल विद्युत-चुंबकीय
- केवल गुरुत्वीय
- गुरुत्वीय एवं विद्युत-चुंबकीय दोनों
सही विकल्प (d) है।
किसी परमाणु के नाभिक के अंदर दो प्रोटॉनों के बीच लगनेवाला बल होता है
- केवल गुरुत्वीय
- केवल विद्युत-चुंबकीय
- केवल नाभिकीय
- गुरुत्वीय, विद्युत-चुंबकीय एवं नाभिकीय तीनों
सही विकल्प (d) है।
न्यूट्रॉन एवं प्रोटॉन के बीच लगनेवाले अन्योन्य क्रिया (interaction) की प्रकृति होती है
- केवल गुरुत्वीय
- केवल विद्युत-चुंबकीय
- नाभिकीय एवं विद्युत-चुंबकीय
- गुरुत्वीय एवं नाभिकीय
सही विकल्प (d) है।
यदि सभी पदार्थ केवल न्यूट्रॉन जैसे विद्युतीय रूप से उदासीन (electrically neutral) कणों से मिलकर बने होते, तब
- घर्षण का अस्तित्व नहीं होता
- डोरी में तनाव नहीं होता
- स्प्रिंग बल का अस्तित्व नहीं होता
- इनमें सभी कथन सही हैं
सही विकल्प (d) है।
यदि g, e तथा n द्वारा क्रमशः गुरुत्वीय, विद्युत-चुंबकीय और नाभिकीय बलों की प्रबलताएँ व्यक्त की जाएँ, तो कुछ दूरी से विलग रहने पर दो इलेक्ट्रॉनों के बीच आरोपित इन बलों के लिए
- e > n > g
- e > g > n
- n > e > g
- g > n > e
सही विकल्प (d) है।
किसी कण को अनेक बलों के अधीन संतुलन में रहने के लिए आवश्यक शर्त है
- बलों का सदिश योगफल शून्य नहीं हो
- परिमाणी बल के x, y तथा z घटक में से कोई घटक शून्य हों
- परिणामी बल के तीनों घटक शून्य हों
- बलों का सदिश योगफल समय के साथ बदलता हो
सही विकल्प (d) है।
घर्षण बल लगता है आपेक्षिक गति की
- दिशा में
- दिशा के विपरीत
- दिशा के लंबवत
- दिशा के साथ किसी भी कोण पर
सही विकल्प (d) है।
सही विकल्प (d) है।
एक क्षैतिज टेबुल पर रखे 2 kg के पिंड को मात्र खिसकाने के लिए 10 N का क्षैतिज बल आवश्यक है। यदि इस पिंड पर 20 N का बल क्षैतिजतः आरोपित हो, तो इसका त्वरण होगा
- 3 m s−2
- 4 m s−2
- 5 m s−2
- इनमें कोई नहीं
सही विकल्प (d) है।
सही विकल्प (d) है।
घर्षण गुणांक
- एक विमाहीन राशि है
- की विमा MLT−2 है
- दो संस्पर्श-सतहों (contact ऽufaces) के बीच लगनेवाला घर्षण बल है
- इनमें कोई नहीं
सही विकल्प (d) है।
यदि घर्षण गुणांक μ हो, तो नत समतल (inclined plane) पर रखी एक वस्तु नीचे की ओर तब सरकने लगेगी जब नत समतल के झुकाव का कोण निम्नलिखित से थोड़ा अधिक हो
- tan μ
- tan−1 μ
- tan−1
- tan
सही विकल्प (d) है।
100 kg द्रव्यमान की एक वस्तु को खींचने के लिए 4 kg-wt बल की आवश्यकता होती है। वस्तु और सतह के बीच घर्षण गुणांक है
- 0.1
- 0.01
- 0.04
- 0.04 N
सही विकल्प (d) है।
यदि अभिलंब बल दुगुना कर दिया जाए तो घर्षण गुणांक
- दुगुना हो जाएगा
- चौगुना हो जाएगा
- समान रहेगा
- आधा हो जाएगा
सही विकल्प (d) है।
एक आनत तल का झुकाव कोण 30° होने पर उसपर स्थित एक पिंड नीचे की ओर ठीक फिसलने की स्थिति में होता है। A के स्थान पर एक दूसरा पिंड B रखने पर पाया जाता है कि तल का झुकाव का कोण 40° होने पर पिंड तल पर नीचे की ओर ठीक फि सलने की स्थिति में आता है। तब
- निश्चित रूप से A की मात्रा > B की मात्रा
- निश्चित रूप से A की मात्रा > B की मात्रा
- निश्चित रूप से A की मात्रा = B की मात्रा
- A तथा B के लिए घर्षण गुणांक भिन्न है
सही विकल्प (d) है।
गुरुत्व के अधीन निर्बाध रूप से गिरते हुए पिंड से बँधी डोरी में तनाव
- शून्य होता है
- पिंड के द्रव्यमान पर निर्भर करता है
- पिंड के वेग पर निर्भर करता है
- गुरुत्वीय त्वरण के मान पर नि र्भर करता है
सही विकल्प (d) है।
एक रुक्ष (rough) नत तल पर नीचे की ओर खिसकने वाले पिंड का त्वरण है
- g (sin θ + μ cos θ)
- g (sin θ − μ cos θ)
- g sin θ
- μ cos θ
सही विकल्प (d) है।
एक चिकने क्षैतिज टेबुल पर एक हलके धागे के प्रत्येक सिरे को 5 N के बल से खींचकर तान दिया गया है। धागे के मध्यबिंदु पर तनाव का मान होगा
- शून्य
- 5 N
- 10 N
- अनंत
सही विकल्प (d) है।
एक ठोस गोला, एक रुक्ष आनत तल पर लोटन करता हुआ नीचे की ओर आता है। गोले पर घर्षण बल की दिशा होगी
- ऊपर की ओर
- नीचे की ओर
- घर्षण शून्य होगा
- निर्धारित नहीं किया जा सकता
सही विकल्प (d) है।
संतुलन के लिए आवश्यक है
- संवेग का शून्य होन
- त्वरण का शून्य होना
- वेग का शून्य होना
- गतिज ऊर्जा का शून्य होना
सही विकल्प (d) है।
रॉकेट प्रक्षेपण जिस सिद्धांत पर आधारित है, वह है
- नाभिकीय संलयन
- नाभिकीय विखंडन
- न्यूटन का गति नियम
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय
सही विकल्प (d) है।
किसी रुक्ष क्षैतिज तल पर रखे 10 kg द्रव्यमान का एक आयताकार ब्लॉक 15 N के बल से क्षैतिज दिशा में खींचा जाता है। यदि संपर्क सतहों के बीच घर्षण गुणांक μ = 0.2 तथा g = 10 m s−2 हो, तो ब्लॉक
- 20 N के घर्षण बल का अनुभव करेगा
- 15 N के घर्षण बल का अनुभव करेगा
- 1.5 m s−2 के त्वरण से आरोपित बल की दिशा में गतिशील होगा
- 0.5 m s−2 के त्वरण से आरोपित बल की दिशा के विपरीत गति शील होगा
सही विकल्प (d) है।
Value Based Questions (VBQs)
एक 20 मी लम्बी छड़ है। इसके दोनों अन्तों पर 8 किग्रा तथा 12 किग्रा भार लटक रहा है, यदि छड़ का भार 6 क्रिग्रा हो, तो सन्तुलन बिन्दु 12 क्रिग्रा भार से कितनी दूरी पर होगा?
- 1.54 मी
- 1.6 मी
- 8.46 मी
- 1.2 मी
सही विकल्प (d) है।
संलग्न चित्र प्रदर्शित करता है
- प्रथम श्रेणी का उत्तोलक
- द्वितीय श्रेणी का उत्तोलक
- तृत्तीय श्रेणी का उत्तोलक
- कोई उत्तोलक नहीं
सही विकल्प (d) है।
150 किग्रा की एक तोप से 1.5 किग्रा का एक गोला दागा जाता है जो 60 मी/से के वेग से निकलता है। तोप के पीछे हटने का वेग होगा।
- 10.5 मी/से
- 6 मी/से
- 0.6 मी/से
- इनमें से कोई नहीं
सही विकल्प (d) है।
500 क्रिग्रा की एक क्रेन 36 किमी/घण्टा के वेग से 50 मी त्रिज्या से मुड़ती है। अभिकेन्द्रीय बल होगा
- 1500 N
- 1000 N
- 750 N
- 500 N
सही विकल्प (d) है।
0.1 किग्रा द्रव्यमान के एक गुटके को एक दीवार से 5 न्यूटन के क्षैतिज बल द्वारा सटाकर रखा गया है। यदि गुटके एवं दीवार के बीच घर्षण गुणांक 0.5 है, तब गुटके पर कार्य करने वाले घर्षण-बल का मान होगा
- 2.5 न्यूटन
- 0.98 न्यूटन
- 4.5 न्यूटन
- 0.49 न्यूटन
सही विकल्प (d) है।
सही विकल्प (d) है।
रेल की पटरियाँ किनारों से क्यों मुड़ी होती हैं?
- रेलगाड़ी के भार के ऊर्ध्वाधर घटक से आवश्यक अपकेन्द्री बल प्राप्त करने के लिए
- रेलगाड़ी के पहियों और पटरियों के बीच किसी भी प्रकार का घर्षण बल उत्पन्न नहीं करने के लिए
- रेलगाड़ी के भार के क्षैतिज घटक से आवश्यक अभिकेन्द्री बल प्राप्त करने के लिए
- रेलगाड़ी को अन्दर की ओर गिरने से बचाने के लिए
सही विकल्प (d) है।
सही विकल्प (d) है।
किसी वस्तु का जड़त्व निर्भर करता है
- वस्तु के गुरुत्व केन्द्र पर
- गुरुत्वीय त्वरण पर
- वस्तु के द्रव्यमान पर
- वस्तु के आकार पर
सही विकल्प (d) है।
यदि गति करने के लिए स्वतन्त्र 1 किग्रा द्रव्यमान की किसी वस्तु पर 1 न्यूटन बल लगाया जाए, तो वह गति करेगी
- 1 मी से−1 की चाल से
- 1 किमी से−1 की चाल से
- 1 मी से−2 से त्वरण से
- एकसमान वेग
सही विकल्प (d) है।
सही विकल्प (d) है।
High Order Thinking Skills (HOTs)
गति के तीसरे नियम के अनुसार क्रिया एवं प्रतिक्रिया
- सदैव एक ही वस्तु पर लगती हैं
- सदैव दो भिन्न वस्तुओं पर विपरीत दिशाओं में कार्य करती हैं
- के परिमाण एवं दिशाएँ समान होती हैं
- किसी भी एक वस्तु पर एक दूसरे के अभिलंबवत् कार्य करती हैं
सही विकल्प (d) है।
फुटबाल के खेल में कोई गोलरक्षक गोल पर तीव्र गति से आती बॉल को पकडने के पश्चात् अपने हाथों को पीछे की ओर खींचता है। ऐसा करके गोल रक्षक
- बॉल पर अधिक बल लगा पाता है
- बॉल द्वारा हाथों पर लगाए गए बल को कम कर पाता है
- संवेग-परिवर्तन की दर में वृद्धि कर पाता है
- संवेग परिवर्तन की दर में कमी कर पाता है
सही विकल्प (d) है।
किसी पिंड का जडत्व
- उसकी चाल बढ़ाता है
- उसकी चाल कम करता है
- उसकी गति की अवस्था में परिवर्तन को प्रतिरोधित करता है
- घर्षण के कारण अवमंदित करता है
सही विकल्प (d) है।
कोई यात्री किसी गतिमान रेलगाडी में एक सिक्का उछालता है जो उसके पीछे गिरता है। इसका यह अर्थ है कि रेलगाड़ी की गति
- त्वरित है
- एकसमान है
- अवमंदित है
- वृत्ताकार पथ के अनुदिश है
सही विकल्प (d) है।
2 kg द्रव्यमान का कोई पिंड किसी घर्षणहीन क्षैतिज मेज पर 4 ms−1 के नियत वेग से फिसल रहा है। इस वस्तु की इसी वेग से गति बनाए रखने के लिए आवश्यक बल है
- 32 N
- 0 N
- 2 N
- 8 N
सही विकल्प (d) है।
रॉकेट किस नियम पर कार्य करता है
- द्रव्यमान संरक्षण नियम पर
- ऊर्जा संरक्षण नियम पर
- संवेग संरक्षण नियम पर
- वेग संरक्षण नियम पर
सही विकल्प (d) है।
- पीछे की ओर गति करेगा
- आगे कौ ओर गति करेगा
- प्रभावित नहीं होगा
- ऊपर की ओर उठेगा
सही विकल्प (d) है।
कोई गेंद एक समान स्थानांतरीय गति कर रही है। इसका अर्थ है कि –
- यह वि राम अवस्था में है।
- इसका पथ सरल रेखीय अथवा वृत्ताकार हो सकता है और गेंद एक समान चाल से चल रही है।
- गेंद के सभी भागों का वेग (परिमाण एवं दिशा) समान है तथा यह वेग नियत है।
- गेंद का केंद्र अचर वेग से गति करता हे तथा गेंद अपने केंद्र के परितः एक समान घूर्णन करती हे।
सही विकल्प (d) है।
कोई मीटर स्केल एक समान वेग से गति मान है। इसका अर्थ है कि –
- स्केल पर लगने वाले बल का परिमाण शून्य है। परंतु स्केल पर द्रव्यमान केंद्र के परि तः कोई बल-आघूर्ण कार्य कर सकता है।
- स्केल पर लगने वाले बल का परिमाण शून्य है और स्केल के द्रव्यमान केंद्र के परितः कार्य करने वाला बल आघूर्ण भी शून्य है।
- इस पर लगने वाला कुल बल शून्य होना आवश्यक नहीं है परंतु इस पर कार्य करने वाला बल-आघूर्ण शून्य है।
- स्केल पर कार्य करने वाले न तो बल और न ही बल आघूर्ण का शून्य होना आवश्यक है।
सही विकल्प (d) है।
150 g द्रव्यमान को किसी क्रिकेट की गेंद का प्राराभिक वेग
- शून्य
- −(0.45
+ 0.6 ) - −(0.9
+ 1.2 ) - −5(
+ )
सही विकल्प (d) है।
150 g द्रव्यमान को किसी क्रिकेट की गेंद का प्राराभिक वेग
- शून्य
- 0.75 kg ms−1
- 1.5 kg ms−1
- 14 kg ms−1
सही विकल्प (d) है।
कणों के बीच संघूट में संवेग संरक्षण का अवबोधन कि स आधार पर कि या जा सकता है?
- ऊर्जा संरक्षण
- केवल न्यूटन का प्रथम नियम
- केवल न्यूटन का द्वितीय नियम
- न्यूटन के द्वितीय एवं तृतीय नियम
सही विकल्प (d) है।
हॉकी का कोई खि लाड़ी वि पक्षी से बचने के लि ए उत्तर दि शा में जाते-जाते पूर्ववर्ती चाल से ही अचानक पश्चिम की ओर मुड़ जाता है। खि लाड़ी पर लगने वाला बल है :
- पश्चिम दिशा में घर्षण बल
- दक्षिण दिशा में पेशीय बल
- दक्षिण-पश्चिम दिशा में घर्षण
- दक्षिण-पश्चिम दिशा में पेशीय बल
सही विकल्प (d) है।
2 kg द्रव्यमान का कोई पिंड समीकरण x(t) = pt + qt2 + rt3 के अनुसार गति करता है, यहाँ p = 3 ms−1, q = 4 m s−2 और r = 5 m s−3 है। t = 2 s पर पिंड पर लगने वाला बल है –
- 136 N
- 134 N
- 158 N
- 68 N
सही विकल्प (d) है।
5 kg द्रव्यमान के किसी पिंड पर कोई बल
- कभी नहीं
- 10 s
- 2 s
- 15 s
सही विकल्प (d) है।
विराम अवस्था से गति आरंभ करने वाली m द्रव्यमान को किसी कार का 2 s में पूर्व दिशा में वेग
पूर्व दिशा के अनुदिश है और कार के इंजन द्वारा लगाया जाता है। पूर्व दिशा के अनुदिश है और सड़क तथा टायरों के बीच घर्षण के कारण है। से अधिक पूर्व के अनुदिश है तथा यह इंजन द्वारा सड़क के घर्षण से पार पाने के लिए लगता है। है जो इंजन के कारण लगता है।
सही विकल्प (d) है।
Higher Order Thinking Skills
Level - 1
0.15 kg द्रव्यमान की एक गेंद को 10 m की ऊँचाई से गिराया जाता है, जो ज़मीन से टकराकर उसी ऊँचाई तक वापस आती है। गेंद को दिए गए आवेग (impulse) का परिमाण लगभग है (g = 10 m/s2)
- 0
- 4.2 kg-m/s
- 2.1 kg-m/s
- 1.4 kg-m/s
सही विकल्प (d) है।
एक ट्रक रुका हुआ है और उसमें एक बॉब है जो ट्रक से जुड़े एक फ्रेम में एक हल्की डोरी से लटका हुआ है। ट्रक अचानक a के एक्सेलरेशन के साथ दाईं ओर चलता है। पेंडुलम झुकेगा
- बाईं ओर और पेंडुलम का वर्टिकल के साथ झुकाव का एंगल sin−1
है - बाईं ओर और पेंडुलम का वर्टिकल के साथ झुकाव का एंगल tan−1
है - बाईं ओर और पेंडुलम का वर्टिकल के साथ झुकाव का एंगल sin−1
है - बाईं ओर और पेंडुलम का वर्टिकल के साथ झुकाव का एंगल tan−1
है
सही विकल्प (d) है।
10 ग्राम द्रव्यमान की एक गोली 400 मीटर/सेकंड के वेग से क्षैतिज दिशा में चलते हुए 2 किलोग्राम द्रव्यमान के लकड़ी के गुटके से टकराती है, जो 5 मीटर लंबी हल्की, न खिंचने वाली डोरी से लटका हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, गुटके का गुरुत्व केंद्र 10 सेंटीमीटर की ऊर्ध्वाधर दूरी तक ऊपर उठ जाता है। गुटके से क्षैतिज रूप से बाहर निकलने के बाद गोली की गति होगी
- 100 m/s
- 80 m/s
- 120 m/s
- 160 m/s
सही विकल्प (d) है।
एक विस्फोट एक चट्टान को क्षैतिज तल में तीन भागों में तोड़ देता है। उनमें से दो एक-दूसरे के समकोण पर जाते हैं। 1 किलोग्राम द्रव्यमान का पहला भाग 12 ms−1 की गति से चलता है और 2 किलोग्राम द्रव्यमान का दूसरा भाग 8 ms−1 की गति से चलता है। यदि तीसरा भाग 4 ms−1 की गति से उड़ता है, तो उसका द्रव्यमान है
- 3 kg
- 5 kg
- 7 kg
- 17 kg
सही विकल्प (d) है।
दो कण A और B, क्रमशः rA और rB त्रिज्या वाले संकेंद्रित वृत्तों में एकसमान वृत्तीय गति से vA और vB चाल से चल रहे हैं। उनके घूर्णन का आवर्तकाल समान है। A की कोणीय चाल और B की कोणीय चाल का अनुपात होगा
- VA : VB
- rB : rA
- 1 : 1
- rA : rB
सही विकल्प (d) है।
m द्रव्यमान की एक वस्तु को एक खुरदरी क्षैतिज सतह (घर्षण गुणांक = μ) पर रखा गया है। वस्तु पर क्षैतिज बल लगाया जाता है, लेकिन वह हिलती नहीं है। अभिलंब प्रतिक्रिया और वस्तु पर लगने वाले घर्षण बल का परिणामी F दिया गया है, जहाँ F है
- |F| = mg + μ mg
- |F| = μ mg
- |F| ≤ mg
- |F| = mg
सही विकल्प (d) है।
इनमें से कौन सा कथन गलत है?
- घर्षण बल सापेक्ष गति का विरोध करता है
- स्थैतिक घर्षण का सीमांत मान अभिलंब प्रतिक्रिया के सीधे आनुपातिक होता है
- लोटनिक घर्षण, सर्पी घर्षण से कम होता है
- सर्पी घर्षण गुणांक की विमा लंबाई होती है
सही विकल्प (d) है।
θ झुकाव वाले एक नत समतल (inclined plane) का ऊपरी आधा भाग पूरी तरह से चिकना है, जबकि निचला आधा भाग खुरदुरा है। यदि समतल के शीर्ष से विरामावस्था से चलना शुरू करने वाला एक ब्लॉक, तल पर पहुँचकर फिर से रुक जाता है, तो ब्लॉक और समतल के निचले आधे भाग के बीच घर्षण गुणांक (coefficient of friction) होगा
- μ =
- μ =
- μ = 2 tan θ
- μ = tan θ
सही विकल्प (d) है।
10 किलोग्राम द्रव्यमान का एक ब्लॉक 1 मीटर त्रिज्या वाले एक खोखले बेलनाकार ड्रम की आंतरिक दीवार के संपर्क में है। ब्लॉक और सिलेंडर की आंतरिक दीवार के बीच घर्षण गुणांक 0.1 है। जब सिलेंडर ऊर्ध्वाधर हो और अपने अक्ष पर घूम रहा हो, तो ब्लॉक को स्थिर रखने के लिए आवश्यक न्यूनतम कोणीय वेग होगा (g = 10 m/s2)
rad/s - 10 rad/s
- 10π rad/s
rad/s
सही विकल्प (d) है।
l लंबाई की डोरी का एक सिरा m द्रव्यमान के एक कण से जुड़ा है और दूसरा सिरा एक चिकनी क्षैतिज मेज पर लगी एक छोटी खूंटी से जुड़ा है। यदि कण v चाल से वृत्त में घूमता है, तो कण पर नेट बल (केंद्र की ओर निर्देशित) होगा (T डोरी में तनाव को दर्शाता है)
- T
- T +
- T −
- शून्य
सही विकल्प (d) है।
50 सेमी त्रिज्या वाली एक समान वृत्ताकार डिस्क, जो विराम अवस्था में है, एक ऐसे अक्ष के परितः घूमने के लिए स्वतंत्र है जो उसके तल के लंबवत है और उसके केंद्र से होकर गुजरती है। इस पर एक टॉर्क लगाया जाता है जो 2.0 rad s−2 का निरंतर कोणीय त्वरण उत्पन्न करता है। 2.0 s के अंत में ms−2 में इसका कुल त्वरण लगभग है।
- 7.0
- 6.0
- 3.0
- 8.0
सही विकल्प (d) है।
एक कार R त्रिज्या वाले घुमावदार मोड़ पर चल रही है। सड़क θ कोण पर झुकी हुई है। कार के टायरों और सड़क के बीच घर्षण गुणांक μs है। इस सड़क पर अधिकतम सुरक्षित वेग क्या है?
सही विकल्प (d) है।
Level - 2
2 किलोग्राम द्रव्यमान का एक गुटका क्षैतिज से 30° का कोण बनाने वाले एक खुरदरे नत समतल पर स्थित है। गुटके और समतल के बीच स्थैतिक घर्षण गुणांक 0.7 है। गुटके पर घर्षण बल है
- 9.8 N
- 0.7 × 9.9 ×
N - 9.8 ×
N - 0.7 × 9.8 N
सही विकल्प (d) है।
3 × 107 kg द्रव्यमान का एक जहाज़, जो शुरू में स्थिर है, 5 × 104 N के बल द्वारा 3 m की दूरी तक खींचा जाता है। यह मानते हुए कि पानी का प्रतिरोध नगण्य है, जहाज़ की गति है
- 1.5 m/s
- 60 m/s
- 0.1 m/s
- 5 m/s
सही विकल्प (d) है।
साइकिल चलाते समय, ज़मीन से दोनों पहियों पर लगने वाला घर्षण बल ऐसा होता है कि यह काम करता है
- आगे के पहिये पर पीछे की तरफ और पिछले पहिये पर आगे की तरफ
- आगे के पहिये पर आगे की तरफ और पिछले पहिये पर पीछे की तरफ
- आगे और पीछे दोनों पहियों पर पीछे की तरफ
- आगे और पीछे दोनों पहियों पर आगे की तरफ
सही विकल्प (d) है।
एक कार 10 मीटर त्रिज्या वाले वृत्ताकार क्षैतिज पथ पर 10 मीटर/सेकंड की नियत चाल से चल रही है। कार की छत से एक हल्की दृढ़ छड़ द्वारा एक साहुल लंब लटकाया गया है। छड़ द्वारा ऊर्ध्वाधर के साथ बनाया गया कोण है (g = 10 मीटर/सेकंड² लें)
- शून्य
- 30°
- 45°
- 60°
सही विकल्प (d) है।
0.1 kg द्रव्यमान के एक गुटके को दीवार के विरुद्ध 5 N का क्षैतिज बल लगाकर रोका गया है। यदि गुटके और दीवार के बीच घर्षण गुणांक 0.5 है, तो गुटके पर लगने वाले घर्षण बल का परिमाण है
- 2.5 N
- 0.98 N
- 4.9 N
- 0.49 N
सही विकल्प (d) है।
एक लंबी क्षैतिज छड़ में एक मनका होता है जो इसकी लंबाई के साथ स्लाइड कर सकता है और शुरू में छड़ के एक सिरे A से L दूरी पर रखा जाता है। छड़ को A के चारों ओर एक निरंतर कोणीय त्वरण α के साथ कोणीय गति में सेट किया जाता है। यदि छड़ और मनके के बीच घर्षण गुणांक μ है, और गुरुत्वाकर्षण को नजरअंदाज कर दिया जाता है, तो वह समय जिसके बाद मनका फिसलना शुरू हो जाता है
- अतिसूक्ष्म
सही विकल्प (d) है।
m द्रव्यमान का एक ब्लॉक एक ऐसी सतह पर रखा है जिसका ऊर्ध्वाधर अनुप्रस्थ काट y = x3/6 है। यदि घर्षण गुणांक 0.5 है, तो वह अधिकतम ऊँचाई क्या है जिस पर ब्लॉक को बिना फिसले रखा जा सकता है?
m m m m
सही विकल्प (d) है।
20 ग्राम द्रव्यमान की एक गोली 20 सेमी मोटी मिट्टी की दीवार में प्रवेश करने से ठीक पहले 1 ms−1 की प्रारंभिक गति रखती है। यदि दीवार 2.5 × 10−2 N का औसत प्रतिरोध प्रदान करती है, तो दीवार के दूसरी ओर से निकलने के बाद गोली की गति किसके करीब होगी?
- 0.3 ms−1
- 0.4 ms−1
- 0.1 ms−1
- 0.7 ms−1
सही विकल्प (d) है।
10 किलोग्राम का एक द्रव्यमान छत से एक रस्सी द्वारा लंबवत लटका हुआ है। जब द्रव्यमान पर एक क्षैतिज बल लगाया जाता है, तो रस्सी छत के बिंदु पर 45° के कोण पर विचलित हो जाती है। यदि लटका हुआ द्रव्यमान संतुलन में है, तो लगाए गए बल का परिमाण है (मान लीजिए, g = 10 ms−2 )
- 70 N
- 200 N
- 100 N
- 140 N
सही विकल्प (d) है।
एक कण 10 ms−1 की स्थिर चाल से एक वृत्ताकार पथ पर चल रहा है। जब यह वृत्त के केंद्र के चारों ओर 60° का कोण बनाता है, तो कण के वेग में परिवर्तन का परिमाण क्या है?
- 10
m/s - 10 m/s
- 10
m/s - शून्य
सही विकल्प (d) है।
L लंबाई और M द्रव्यमान (बॉब) वाला एक सरल लोलक, -φ और +φ की कोणीय सीमाओं के बीच एक ऊर्ध्वाधर रेखा के चारों ओर एक तल में दोलन कर रहा है। कोणीय विस्थापन θ (| θ | < φ) के लिए, धागे में तनाव और बॉब का वेग क्रमशः T और v हैं। उपरोक्त स्थितियों में निम्नलिखित संबंध मान्य हैं।
- T cos θ = Mg
- T − Mg cos θ =
- बॉब के स्पर्शरेखीय त्वरण का परिमाण |ar| = g sin θ है
- T = Mg cos θ
सही विकल्प (d) है।
पृथ्वी से जुड़ा एक संदर्भ ढांचा
- परिभाषा के अनुसार एक जड़त्वीय ढांचा है
- जड़त्वीय ढांचा नहीं हो सकता क्योंकि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर परिक्रमा कर रही है
- एक जड़त्वीय ढांचा है क्योंकि इस ढांचे में न्यूटन के नियम लागू होते हैं
- जड़त्वीय ढांचा नहीं हो सकता क्योंकि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूम रही है
सही विकल्प (d) है।
तार का एक टुकड़ा परवलय y = kx (y-अक्ष ऊर्ध्वाधर) के आकार में मुड़ा हुआ है, जिस पर m द्रव्यमान का एक मनका है। मनका बिना घर्षण के तार पर फिसल सकता है। जब तार स्थिर होता है तो यह परवलय के सबसे निचले बिंदु पर रहता है। तार को अब x-अक्ष के समानांतर एक स्थिर त्वरण a के साथ त्वरित किया जाता है। मनके की y-अक्ष से नई संतुलन स्थिति की दूरी, जहाँ मनका तार के सापेक्ष स्थिर रह सकता है,
सही विकल्प (d) है।
1.6 kg वज़न और l लंबाई वाली एक जैसी लकड़ी की छड़ी h (< l) ऊँचाई वाली एक चिकनी, सीधी दीवार पर झुकी हुई है, जिससे छड़ी का एक छोटा सा हिस्सा दीवार से आगे निकल जाता है। छड़ी पर दीवार का रिएक्शन फ़ोर्स छड़ी पर परपेंडिकुलर है। छड़ी दीवार के साथ 30° का एंगल बनाती है और छड़ी का निचला हिस्सा खुरदुरे फ़र्श पर है। छड़ी पर दीवार का रिएक्शन, छड़ी पर फ़र्श के रिएक्शन के बराबर है। रेश्यो
= , f = N = , f = N = , f = N = , f = N
सही विकल्प (d) है।
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