
Book Based Questions (BBQs)
गतिमान कण की गतिज ऊर्जा-विस्थापन वक्र की ढाल (slope) है:
- कण के त्वरण के बराबर
- त्वरण के व्युत्क्रमानुपाती
- त्वरण के सीधा समानुपाती
- इनमें कोई नहीं
सही विकल्प (c) है।
सही विकल्प (c) है।
बल एवं विस्थापन दोनों सदिश हैं, तो कार्य जो बल एवं विस्थापन का गुणनफल है:
- सदिश है
- अदिश है
- न तो सदिश है और न अदिश
- केवल संख्या है
सही विकल्प (b) है।
सही विकल्प (a) है।
किसी वस्तु के संवेग (momentum) को तिगुना करने से उसकी गतिज ऊर्जा हो जाएगी—
- दुगुनी
- चौगुनी
- तिगुनी
- नौगुनी
सही विकल्प (d) है।
एक हल्की वस्तु A एवं भारी वस्तु B के रैखिक संवेग समान हैं, तब—
- A की गतिज ऊर्जा B के बराबर होगी
- A की गतिज ऊर्जा B से कम होगी
- A की गतिज ऊर्जा B से अधिक होगी
- इनमें कोई नहीं
[संकेत : गतिज ऊर्जा
सही विकल्प (c) है।
सही विकल्प (c) है।
एक भारोत्तोलक (weight lifter)
सही विकल्प (d) है।
कार्य के परिकलन में यदि
तथा की दिशाएँ समांतर होंगी तथा परस्पर लंबवत होंगे तथा परस्पर विपरीत दिशाओं में होंगे - इनमें सभी कथन सही हैं
सही विकल्प (b) है।
एक ब्लॉक जिसका द्रव्यमान
[संकेत : कार्य–ऊर्जा प्रमेय से,
सही विकल्प (c) है।
किसी संरक्षी निकाय (conservative system) की स्थितिज ऊर्जा
[संकेत :
सही विकल्प (c) है।
Value Based Questions (VBQs)
एक इलेक्ट्रॉन एवं एक प्रोटॉन पारस्परिक बलों के प्रभाव से गतिमान हैं। गति के दौरान इस तंत्र की गतिज ऊर्जा के परिवर्तन की गणना करते समय हम एक के द्वारा दूसरे पर लगने वाले चुंबकीय बलों की उपेक्षा कर देते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि,
- दोनों चुंबकीय बल परिमाण में बराबर और दिशाओं में विपरीत होते हैं इसलिए वे कोई नेट (परिणामी) प्रभाव उत्पन्न नहीं करते।
- चुंबकीय बल इन दोनों में से किसी भी कण पर कोई कार्य नहीं करते।
- चुंबकीय बल प्रत्येक कण पर बराबर (परंतु शून्येतर) और विपरीत कार्य करते हैं।
- चुंबकीय बल अनिवार्यतः नगण्य होते हैं।
सही विकल्प (b) है।
एक प्रोटॉन विरामअवस्था में रखा गया है। इसके क्षेत्र में एक अन्य धन आवेशयुक्त कण, इससे d दूरी पर विराम अवस्था में ही विमुक्त किया जाता है। दो प्रयोगों पर विचार कीजिए— पहला वह जिसमें दूसरा आवेशित कण भी प्रोटॉन ही है और दूसरा वह जिसमें दूसरा धन आवेशित कण पॉज़िट्रॉन है। समान समय
- समान है क्योंकि इन दो प्रयोगों में एक ही बल नियम लागू होता है।
- पॉज़िट्रॉन के प्रकरण में कम होता है क्योंकि पॉज़िट्रॉन अधिक तीव्र गति से प्रतिकर्षित होता है और उस पर बल कम हो जाता है।
- पॉज़िट्रॉन के प्रकरण में अधिक होता है क्योंकि पॉज़िट्रॉन अधिक दूरी तक प्रतिकर्षित होता है।
- उतना ही होता है जितना आवेशित कण द्वारा स्थिर प्रोटॉन पर किया गया कार्य।
सही विकल्प (c) है।
जमीन पर उकड़ू बैठा हुआ एक व्यक्ति उठकर सीधा खड़ा होता है। इस प्रक्रिया में व्यक्ति पर लगने वाला पृथ्वी का प्रतिक्रिया बल—
- अपरिवर्तित रहता है और परिमाण में
के बराबर होता है। - अपरिवर्तित रहता है और परिमाण में
से अधिक होता है। - प्रारंभ परिवर्ती परंतु परिमाण में सदैव
से अधिक - प्रारंभ में
से अधिक होता है परंतु बाद में के बराबर हो जाता है।
सही विकल्प (d) है।
एक बाइसिकल सवार ब्रेक लगाने के बाद 10 m की दूरी फिसलते हुए जा सकता है। इस प्रक्रिया में सड़क द्वारा बाइसिकल पर लगाया गया बल 200 N है और गति के ठीक विपरीत दिशा में लगता है। साइकिल द्वारा सड़क पर किया गया कार्य है—
- 2000 J
- − 200 J
- शून्य
- − 20,000 J
सही विकल्प (c) है।
एक पिंड निर्वात में केवल गुरुत्व के अधीन स्वतंत्रतापूर्वक गिर रहा है। इसके गिरने के दौरान निम्नलिखित में से कौन-सी राशि अचर रहती है?
- गतिज ऊर्जा
- स्थितिज ऊर्जा
- कुल यांत्रिक ऊर्जा
- कुल रेखीय संवेग
सही विकल्प (c) है।
दो पिंडों के बीच होने वाले अप्रत्यास्थ संघट्ट के दौरान निम्नलिखित में से कौन-सी राशि सदैव संरक्षित रहती है—
- कुल गतिज ऊर्जा
- कुल यांत्रिक ऊर्जा
- कुल रेखीय संवेग
- प्रत्येक पिंड की चाल
सही विकल्प (c) है।
0.5 Kg द्रव्यमान का एक पिंड एक सरल रेखा में v = a x3/2 वेग से गतिमान है जहाँ a = 5 m−1/2s−1 है। इसके x = 0 से x = 2 m तक विस्थापन में कुल बल द्वारा किया गया कार्य है—
- 1.5 J
- 50 J
- 10 J
- 100 J
सही विकल्प (b) है।
उच्च स्तरीय बुद्धि कौशल प्रश्न [High Order Thinking Skills (HOTS) Questions]
भूमिका (Introduction)
एक कण इस प्रकार गति करता है कि इसकी स्थिति सदिश
- वेग
के लंबवत है तथा त्वरण मूलबिन्दु की ओर निर्देशित है। - वेग
के लंबवत है तथा त्वरण मूलबिन्दु से दूर निर्देशित है। - वेग तथा त्वरण दोनों
के लंबवत हैं। - वेग तथा त्वरण दोनों
के समांतर हैं।
सही विकल्प (a) है।
यदि सदिश
- t =
- t = 0
- t =
- t =
सही विकल्प (a) है।
सही विकल्प (b) है।
दो बलों का सदिश योग उनके सदिश व्यवकलन के लंबवत् है। उस स्थिति (प्रकरण) में,
- बल एक दूसरे के बराबर होते हैं।
- बल परिमाण में परस्पर बराबर होते हैं।
- बल परिमाण में परस्पर बराबर नहीं होते हैं।
- कुछ कहा नहीं जा सकता।
सही विकल्प (b) है।
एक कण की स्थिति सदिश
- मूलबिन्दु की ओर निर्देशित
- मूलबिन्दु से दूर निर्देशित
- स्थिति सदिश के समांतर
- स्थिति सदिश के लंबवत
सही विकल्प (d) है।
सही विकल्प (a) है।
कार्य और गतिज ऊर्जा की धारणा : कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Notions of Work and Kinetic Energy : The Work-Energy Theorem)
1 ग्राम द्रव्यमान की वर्षा के पानी की एक बूँद 1 km ऊँचाई से गिरती है और भू-तल से 50 m/s की चाल से टकराती है। यदि 'g' का मान 10 m/s2 स्थिर रहे तो, (i) गुरुत्वीय बल तथा (ii) वायु के प्रतिरोधक बल द्वारा किया गया कार्य होगा:
- (i) −10 J, (ii) −8.25 J
- (i) 1.25 J, (ii) −8.25 J
- (i) 100 J, (ii) 8.75 J
- (i) 10 J, (ii) −8.75 J
सही विकल्प (d) है।
10 ग्राम द्रव्यमान का कोई कण 6.4 सेमी. लम्बी त्रिज्या के वृत्त के अनुदिश किसी नियत स्पर्श-रेखीय त्वरण से गति करता है। यदि गति आरम्भ करने के पश्चात् दो परिक्रमाएँ पूरी करने पर कण की गतिज ऊर्जा
सही विकल्प (c) है।
एक बन्दूक से एक 10 ग्राम की गोली 1000 मी/से. प्रारम्भिक वेग से निकलती है तथा समान लेवल पर पृथ्वी पर 500 मी/से. से टकराती है। किया गया कार्य जूल में है:
- 375
- 3750
- 5000
- 500
सही विकल्प (b) है।
कार्य (Work)
किसी कण पर
सही विकल्प (a) है।
किसी कण का द्रव्यमान 2 किग्रा है। इस कण पर
सही विकल्प (a) है।
एक पिण्ड 5 N बल के प्रभाव के अंतर्गत एक सरल (सीधी) रेखा के अनुदिश 10 m की दूरी तय करता है। यदि किया गया कार्य 25 J है, तो बल और पिण्ड की गति की दिशा के बीच कोण है:
- 60°
- 75°
- 30°
- 45°
सही विकल्प (a) है।
y-दिशा में गति करने को बाध्य एक पिण्ड
- 150 J
- 20 J
- 190 J
- 160 J
सही विकल्प (a) है।
जब एक पिण्ड किसी वृत्त के अनुदिश एक नियत चाल से गति करता है, तो
- इस पर कोई कार्य नहीं किया जाता है।
- इसमें कोई त्वरण उत्पन्न नहीं होता है।
- इसका वेग नियत रहता है।
- इस पर कोई बल कार्य नहीं करता है।
सही विकल्प (a) है।
गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
विरामावस्था में, 5 m द्रव्यमान का एक कण अपने आप अचानक से तीन टुकड़ों में टूट जाता है। m द्रव्यमान के दो टुकड़े एक दूसरे के लंबवत प्रत्येक v चाल से गति करते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान मुक्त ऊर्जा है:
mv2 mv2 mv2 mv2
सही विकल्प (d) है।
4 m द्रव्यमान का एक पिण्ड (वस्तु) x − y समतल पर विराम अवस्था में है। इसमें अचानक विस्फोट होने पर इसके दो भाग, (जिनमें प्रत्येक का द्रव्यमान 'm' है) एक ही वेग 'v' से एक दूसरे की लम्बवत् दिशा में गति करने लगते हैं, तो विस्फोट के कारण जनित कुल गतिज ऊर्जा का मान होगा:
- mv2
mv2 - 2mv2
- 4mv2
सही विकल्प (b) है।
कोई इंजन एक होजपाइप से निरन्तर जल को पम्प करता है। होजपाइप से जल, वेग v से निकलता है तथा जल धारा का प्रति एकांक लम्बाई द्रव्यमान m है। जल द्वारा प्राप्त की जाने वाली गतिज ऊर्जा की दर होगी:
m2 v2 mv3 - mv3
mv2
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
विराम अवस्था में स्थित एक
सही विकल्प () है।
m1 और m2 द्रव्यमान के दो कणों के वेग क्रमशः v1 और v2 हैं। दोनों के संवेग बराबर हैं, परन्तु उनकी विभिन्न गतिज ऊर्जाएँ क्रमशः E1 और E2 हैं। यदि m1 > m2 हो, तो:
= - E1 > E2
- E1 = E2
- E1 < E2
सही विकल्प () है।
2 kg तथा 4 kg की गेंदों को एक ही समय पर एक 60 फुट ऊँची इमारत से एक साथ छोड़ा गया है। पृथ्वी की ओर 30 फुट गिरने पर उनकी क्रमानुसार गतिज ऊर्जाओं का अनुपात होगा:
- 1 : 4
- 1 : 2
- 1 :
: 1
सही विकल्प () है।
विश्रामावस्था में रखा एक कण, विस्फोट के बाद
सही विकल्प () है।
यदि एक वस्तु की गतिज ऊर्जा में 300% की वृद्धि होती है, तो उसके संवेग में प्रतिशत परिवर्तन का मान होगा:
- 100%
- 150%
- 265%
- 73.2%
सही विकल्प () है।
एक कण को क्षैतिज से 45° के कोण पर फेंका जाता है, तो उसकी उच्चतम बिन्दु पर गतिज ऊर्जा क्या होगी, यदि इसकी प्रारम्भिक गतिज ऊर्जा K है?
- 2K
- K
सही विकल्प () है।
दो पिण्डों की गतिज ऊर्जाओं का अनुपात 4 : 1 है तथा इनके संवेग समान हैं तो इनके द्रव्यमानों का अनुपात होगा:
- 1 : 2
- 1 : 1
- 4 : 1
- 1 : 4
सही विकल्प () है।
दो पिण्ड जिनके द्रव्यमान m तथा 4 m हैं, उनकी गतिज ऊर्जाएँ बराबर हैं। इनके रेखीय संवेगों का अनुपात होगा:
- 1 : 4
- 4 : 1
- 1 : 2
- 2 : 1
सही विकल्प () है।
एक वस्तु विरामावस्था से d दूरी चलकर एकसमान बल के प्रभाव में गतिज ऊर्जा प्राप्त करती है। यदि वस्तु का द्रव्यमान m है, तो गतिज ऊर्जा निम्न में से किसके समानुपाती होगी?
- m
- m0
सही विकल्प () है।
1 ग्राम तथा 9 ग्राम के दो द्रव्यमान एकसमान गतिज ऊर्जा रखते हैं। उनके रेखीय संवेगों का अनुपात होगा :
- 1 : 9
- 9 : 1
- 1 : 3
- 3 : 1
सही विकल्प () है।
M द्रव्यमान का एक पिण्ड वृत्तीय पथ पर एक समान चाल v से चलता है। वृत्तीय पथ की त्रिज्या
- गतिज ऊर्जा
से बदल जाएगा। - संवेग नहीं बदलेगा।
- संवेग
से बदल जाएगा। - गतिज ऊर्जा
से बदल जाएगी।
सही विकल्प () है।
परिवर्ती बल द्वारा किया गया कार्य (Work Done by a Variable Force)
किसी कण पर y-दिशा में कोई बल F = 20 + 10y कार्य कर रहा है, यहाँ F न्यूटन में तथा y मीटर में है। इस कण को y = 0 से y = 1 m तक गति कराने में किया गया कार्य है:
- 20 J
- 30 J
- 5 J
- 25 J
सही विकल्प () है।
3 kg द्रव्यमान के एक पिण्ड पर एक स्थिर बल क्रियारत है जिससे इसका स्थान विचलन s (मीटरों में) सम्बन्ध s =
J J J J
सही विकल्प () है।
3 g के एक कण पर एक बल इस प्रकार कार्य करता है कि t के फलन के रूप में कण की स्थिति x = 3t − 4t2 + t3 द्वारा व्यक्त की जाती है, जहाँ x मीटर में तथा t सेकण्ड में है। प्रथम 4 सेकण्ड के दौरान किया गया कार्य है:
- 490 mJ
- 450 mJ
- 240 mJ
- 530 mJ
सही विकल्प () है।
यदि 2 किग्रा की वस्तु पर एक विस्थापन-सम्बद्ध बल (7 − 2x + 3x2) N कार्य करके इसे x = 0 से x = 5 मी तक विस्थापित करता है, तो किया गया कार्य (जूल में) है:
- 35
- 70
- 135
- 270
सही विकल्प () है।
स्थितिज ऊर्जा की अभिधारणा (The Concept of Potential Energy)
किसी बल क्षेत्र में कण की स्थितिज ऊर्जा निम्नलिखित है:
जहाँ
सही विकल्प () है।
किसी निकाय की स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि हो जाती है। यदि:
- निकाय पर किसी असंरक्षी बल द्वारा कार्य किया जाए।
- निकाय द्वारा संरक्षी बल के विरुद्ध कार्य किया जाए।
- निकाय द्वारा असंरक्षी बल के विरुद्ध कार्य किया जाए।
- निकाय पर किसी संरक्षी बल द्वारा कार्य किया जाए।
सही विकल्प () है।
एक अणु में दो परमाणुओं के बीच स्थितिज ऊर्जा
सही विकल्प () है।
यांत्रिक ऊर्जा का संरक्षण (The Conservation of Mechanical Energy)
एक कण पृथ्वी सतह से S ऊँचाई से गिराया जाता है। कुछ निश्चित ऊँचाई पर इसकी गतिज ऊर्जा इसकी स्थितिज ऊर्जा की तीन गुना होती है। इस क्षण कण की पृथ्वी सतह से ऊँचाई तथा कण की चाल होती है :
, , , ,
सही विकल्प () है।
किसी पतले तार से जुड़े द्रव्यमान m को किसी ऊर्ध्वाधर वृत्त में तीव्रता से घुमाया जा रहा है। इस तार के टूटने की अधिक संभावना तब है जब
- तार ऊर्ध्वाधर से 60° के झुकाव पर हो।
- द्रव्यमान उच्चतम बिन्दु पर हो।
- तार क्षैतिज हो।
- द्रव्यमान निम्नतम बिन्दु पर हो।
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
कुल ऊर्जा
सही विकल्प () है।
'
सही विकल्प () है।
एक बच्चा झूले में झूल रहा है। यदि भूमितल से झूले की न्यूनतम ऊँचाई
सही विकल्प () है।
किसी स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा (The Potential Energy of a Spring)
किसी लंबे स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा
सही विकल्प () है।
दो एकसमान कममानियाँ P तथा Q के कमानी स्थिरांक क्रमशः
सही विकल्प () है।
एक ऊर्ध्वाधर स्प्रिंग के निचले सिरे पर M द्रव्यमान का एक पिण्ड बंधा है। स्प्रिंग एक छत से लटका है तथा उसके बल नियतांक का मान k है। जब पिण्ड को मुक्त छोड़ा गया तो यह विराम अवस्था में था और स्प्रिंग बिना खिंचाव के था। स्प्रिंग की लम्बाई में अधिकतम वृद्धि होगी:
सही विकल्प () है।
एक ऊर्ध्वाधर स्प्रिंग मेज से खड़ा जोड़ा जुड़ा हुआ है। इसका बल नियतांक k है। द्रव्यमान m के एक गोले को स्प्रिंग के मुक्त सिरे के ठीक ऊपर से ऊँचाई
सही विकल्प () है।
जब एक लम्बे स्प्रिंग को
सही विकल्प () है।
एक लम्बे स्प्रिंग को खींचने पर जब उसकी लम्बाई
सही विकल्प () है।
दो स्प्रिंग A तथा B जिनके बल नियतांक
सही विकल्प () है।
ऊर्जा के विभिन्न रूप : ऊर्जा-संरक्षण का नियम* (Various Forms of Energy : The Law of Conservation of Energy)
1 kg द्रव्यमान के एक पिंड को 20 m/s वेग से ऊपर फेंका गया है। 18 m की ऊँचाई प्राप्त करने पर यह क्षण भर को विराम धारण कर लेता है। वायु के घर्षण के कारण कितनी ऊर्जा का ह्रास होता है? (
- 10 J
- 20 J
- 30 J
- 40 J
सही विकल्प () है।
2 kg के एक ब्लॉक को एक 10 m ऊँचे आनत तल पर खिसकाने में 300 J कार्य करना पड़ता है।
- 200 J
- 100 J
- शून्य
- 1000 J
सही विकल्प () है।
शक्ति (Power)
किसी क्षण
- 10
- 5
- 7
- 6
सही विकल्प () है।
एक कण, नियत बल
- 200 W
- शून्य
- 100 W
- 140 W
सही विकल्प () है।
एक विद्युत लिफ्ट अपने अधिकतम भार 2000 kg (लिफ्ट + यात्री) के साथ
- 20000
- 34500
- 23500
- 23000
सही विकल्प () है।
एक टरबाइन को चलाने के लिए 15 किग्रा/से. की दर से 60 मी. ऊँचाई से पानी गिरता है। घर्षण के कारण प्रारम्भिक निवेशी ऊर्जा के 10 प्रतिशत की हानि होती है। टरबाइन के द्वारा कितनी शक्ति उत्पन्न की जाती है? (g = 10 मी./से.2)
- 8.1 किलोवाट
- 12.3 किलोवाट
- 7.0 किलोवाट
- 10.2 किलोवाट
सही विकल्प () है।
1 kg द्रव्यमान का कोई पिण्ड किसी कालाश्रित बल
सही विकल्प () है।
किसी व्यक्ति का हृदय, धमनियों से 150 mm पारद दाब पर 5 लीटर रक्त प्रति मिनट पम्प करता है। यदि, पारद का घनत्व
- 2.35
- 3.0
- 1.50
- 1.70
सही विकल्प () है।
'm' द्रव्यमान के एक कण को एक मशीन द्वारा गतिमान किया (चलाया) जा रहा है। यदि इस मशीन की स्थिर शक्ति k वॉट है और यह कण विराम अवस्था से चलना प्रारम्भ करता है, तो
सही विकल्प () है।
एक कुली किसी संदूक को 2 m की ऊँचाई तक उठाने में 1 मिनट लेता है, लेकिन एक दूसरा कुली उसी संदूक को उतनी ही ऊँचाई तक उठाने में 30 s लेता है। दोनों कुलियों की शक्ति का अनुपात है:
- 1 : 3
- 2 : 1
- 3 : 1
- 1 : 2
सही विकल्प () है।
m द्रव्यमान की एक कार विरामावस्था से प्रारम्भ होकर इस प्रकार त्वरित होती है, कि कार को प्राप्त तात्क्षणिक शक्ति का स्थिर मान
के के के के
सही विकल्प () है।
पृथ्वी से ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर प्रक्षेपित एक वस्तु, पृथ्वी पर वापस आने से पहले, पृथ्वी की त्रिज्या के बराबर ऊँचाई तक पहुँचती है। गुरुत्वीय बल द्वारा लगाई गई शक्ति का मान सर्वाधिक होगा:
- वस्तु की सर्वोच्च स्थिति पर।
- वस्तु के पृथ्वी पर टकराने के ठीक पहले के क्षण पर।
- वस्तु की पूरी यात्रा में स्थिर होगा।
- वस्तु को प्रक्षेपित करने के ठीक पश्चात् के क्षण में।
सही विकल्प () है।
एक पम्प का इंजन, नलिका पाइप में जल फेंकता है, जल पाइप में से गुजरता है तथा इसे 2 मीटर/सेकण्ड के वेग से छोड़ता है। पाइप के प्रति इकाई लम्बाई का द्रव्यमान 100 किग्रा/मी है। इंजन की क्षमता होगी?
- 400 वॉट
- 200 वॉट
- 100 वॉट
- 800 वॉट
सही विकल्प () है।
विराम अवस्था में स्थित M द्रव्यमान का एक कण, एकसमान त्वरण से गति प्रारंभ करता है। यदि
सही विकल्प () है।
एक टरबाइन को चलाने के लिये 60 मीटर की ऊँचाई से 15 kg/s की दर से पानी गिराया जा रहा है। घर्षण बलों के कारण ऊर्जा का 10% नष्ट हो जाता है। टरबाइन कितनी शक्ति (पावर) उत्पन्न करती है? (
- 12.3 kW
- 7.0 kW
- 8.1 kW
- 10.2 kW
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
एक पम्प मशीन 2 किलोवाट की है। यह 1 मिनट में 10 मी ऊँचाई तक कितना पानी पम्प करेगी?
- 1000 लीटर
- 1200 लीटर
- 100 लीटर
- 2000 लीटर
सही विकल्प () है।
संघट्ट (Collisions)
समान द्रव्यमान के दो पिण्ड A व B पूर्णतया अप्रत्यास्थ एक विमीय संघट्ट करते हैं। संघट्ट से पूर्व पिण्ड A वेग
- 1 : 2
- 2 : 1
- 4 : 1
- 1 : 4
सही विकल्प () है।
m द्रव्यमान की एक गोली, M द्रव्यमान के एक गुटके से प्रत्यास्थपूर्ण से टकराती है। ऊर्जा का स्थानांतरण अधिकतम होता है, जब:
सही विकल्प () है।
चाल
सही विकल्प () है।
द्रव्यमान m का एक गतिशील गुटका
- 0.8
- 0.25
- 0.5
- 0.4
सही विकल्प () है।
- 120 मीटर/सेकण्ड
- 160 मीटर/सेकण्ड
- 100 मीटर/सेकण्ड
- 80\text
सही विकल्प () है।
दो सर्वसम गेंदों A तथा B के वेग क्रमशः
तथा तथा तथा तथा
सही विकल्प () है।
दो कण A तथा B स्थिर वेग क्रमशः
सही विकल्प () है।
एक गोला 20 मीटर की ऊँचाई से, प्रारम्भिक वेग
सही विकल्प () है।
किसी घर्षणहीन पृष्ठ पर v चाल से चलता हुआ M द्रव्यमान का एक ब्लॉक, विरामावस्था में स्थित एक अन्य समान द्रव्यमान M के ब्लॉक से टकराता है। टक्कर के पश्चात् पहला ब्लॉक
सही विकल्प () है।
दो कणों के द्रव्यमान क्रमशः
सही विकल्प () है।
- वही जो B की है।
- B की दिशा के विपरीत
- x-अक्ष से कोण
पर - x-अक्ष से कोण
पर
सही विकल्प () है।
v वेग से क्षैतिज रूप से (x-अक्ष के अनुदिश) गतिशील m द्रव्यमान,
सही विकल्प () है।
2 मीटर/सेकण्ड की चाल से गति करती हुई गेंद अपने से दोगुने द्रव्यमान वाली एक अन्य स्थिर गेंद के सम्मुख टकराती है। यदि प्रत्यावस्थान गुणांक 0.5 है, तब टकराने के बाद उनके वेग (मीटर/सेकण्ड में) होंगे:
- 0, 1
- 1, 1
- 1, 0.5
- 0, 2
सही विकल्प () है।
दो द्रव्यमान
मीटर/सेकण्ड और मीटर/सेकण्ड मीटर/सेकण्ड दोनों के लिए मीटर/सेकण्ड और मीटर/सेकण्ड मीटर/सेकण्ड और मीटर/सेकण्ड
सही विकल्प () है।
एक रबड़ की गेंद 5 मीटर ऊँचाई से एक समतल पर गिरती है और उछलकर यह 1.8 मीटर वापस ऊपर जाती है। उछलने पर गेंद के वेग में कितने घटक की कमी होगी?
- 16/25
- 2/5
- 3/5
- 9/25
सही विकल्प () है।
2 किग्रा द्रव्यमान की एक धातु की बॉल 36 किमी/घण्टा से चलती हुई 3 किलोग्राम के एक स्थिर बॉल से सीधा संघट्ट करती है। यदि संघट्ट के बाद दोनों बॉल साथ चलें, तो संघट्ट के दौरान गतिज ऊर्जा में हुई कमी का मान है:
- 140 J
- 100 J
- 60 J
- 40 J
सही विकल्प () है।
एक m द्रव्यमान के पिण्ड का वेग 3 किमी/घण्टा है। यह एक स्थिर
- 1 किमी/घण्टा
- 2 किमी/घण्टा
- 3 किमी/घण्टा
- 4 किमी/घण्टा
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
Join the Discussion