📘 अध्याय-5 : प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य प्राणी — डिजिटल क्लास नोट्स ✨
यह डिजिटल नोट्स आपके नौवीं कक्षा के भूगोल पाठ्यक्रम (SCERT) के आधार पर तैयार किए गए हैं, जो परीक्षा में अधिकतम अंक लाने और समझने में बेहद मददगार हैं। 🚀

📌 1. प्राकृतिक वनस्पति का अर्थ (Meaning of Natural Vegetation)
- परिभाषा: वैसे पेड़-पौधे जो बिना किसी मानवीय सहायता के अपने प्राकृतिक पर्यावरण के अनुकूल उगते और बढ़ते हैं, उन्हें प्राकृतिक वनस्पति कहते हैं.
- ⚠️ महत्वपूर्ण अंतर: हमारे खेतों की फसलें या फलों के बगीचे 'वनस्पति' तो हैं, लेकिन वे 'प्राकृतिक वनस्पति' नहीं हैं क्योंकि उन्हें मनुष्यों द्वारा लगाया जाता है.
- जन्म के आधार पर वर्गीकरण:
- 🏡 देशज (Indigenous): जो वनस्पति स्थानीय या मूल रूप से भारत की ही है.
- ✈️ विदेशज (Exotic): जो पेड़-पौधे बाहर के देशों से भारत लाए गए हैं.
📊 2. भारत में जैव-विविधता के मुख्य आंकड़े (Biodiversity Statistics)
भारत जैव-विविधता (Bio-diversity) के मामले में दुनिया के सबसे धनी देशों में से एक है:
- 🌍 विश्व में स्थान: 10वाँ
- 🌏 एशिया में स्थान: 4था
- 🌿 पौधों की प्रजातियाँ: लगभग 47,000
- 🌸 फूलों के पौधे: लगभग 15,000 (विश्व के कुल फूलों का 6%)
- 🐾 जानवरों की प्रजातियाँ: लगभग 89,000
🗺️ 3. वनस्पति और वन्य प्राणियों में विविधता के कारण
भौगोलिक रूप से अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्नता के मुख्य 3 कारण हैं:
- 🏔️ भू-भाग का स्वरूप: पहाड़, पठार और मैदान की बनावट अलग होने से वनस्पति बदलती है। मैदानों में घनी आबादी के कारण वनों को साफ कर खेती की जाती है, जिससे वहाँ प्राकृतिक वनस्पति का अभाव मिलता है.
- 🏜️ मिट्टी की किस्में: मरुस्थल की बलुआही मिट्टी में कांटेदार झाड़ियाँ, गंगा के डेल्टा क्षेत्र की दलदली मिट्टी में 'सुंदरी' नामक वृक्ष, और पथरीली मिट्टी में शंकुधारी या संकुल वन पाए जाते हैं.
- 🌦️ जलवायु:
- तापमान: बढ़ती ऊँचाई के साथ तापमान घटता है, जिससे पेड़ों के प्रकार बदलते हैं.
- सूर्य का प्रकाश: गर्मी के दिनों में अधिक धूप मिलने से पेड़-पौधे तेजी से बढ़ते हैं.
- वर्षण (वर्षा): अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों (जैसे पूर्वोत्तर राज्यों) में सघन सदाबहार वन और कम वर्षा वाले क्षेत्रों में शुष्क या कँटीले वन मिलते हैं.
🌲 4. भारत में वनस्पतियों के मुख्य प्रकार (Types of Forests)
भारत के धरातल और वर्षा के वितरण के आधार पर वनों को 5 मुख्य भागों में बाँटा गया है:
╔═════════════════════════════════╗║ भारत में वनों के प्रकार ║╚═════════════════════════════════╝│┌───────────────┬──────────────┼──────────────┬───────────────┐▼ ▼ ▼ ▼ ▼🌳 सदाबहार वन 🍂 पर्णपाती वन 🌵 कँटीले वन 🏔️ पर्वतीय वन 🐊 मैंग्रोव वन1️⃣ उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन (Tropical Evergreen Forests)
- वर्षा: 200 सेमी से अधिक.
- क्षेत्र: पश्चिमी घाट, अंडमान निकोबार, और असम का ऊपरी भाग.
- विशेषता: ये वन बहुत घने होते हैं और वृक्ष अपने पत्ते एक साथ नहीं गिराते, इसलिए सालों भर हरे-भरे दिखते हैं। यहाँ के पेड़ 60 मीटर या उससे भी अधिक ऊँचे होते हैं.
- प्रमुख वृक्ष: रोजवुड, सिंकोना, आबनूस (एबोनी), और बाँस.
- वन्यजीव: लंगूर, बंदर, हाथी और असम के दलदल में पाए जाने वाला एक सींग वाला गैंडा.
2️⃣ उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती या पतझड़ वन (Tropical Deciduous Forests)
- वर्षा: 50 सेमी से 200 सेमी। यह भारत में सबसे अधिक क्षेत्र में फैले वन हैं.
- विशेषता: पानी की कमी से बचने के लिए यहाँ के वृक्ष गर्मी के मौसम में 1.5 से 2 महीने के लिए अपनी पत्तियाँ एक साथ गिरा देते हैं.
- वर्गीकरण:
- आर्द्र पर्णपाती (100-200 सेमी वर्षा): झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ में पाए जाते हैं। मुख्य वृक्ष - सागवान और चंदन.
- शुष्क पर्णपाती (50-100 सेमी वर्षा): उत्तर प्रदेश और प्रायद्वीपीय पठार में। मुख्य वृक्ष - नीम, पीपल.
3️⃣ उष्ण कटिबंधीय कँटीले वन तथा झाड़ियाँ (Thorn Forests)
- वर्षा: 50 सेमी से भी कम.
- क्षेत्र: गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश के अर्ध-शुष्क भाग.
- विशेषता: पानी बचाने के लिए इनकी जड़ें बहुत गहरी होती हैं और तने या पत्तियाँ मोटी, रोएँदार या गूद्देदार होती हैं.
- प्रमुख वनस्पतियाँ: खजूर, बबूल (एकेसिया), और नागफनी (कैक्टस).
4️⃣ पर्वतीय वन (Montane Forests)
- विशेषता: पहाड़ों पर बढ़ती ऊँचाई और घटते तापमान के अनुसार वनस्पतियों का स्वरूप बदलता है.
- ऊँचाई के अनुसार पेड़:
- 1000-2000 मीटर: चौड़ी पत्ती वाले ओक और चेस्टनट.
- 1500-3000 मीटर: शंकुधारी वृक्ष जैसे चीड़ (पाइन), देवदार, और सिल्वर फर.
- 3600 मीटर से अधिक: अल्पाइन वनस्पति.
- 💡 ट्रांसह्युमन (Transhumance): पर्वतीय क्षेत्रों में जनजातियों (जैसे गुज्जर और बक्करवाल) द्वारा मौसम के अनुसार (गर्मी में ऊपर और जाड़े में घाटी में) पशुओं को चराने के लिए किया जाने वाला प्रवास.
5️⃣ मैंग्रोव या डेल्टाई वन (Mangrove Forests)
- क्षेत्र: नदियों के डेल्टा (गंगा, ब्रह्मपुत्र, महानदी, गोदावरी) और दलदली तटीय भाग.
- विशेषता: यहाँ खारे और मीठे पानी के मिश्रण से बना विशेष तंत्र होता है। यहाँ पाए जाने वाले 'सुंदरी' वृक्ष के कारण ही बंगाल के इस भाग को 'सुंदरवन' कहते हैं। इन पौधों की जड़ें पानी से ऊपर की ओर निकली होती हैं.
- मुख्य वन्यजीव: रॉयल बंगाल टाइगर (Royal Bengal Tiger), मगरमच्छ, और घड़ियाल.
🐅 5. वन्य प्राणी संरक्षण एवं सरकारी प्रयास
- 📜 वन्यजीव संरक्षण अधिनियम: भारत में यह कानून 1972 में लागू किया गया था.
- 🦁 शेर और बाघ: पूरे विश्व में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहाँ शेर (गुजरात के गिर जंगल में) और बाघ (सुंदरवन एवं मध्य प्रदेश में) दोनों पाए जाते हैं.
- 🐊 घड़ियाल: संसार में केवल भारत ही ऐसा देश है जहाँ घड़ियाल प्राकृतिक रूप से पाया जाता है.
- 🐦 प्रवासी पक्षी (Migratory Birds): सर्दियों के मौसम में साइबेरिया से आने वाले सारस पक्षी भारत आते हैं। बिहार का बेगुसराय स्थित काँवर झील और पटना का मोकामा टाल क्षेत्र इनके प्रमुख क्रीड़ा स्थल हैं.
- 🛡️ आरक्षित क्षेत्र: देश में जीवों और पौधों की सुरक्षा के लिए 14 जीवमंडल निचय (बायोस्फीयर रिजर्व) बनाए गए हैं, जिनमें सुंदरवन, नंदा देवी, मन्नार की खाड़ी और नीलगिरि प्रमुख हैं। इसके अलावा देश में 89 नेशनल पार्क और 149 वन्य प्राणी अभयवन कार्यरत हैं.
🎯 6. परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण प्रश्न (Quick Revision)
नीचे दिए गए कथनों को ध्यान से पढ़कर याद कर लें:
- भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम किस वर्ष लागू हुआ? 👉 वर्ष 1972 में.
- विश्व में सबसे अधिक घड़ियाल किस देश में पाए जाते हैं? 👉 केवल भारत में.
- बिहार का कौन-सा प्रसिद्ध झील प्रवासी पक्षियों के लिए जाना जाता है? 👉 बेगुसराय का काँवर झील.
- 'सुंदरी' नामक वृक्ष मुख्य रूप से किस वन में पाया जाता है? 👉 मैंग्रोव या डेल्टाई वन (सुंदरवन).
Join the Discussion