📐 अध्याय 11: शंकु परिच्छेद (Conic Sections)
जब एक सीधे लम्ब वृत्तीय शंकु (Cone) को एक समतल (Plane) द्वारा अलग-अलग कोणों पर काटा जाता है, तो हमें विभिन्न प्रकार के वक्र (Curves) प्राप्त होते हैं। इन वक्रों को सामूहिक रूप से शंकु परिच्छेद (Conic Sections) कहा जाता है। इसके अंतर्गत हमें मुख्य रूप से चार प्रकार की आकृतियों का अध्ययन करना है: वृत्त, परवलय, दीर्घवृत्त और अतिपरवलय।

▲ (शंकु का शीर्ष)/ ─────── कटान ──/───\─── (समतल द्वारा काटना)/ /_________\1. वृत्त (Circle) ⭕⭐⭐⭐⭐⭐⭐
"वृत्त तल के उन बिंदुओं का समुच्चय होता है जो तल के एक निश्चित बिंदु (केंद्र) से एक अचर दूरी (त्रिज्या) पर स्थित होते हैं।"
- मानक समीकरण (Standard Equation) ⭐⭐⭐⭐⭐⭐: यदि वृत्त का केंद्र
है और उसकी त्रिज्या है, तो उसका समीकरण होता है: - मूल बिंदु पर केंद्र होने पर ⚡: यदि वृत्त का केंद्र मूल बिंदु
हो, तो समीकरण छोटा होकर सीधे बनता है:
🧮 व्यापक समीकरण (General Equation) — JEE Special 🚀:
वृत्त का व्यापक समीकरण
- केंद्र (Center)
- त्रिज्या (Radius)
2. परवलय (Parabola) 🏹🪐⭐⭐⭐⭐⭐⭐
"परवलय तल के उन बिंदुओं का समुच्चय है जो एक निश्चित सीधी रेखा (नियता) और एक निश्चित स्थिर बिंदु (नाभि) से समान दूरी पर होते हैं।" इसकी उत्केंद्रता (Eccentricity -
दाईं ओर खुलने वाले मानक परवलय की बनावट नीचे दी गई है:
[Image]
Y│ नाभि F(a, 0)│ .🏹.─────────────────────────┼────•──────────────────────> Xनियता रेखा (x = -a) │ शीर्ष (0,0)│
📊 परवलय के 4 मानक रूप और उनके सूत्र (The Master Chart) ⭐⭐⭐⭐⭐⭐:
| गुणधर्म / अंग | 1. | 2. | 3. | 4. |
|---|---|---|---|---|
| चित्र की दिशा | दाईं ओर खुलता है | बाईं ओर खुलता है | ऊपर की ओर खुलता है | नीचे की ओर खुलता है |
| नाभि (Focus - F) 🎯 | ||||
| अक्ष (Axis) | ||||
| नियता (Directrix) ── | ||||
| नाभिलंब जीवा की लंबाई |
3. दीर्घवृत्त (Ellipse) 🥚🌍⭐⭐⭐⭐⭐⭐
"दीर्घवृत्त तल के उन बिंदुओं का समुच्चय है जिनका तल के दो निश्चित बिंदुओं (नाभियों) से दूरियों का योग हमेशा स्थिर (अचर) रहता है।" (जैसे— सौरमंडल में सूर्य के चारों ओर ग्रहों की गति का पथ)। इसकी उत्केंद्रता हमेशा 1 से कम (
क्षैतिज रूप वाले मानक दीर्घवृत्त का समीकरण
[Image]
Y│• ────────────┼──────────── •शीर्ष (-a, 0) F₁• •F₂ शीर्ष (a, 0) [दीर्घ अक्ष]• ────────────┼──────────── •│
📊 दीर्घवृत्त के २ मुख्य रूप और उनके सूत्र — कंठस्थ करें:
| गुणधर्म / भाग | रूप 1: | रूप 2: |
|---|---|---|
| आकृति का प्रकार | क्षैतिज (Horizontal - अंडे जैसा लेटा हुआ) | ऊर्ध्वाधर (Vertical - खड़ा हुआ अंडा) |
| दीर्घ अक्ष (Major Axis) | ||
| लघु अक्ष (Minor Axis) | ||
| नाभियाँ (Foci) 🎯 | ||
| शीर्ष (Vertices) 📍 | ||
| उत्केंद्रता (Eccentricity - e) ⭐ | $$\mathbf{e = \frac{c}{a} = \sqrt{1 - \frac{b2}{a2}}}$$ | $$\mathbf{e = \frac{c}{b} = \sqrt{1 - \frac{a2}{b2}}}$$ |
| नाभिलंब जीवा की लंबाई ⭐⭐⭐ | $$\mathbf{\frac{2b^2}{a}}$$ | $$\mathbf{\frac{2a^2}{b}}$$ |
4. अतिपरवलय (Hyperbola) ✖️🛸⭐⭐⭐⭐⭐
"अतिपरवलय तल के उन बिंदुओं का समुच्चय है जिनकी तल के दो निश्चित बिंदुओं (नाभियों) से दूरियों के अंतर का मापांक हमेशा स्थिर रहता है।" (यह दो विपरीत दिशाओं में खुलने वाले परवलयों जैसा दिखता है)। इसकी उत्केंद्रता हमेशा 1 से बड़ी (
मानक अनुप्रस्थ अक्ष वाले अतिपरवलय का समीकरण
📊 अतिपरवलय के २ मुख्य रूप और उनके सूत्र:
| गुणधर्म / भाग | रूप 1: | रूप 2: |
|---|---|---|
| अनुप्रस्थ अक्ष (Transverse) | ||
| संयुग्मी अक्ष (Conjugate) | ||
| नाभियाँ (Foci) 🎯 | ||
| शीर्ष (Vertices) 📍 | ||
| उत्केंद्रता (Eccentricity - e) ⭐ | $$\mathbf{e = \frac{c}{a} = \sqrt{1 + \frac{b2}{a2}}}$$ | $$\mathbf{e = \frac{c}{a} = \sqrt{1 + \frac{b2}{a2}}}$$ |
| नाभिलंब जीवा की लंबाई ⭐⭐⭐ | $$\mathbf{\frac{2b^2}{a}}$$ | $$\mathbf{\frac{2b^2}{a}}$$ |
🧮 परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले आंकिक प्रश्न (VVI Numericals)
🎯 प्रश्न 1: उस वृत्त का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसका केंद्र है और त्रिज्या मात्रक है। [Board Exam Hot-Topic] ⭐⭐⭐⭐⭐
- हल:
- दिए गए मानों को चिह्नित करें:
- केंद्र
- त्रिज्या
- केंद्र
- वृत्त के मानक समीकरण का उपयोग करने पर:
- मान रखने पर (ऋणात्मक चिह्न की सावधानी:
): - सर्वसमिकाओं (
और ) द्वारा कोष्ठक खोलने पर: - Answer: वृत्त का अभीष्ट समीकरण
है।
- दिए गए मानों को चिह्नित करें:
🎯 प्रश्न 2: दीर्घवृत्त के नाभियों और शीर्षों के निर्देशांक, दीर्घ और लघु अक्ष की लम्बाइयाँ तथा उत्केंद्रता ज्ञात कीजिए। [VVI Long Numerical] ⭐⭐⭐⭐⭐⭐
- हल:
- दिए गए समीकरण की तुलना मानक रूप
से करने पर: चूँकि (5 > 3) है, अतः यह एक क्षैतिज (Horizontal) दीर्घवृत्त है। का मान ज्ञात करना: - अब सभी आवश्यक अंग क्रमानुसार लिखें [काफी सरल! 🎯]:
- शीर्षों के निर्देशांक:
- नाभियों के निर्देशांक:
- दीर्घ अक्ष की लंबाई:
- लघु अक्ष की लंबाई:
- उत्केंद्रता (
): - नाभिलंब जीवा की लंबाई:
- शीर्षों के निर्देशांक:
- Answer: दीर्घवृत्त के सभी अभीष्ट परिणाम प्राप्त हुए।
- दिए गए समीकरण की तुलना मानक रूप
🚀 परीक्षा और प्रतियोगिता विशेष शार्टकट ट्रिक्स (JEE / Polytechnic Quick Guide) 🧙♂️✨
- उत्केंद्रता (
) के आधार पर कोनिक की पहचान (100% Objective Exam Hot-Topic) 🎯⭐⭐⭐⭐⭐⭐: प्रतियोगी परीक्षाओं में का मान देकर सीधे आकृति का नाम पूछा जाता है: - यदि
वह एक वृत्त (Circle) है। - यदि
वह एक परवलय (Parabola) है। - यदि
वह एक दीर्घवृत्त (Ellipse) है। - यदि
वह एक अतिपरवलय (Hyperbola) है।
- यदि
- दीर्घवृत्त और अतिपरवलय के सूत्रों का जादुई संतुलन (
का अंतर) 🧠⭐⭐⭐⭐⭐: याद रखने की शार्टकट ट्रिक— दोनों के सूत्रों की बनावट लगभग समान होती है, बस के मान में अंतर होता है: - दीर्घवृत्त के समीकरण में बीच में प्लस (
) होता है, तो उसके के सूत्र में माइनस होता है: । - अतिपरवलय के समीकरण में बीच में माइनस (
) होता है, तो उसके के सूत्र में प्लस होता है: ।
- दीर्घवृत्त के समीकरण में बीच में प्लस (
- नाभिलंब जीवा (Latus Rectum) की लंबाई का शार्टकट ⏱️: दीर्घवृत्त और अतिपरवलय दोनों के लिए नाभिलंब जीवा की लंबाई का सूत्र हमेशा एक ही समान
होता है (रूप 1 के लिए)। - व्यापक कोनिक समीकरण से पहचान (JEE Special) 🚀: व्यापक 2D समीकरण
में विविक्तकर को देखें: - यदि
परवलय। - यदि
दीर्घवृत्त। - यदि
अतिपरवलय।
- यदि
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