BSEB Class 10 Sanskrit Chapter 9 Summary in Hindi
📜 Page 1 🕉️ Original Sanskrit Text नवमः पाठः अहो, सौन्दर्यस्य अस्थिरता आसीत् कश्चन राजकुमारः। सः नितरां सुन्दरः। स्वस्य सौन्दर्यस्य विषये तस्य महान् गर्वः आसीत्। राज्यनिर्वहणे तस्य अल्पः अपि आदरः न आसीत्। सर्वदा स्वसौन्दर्यविषये एव अवधानं तस्य। तस्य एतां प्रवृत्तिं दृष्ट्वा अमात्यः नितरां खिन्नः अभवत्। राज्यपालने युवराजस्य अनास्थां को वा मन्त्री सहेत? योग्येन उपदेशेन युवराजे जागरणम् आनीय सुमार्गे सः प्रवर्तनीय इति सः निश्चितवान्। 🌼 Simple Hindi Translation नौवाँ पाठ: अहो! सौंदर्य की अस्थिरता (क्षणभंगुरता) कोई एक राजकुमार था। वह अत्यंत सुंदर था। अपने सौंदर्य के विषय में उसे बहुत घमंड (महान गर्व) था। राज्य के कार्यों को सँभालने (राज्यनिर्वहण) में उसका थोड़ा सा भी आदर (रुचि) नहीं था। हमेशा अपने रूप-रंग और सौंदर्य के विषय में ही उसका ध्यान (अवधान) रहता था। उसकी इस आदत (प्रवृत्ति) को देखकर मंत्री (अमात्य) बहुत दुखी हुए। राज्य के शासन में युवराज की इस बेरुखी (अनास्था) को भला कौन सा मंत्री सहन करे? उन्होंने निश्चय किया कि सही उपदेश देकर युवराज के भीतर चेतना (जागरण) लानी होगी और उन्...
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Guddu Kumar