Skip to content

Search This Blog

Search across AvN Learn India | CBSE, Bihar Board & ICSE Study Notes articles and categories

Master CBSE & Bihar Board exams with AvN Learn India. Get expert notes for Physics, Math, Coding & Grammar. Best solutions for I.Sc, I.A & I.Com!

BSEB Class 10 Sanskrit Chapter 17 Summary in Hindi

📜 Page 1 (अनुच्छेद 1, 2 और 3) ​ 🕉️ Original Sanskrit Text ​ राष्ट्रस्तुतिः अखण्डं राष्ट्रदेवं स्वं, नमामो भारतं दिव्यम्। नगेन्द्रः सैनिको भूत्वा, बलिष्ठो विस्तृताकारः । अरिभ्यो दुष्टवायुभ्यः, स्वदेशं त्रायते नित्यम्॥ अखण्ड…….. त्रिवृत्तः सागरः शिष्टो, विनीतः सेवको भूत्वा । पदप्रक्षालनं कुर्वन्, विधत्ते वन्दनं पुष्पम् ॥ अखण्डं…….. 🌼 Simple Hindi Translation ​ राष्ट्र की स्तुति (देश-वंदना) हम अपने अखंड राष्ट्रदेवता स्वरूप, इस दिव्य भारतवर्ष को नमन करते हैं। पर्वतराज हिमालय ( नगेन्द्रः ) एक बलवान और विशालकाय सैनिक बनकर, शत्रुओं ( अरिभ्यः ) तथा उत्तर से आने वाली ठंडी/दुष्ट हवाओं से हमारे देश की हमेशा रक्षा ( त्रायते ) करता है। उस अखंड भारत को हम नमन करते हैं। तीनों ओर से घेरे हुए (त्रिवृत्तः) महासागर एक शिष्ट और विनम्र सेवक बनकर निरंतर भारत माता के चरणों को धो रहा है ( पदप्रक्षालनम् ) और लहरों रूपी फूलों से वंदना कर रहा है। उस अखंड भारत को हम नमन करते हैं। 📖 Word Meanings ​ नमामो — हम सब नमन करते हैं ( नमामः ) नगेन्द्रः — पर्वतों का राजा (हिमालय) अरिभ्यः — शत्रुओं से त्रायते — रक्ष...
By Guddu Kumar

Share