BSEB Class 10 Varnika Chapter 3 Summary in Hindi
माँ ईश्वर पेटलीकर ईश्वर पेटलीकर गुजराती के लोकप्रिय कथाकार हैं। इनके कथा साहित्य में गुजरात का समय और समाज, नये-पुराने मूल्य, दर्शन और कला आदि रच-पककर एक नई आस्वादकता के साथ उपस्थित होते हैं। 'खून की सगाई' इनकी प्रसिद्ध कहानी है और 'काला पानी' इनका लोकप्रिय उपन्यास है। साहित्य के अलावा श्री पेटलीकर सामाजिक-राजनीतिक जीवन में भी सक्रिय रहे हैं । इनकी दर्जनों पुस्तकें पुरस्कृत और बहुप्रशंसित हो चुकी हैं। यह कहानी गोपालदास नागर द्वारा संपादित एवं अनूदित कहानी संग्रह 'माँ' से साभार संकलित है । मंगु को पागलों के अस्पताल में भर्ती करने की सलाह लोग उसकी माँ को देते, तब उसकी आँखों में आँसू झिलमिला आते और हरएक को वह एक ही जवाब देती "मैं माँ होकर सेवा नहीं कर सकती, तो अस्पताल वालों को क्या पड़ी है ? अपंग जानवरों की गौशालाओं में भर्ती कर आने जैसा ही यह कहा जायेगा ।" माँ की यह ग्रन्थि प्रकट हो जाने के बाद, कोई उनसे ऐसी बातें करता भी नहीं था । जन्म की पागल और गूंगी पुत्री को वे जिस तरह पालती-पोसती, सेवा करती और लाड़-प्यार करती, यह प्रत्यक्ष देख लोग उनकी प्रशंसा भी क...
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Guddu Kumar