अध्याय 11: त्रि-विमीय ज्यामिति (Three-Dimensional Geometry)
त्रि-विमीय ज्यामिति में हम अंतरिक्ष (Space) में रेखाओं (Lines) के त्रिविमीय गुणों का अध्ययन सदिश बीजगणित (Vector Algebra) की सहायता से करते हैं।
1. रेखा के दिक्-कोसाइन और दिक्-अनुपात (Direction Cosines & Ratios)
क) दिक्-कोसाइन (Direction Cosines - ):
यदि कोई रेखा अंतरिक्ष में मूलबिंदु से गुजरती है और
- महत्वपूर्ण सर्वसमिका:
- त्रिकोणमितीय रूपांतरण:
ख) दिक्-अनुपात (Direction Ratios - ):
ऐसी कोई भी तीन संख्याएँ जो दिक्-कोसाइन के समानुपाती (Proportional) हों, दिक्-अनुपात कहलाती हैं।
- दिक्ष-अनुपात से दिक्-कोसाइन ज्ञात करना:
ग) दो बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा के दिक्-अनुपात:
बिंदुओं
2. अंतरिक्ष में रेखा का समीकरण (Equation of a Line in Space)
एक रेखा का समीकरण दो स्थितियों में ज्ञात किया जा सकता है:
स्थिति 1: एक दिए गए बिंदु से गुजरने वाली तथा दिए गए सदिश के समांतर रेखा
- सदिश रूप (Vector Form): यदि रेखा बिंदु
से गुजरती है और सदिश के समांतर है: - कार्तीय रूप (Cartesian Form): यदि बिंदु
हो और रेखा के दिक्-अनुपात हों:
स्थिति 2: दो दिए गए बिंदुओं से गुजरने वाली रेखा
- सदिश रूप (Vector Form): यदि रेखा दो बिंदुओं
और से गुजरती है: - कार्तीय रूप (Cartesian Form): यदि बिंदु
और हों:
3. दो रेखाओं के बीच का कोण (Angle Between Two Lines)
यदि दो रेखाओं के दिक्-अनुपात क्रमशः
महत्वपूर्ण शर्तें (Most Important for Exam):
- लंबवत होने की शर्त (Perpendicular Lines): यदि
हो: - समांतर होने की शर्त (Parallel Lines): यदि
हो:
4. दो रेखाओं के बीच की न्यूनतम दूरी (Shortest Distance Between Two Lines)
अंतरिक्ष में दो रेखाएँ जो न तो समांतर होती हैं और न ही कभी प्रतिच्छेद करती हैं, विषमतलीय रेखाएँ (Skew Lines) कहलाती हैं।
क) विषमतलीय रेखाओं के बीच की दूरी:
माना दो रेखाएँ
- नोट: यदि न्यूनतम दूरी
आ जाए, तो इसका अर्थ है कि दोनों रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद (Intersect) करती हैं।
ख) समांतर रेखाओं के बीच की दूरी:
माना दो समांतर रेखाएँ
🚀 JEE / NDA / BOARD के लिए विशेष टिप्स (Quick Tricks)
- रेखाओं का प्रतिच्छेदन बिंदु: कार्तीय रूप वाली दोनों रेखाओं को क्रमशः
और के बराबर रखकर व्यापक बिंदु निकालें। दोनों से की तुलना कर और का मान ज्ञात करें। - अक्षों के दिक्-कोसाइन: सीधा ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछा जाता है:
-अक्ष के दिक्-कोसाइन: -अक्ष के दिक्-कोसाइन: -अक्ष के दिक्-कोसाइन:
- चिह्न की सावधानी: कार्तीय रूप
का उपयोग करते समय हमेशा सुनिश्चित करें कि के गुणांक (Coefficients) धनात्मक हों। यदि समीकरण दिया है, तो इसे पहले में बदलें।
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