कक्षा 12 गणित अध्याय 2 प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन | NCERT
📚 अध्याय 2: प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन (Inverse Trigonometric Functions) यह नोट्स विशेष रूप से CBSE, बिहार बोर्ड (BSEB), अन्य राज्य बोर्ड (SCERT) तथा प्रतियोगी परीक्षाओं (JEE Main & Advanced, NDA) के हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए तैयार किए गए हैं। 1. मुख्य परिचय (Introduction to ITF) मूल अवधारणा: हम जानते हैं कि किसी फलन का व्युत्क्रम ( ) केवल तभी संभव है जब फलन एकैकी तथा आच्छादक (Bijective) हो। त्रिकोणमितीय फलनों का प्रतिबंध: सामान्यतः त्रिकोणमितीय फलन (जैसे ) आवर्ती होने के कारण अपने वास्तविक प्रांतों में बहु-एक (Many-one) होते हैं। अतः उनके व्युत्क्रम को परिभाषित करने के लिए उनके प्रांत (Domain) को एक विशिष्ट अंतराल में सीमित किया जाता है, जिसे मुख्य मान शाखा (Principal Value Branch) कहते हैं। 2. मुख्य मान शाखाएँ: प्रांत एवं परिसर (Domain & Range) - अति महत्वपूर्ण परीक्षाओं में सीधे मुख्य मान निकालने के लिए इस तालिका को कंठस्थ रखना अनिवार्य है: प्रतिलोम फलन प्रांत (Domain) परिसर / मुख्य मान शाखा (Principal Value Range) 1. 2. 3. (सभी वास्तविक संख्याएँ) (विवृत ...
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Guddu Kumar