कक्षा 12 गणित अध्याय 6 अवकलज के अनुप्रयोग नोट्स | NCERT
अध्याय 6: अवकलज के अनुप्रयोग (Application of Derivatives) अवकलन (Differentiation) का उपयोग वास्तविक जीवन की समस्याओं, ज्यामिति, विज्ञान और अर्थशास्त्र में किया जाता है। इस अध्याय में हम अवकलज के मुख्य अनुप्रयोगों का अध्ययन करेंगे। 1. राशियों के परिवर्तन की दर (Rate of Change of Quantities) यदि कोई राशि , दूसरी राशि के साथ बदलती है, तो में के सापेक्ष परिवर्तन की दर को द्वारा दर्शाया जाता है। समय के सापेक्ष परिवर्तन: यदि और दोनों समय के साथ बदलते हैं, तो: ज ह ा ँ महत्वपूर्ण बिंदु: यदि (धनात्मक) है, तो बढ़ने पर बढ़ता है। यदि (ऋणात्मक) है, तो बढ़ने पर घटता है। 💡 उदाहरण: एक वृत्त की त्रिज्या , की दर से बढ़ रही है। जब हो, तो क्षेत्रफल के परिवर्तन की दर ज्ञात कीजिए। हल: वृत्त का क्षेत्रफल के सापेक्ष अवकलन करने पर: मान रखने पर: 2. वर्धमान और ह्रासमान फलन (Increasing and Decreasing Functions) किसी अंतराल में फलन के व्यवहार को अवकलज के चिह्न द्वारा आसानी से समझा जा सकता है। अंतराल में फलन के प्रकार: निरंतर वर्धमान (Strictly Increasing): यदि अंतराल में अवकलज नियम: ...
By
Guddu Kumar