📚 अध्याय 2: प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन (Inverse Trigonometric Functions)
यह नोट्स विशेष रूप से CBSE, बिहार बोर्ड (BSEB), अन्य राज्य बोर्ड (SCERT) तथा प्रतियोगी परीक्षाओं (JEE Main & Advanced, NDA) के हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए तैयार किए गए हैं।
1. मुख्य परिचय (Introduction to ITF)
- मूल अवधारणा: हम जानते हैं कि किसी फलन
का व्युत्क्रम ( ) केवल तभी संभव है जब फलन एकैकी तथा आच्छादक (Bijective) हो। - त्रिकोणमितीय फलनों का प्रतिबंध: सामान्यतः त्रिकोणमितीय फलन (जैसे
) आवर्ती होने के कारण अपने वास्तविक प्रांतों में बहु-एक (Many-one) होते हैं। अतः उनके व्युत्क्रम को परिभाषित करने के लिए उनके प्रांत (Domain) को एक विशिष्ट अंतराल में सीमित किया जाता है, जिसे मुख्य मान शाखा (Principal Value Branch) कहते हैं।
2. मुख्य मान शाखाएँ: प्रांत एवं परिसर (Domain & Range) - अति महत्वपूर्ण
परीक्षाओं में सीधे मुख्य मान निकालने के लिए इस तालिका को कंठस्थ रखना अनिवार्य है:
| प्रतिलोम फलन | प्रांत (Domain) | परिसर / मुख्य मान शाखा (Principal Value Range) |
|---|---|---|
| 1. | ||
| 2. | ||
| 3. | ||
| 4. | ||
| 5. | ||
| 6. |
3. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के मूल गुणधर्म (Properties of ITF)
🔹 गुणधर्म 1: स्व-समायोजन गुण (Self-Adjustment Property)
यदि कोण मुख्य मान शाखा (Range) के अंतर्गत आता हो, तो:
यदि यदि यदि
⚠️ महत्वपूर्ण बिंदु (JEE/Boards): यदि कोण मुख्य मान शाखा से बाहर हो, तो पहले उसे त्रिकोणमितीय सूत्रों की सहायता से मुख्य अंतराल में लाया जाता है।
- उदाहरण:
क्योंकि । - सही विधि:
।
🔹 गुणधर्म 2: व्युत्क्रम संबंध (Reciprocal Relations)
🔹 गुणधर्म 3: ऋणात्मक कोणों के नियम (Negative Arguments) - अत्यंत महत्वपूर्ण
यहाँ फलनों को दो समूहों (Family) में बाँटा जाता है:
समूह A (सीधे बाहर आने वाले - Range में
समूह B (
4. पूरक कोण सूत्र (Complementary Identities)
ये सूत्र कैलकुलस (अवकलन एवं समाकलन) में प्रतिस्थापन के समय बहुत उपयोगी हैं:
5. महत्वपूर्ण योग एवं अंतर के सूत्र (Sum & Difference Formulas)
🔹 के पद में:
🔹 तथा के पद में:
6. द्वि-कोण एवं त्रि-कोण सूत्र (Multiple Angle Formulas)
🔹 के रूपांतरण सूत्र (अति महत्वपूर्ण):
🔹 अन्य बहु-कोण सूत्र:
7. कैलकुलस के लिए महत्वपूर्ण त्रिकोणमितीय प्रतिस्थापन (Substitutions)
यदि व्यंजक नीचे दिए गए रूप में हो, तो सरलीकरण के लिए निम्नानुसार प्रतिस्थापन करते हैं:
या या या या या
🎯 क्विक रीविज़न की-पॉइंट्स (JEE / NDA / Boards)
- त्रिभुज विधि (Triangle Method): किसी भी एक ITF को दूसरे ITF में बदलने के लिए समकोण त्रिभुज (
या ) का उपयोग करें। जैसे यदि (लम्ब/कर्ण)। आधार होगा, अतः या सीधे लिखा जा सकता है। - असमिकाएँ (Inequalities):
और वर्धमान (Increasing) फलन हैं, जबकि और ह्रासमान (Decreasing) फलन हैं।
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