अध्याय 6: अवकलज के अनुप्रयोग (Application of Derivatives)
अवकलन (Differentiation) का उपयोग वास्तविक जीवन की समस्याओं, ज्यामिति, विज्ञान और अर्थशास्त्र में किया जाता है। इस अध्याय में हम अवकलज के मुख्य अनुप्रयोगों का अध्ययन करेंगे।
1. राशियों के परिवर्तन की दर (Rate of Change of Quantities)
यदि कोई राशि
- समय के सापेक्ष परिवर्तन: यदि
और दोनों समय के साथ बदलते हैं, तो: - महत्वपूर्ण बिंदु:
- यदि
(धनात्मक) है, तो बढ़ने पर बढ़ता है। - यदि
(ऋणात्मक) है, तो बढ़ने पर घटता है।
- यदि
💡 उदाहरण: एक वृत्त की त्रिज्या
, की दर से बढ़ रही है। जब हो, तो क्षेत्रफल के परिवर्तन की दर ज्ञात कीजिए।
- हल: वृत्त का क्षेत्रफल
के सापेक्ष अवकलन करने पर: - मान रखने पर:
2. वर्धमान और ह्रासमान फलन (Increasing and Decreasing Functions)
किसी अंतराल
अंतराल में फलन के प्रकार:
- निरंतर वर्धमान (Strictly Increasing): यदि अंतराल में
- अवकलज नियम: अंतराल
में
- अवकलज नियम: अंतराल
- वर्धमान (Increasing): यदि अंतराल में
- अवकलज नियम: अंतराल
में
- अवकलज नियम: अंतराल
- निरंतर ह्रासमान (Strictly Decreasing): यदि अंतराल में
- अवकलज नियम: अंतराल
में
- अवकलज नियम: अंतराल
- ह्रासमान (Decreasing): यदि अंतराल में
- अवकलज नियम: अंतराल
में
- अवकलज नियम: अंतराल
अंतराल ज्ञात करने के चरण:
ज्ञात करें। - क्रान्तिक बिंदु (Critical Points) निकालने के लिए
रखें। - इन बिंदुओं को संख्या रेखा पर अंकित कर अंतराल बनाएं।
- प्रत्येक अंतराल में
का चिह्न (+ या -) जांचें।
3. स्पर्श रेखा और अभिलंब (Tangents and Normals)
वक्र
अवनति या ढाल (Slope):
- स्पर्श रेखा की ढाल (
): - अभिलंब की ढाल (
): चूंकि अभिलंब स्पर्श रेखा पर लंब होता है, इसलिए
समीकरण (Equations):
- स्पर्श रेखा का समीकरण:
- अभिलंब का समीकरण:
विशेष स्थितियां:
- यदि स्पर्श रेखा
-अक्ष के समांतर है - यदि स्पर्श रेखा
-अक्ष के समांतर ( -अक्ष पर लंब) है (या ढाल अपरिभाषित है)
4. सन्निकटन (Approximations)
अवकलज का उपयोग किसी फलन के मान में बहुत छोटे परिवर्तन (
- मूल सूत्र:
- चूँकि
, इसलिए:
5. उच्चतम और निम्नतम (Maxima and Minima)
यह इस अध्याय का सबसे महत्वपूर्ण भाग है, जिसका उपयोग इष्टतमीकरण (Optimization) समस्याओं में होता है।
क्रान्तिक बिंदु (Critical Point):
वक्र पर वह बिंदु जहाँ
जाँच करने की विधियाँ:
विधि 1: प्रथम अवकलज परीक्षण (First Derivative Test)
क्रान्तिक बिंदु
- स्थानीय उच्चतम: यदि चिह्न (+) से (-) में बदलता है।
- स्थानीय निम्नतम: यदि चिह्न (-) से (+) में बदलता है।
- नति परिवर्तन बिंदु (Point of Inflection): यदि चिह्न नहीं बदलता है।
विधि 2: द्वितीय अवकलज परीक्षण (Second Derivative Test) - सबसे लोकप्रिय
रखकर क्रान्तिक बिंदु ज्ञात करें। (द्वितीय अवकलज) ज्ञात करें और उसमें का मान रखें: - यदि
पर फलन स्थानीय उच्चतम है। - यदि
पर फलन स्थानीय निम्नतम है। - यदि
यह परीक्षण असफल रहता है (तब प्रथम अवकलज परीक्षण का उपयोग करें)।
- यदि
संवृत अंतराल में निरपेक्ष उच्चतम और निम्नतम (Absolute Maxima & Minima):
अंतराल
- अंतराल के अंदर के सभी क्रान्तिक बिंदु निकालें।
- क्रान्तिक बिंदुओं और अंत्य बिंदुओं (
और ) पर फलन का मान ज्ञात करें। - प्राप्त मानों में जो सबसे बड़ा होगा वह निरपेक्ष उच्चतम और जो सबसे छोटा होगा वह निरपेक्ष निम्नतम मान कहलाएगा।
🚀 JEE / NDA के लिए विशेष टिप्स (Quick Tricks)
- वर्धमान/ह्रासमान: यदि कोई फलन हमेशा वर्धमान है (
), तो इसका प्रतिलोम (Inverse) भी अस्तित्व में होगा और वह एकैकी (One-One) फलन होगा। - स्पर्श रेखा: दो वक्र एक दूसरे को समकोण पर काटते हैं (Orthogonal curves) यदि उनके स्पर्श रेखाओं की ढालों का गुणनफल
हो। - उच्चतम/निम्नतम: यदि किसी निश्चित परिमाप वाले आयत का क्षेत्रफल अधिकतम करना हो, तो वह आयत हमेशा एक वर्ग (Square) होता है।
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