🤝 अध्याय 4: भारत के विदेश संबंध (India's External Relations)
यह NCERT कक्षा 12 राजनीति विज्ञान की द्वितीय पुस्तक 'स्वतंत्र भारत में राजनीति' के चौथे अध्याय का एक संपूर्ण, सरल और परीक्षा-उपयोगी (CBSE, CUET, BSEB/बिहार बोर्ड, SCERT, BSTBPC, UPSC) वन-शॉट डिजिटल नोट्स है।

📌 1. भारत की विदेश नीति के मुख्य निर्धारक तत्व (Nehru's Legacy)
स्वतंत्रता के समय विश्व शीत युद्ध (Cold War) की चपेट में था और दुनिया दो खेमों—अमेरिका और सोवियत संघ में बंट रही थी। ऐसे कठिन दौर में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भारत की विदेश नीति की नींव रखी।
🌟 नेहरू की विदेश नीति के तीन मुख्य उद्देश्य:
- कठिन संघर्ष से प्राप्त भारत की संप्रभुता (Sovereignty) की रक्षा करना।
- देश की क्षेत्रीय अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखना।
- तीव्र आर्थिक विकास सुनिश्चित करना।
🕊️ गुटनिरपेक्षता की नीति (Non-Alignment): नेहरू ने इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए दोनों महाशक्तियों के सैन्य गुटों (जैसे नाटो या वारसा पैक्ट) से दूरी बनाए रखने का मार्ग चुना, जिसे 'गुटनिरपेक्षता' कहा गया। भारत विश्व राजनीति में मूक दर्शक नहीं था, बल्कि उसने शांति के लिए दोनों गुटों के बीच मध्यस्थता की सक्रिय भूमिका निभाई (जैसे कोरिया संकट में)।
🇨🇳 2. भारत और चीन संबंध: दोस्ती से युद्ध तक (1950 - 1962)
भारत और चीन के संबंध शुरू में बहुत मधुर थे। भारत ने चीनी क्रांति (1949) के बाद साम्यवादी सरकार को मान्यता देने वाले शुरुआती देशों में अपनी जगह बनाई।
📜 पंचशील सिद्धांत (29 अप्रैल 1954):
भारत के प्रधानमंत्री नेहरू और चीन के प्रमुख चाउ एन-लाई ने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए पाँच सिद्धांतों की घोषणा की, जिन्हें 'पंचशील' कहा जाता है:
- एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करना।
- एक-दूसरे पर आक्रमण न करना।
- एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना।
- समानता और आपसी लाभ।
- शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व (इसी समय 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' का नारा गूँजा था)।
⚡ विवाद के मुख्य बिंदु:
- तिब्बत संकट (1950 - 1959): 1950 में चीन ने तिब्बत पर बलपूर्वक नियंत्रण कर लिया। शुरू में भारत ने विरोध नहीं किया, लेकिन जब चीन ने तिब्बती संस्कृति को कुचलना शुरू किया, तो तिब्बत के धार्मिक गुरु दलाई लामा ने 1959 में भारत से राजनीतिक शरण मांगी। भारत ने उन्हें शरण दे दी, जिससे चीन भारत से बुरी तरह चिढ़ गया।
- सीमा विवाद: चीन ने भारत के दो क्षेत्रों पर अपना दावा ठोका— पहला लद्दाख का अक्साई चिन क्षेत्र और दूसरा उत्तर-पूर्व का नेफा (NEFA - नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी, जो वर्तमान अरुणाचल प्रदेश है)।
⚔️ भारत-चीन युद्ध (अक्टूबर 1962):
चीन ने दोनों विवादित क्षेत्रों पर अचानक ताबड़तोड़ सैन्य हमला कर दिया। भारतीय सेना इस अचानक हुए हमले के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थी, जिसके कारण भारत को करारी हार का सामना करना पड़ा।
- परिणाम: नेहरू की 'गुटनिरपेक्ष' नीति की तीव्र आलोचना हुई और भारत को मदद के लिए अमेरिका व ब्रिटेन से हथियार मांगने पड़े। रक्षा मंत्री वी. कृष्णमेनन को इस्तीफा देना पड़ा और नेहरू की छवि को गहरा आघात पहुँचा।
🇵🇰 3. भारत-पाकिस्तान संबंध: युद्ध और समझौते (1947 - 1999)
कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत और पाकिस्तान के संबंध स्वतंत्रता के समय से ही तनावपूर्ण रहे हैं:
① 1965 का युद्ध और ताशकंद समझौता:
- युद्ध: 1965 में पाकिस्तान के सैन्य शासक अयूब खान ने कश्मीर पर नियंत्रण के लिए 'ऑपरेशन जिब्राल्टर' के तहत हमला कर दिया। तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सेना को पंजाब सीमा से लाहौर की ओर बढ़ने का आदेश दे दिया, जिससे पाकिस्तानी सेना पीछे हटने पर मजबूर हुई।
- 🤝 ताशकंद समझौता (जनवरी 1966): सोवियत संघ (USSR) की मध्यस्थता में उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में शास्त्री जी और अयूब खान के बीच यह समझौता हुआ। (इस समझौते के तुरंत बाद ताशकंद में ही शास्त्री जी की रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी)।
② 1971 का बांग्लादेश युद्ध और शिमला समझौता:
- पृष्ठभूमि: पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) के लोगों के दमन के खिलाफ भारत ने मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाते हुए उनकी सहायता की।
- युद्ध (दिसंबर 1971): पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया। भारतीय सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूर्वी पाकिस्तान को पूरी तरह घेर लिया। पाकिस्तानी जनरल नियाज़ी ने 93,000 सैनिकों के साथ आत्मसमर्पण किया और विश्व के मानचित्र पर एक नया स्वतंत्र राष्ट्र 'बांग्लादेश' उदित हुआ।
- 🤝 शिमला समझौता (जुलाई 1972): युद्ध की समाप्ति के बाद भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के नेता जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच शिमला में ऐतिहासिक समझौता हुआ, जिसके तहत द्विपक्षीय मुद्दों को आपस में सुलझाने की प्रतिबद्धता तय की गई।
③ कारगिल संघर्ष (1999):
- 1999 की गर्मियों में पाकिस्तानी सेना के कबाइलियों और सैनिकों ने नियंत्रण रेखा (LoC) को पार कर कारगिल, द्रास और मश्कोह की भारतीय चौकियों पर कब्जा कर लिया। भारत ने 'ऑपरेशन विजय' चलाकर अपनी सभी चौकियों को वापस मुक्त करा लिया।
🌍 4. अफ़्रीकी-एशियाई एकता: बांडुंग सम्मेलन (1955)
नेहरू एशिया और अफ्रीका के नए स्वतंत्र देशों की एकता के प्रबल समर्थक थे।
- बांडुंग सम्मेलन: सन् 1955 में इंडोनेशिया के बांडुंग शहर में अफ़्रीकी-एशियाई सम्मेलन आयोजित हुआ।
- महत्व: इसी सम्मेलन ने आगे चलकर गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) की ठोस नींव रखी। इसका पहला शिखर सम्मेलन 1961 में बेलग्रेड में हुआ।
⚛️ 5. भारत की परमाणु नीति (India's Nuclear Policy)
भारत ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए परमाणु तकनीक के विकास पर विशेष ध्यान दिया। भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक प्रसिद्ध वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा थे।
- 🥇 प्रथम परमाणु परीक्षण (मई 1974): भारत ने राजस्थान के पोखरण में अपना पहला परमाणु परीक्षण किया, जिसे भारत ने 'शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट' (Peaceful Nuclear Explosion) का नाम दिया। (इस अभियान का गुप्त कोड नाम 'स्माइलिंग बुद्धा' था)।
- 🥈 द्वितीय परमाणु परीक्षण (मई 1998): प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने पोखरण में ही 'ऑपरेशन शक्ति' के तहत पांच सफल परमाणु परीक्षण किए और स्वयं को एक घोषित परमाणु संपन्न राष्ट्र स्थापित किया।
- 📜 भारत का परमाणु सिद्धांत (Nuclear Doctrine): भारत की नीति 'नो फर्स्ट यूज़' (No First Use - पहले प्रयोग नहीं) के सिद्धांत पर आधारित है। अर्थात भारत किसी भी देश पर पहले परमाणु हमला नहीं करेगा, लेकिन यदि किसी ने भारत पर परमाणु हमला किया, तो भारत उसका विनाशकारी पलटवार करेगा। भारत ने वैश्विक CTBT (व्यापक परीक्षण प्रतिबंध संधि) और NPT (परमाणु अप्रसार संधि) पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया क्योंकि ये संधियाँ भेदभावपूर्ण हैं (यह केवल P5 देशों को परमाणु शक्ति रखने की अनुमति देती हैं)।
🎯 क्विक टेस्ट: खुद को परखें! (Self-Assessment)
चलिए देखते हैं इस डिजिटल नोट से आपने कितना सीखा! नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपने मन में सोचें:
- भारत और चीन के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए 'पंचशील सिद्धांतों' की घोषणा किस वर्ष की गई थी?
- वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की समाप्ति के बाद जनवरी 1966 में सोवियत संघ की मध्यस्थता में कौन सा ऐतिहासिक समझौता हुआ था?
- दिसंबर 1971 के बांग्लादेश युद्ध के बाद इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच किस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे?
- भारत के परमाणु कार्यक्रम के मुख्य जनक कौन थे, जिनके निर्देशन में भारत ने इस तकनीक की शुरुआत की थी?
👀 सही उत्तर देखने के लिए यहाँ क्लिक करें:
- 29 अप्रैल 1954 को (नेहरू और चाउ एन-लाई के बीच)
- ताशकंद समझौता (Tashkent Agreement - उज्बेकिस्तान)
- शिमला समझौता (Simla Agreement - जुलाई 1972)
- डॉ. होमी जहांगीर भाभा
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