Skip to content

Search This Blog

Search across AvN Learn India | CBSE, Bihar Board & ICSE Study Notes articles and categories

Master CBSE & Bihar Board exams with AvN Learn India. Get expert notes for Physics, Math, Coding & Grammar. Best solutions for I.Sc, I.A & I.Com!

Class 10 Maths Chapter 6 Notes in Hindi

🔺 अध्याय 6: त्रिभुज (Triangles) ​ ज्यामिति में आकृतियों के बीच के संबंधों को समझने के लिए 'समरूपता' एक बेहद महत्वपूर्ण अवधारणा है। इस अध्याय में हम समझेंगे कि कैसे दो भिन्न आकार की आकृतियाँ अपने आंतरिक गुणों (कोणों और भुजाओं के अनुपात) के कारण एक जैसी दिखती हैं और उन पर कौन से गणितीय नियम लागू होते हैं। 1. सर्वांगसमता बनाम समरूपता (Congruence vs Similarity) 🧩🤝⭐⭐⭐⭐⭐⭐ ​ ज्यामिति की बुनियादी समझ के लिए इन दोनों के बीच का अंतर जानना अत्यंत आवश्यक है: सर्वांगसम आकृतियाँ (Congruent Figures) 🔲🔲: वे आकृतियाँ जिनके आकार (Shape) और माप (Size) दोनों समान होते हैं। (जैसे— ₹100 के दो नए नोट, एक ही कंपनी के दो पेन)। समरूप आकृतियाँ (Similar Figures) ⚪🪐 ⭐⭐⭐⭐⭐⭐: "वे आकृतियाँ जिनके आकार (Shape) तो समान होते हैं, लेकिन उनका माप (Size) समान होना आवश्यक नहीं है , समरूप आकृतियाँ कहलाती हैं।" संकेत (Symbol): समरूपता को दर्शाने के लिए (टिल्ड) चिह्न का उपयोग किया जाता है। दैनिक जीवन के उदाहरण: भारत का एक बड़ा मानचित्र और उसी का एक छोटा पॉकेट मानचित्र; ताजमहल का असली रूप और उसका एक...
By Guddu Kumar

Share