BSEB Class 10 Sanskrit Chapter 20 Summary in Hindi
📜 Page 1 🕉️ Original Sanskrit Text पाठ-20 समयप्रज्ञा कश्चन ग्रामः आसीत्। तत्र कश्चन युवकः आसीत्। तस्य नाम दुर्गादासः। सः बुद्धिमान्। एकदा सर्वे ग्रामीणाः रात्रौ निद्रायां मग्नाः आसन्। तदा कुतश्चित् 'चोरः चोरः' इति आक्रोशध्वनिः श्रुतः। सर्वेऽपि ग्रामीणाः तत् श्रुत्वा त्वरया उत्थाय लवित्रं, दण्डः- इत्यादीनि आयुधानि स्वीकृत्य यतः ध्वनिः श्रुतः तत्र समायाताः। 🌼 Simple Hindi Translation पाठ-20: समयप्रज्ञा (हाजिरजवाबी या ऐन वक्त पर सूझबूझ) कोई एक गाँव था। वहाँ कोई एक युवक रहता था। उसका नाम दुर्गादास था। वह बहुत बुद्धिमान था। एक बार सभी गाँव वाले रात में नींद में मग्न (सोए हुए) थे। तभी कहीं से 'चोर, चोर!' ऐसी चिल्लाने की आवाज़ ( आक्रोशध्वनिः ) सुनाई दी। सभी ग्रामीण यह सुनकर जल्दी से उठे और हँसिया (लवित्रम्) , लाठी (दण्डः) आदि हथियार लेकर, जिधर से आवाज़ आ रही थी, उधर दौड़ पड़े। 📖 Word Meanings समयप्रज्ञा — ऐन वक्त पर सूझबूझ का इस्तेमाल करना या हाजिरजवाबी आक्रोशध्वनिः — चिल्लाने या गुहार लगाने की आवाज़ त्वरया — शीघ्र ही / जल्दी से लवित्रम् — फसल काटने वाली द...
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Guddu Kumar