BSEB Class 10 Sanskrit Chapter 21 Summary in Hindi
📜 Page 1 🕉️ Original Sanskrit Text पाठ-21 भारतभूषा संस्कृतभाषा भारतभूषा संस्कृतभाषा विलसतु हृदये हृदये। संस्कृतिरक्षा राष्ट्रसमृद्धिः भवतु हि भारतदेशे। श्रद्धा महती निष्ठा सुदृढा स्यान्नः कार्यरतानां स्वच्छा वृत्तिर्नव उत्साहो यत्नो विना विरामम्। न हि विच्छित्तिश्चित्तविकारः पदं निधेयंस्ततम् सत्यपि कष्टे विपदि कदापि वयं न यामो विरतिम् ॥1॥ 🌼 Simple Hindi Translation पाठ-21: भारत का आभूषण संस्कृत भाषा भारत का आभूषण ( भारतभूषा ) रूपी यह संस्कृत भाषा हर मनुष्य के हृदय-हृदय में सुशोभित हो ( विलसतु )। इस भारत देश में निश्चित ही संस्कृति की रक्षा हो और राष्ट्र की समृद्धि (उन्नति) हो। अपने कार्यों में लगे हुए ( कार्यरतानाम् ) हम सब लोगों की श्रद्धा बहुत बड़ी हो, हमारी निष्ठा अत्यंत पक्की (सुदृढ़) हो, हमारा आचरण ( वृत्तिः ) बिल्कुल साफ-सुथरा हो, मन में नया उत्साह हो और हमारा प्रयास बिना किसी रुकावट के (विना विरामम्) निरंतर चलता रहे। हमारे मन में कोई भटकाव या मानसिक विकार (बुरा विचार) न आए, और हमारे कदम लगातार आगे बढ़ते रहें ( पदं निधेयं सततम् )। जीवन में कष्ट या विपत्ति आने ...
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Guddu Kumar