बिहार बोर्ड कक्षा 12 — गृह विज्ञान (Home Science)
अध्याय 5: विसंक्रामक (Disinfectants)
हमारे आस-पास के वातावरण, वस्त्रों, बर्तनों और कमरों में कई प्रकार के अदृश्य हानिकारक रोगाणु एवं सूक्ष्मजीव छिपे होते हैं, जो संक्रामक रोगों को फैलाते हैं। इन रोगाणुओं को नष्ट करके पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने की प्रक्रिया को विसंक्रमण तथा इसमें उपयोग होने वाले पदार्थों को विसंक्रामक कहते हैं।
1. मुख्य परिभाषाएँ (Key Definitions)
क) विसंक्रमण (Disinfection):
"वह भौतिक या रासायनिक प्रक्रिया जिसके द्वारा किसी वस्तु, स्थान या वातावरण में मौजूद हानिकारक रोगजनक सूक्ष्मजीवों (जीवाणु, विषाणु आदि) को नष्ट किया जाता है, विसंक्रमण कहलाती है।"
ख) विसंक्रामक (Disinfectants) ⭐⭐⭐:
"वे रासायनिक पदार्थ या भौतिक साधन जिनका उपयोग रोगाणुओं और जीवाणुओं को नष्ट करने के लिए निर्जीव वस्तुओं (जैसे- फर्श, कपड़े, बर्तन, नाली आदि) पर किया जाता है, विसंक्रामक कहलाते हैं।"
- उदाहरण: फिनाइल, ब्लीचिंग पाउडर, उबलता पानी आदि।
ग) एन्टिसेप्टिक / पूतिरोधी (Antiseptic):
ये भी रोगाणुओं को नष्ट करते हैं या उनकी वृद्धि को रोकते हैं, लेकिन इनका उपयोग सजीवों की त्वचा या घावों पर किया जाता है (जैसे- डेटॉल, सैवलॉन, आयोडीन)। इन्हें त्वचा को बिना नुकसान पहुँचाए इस्तेमाल किया जा सकता है।
2. विसंक्रमण की मुख्य विधियाँ (Methods of Disinfection)
रोगाणुओं को नष्ट करने के लिए मुख्य रूप से तीन प्रकार की विधियों का उपयोग किया जाता है:
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[ विसंक्रमण की मुख्य विधियाँ ]│————————————————-│ │प्राकृतिक विधियाँ 2. भौतिक / भौतिकीय विधियाँ(Natural Methods) (Physical Methods)│ │(धूप और शुद्ध हवा) (उबालना, भाप, जलाना)│▼3. रासायनिक विधियाँ (Chemical)(फिनाइल, ब्लीचिंग पाउडर आदि)
1. प्राकृतिक विधियाँ (Natural Methods)
प्रकृति स्वयं एक बेहतरीन विसंक्रामक का कार्य करती है:
- सूर्य का प्रकाश (धूप) ⭐: सूर्य की किरणों में पराबैंगनी किरणें (UV Rays) होती हैं, जो एक शक्तिशाली प्राकृतिक विसंक्रामक हैं। बिस्तरों, गद्दों और कपड़ों को कड़क धूप में सुखाने से उनके कीटाणु स्वतः नष्ट हो जाते हैं।
- शुद्ध हवा: ताजी और शुद्ध हवा रोगाणुओं को पनपने नहीं देती और सीलन व दुर्गंध को दूर करती है।
2. भौतिक विधियाँ (Physical Methods)
घरेलू स्तर पर वस्तुओं को कीटाणुमुक्त करने के लिए यह सबसे सरल और सुरक्षित विधि है:
- उबालना (Boiling) ⭐⭐: कपड़ों, बर्तनों या पानी को
तापमान पर 15-20 मिनट तक उबालने से अधिकांश रोगाणु नष्ट हो जाते हैं। नवजात शिशु के दूध पीने की बोतल को हमेशा उबालकर विसंक्रमित करना चाहिए। - भाप द्वारा (Steam): अस्पतालों में ऑपरेशन के औजारों और पट्टियों को प्रेशर द्वारा गर्म भाप (ऑटोक्लेव मशीन) में विसंक्रमित किया जाता है।
- जलाना (Burning): रोगी द्वारा इस्तेमाल की गई निरुपयोगी वस्तुओं (जैसे- गंदे थूक वाले कागज, पट्टियाँ, पुरानी रुई) को सीधे आग में जला देना सबसे सुरक्षित विसंक्रमण है।
3. रासायनिक विधियाँ (Chemical Methods) ⭐⭐⭐
विभिन्न रासायनिक पदार्थों का उपयोग करके कीटाणुओं को नष्ट करना। ये बाज़ार में तरल (Liquid) या पाउडर के रूप में मिलते हैं।
3. प्रमुख रासायनिक विसंक्रामक और उनके उपयोग (Major Chemical Disinfectants)
बिहार बोर्ड की परीक्षा में वस्तुनिष्ठ और लघु उत्तरीय प्रश्नों में इनके उपयोग अक्सर पूछे जाते हैं:
- फिनाइल (Phenol / Phenyl):
- उपयोग: घरों, अस्पतालों के फर्श, शौचालय (Toilet) और नालियों को साफ करने तथा रोगाणुमुक्त करने के लिए इसका घोल सबसे लोकप्रिय है।
- ब्लीचिंग पाउडर (Chloride of Lime) ⭐⭐⭐:
- उपयोग: यह एक सफेद रंग का पाउडर होता है जिससे क्लोरीन की गंध आती है। इसका उपयोग नालियों, कूड़ेदानों, सार्वजनिक स्थानों और पानी की टंकियों को कीटाणुमुक्त करने के लिए किया जाता है।
- पोटैशियम परमैंगनेट (लाल दवा) ⭐⭐⭐:
- उपयोग: कुएँ के पानी को साफ और कीटाणुमुक्त करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे 'लाल दवा' कहते हैं। इसका हल्का गुलाबी घोल फलों और सब्जियों को धोने के काम भी आता है।
- चूना (Lime):
- उपयोग: यह एक सस्ता और आसानी से उपलब्ध विसंक्रामक है। नालियों के आस-पास, कच्चे फर्श या सूखे स्थानों पर चूने का पाउडर छिड़कने से कीटाणु नहीं पनपते।
- फॉर्मेलिन (Formalin):
- उपयोग: गैस के रूप में इसका उपयोग किसी संक्रामक रोगी के कमरे को पूरी तरह रोगाणुमुक्त (Fumigation / धूमीकरण) करने के लिए किया जाता है। इसके धुएं से कमरे के कोने-कोने के बैक्टीरिया मर जाते हैं।
- डेटॉल और लाइसॉल:
- उपयोग: बर्तनों, फर्श और कपड़ों को धोने के पानी में मिलाकर कीटाणुमुक्त करने के लिए।
4. एक आदर्श विसंक्रामक के गुण (Qualities of a Good Disinfectant)
लघु या दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण बिंदु:
- वह तीव्र और प्रभावशाली होना चाहिए, जो कम समय में अधिक से अधिक रोगाणुओं को नष्ट कर सके।
- वह आसानी से उपलब्ध और सस्ता होना चाहिए।
- उपयोग करने में सुरक्षित होना चाहिए और उससे वस्तुओं या कपड़ों का रंग खराब नहीं होना चाहिए।
- उसकी गंध बहुत अधिक तीखी या दम घोंटने वाली नहीं होनी चाहिए।
5. विभिन्न वस्तुओं का विसंक्रमण कैसे करें? (Care during Infections)
गृह विज्ञान के नियमों के अनुसार, घर में किसी को संक्रामक रोग होने पर निम्नलिखित सावधानी बरतें:
- रोगी के कपड़े: इन्हें बाकी परिवार के कपड़ों से अलग गर्म पानी और डेटॉल/फिनाइल के घोल में उबालकर धोना चाहिए और तेज धूप में सुखाना चाहिए।
- रोगी के बर्तन: बर्तनों को साफ करने के बाद उबलते पानी से धोना चाहिए।
- कमरा और फर्श: कमरे के फर्श को प्रतिदिन फिनाइल या लाइसॉल के पोंछे से साफ करना चाहिए। रोगी के ठीक होने पर कमरे में फॉर्मेलिन या गंधक का धुआँ (Fumigation) करना चाहिए।
🚀 गृह विज्ञान बोर्ड परीक्षा विशेष सफलता बिंदु (BSEB Scoring Secrets)
- लाल दवा का वैज्ञानिक नाम ⭐⭐⭐: बिहार बोर्ड के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का अत्यंत पसंदीदा प्रश्न— "लाल दवा किसे कहते हैं?" उत्तर है: पोटैशियम परमैंगनेट (
) को लाल दवा कहा जाता है। - दूध की बोतल का विसंक्रमण: शिशु के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उसकी दूध की बोतल को हमेशा उबालकर (Boiling Method) ही विसंक्रमित करना चाहिए। केवल ठंडे या सामान्य पानी से धोना पर्याप्त नहीं है।
- Fumigation (धूमीकरण): जब किसी कमरे को पूरी तरह बंद करके उसमें गैस या धुएँ (जैसे फॉर्मेलिन) द्वारा कीटाणुओं को नष्ट किया जाता है, तो इसे धूमीकरण कहते हैं।
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