🌾 आहार (Foods):
यह शार्ट, आकर्षक और समझने में आसान नोट्स विशेष रूप से BSEB (Bihar Board), SCERT, SBTE और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के गृह विज्ञान (Home Science) पाठ्यक्रम को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
📌 1. परिचय एवं परिभाषा (Introduction & Definition)
- सरल शब्दों में: वह सभी ठोस एवं तरल पदार्थ, जिसे हम खाते या पीते हैं, जो आसानी से पच सके और शरीर को ऊर्जा, वृद्धि तथा पोषण प्रदान करे, भोजन कहलाता है।
- चैम्बर्स डिक्शनरी: जो व्यक्ति खाता है, जो पचाया जा सके, जो जीवित रखता है या वृद्धि को बढ़ाता है, वही भोजन है।
📑 प्रमुख विचारकों के अनुसार परिभाषाएँ (Exam Points)
- सुधा नारायणन: आहार वह ठोस या तरल पदार्थ है जो जीवित रहने, स्वास्थ्य बनाए रखने, सामाजिक-पारिवारिक एकता, संवेगात्मक तृप्ति और सुरक्षा व प्रेम की भावना को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक है।
- ऊषा टण्डन: भोजन वह पदार्थ है जो हमारे शरीर को पोषित करता है। प्रत्येक भोज्य पदार्थ में पोषक तत्व की मात्रा भिन्न होती है।
- सुमति मुदाम्बिक एवं शालिनी राव: शरीर द्वारा खाए-पीने वाले पदार्थ जो अवशोषित होकर ऊर्जा देते हैं, शारीरिक वृद्धि करते हैं, ऊतकों की मरम्मत और शारीरिक क्रियाओं पर नियंत्रण रखते हैं, भोजन कहलाते हैं।
⚡ 2. भोजन के विभिन्न कार्य (Various Functions of Food)
भोजन को मुख्य रूप से तीन प्रमुख कार्यों में वर्गीकृत किया गया है:
भोजन के कार्य│┌───────────────────────┼───────────────────────┐शारीरिक कार्य मनोवैज्ञानिक कार्य सामाजिक व सांस्कृतिक कार्य(Physiological) (Psychological) (Socio-cultural)│ │ │├─ ऊर्जा प्रदान करना ├─ संवेगात्मक तृप्ति ├─ पारस्परिक सहयोग बढ़ाना├─ तन्तुओं का निर्माण ├─ मानसिक सुरक्षा ├─ तीज-त्योहारों पर एकता└─ रोगों से सुरक्षा └─ तनाव कम करना └─ नए पकवानों से मैत्री बढ़ाना(अ) शारीरिक कार्य (Physiological Functions)
- ऊर्जा प्रदान करना: शरीर की बाह्य (चलना, काम करना) और आंतरिक (श्वसन, पाचन, रक्त परिसंचरण) क्रियाओं के लिए ऊर्जा देना।
- 🍞 कार्बोहाइड्रेट: अनाज, शक्कर और गुड़ से प्राप्त। 1 ग्राम = 4 कैलोरी ऊर्जा।
- 🥩 प्रोटीन: कार्बोहाइड्रेट की कमी होने पर आपातकाल में ऊर्जा देता है। 1 ग्राम = 4 calorie ऊर्जा।
- 🧈 वसा (Fat): सबसे अधिक ऊर्जा देता है। 1 ग्राम = 9 कैलोरी ऊर्जा (मोस्ट इम्पोर्टेन्ट)।
- तन्तुओं का निर्माण (Building Tissues): नवीन ऊतकों का निर्माण और टूटे-फूटे ऊतकों की मरम्मत करना। यह मुख्य रूप से प्रोटीन और खनिज लवण (कैल्शियम, लोहा, फास्फोरस) द्वारा होता है।
- रोगों से सुरक्षा (Protection): शरीर को बीमारियों से लड़ने की क्षमता देना। यह कार्य विटामिन (A, B, C, D, E, K) और खनिज लवण करते हैं।
(ब) मनोवैज्ञानिक कार्य (Psychological Functions)
- भोजन केवल भूख नहीं मिटाता, बल्कि यह भावनाओं और आत्मीयता को व्यक्त करने का माध्यम है।
- किसी को प्यार से भोजन कराना मानसिक संतोष और सुरक्षा की भावना देता है। खाने के समय परिवार के साथ बैठने से मानसिक तनाव कम होता है।
(स) सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्य (Socio-cultural Functions)
- प्राचीन काल से ही तीज-त्योहारों, शादियों और सम्मेलनों में सामूहिक भोज की परंपरा है। यह आपसी सहयोग, सहिष्णुता, सद्भावना और मैत्री-भाव को बढ़ाता है।
🍱 3. ICMR के ५ बुनियादी खाद्य समूह (ICMR 5 Food Groups)
भारतीय परिस्थितियों के अनुसार ICMR ने आहार नियोजन (Diet Planning) के लिए भोजन को ५ समूहों में बांटा है:
| खाद्य समूह | उदाहरण (Items) | मुख्य पोषक तत्व (Nutrients) |
|---|---|---|
| 1. अनाज तथा उत्पाद | चावल, गेहूँ, रागी, बाजरा, ज्वार, मक्का, जौ | ऊर्जा, प्रोटीन, अदृश्य वसा, विटामिन |
| 2. दालें तथा फलियाँ | अरहर, राजमा, सोयाबीन, छोले, मसूर, मूँग | ऊर्जा, प्रोटीन, कैल्शियम, लौह लवण, फोलिक अम्ल, रेशा |
| 3. दूध तथा माँस उत्पाद | दूध, दही, पनीर, अण्डा, मछली, चिकन, यकृत | उच्च कोटि प्रोटीन, वसा, कैल्शियम, विटामिन |
| 4. फल तथा सब्जियाँ | आम, पपीता (फल); पालक, मेथी (पत्तेदार); गाजर, आलू | कैरोटीनॉइड्स (विटामिन A), विटामिन C, कैल्शियम, रेशा |
| 5. वसा तथा शर्करा | घी, मक्खन, सरसों/मूँगफली का तेल, चीनी, गुड़, शहद | ऊर्जा, वसा, आवश्यक वसीय अम्ल |
📊 4. खाद्य पदार्थों की प्रस्तावित मात्रा (Proposed ICMR Guidelines)
आहार को संतुलित बनाने के लिए इन अनुपातों को ध्यान में रखना चाहिए:
- 🌾 कुल आवश्यक ऊर्जा का लगभग 75% भाग अनाजों से मिलना चाहिए।
- 🧈 कुल ऊर्जा का लगभग 15% भाग वसा (Fats) से मिलना चाहिए।
- 🍯 कुल ऊर्जा का लगभग 5% भाग शर्करा (Sugar) से मिलना चाहिए।
- 🥗 प्रतिदिन कम से कम 150 ग्राम सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
- 🥛 प्रतिदिन किसी न किसी रूप में 150 ग्राम दूध का सेवन आवश्यक है।
- ⚖️ आहार में दाल और अनाज का अनुपात 4:1 से 5:1 के बीच होना चाहिए।
🛍️ 5. भोज्य पदार्थों के चयन को प्रभावित करने वाले कारक
व्यक्ति क्या खाएगा, यह निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करता है:
- 🕉️ संस्कृति व धर्म: जैसे हिंदू धर्म में गोमांस और मुस्लिम धर्म में सूअर का मांस वर्जित है। क्षेत्रीय संस्कृति (जैसे बिहार-बंगाल में चावल-मछली, पंजाब में मक्के की रोटी-सरसों का साग) चयन को प्रभावित करती है।
- 📺 विज्ञापन (Advertisement): इंटरनेट और टीवी के विज्ञापनों से प्रभावित होकर बच्चे और युवा नए खाद्य पदार्थों का चयन करते हैं।
- 🌦️ उपलब्धता और मौसम: गर्मियों में लौकी, तोरई और सर्दियों में गाजर, मटर, बथुआ आसानी से उपलब्ध होते हैं।
- 💰 क्रय शक्ति (Purchasing Power): आर्थिक स्थिति के अनुसार लोग भोजन चुनते हैं, हालांकि सस्ता भोजन भी पौष्टिक हो सकता है (जैसे- चीनी से सस्ता गुड़ है, लेकिन गुड़ में लोहा/आयरन पाया जाता है)।
- 👥 मित्रों का प्रभाव (Peer Group): किशोर अक्सर अपने दोस्तों की देखा-देखी फास्ट फूड या अन्य प्रांतीय भोजन पसंद करने लगते हैं।
- 🚫 मिथ्या धारणाएँ (Superstitions): जैसे "मछली खाने के बाद दूध पीने से चर्म रोग (सफेद दाग) होता है" जैसी गलत धारणाएं भोजन के चयन को रोकती हैं।
💡 टिप और ट्रिक (Exam Tips & Tricks)
- TRICK-1 (ऊर्जा मान याद रखें):
- 1g कार्बोहाइड्रेट = 4 Kcal
- 1g प्रोटीन = 4 Kcal
- 1g वसा = 9 Kcal (यह परीक्षा में सबसे ज्यादा पूछा जाता है)
- BSEB Exam Point 1: जो शाकाहारी लोग मांस-मछली नहीं खा सकते, उनके लिए प्रोटीन प्राप्ति का सबसे सस्ता और उत्तम साधन दालें तथा फलियाँ (जैसे सोयाबीन) हैं।
- BSEB Exam Point 2: दालों को अंकुरित (Sprouted) करने से उनमें विटामिन 'B' और 'C' की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है।
- BSEB Exam Point 3: जठराग्नि (पाचन की अग्नि) सूर्योदय से 2 घंटे बाद तक और सूर्यास्त से 2.30 घंटे पहले तक सबसे प्रबल रहती है, इसीलिए सुबह और शाम को ही मुख्य भोजन का विधान है।
🏁 निष्कर्ष (Conclusion)
आहार केवल पेट भरने का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर को चलाने वाला ईंधन है। परीक्षा की दृष्टि से भोजन के तीनों कार्य (शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक) और ICMR द्वारा निर्धारित ५ खाद्य समूहों के पोषक तत्वों को याद रखना अत्यंत आवश्यक है।
Join the Discussion