📖🧠 अध्याय 6: अधिगम (Learning)
यह नोट्स NCERT / BSTBPC (Bihar Board) / CBSE / CUET एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC, State TET) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसे बहुत ही सरल, आकर्षक और परीक्षा-उपयोगी (Exam-Oriented) बनाया गया है।

🎯 1. अधिगम का अर्थ और विशेषताएँ (Meaning & Features of Learning)
अधिगम का सरल अर्थ होता है—सीखना। मनोविज्ञान में, अनुभव या अभ्यास के परिणामस्वरूप व्यवहार में होने वाले अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तनों (Relatively Permanent Changes) को अधिगम कहा जाता है।
⚠️ क्या अधिगम नहीं है? (What is NOT Learning?)
- थकान (Fatigue), बीमारी, परिपक्वता (Maturation) या नशीले पदार्थों के सेवन के कारण व्यवहार में आने वाले अस्थायी बदलाव अधिगम नहीं कहलाते हैं।
📌 अधिगम की मुख्य विशेषताएँ:
- अधिगम में हमेशा अनुभव या अभ्यास शामिल होता है।
- इससे व्यवहार में अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन आता है।
- यह एक सतत (Continuous) प्रक्रिया है जो जीवन भर चलती रहती है।
⚙️ 2. अधिगम के प्रमुख सिद्धांत (Theories of Learning)
मनोविज्ञान में सीखने की प्रक्रिया को समझाने के लिए तीन सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत दिए गए हैं:
A. शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) - इवान पावलव (Ivan Pavlov)
- प्रतिपादक: रूसी शरीरशास्त्री इवान पावलव (जिन्हें इसके लिए 1904 में नोबेल पुरस्कार मिला)।
- प्रयोग: उन्होंने कुत्ते पर प्रयोग किया। घंटी बजने (तटस्थ उद्दीपक) के तुरंत बाद भोजन (स्वाभाविक उद्दीपक) दिया गया, जिससे कुत्ते के मुँह से लार (स्वाभाविक अनुक्रिया) टपकने लगी। कुछ समय बाद, केवल घंटी बजने पर ही कुत्ते के मुँह से लार टपकने लगी।
- मुख्य शब्दावली:
- UCS (Unconditioned Stimulus): भोजन (स्वाभाविक उद्दीपक)
- UCR (Unconditioned Response): लार टपकना (स्वाभाविक अनुक्रिया)
- CS (Conditioned Stimulus): घंटी की आवाज़ (अनुबंधित उद्दीपक)
- CR (Conditioned Response): घंटी सुनकर लार टपकना (अनुबंधित अनुक्रिया)
B. क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) - बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner)
- प्रतिपादक: अमेरिकी मनोवैज्ञानिक बी. एफ. स्किनर।
- प्रयोग: उन्होंने चूहे और कबूतर पर प्रयोग किया (स्किनर बॉक्स में)। चूहे ने गलती से एक लीवर दबाया, जिससे उसे भोजन (पुनर्बलन) मिला। धीरे-धीरे चूहे ने लीवर दबाकर भोजन प्राप्त करना सीख लिया।
- मुख्य विचार: व्यवहार इस बात पर निर्भर करता है कि उसके बाद क्या परिणाम मिलता है।
- पुनर्बलन (Reinforcement): कोई भी ऐसी घटना जो उस व्यवहार के दोबारा होने की संभावना को बढ़ाती है।
- सकारात्मक पुनर्बलन (Positive Reinforcement): पुरस्कार या भोजन मिलना।
- नकारात्मक पुनर्बलन (Negative Reinforcement): किसी अप्रिय स्थिति या दर्द से मुक्ति मिलना (जैसे धूप से बचने के लिए चश्मा लगाना)।
- दंड (Punishment): यह व्यवहार को दबाता या कम करता है (यह पुनर्बलन नहीं है)।
C. प्रेक्षणात्मक अधिगम (Observational Learning) - अल्बर्ट बांडुरा (Albert Bandura)
- प्रतिपादक: अल्बर्ट बांडुरा।
- मुख्य विचार: मनुष्य दूसरों के व्यवहार को देखकर, उसका अनुकरण (Imitation) करके सीखता है। इसे सामाजिक अधिगम (Social Learning) भी कहते हैं।
- प्रयोग: प्रसिद्ध 'बोबो डॉल' (Bobo Doll) प्रयोग। जिन बच्चों को गुड़िया के प्रति आक्रामक व्यवहार वाली फिल्म दिखाई गई, उन्होंने भी गुड़िया के साथ वैसा ही हिंसक व्यवहार किया।
D. अंतर्दृष्टि या सूझ का सिद्धांत (Insight Learning) - वोल्फगैंग कोहलर (Wolfgang Kohler)
- प्रतिपादक: गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिक कोहलर।
- प्रयोग: 'सुल्तान' नामक चिंपैंजी (Chimpanzee) पर प्रयोग। पिंजरे में बंद चिंपैंजी ने अचानक अपनी सूझबूझ (Insight) का उपयोग कर दो छड़ियों को आपस में जोड़कर दूर रखे केले प्राप्त किए। सीखने की यह प्रक्रिया 'अचानक' (Aha! Moment) होती है।
📈 3. अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक (Determinants of Learning)
सीखने की गति और प्रभावशीलता निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करती है:
- शिक्षार्थी से संबंधित (Learner Factors): प्रेरणा (Motivation), मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, बुद्धि, और पूर्व ज्ञान।
- अधिगम सामग्री से संबंधित (Task Factors): सामग्री की लंबाई, उसका अर्थपूर्ण होना (Meaningfulness), और कठिनाई का स्तर।
- विधि से संबंधित (Method Factors): अभ्यास का तरीका (भागों में सीखना या एक साथ सीखना), और फीडबैक (परिणामों का ज्ञान)।
🔄 4. अधिगम का स्थानांतरण (Transfer of Learning)
एक परिस्थिति में सीखा हुआ ज्ञान जब दूसरी परिस्थिति में सीखने को प्रभावित करता है, तो उसे अधिगम का स्थानांतरण कहते हैं। यह 3 प्रकार का होता है:
- सकारात्मक स्थानांतरण (Positive Transfer): पुराना ज्ञान नए ज्ञान को सीखने में मदद करता है (जैसे- साइकिल चलाने का ज्ञान बाइक सीखने में मदद करता है)।
- नकारात्मक स्थानांतरण (Negative Transfer): पुराना ज्ञान नए ज्ञान को सीखने में बाधा डालता है (जैसे- भारत में बाएं हाथ से गाड़ी चलाने की आदत वाले को अमेरिका में दाएं हाथ से गाड़ी चलाने में दिक्कत होना)।
- शून्य स्थानांतरण (Zero Transfer): जब पुराने सीखने का नए सीखने पर कोई प्रभाव न पड़े (जैसे- इतिहास पढ़ने का प्रभाव गणित सीखने पर नहीं पड़ता)।
🧠 5. अधिगम अशक्तता (Learning Disabilities)
कुछ बच्चों में न्यूरोलॉजिकल विकारों के कारण सीखने, लिखने या गणितीय गणनाओं में समस्या होती है, जिसे अधिगम अशक्तता कहते हैं:
- डिस्लेक्सिया (Dyslexia): पढ़ने में कठिनाई होना (जैसे 'b' को 'd' या 'WAS' को 'SAW' पढ़ना)।
- डिस्ग्राफिया (Dysgraphia): लिखने में कठिनाई होना।
- डिसकैलकुलिया (Dyscalculia): गणित के सवालों और गणनाओं को समझने में समस्या।
🎯 परीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बिंदु (Exam Points)
- इवान पावलव: ये एक मनोवैज्ञानिक नहीं बल्कि शरीरशास्त्री (Physiologist) थे, जिन्होंने पाचन क्रिया पर शोध के लिए नोबेल पुरस्कार जीता था।
- Operant Conditioning: इसमें व्यवहार ऐच्छिक (Voluntary) होता है, जबकि शास्त्रीय अनुबंधन में व्यवहार अनैच्छिक (Involuntary/Reflex) होता है।
- Bobo Doll Experiment: यह प्रयोग अल्बर्ट बांडुरा द्वारा सामाजिक अधिगम को सिद्ध करने के लिए किया गया था।
- अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन: अधिगम की परिभाषा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- Dyslexia: 'तारे ज़मीन पर' फिल्म में दर्शील सफारी (ईशान अवस्थी) का किरदार इसी समस्या से पीड़ित था।
💡 टिप्स और ट्रिक्स (Tips & Tricks to Remember)
- Pavlov vs Skinner का अंतर याद रखें: 👉 Pavlov = Passive (कुत्ता बंधा हुआ है, घंटी बजने का इंतजार करता है
S-R Theory)। 👉 Skinner = Starting with Action (चूहा खुद पहले क्रिया/लीवर प्रेस करता है R-S Theory)। - अधिगम अशक्तता (Disabilities) याद रखने की ट्रिक: 👉 Dyslexia = Lexicon (शब्द/पढ़ना)। 👉 Dysgraphia = Graph (ग्राफ/चित्र बनाना या लिखना)। 👉 Dyscalculia = Calculator (कैलकुलेटर/गणित)।
🏁 निष्कर्ष (Conclusion)
अधिगम मानव जीवन की वह धुरी है जिसके बिना व्यक्ति का विकास और पर्यावरण में अनुकूलन (Adaptation) असंभव है। पावलव, स्किनर और बांडुरा के सिद्धांतों से स्पष्ट होता है कि हम न केवल उद्दीपकों और पुरस्कारों से सीखते हैं, बल्कि अपने समाज और बड़ों के व्यवहार का अनुकरण करके भी बहुत कुछ आत्मसात करते हैं। आधुनिक शिक्षा प्रणाली में इन अधिगम सिद्धांतों का उपयोग बाल-केंद्रित शिक्षा और अधिगम अशक्तता से जूझ रहे बच्चों की मदद के लिए बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।
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