Skip to content

BSEB Class 10 Geography Chapter 5A Notes in Hindi

🌍 बिहार : खनिज एवं ऊर्जा संसाधन (Minerals & Energy Resources) ​


1. 💎 बिहार में खनिज परिदृश्य (Mineral Scenario in Bihar) ​

  • विभाजन का प्रभाव: वर्ष 2000 में बिहार विभाजन के बाद खनिज संपन्न क्षेत्र झारखंड में चला गया, जिससे बिहार राज्य खनिज संपदा के मामले में लगभग खाली हो गया है।
  • वर्तमान स्थिति: देश के कुल खनिज भंडार का एक प्रतिशत से भी कम ( <1% ) भाग अब बिहार में बचा है।
  • मुख्य खनिज: चूना पत्थर और पाइराइट ही दो ऐसे खनिज हैं, जो यहाँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। इसके अलावा बॉक्साइट, मैग्नेटाइट, क्वाटर्जाइट, फेल्सपार आदि थोड़ी-बहुत मात्रा में संचित हैं।
  • राजस्व: वर्ष 2005-06 में खनिज संपदा से बिहार सरकार को 96.38 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

2. 📊 खनिजों का वर्गीकरण (Classification of Minerals) ​

बिहार के खनिजों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:

A. धात्विक खनिज (Metallic Minerals) ​

इसके अंतर्गत मुख्य रूप से बॉक्साइट, मैग्नेटाइट और सोना अयस्क आते हैं:

  • बॉक्साइट: बिहार में इसका कुल भंडार लगभग 1.5 हजार मीट्रिक टन है, जो गया, जमुई और बाँका जिलों में मिलता है।
  • मैग्नेटाइट: यह पत्थर के रूप में बिहार के दक्षिणी पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है, जिसका कुल भंडार 0.59 हजार मीट्रिक टन है।
  • सोना अयस्क (Gold Ore): यह दक्षिणी बिहार की नदियों के बालू के रेत के साथ मिलता है। इसमें प्रति टन बालू में मात्र 0.1 से 0.6 ग्राम सोना धातु प्राप्त होता है। अत्यधिक कम मात्रा के कारण इसका कोई वाणिज्यिक (Commercial) उत्पादन नहीं होता है।

B. अधात्विक खनिज (Non-Metallic Minerals) ​

इसके अंतर्गत चूना पत्थर, अभ्रक, डोलोमाइट, सिलिका सैंड, पाइराइट, क्वाटर्ज, फेल्सपार, चीनी मिट्टी, स्लेट और शोरा आते हैं।

① चूना पत्थर (Limestone) ​

  • भंडार व उत्पादन: बिहार में चूना पत्थर का कुल भंडार 210.85 हजार मीट्रिक टन है तथा इसका वार्षिक उत्पादन लगभग 260 लाख टन होता है।
  • क्षेत्र: यह मुख्य रूप से कैमूर एवं रोहतास की पहाड़ियों में पाया जाता है।
  • उपयोग: इसका मुख्य उपयोग सीमेंट उद्योगों में कच्चे माल के रूप में तथा कुछ मात्रा में घरेलू कार्यों में होता है।

② पाइराइट (Pyrite) : बिहार का एकाधिकार ​

  • महत्व: यह बिहार का सबसे महत्वपूर्ण खनिज है। रोहतास जिले की अमझोर पहाड़ी इसके उत्पादन के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। बिहार में इसका कुल भंडार 98.79 हजार मीट्रिक टन है।
  • क्षेत्र: अमझोर पहाड़ी क्षेत्र में पाइराइट का जमाव लगभग 125 किमी क्षेत्र में विस्तृत है। इसका दूसरा मुख्य केंद्र कैमूर जिला है।
  • रासायनिक गुण: अमझोर के पाइराइट से 40% तक गंधक (सल्फर) प्राप्त होता है। यहाँ से प्राप्त खनिज का उपयोग सिन्दरी (झारखंड) के उर्वरक (फर्टिलाइजर) उद्योग में किया जाता है।

③ अभ्रक (Mica) ​

  • भंडार व क्षेत्र: बिहार में अभ्रक का कुल भंडार 60.35 हजार मीट्रिक टन है, जो झारखंड से सटे दक्षिण-पूर्वी जिलों—नवादा, जमुई और बाँका में पाया जाता है।

🌟 परीक्षा का अचूक मंत्र (Exam Hotspot) बिहार में मस्कोव्हाइट (Muscovite) प्रकार का अभ्रक पाया जाता है, जो बहुत ही उच्च कोटि का होता है। इसे वैश्विक बाजार में "बंगाल रूबी" (Bengal Ruby) के नाम से जाना जाता है। यह लाल तांबे के रंग का होता है और इसकी परतें बहुत मोटी (15-30 सेमी लंबी और 8-10 सेमी चौड़ी) होती हैं। अभ्रक के अन्य दो प्रकार फ्लोगोफाइट और बायोटाइट हैं।

④ अन्य अधात्विक खनिज ​

  • डोलोमाइट: इसका भंडार मुख्य रूप से कैमूर और रोहतास जिलों में मिलता है।
  • सिलिका सैंड: यह मुख्य रूप से मुंगेर जिले से प्राप्त होता है। इसका कुल भंडार 5.25 हजार मीट्रिक टन है।
  • क्वाटर्ज एवं फेल्सपार: गया, नवादा, मुंगेर और बाँका जिलों में कीमती पत्थर के रूप में क्वाटर्ज की खानें हैं, जिनका भंडार 10.83 हजार मीट्रिक टन है। फेल्सपार का भंडार लगभग 5 हजार मीट्रिक टन है।
  • चीनी मिट्टी: भागलपुर, मुंगेर और बाँका जिलों में पाया जाता है, जिसका कुल उत्पादन 1.2 लाख मीट्रिक टन है।
  • स्लेट: इसके संभावित भंडार लक्खीसराय, मुंगेर और भागलपुर जिलों में 4 लाख घन मीटर से अधिक हैं।
  • Showra (शोरा / Saltpeter): यह मुख्य रूप से उत्तरी व मैदानी जिलों—सारण, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, मुजफ्फरपुर, पटना, नालंदा, जहानाबाद और औरंगाबाद में पर्याप्त मात्रा में मिलता है।

⚛️ 3. परमाणु खनिज एवं ईंधन खनिज (Atomic & Fuel Minerals) ​

  • परमाणु खनिज: बिहार में मुख्य परमाणु खनिज के रूप में गरेफाइट पाया जाता है, जिसे 'ब्लैक लीड' (Black Lead) या Plumbago भी कहा जाता है। इसका मुख्य उपयोग Refractory (ताप-सह) उद्योगों में होता है तथा यह मुंगेर एवं रोहतास जिलों से प्राप्त होता है।
  • ईंधन खनिज (खनिज तेल व गैस): बिहार की गंगा द्रोणी (Gangetic Basin) में खनिज तेल मिलने की तीव्र संभावनाएँ हैं। इसके लिए तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) द्वारा बहुराष्ट्रीय कंपनी की मदद से दरभंगा तथा चम्पारण के क्षेत्रों में निरंतर खोज कार्य चलाया जा रहा है।

⚡ 4. ऊर्जा / शक्ति के साधन (Sources of Energy) ​

बिहार शक्ति या ऊर्जा के साधनों में आत्मनिर्भर नहीं है, जिसके कारण इसे अपनी आवश्यकताओं के लिए दूसरे राज्यों पर अधिक निर्भर रहना पड़ता है।

A. पारंपरिक ऊर्जा स्रोत (Conventional Energy) : ताप विद्युत ​

बिहार में मुख्य रूप से तीन बड़े तापीय विद्युत केंद्र (Thermal Power Stations) कार्यरत हैं:

  1. 📍 कहलगांव सुपर थर्मल पावर (भागलपुर): यह बिहार की सबसे बड़ी तापीय विद्युत परियोजना है, जिसकी स्थापना 1979 में की गई थी। वर्तमान में इसकी उत्पादन क्षमता 840 मेगावाट है और यह एनटीपीसी (NTPC) के अधीन संचालित है। भविष्य में इसकी क्षमता को बढ़ाकर 1500 मेगावाट करने की योजना है।
  2. 📍 कांटी तापीय विद्युत केंद्र (मुजफ्फरपुर): यह मुजफ्फरपुर के निकट स्थित है, जिसकी वर्तमान उत्पादन क्षमता 120 मेगावाट है। कहलगांव और कांटी दोनों के लिए कोयला झारखंड की खानों से प्राप्त किया जाता है।
  3. 📍 बरौनी ताप विद्युत परियोजना (बेगूसराय): इसकी स्थापना 1970 में रूस (सोवियत संघ) के सहयोग से की गई थी। इसकी वर्तमान उत्पादन क्षमता 145 मेगावाट है और इसे कच्चा माल व डीजल पास में स्थित बरौनी तेल शोधक कारखाने से प्राप्त होता है।
  • प्रस्तावित/निर्माणाधीन परियोजनाएँ: पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में एनटीपीसी द्वारा तापीय विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य हो रहा है, जिसकी प्रस्तावित उत्पादन क्षमता 200 मेगावाट है। इसके अलावा औरंगाबाद जिले में नबीनगर तापीय विद्युत परियोजना रेलवे एवं एनटीपीसी के संयुक्त प्रयास से 1000 मेगावाट क्षमता के साथ प्रस्तावित है।

B. जल विद्युत (Hydro-Electricity) ​

बिहार में जल विद्युत के विकास के लिए 1982 में 'बिहार राज्य जल विद्युत निगम' (BHPC) का गठन किया गया, जिसने राज्य में 2055 मेगावाट जल विद्युत उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

🌊 वर्तमान में संचालित मुख्य लघु जल विद्युत परियोजनाएँ: ​

वर्तमान में बिहार में मुख्य रूप से 4 लघु जल विद्युत परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनसे कुल 44.10 मेगावाट पनबिजली प्राप्त होती है:

  • पश्चिमी सोन परियोजना (डेहरी, रोहतास जिला) — क्षमता: 6.60 मेगावाट

  • पूर्वी सोन लिंक नहर परियोजना (वारुण, औरंगाबाद जिला) — क्षमता: 3.30 मेगावाट

  • वाल्मीकिनगर परियोजना (पश्चिमी चम्पारण) — क्षमता: 15.00 मेगावाट

  • कटैया परियोजना (कोशी नदी पर) — क्षमता: 1.20 मेगावाट

  • प्रस्तावित/निर्माणाधीन पनबिजली केंद्र: कलेर (अरवल), अगनूर बगहा (पश्चिमी चम्पारण), ओबरा (औरंगाबाद), तेजपुर डेहरी (रोहतास), डेलबाग (रोहतास), नासरीगंज (रोहतास), नोखा (रोहतास), और जयनगर।


C. गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत (Non-Conventional Energy) ​

ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बिहार में 'बिहार नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण' (BREDA - बेडा) को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो दूरस्थ गाँवों के विद्युतीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा कार्यक्रमों का संचालन करती है।

  • लघु जल विद्युत: राज्य में 92 संभावित स्थलों की पहचान की गई है, जिनकी कुल क्षमता 46.1 मेगावाट है।
  • बायोमास ऊर्जा: बायोमास आधारित विद्युत परियोजनाओं के तहत राज्य में 200 मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना मौजूद है।
  • पवन ऊर्जा: पवन संसाधन के आकलन हेतु बेडा द्वारा 'चेन्नई पवन ऊर्जा एजेंसी' के सहयोग से राज्य में अनुकूल स्थलों की पहचान का कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
  • बायोगैस (गोबर गैस): ग्रामीण क्षेत्रों में भोजन बनाने संबंधी आवश्यकताओं के लिए अब तक बिहार में 1.25 लाख बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।

🎯 परीक्षा उपयोगी विशेष बिंदु (Exam High-Yield Pointers) ​

  • अमझोर (रोहतास) = भारत का सबसे प्रसिद्ध पाइराइट उत्पादक क्षेत्र, जहाँ से सिन्दरी उर्वरक कारखाने को गंधक भेजा जाता है।
  • बंगाल रूबी (Bengal Ruby) = बिहार के नवादा/जमुई में पाया जाने वाला विश्व प्रसिद्ध उच्च कोटि का मस्कोव्हाइट अभ्रक।
  • ब्लैक लीड (Black Lead) = ग्रेफाइट का उपनाम, जिसका खनन मुंगेर और रोहतास में मुख्य रूप से Refractory उद्योगों के लिए होता है।
  • कहलगांव (भागलपुर) = 1979 में स्थापित बिहार की सबसे बड़ी एनटीपीसी (NTPC) तापीय विद्युत परियोजना।
  • बेडा (BREDA) = बिहार में सौर, पवन और बायोगैस जैसे गैर-पारंपरिक स्रोतों के विकास के लिए जिम्मेदार नोडल एजेंसी।

📌 निष्कर्ष (Conclusion) ​

यद्यपि विभाजन के बाद बिहार खनिज और पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों के मामले में एक कमजोर राज्य बन गया है, लेकिन रोहतास का चूना पत्थर, अमझोर का पाइराइट और दक्षिण-पूर्वी जिलों का "बंगाल रूबी" अभ्रक इसकी भूगर्भिक पहचान को बनाए हुए हैं। कहलगांव जैसी बड़ी तापीय परियोजनाओं के साथ-साथ सोन और गंडक नहरों पर आधारित लघु जल विद्युत परियोजनाओं का विकास राज्य की ऊर्जा रीढ़ है। भविष्य में गंगा द्रोणी में खनिज तेल की खोज तथा 'बेडा' (BREDA) के माध्यम से सौर व बायोगैस ऊर्जा का विस्तार ही बिहार को आत्मनिर्भर और ऊर्जा-सुरक्षित बना सकता है।


Join the Discussion

Show Comments

No comments

No comments yet.

Post a Comment

Popular Post

हिंदी व्याकरण Ch 1 Important Questions & PYQ नोट्स

1. भाषा 📙 Book Based Questions ⚡ Competitive exam 📋 Bihar Board - Class 12 2. वर्ण-विचार 📚 Books Based Questions ⚡ Competitive exam 📋 Bihar Board - Class 10 📋 Bihar Board - Class 10 PYQ 📋 Bihar Board - Class 12 📋 Bihar Board - Class 12 PYQ Bihar Board - Class 12 Arts PYQ 3. वर्तनी ⚡ Competitive exam 4. विराम-चिह्ना 📙 Book Based Questions ⚡ Competitive exam Bihar Board - Class 12 Arts PYQ 🏁 निष्कर्ष (Conclusion) 1. भाषा ​ 📙 Book Based Questions ​ प्रश्‍न 1 : हिन्दी भाषा का प्रादुर्भाव किस भाषा से हुआ? पालि संस्कृत अपभ्रंश प्राकृत उत्तर : सही विकल्प () है। प्रश्‍न 2 : भारतीय आर्य भाषाओं को कितनी भाषाओं में विभाजित किया गया है? तीन चार पाँच दो उत्तर : सही विकल्प () है। प्रश्‍न 3 : प्राचीन भारतीय आर्य भाषा के अन्तर्गत कौन-सी भाषा आती है? वैदिक संस्कृत लौकिक संस्कृत अवहट्ठ 'a' तथा 'b' दोनों उत्तर : सही विकल्प () है। प्रश्‍न 4 : बौद्ध साहित्य की रचना किस भाषा से हुई? संस्कृत प्राकृत पालि अपभ्रंश उत्तर : सही विकल्प () है। प्रश्‍न 5 : मध्यकालीन आर्य भाषा की तीसरी ...
By Guddu Kumar
Class 11 Chemistry Chapter 1 Important Questions Hindi

Class 11 Chemistry Chapter 1 Important Questions Hindi

JEE Main, NDA, CBSE, BSEB, UP, PYQ, Sample Questions, Model Paper Question द्रव्य के गुणधर्म और उनका मापन (Properties of Matter and their Measurement) मापन में अनिश्चितता (Uncertainty in Measurement) परमाणु द्रव्यमान और आण्विक द्रव्यमान (Atomic and Molecular Masses) मोल-संकल्पना और मोलर द्रव्यमान (Mole Concept and Molar Masses) प्रतिशत संघटन (Percentage Composition) स्टॉइकियोंमीट्री और स्टॉइकियोंमीट्रिक परिकलन (Stoichiometry and Stoichiometric Calculations) 📝 निष्कर्ष (Conclusion) द्रव्य के गुणधर्म और उनका मापन (Properties of Matter and their Measurement) ​ 1995 प्रश्‍न 1 : दाब के विमा समान है- बल प्रति इकाई आयतन ऊर्जा प्रति इकाई आयतन बल ऊर्जा उत्तर : सही विकल्प () है। मापन में अनिश्चितता (Uncertainty in Measurement) ​ 1998 प्रश्‍न 2 : 161 cm, 0.161 cm तथा 0.0161 cm के लिए सार्थक संख्याएँ हैं- क्रमशः 3, 4 और 5 क्रमशः 3, 4 और 4 क्रमशः 3, 3 और 4 क्रमशः 3, 3 और 3 उत्तर : सही विकल्प () है। 2014 प्रश्‍न 3 : समान द्रव्यमान में H₂, O₂ और मिथेन को एक आयतन V के पात्र में 27°C पर समान परिस्थि...
By Guddu Kumar
निबंध-लेखन: Hindi Grammar Essay Format for BSEB & CBSE

निबंध-लेखन: Hindi Grammar Essay Format for BSEB & CBSE

✍️ 25. निबंध-लेखन (Essay Writing) ​ यह अध्याय BSEB (कक्षा 9, 10, 11, 12), CBSE, State Boards और अन्य सभी अकादमिक परीक्षाओं के लेखन खंड (Writing Section) का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा अंक दिलाने वाला विषय है। बोर्ड परीक्षाओं में यह प्रश्न प्रायः 8 से 10 अंकों के लिए पूछा जाता है। इस डिजिटल नोट्स में दी गई संरचना और ब्रह्मास्त्र ट्रिक्स की मदद से आप निबंध में अधिकतम अंक सुनिश्चित कर सकते हैं। CBSE, BSEB, UP, PYQ, Sample Questions, Model Paper Question ✍️ 25. निबंध-लेखन (Essay Writing) 🗺️ निबंध-लेखन का मास्टर माइंड मैप 🏗️ ① निबंध के तीन मुख्य स्तम्भ (The Ideal 3-Step Structure) 🧲 Ⓐ प्रस्तावना / भूमिका (Introduction) 📈 Ⓑ विषय-विस्तार (Body of the Essay) 🏁 Ⓒ उपसंहार (Conclusion) ⚙️ ② परीक्षा में पूरे अंक पाने के 5 सुनहरे नियम (Golden Rules) 📝 ③ लाइव मॉडल उदाहरण (Live Model Essay Segment) Bihar Board Class 12 Science PYQ 1. कोई अविस्मरणीय घटना 2. मेरा भारत महान् 3. पर्यटन का महत्व 4. मेरे प्रिय कवि 5. शहरी जीवन 6. यदि मैं प्रधानमंत्री हो जाऊँ 7. मेरे सपनों का भारत 8. भ्रष्टाचार का दान...
By Guddu Kumar

AvN Learn English

AvN Learn English

No blogs found in this list.

Share