Bihar Board Class 9 Science गति Important Question and Model Paper or Sample Paper

📚 Book Based Questions (BBQs)
बहूविकल्पीय प्रश्न
किसी समय अंतराल में विस्थापन का परिमाण उस समय अंतराल में वस्तु द्वारा
- तय की गई दूरी के हमेशा बराबर होता है
- तय की गई दूरी से अधिक होता है
- तय की गई दूरी से हमेशा कम होता है
- तय की गई दूरी से कम हो सकता है
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
यदि किसी वस्तु द्वारा तय की गई दूरी समय के अनुक्रमानुपाती होती है, तो हम कह सकते हैं कि
- वस्तु का वेग शून्य है
- वस्तु एकसमान चाल से चल रही है
- वस्तु का त्वरण अचर है
- वस्तु का वेग एकसमान है
सही विकल्प () है।
यदि किसी वस्तु द्वारा तय की गई दूरी समय के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होती है, तो यह कहा जा सकता है कि
- वस्तु शून्य वेग से चल रही है
- वस्तु अचर चाल से चल रही है
- वस्तु का त्वरण अचर है
- वस्तु का वेग एकसमान है
सही विकल्प () है।
यदि एक सरल रेखा में 20 m/s की चाल से गतिशील किसी वस्तु का त्वरण 4 m/s² हो, तो 2 s के बाद उसकी चाल कितनी हो जाएगी?
- 8 m/s
- 12 m/s
- 16 m/s
- 28 m/s
सही विकल्प () है।
किसी कार की चाल 10 s में 20 km/h से 50 km/h हो जाती है। उस कार का त्वरण है
- 30 m/s²
- 3 m/s²
- 18 m/s²
- 0.83 m/s²
सही विकल्प () है।
यदि दो राशियों का परस्पर ग्राफ सरल रेखा हो, तो दोनों राशियां
- अचर होती हैं
- बराबर होती हैं
- अनुक्रमानुपाती होती हैं
- व्युत्क्रमानुपाती होती हैं
सही विकल्प () है।
एकसमान वृत्तीय गति में
- चाल और वेग दोनों अचर रहते हैं।
- चाल और वेग दोनों चर रहते हैं।
- चाल चर और वेग अचर रहते हैं।
- चाल अचर और वेग चर रहते हैं।
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
एकसमान चाल से गतिमान वस्तु के लिए चाल-समय ग्राफ समय-अक्ष के किस रूप में एक सरल रेखा होती है?
- लंबवत
- तिरछी
- समांतर
- इनमें से कोई नहीं
सही विकल्प () है।
वेग-समय ग्राफ के नीचे का कौन-सा भाग वस्तु का विस्थापन देता है?
- ढाल
- क्षेत्रफल
- परिधि
- अक्ष की लंबाई
सही विकल्प () है।
यदि कोई वस्तु किसी निश्चित दिशा में एकसमान त्वरण से गतिमान हो, तो उसका वेग-समय ग्राफ कैसा होगा?
- एक वक्र रेखा
- एक सरल रेखा
- समय-अक्ष के समांतर रेखा
- एक वृत्त
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
वेग, विस्थापन तथा समय में क्या संबंध है?
- वेग = समय / विस्थापन
- वेग = विस्थापन / समय
- वेग = विस्थापन × समय
- वेग = विस्थापन - समय
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
एकसमान त्वरित गति (uniformly accelerated motion) के लिए, औसत वेग
- u - v
- u + v
- (u + v) / 2
- (u + v) / 3
सही विकल्प () है।
यदि कोई व्यक्ति पटना से राँची जाता है और पुनः राँची से पटना वापस आ जाता है, तो उस व्यक्ति का विस्थापन (displacement) होगा
- शून्य
- पटना से राँची के बीच की दूरी
- राँची से पटना के बीच की दूरी का दुगुना
- अनंत
सही विकल्प () है।
जब एक गेंद को सीधे ऊपर की ओर हवा में फेंका जाता है, तब वह H ऊँचाई तक पहुँचने के बाद वापस आ जाता है, तो गेंद द्वारा तय की गई कुल दूरी होगी
- H
- H / 2
- 2H
- शून्य
सही विकल्प () है।
जब कोई वस्तु एक निश्चित बिंदु के आगे-पीछे (या ऊपर-नीचे) चलती है, तो इस गति को कहते हैं
- दोलनी गति
- आवर्त गति
- त्वरित गति
- इनमें सभी
सही विकल्प () है।
जब कोई वस्तु एकसमान गति से चलती है, तब उसके लिए समय-दूरी ग्राफ की प्रकृति होती है
- एक वक्र रेखा
- एक सरल रेखा
- एक वृत्त
- इनमें कोई सही नहीं है
सही विकल्प () है।
एकसमान वृत्तीय गति (uniform circular motion) में त्वरण (acceleration) की दिशा
- अचर होती है
- हमेशा केंद्र की ओर दिष्ट होती है
- केंद्र से दूर होती है
- कुछ भी हो सकती है
सही विकल्प () है।
एक वस्तु, जो रेखीय वेग v और कोणीय वेग (angular velocity) ω से r त्रिज्यावाले वृत्ताकार पथ पर चलती है, के लिए
- r = vω
- v = ω + r
- v = ω / r
- v = rω
सही विकल्प () है।
धागे से बँधे एक पत्थर को अँगुली के चारों ओर r त्रिज्यावाले वृत्तीय पथ घुमाने पर जब वह पत्थर एक चक्कर पूरा करता है, तो उसका विस्थापन (displacement) कितना होता है?
- r
- 2r
- 2πr
- शून्य
सही विकल्प () है।
एक वस्तु एक वृत्तीय पथ पर जिसकी त्रिज्या 1.4 m है, 2 m/s की एकसमान चाल से चल रही है। एक चक्कर पूरा करने में उस वस्तु को कितना समय लगेगा?
- 1.4 s
- 2 s
- 4.4 s
- 8 s
सही विकल्प () है।
वृत्तीय पथ पर चलती हुई कोई वस्तु जब व्यासतः सम्मुख (diametrically opposite) बिंदु पर पहुँचती है, तब उसके विस्थापन (displacement) तथा उसके द्वारा तय की गई कुल दूरी में क्या संबंध होता है?
- विस्थापन > तय की गई कुल दूरी
- विस्थापन < तय की गई कुल दूरी
- विस्थापन = तय की गई कुल दूरी
- कोई निश्चित संबंध नहीं होता है
सही विकल्प () है।
20 m/s की चाल से यदि कोई व्यक्ति चल रहा हो, तो km/h में उसकी चाल क्या होगी?
- 2 km/h
- 36 km/h
- 72 km/h
- 80 km/h
सही विकल्प () है।
दो स्टेशनों के बीच एक ट्रेन एकसमान रूप से त्वरित होकर 5 s में 5 m/s से 10 m/s की गति प्राप्त करती है। ट्रेन का त्वरण क्या होगा?
- 5 m/s²
- 4 m/s²
- 2 m/s²
- 1 m/s²
सही विकल्प () है।
एक ट्रॉली (trolly) एक नत समतल (inclined plane) पर 2 m/s² के त्वरण से नीचे की ओर जा रही है। गति प्रारंभ करने के 3 s के बाद ट्रॉली का वेग क्या होगा?
- 12 m/s
- 6 m/s
- 4 m/s
- 0 m/s
सही विकल्प () है।
एक व्यक्ति एक सीधे मार्ग पर विराम की स्थिति से दौड़ना प्रारंभ करता है और 5 s के बाद उसका वेग 20 m/s हो जाता है। यदि उसका त्वरण एकसमान हो, तो त्वरण का मान कितना होगा?
- 4 m/s²
- 6 m/s²
- 2 m/s²
- 0.5 m/s²
सही विकल्प () है।
24 cm/s की प्रारंभिक चाल और -4 cm/s² के त्वरण से गतिमान वस्तु कितने समय के बाद रुक जाएगी?
- 4 s के बाद
- 6 s के बाद
- 10 s के बाद
- 12 s के बाद
सही विकल्प () है।
27 m/s की चाल से चल रही एक कार में सड़क पर रखे अवरोध को देखकर कार चालक ब्रेक लगाता है जिससे कार में -0.5 m/s² का त्वरण उत्पन्न होता है। कार ने रुकने के पहले कितनी दूरी तय की है?
- 825 m
- 725 m
- 625 m
- 525 m
सही विकल्प () है।
एक वस्तु को सीधे ऊपर की ओर 4.9 m/s के वेग से फेंका जाता है। वस्तु को उच्चतम बिंदु तक पहुँचने में कितना समय लगेगा, यदि गति के दरम्यान वस्तु का नीचे की ओर दिष्ट त्वरण 9.8 m/s² हो?
- 0.1 s
- 0.2 s
- 0.4 s
- 0.5 s
सही विकल्प () है।
पत्थर के एक टुकड़े को 19.6 m की ऊँचाई से विरामावस्था से नीचे की ओर गिराया जाता है। यदि पत्थर का वेग 9.8 m/s² के एकसमान त्वरण की दर से बढ़ रहा हो, तो जब वह जमीन से टकराएगा, तो उसका वेग होगा
- 19.6 m/s
- 9.8 m/s
- 4.9 m/s
- 5 m/s
सही विकल्प () है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Type Questions)
एक वस्तु के द्वारा कुछ दूरी तय की गई। क्या इसका विस्थापन शून्य हो सकता है। अगर हाँ, तो अपने उत्तर को उदाहरण के द्वारा समझाइए।
हाँ, एक वस्तु का विस्थापन शून्य हो सकता है यदि उसकी प्रारम्भिक व अन्तिम स्थिति समान हो या उनके बीच की दूरी शून्य हो। यदि वस्तु कुछ दूरी तय करके अपनी प्रारम्भिक स्थिति पर वापस आ जाती है तो उसका विस्थापन शून्य होगा।
चाल एवं वेग में अन्तर बताइए।
चाल और वेग में मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:
| अंतर का आधार | चाल (Speed) | वेग (Velocity) |
|---|---|---|
| परिभाषा | किसी वस्तु द्वारा प्रति इकाई समय में तय की गई दूरी को चाल कहते हैं। | किसी निश्चित दिशा में वस्तु द्वारा प्रति इकाई समय में तय किए गए विस्थापन को वेग कहते हैं। |
| राशि का प्रकार | यह एक अदिश राशि (Scalar Quantity) है क्योंकि इसमें केवल परिमाण होता है। | यह एक सदिश राशि (Vector Quantity) है क्योंकि इसमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं। |
| दिशा पर निर्भरता | दिशा बदलने पर चाल में कोई बदलाव नहीं आता है। | दिशा बदलने पर वेग का मान बदल जाता है। |
| मान (Value) | वस्तु की चाल हमेशा धनात्मक (Positive) या शून्य होती है, यह कभी ऋणात्मक नहीं हो सकती। | वस्तु का वेग धनात्मक, ऋणात्मक (Negative) या शून्य कुछ भी हो सकता है। |
| निर्भरता | चाल पूरी तरह से तय की गई दूरी पर निर्भर करती है। | वेग पूरी तरह से वस्तु के विस्थापन पर निर्भर करता है। |
| सूत्र | चाल = दूरी / समय | वेग = विस्थापन / समय |
(नोट: दोनों का मात्रक समान होता है, जो कि मीटर प्रति सेकंड या m/s है।)
एक गाड़ी का ओडोमीटर क्या मापता है ?
ओडोमीटर गाड़ी में लगा वह यन्त्र है जो गाड़ी के द्वारा तय की गई दूरी को मापता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रशन (Long Answer Type Questions)
निम्नलिखित में से कौन-सी अवस्थाएँ सम्भव है तथा प्रत्येक के लिए एक उदाहरण दें –
- कोई वस्तु जिसका त्वरण नियत हो परन्तु वेग शून्य हो।
- कोई वस्तु किसी त्वरण से गति कर रही है लेकिन समान चाल से।
- कोई वस्तु किसी निश्चित दिशा में गति कर रही हो तथा त्वरण उसके लम्बवत् हो ?
- यह अवस्था सम्भव है केवल स्वतन्त्रतापूर्वक गिरती वस्तु के. प्रारम्भिक बिन्दु पर अथवा ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंकी गयी वस्तु के अन्तिम बिन्दु पर जहाँ वस्तु का वेग शून्य तथा त्वरण गुरुत्वीय है।
- यह अवस्था सम्भव है जब कोई वस्तु वृत्ताकार मार्ग पर समान चाल से चल रही है जहाँ किसी भी बिन्दु पर त्वरण मार्ग के केन्द्र की ओर होगा।
- यह अवस्था केवल उस स्थिति में सम्भव है जब कोई वस्तु किसी दिशा में गति करना प्रारम्भ करती है तथा वृत्ताकार मार्ग पर चलती है उस समय उसका त्वरण उसकी गति की दिशा के लम्बवत् मार्ग के केन्द्र की ओर होगा।
आप किसी वस्तु के बारे में कब कहेंगे कि –
- वह एकसमान त्वरण से गति में है ?
- वह असमान त्वरण से गति में है ?
- यदि एक वस्तु सरल रेखा में चलती है और इसका वेग समान समयान्तराल में समान रूप से घटता या बढ़ता है तो वस्तु के त्वरण को एकसमान त्वरण कहा जाता है।
- यदि एक वस्तु सरल रेखा में चलती है और इसका वेग असमान रूप से बदलता है तो उसके त्वरण को असमान त्वरण कहते हैं।
अंकीय प्रश्न (Numerical Questions)
एक किसान 10 m की भुजा वाले एक वर्गाकार खेत की सीमा पर 40 s में चक्कर लगाता है। 2 मिनट 20 s के बाद किसान के विस्थापन का परिमाण क्या होगा?
किसान के विस्थापन का परिमाण 10√2 m (या लगभग 14.14 m) होगा।
कुल समय = 2 मिनट + 20 सेकंड = 120 सेकंड + 20 सेकंड = 140 सेकंड
किसान 40 सेकंड में 1 चक्कर पूरा करता है। इसलिए, 140 सेकंड में कुल चक्करों की संख्या: कुल चक्कर =
इसका मतलब है कि किसान 3 पूरे चक्कर लगाएगा और फिर आधा (0.5) चक्कर लगाएगा। 3 पूरे चक्कर के बाद किसान वापस अपने शुरूआती बिंदु पर आ जाएगा। अगले आधे चक्कर में, वह खेत के ठीक सामने वाले विपरीत कोने पर पहुँच जाएगा।
विस्थापन शुरूआती बिंदु और अंतिम बिंदु के बीच की सबसे छोटी सीधी दूरी होती है, जो कि वर्गाकार खेत का विकर्ण है।
वर्ग का विकर्ण = भुजा ×
यदि हम
✅ किसान के विस्थापन का परिमाण 10
एक बस की गति 5s में 80 km h-1 से घटकर 60 km h-1 हो जाती है। बस का त्वरण ज्ञात कीजिए।
बस का त्वरण -1.11 m/s² (या मंदन 1.11 m/s²) होगा।
समय (t) = 5 सेकंड
गति को km/h से m/s में बदलने के लिए
त्वरण का सूत्र: त्वरण (a) =
मान रखने पर: a =
(ऋणात्मक चिह्न '-' यह दिखाता है कि बस की गति घट रही है, जिसे मंदन कहते हैं।)
✅ बस का त्वरण -1.11 m/s² है।
एक रेलगाड़ी स्टेशन से चलना प्रारम्भ करती है और एक समान त्वरण के साथ चलते हुए 10 मिनट में 40 kmh-1 की चाल प्राप्त करती है। इसका त्वरण ज्ञात कीजिए।
रेलगाड़ी का त्वरण 0.0185 m/s² होगा।
चूँकि रेलगाड़ी स्टेशन से चलना शुरू करती है, इसलिए इसकी शुरुआती गति (u) = 0 m/s
समय (t) = 10 मिनट = 10 × 60 = 600 सेकंड
अंतिम गति (v) = 40 km/h गति को km/h से m/s में बदलने के लिए
त्वरण का सूत्र: त्वरण (a) =
मान रखने पर: a =
✅ रेलगाड़ी का त्वरण 0.0185 m/s² है।
कोई बस विरामावस्था से चलना प्रारम्भ करती है तथा 2 मिनट तक 0.1 ms-2 के एकसमान त्वरण से ‘चलती है। परिकलन कीजिए:
(a) प्राप्त की गई चाल 12 m/s और (b) तय की गई दूरी 720 m होगी।
दी गई जानकारी: शुरुआती चाल (u) = 0 m/s (क्योंकि बस विरामावस्था से चलना शुरू करती है) त्वरण (a) = 0.1 m/s² समय (t) = 2 मिनट = 2 × 60 = 120 सेकंड
(a) प्राप्त की गई चाल ज्ञात करना: गति के पहले समीकरण से: v = u + at v = 0 + 0.1 × 120 v = 12 m/s
(b) तय की गई दूरी ज्ञात करना: गति के दूसरे समीकरण से: s = ut + 0.5 × a × t² s = 0 × 120 + 0.5 × 0.1 × (120)² s = 0 + 0.5 × 0.1 × 14400 s = 0.5 × 1440 s = 720 m
✅ बस द्वारा (a) प्राप्त की गई चाल 12 m/s है तथा (b) तय की गई दूरी 720 m है।
कोई रेलगाड़ी 90 km/h की चाल से चल रही है। ब्रेक लगाये जाने पर वह-0.5 ms-2 का एकसमान त्वरण उत्पन्न करती है। रेलगाड़ी विरामावस्था में आने के पहले कितनी दूरी तय करेगी?
रेलगाड़ी विरामावस्था में आने से पहले 625 m की दूरी तय करेगी।
दी गई जानकारी: शुरुआती चाल (u) = 90 km/h चाल को km/h से m/s में बदलने के लिए
त्वरण (a) = -0.5 m/s² (ऋणात्मक चिह्न ब्रेक लगाने के कारण गति घटने को दर्शाता है) अंतिम चाल (v) = 0 m/s (क्योंकि रेलगाड़ी अंत में विरामावस्था यानी रुक जाती है)
दूरी ज्ञात करने के लिए गति के तीसरे समीकरण का उपयोग करते हैं:
v² = u² + 2as
मान रखने पर: (0)² = (25)² + 2 × (-0.5) × s 0 = 625 - 1 × s 0 = 625 - s s = 625 m
✅ रेलगाड़ी विरामावस्था में आने के पहले 625 m की दूरी तय करेगी।
एक ट्रॉली एक आनत तल पर 2 m s-2 के त्वरण से नीचे जा रही है। गति प्रारम्भ करने के 3s के पश्चात् उसका वेग क्या होगा?
गति प्रारम्भ करने के 3s के पश्चात् ट्रॉली का वेग 6 m/s होगा।
दी गई जानकारी: शुरुआती वेग (u) = 0 m/s (क्योंकि ट्रॉली गति प्रारम्भ कर रही है, यानी पहले विरामावस्था में थी) त्वरण (a) = 2 m/s² समय (t) = 3 सेकंड
वेग ज्ञात करने के लिए गति के पहले समीकरण का उपयोग करते हैं: v = u + at
मान रखने पर: v = 0 + 2 × 3 v = 0 + 6 v = 6 m/s
✅ गति प्रारम्भ करने के 3s के पश्चात् ट्रॉली का वेग 6 m/s होगा।
किसी पत्थर को ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर 5 ms-1 के वेग से फेंका जाता है। यदि गति के दौरान पत्थर का नीचे की ओर दिष्ट त्वरण 10 m s-2 है, तो पत्थर के द्वारा कितनी ऊँचाई प्राप्त की गई तथा उसे वहाँ पहुँचने में कितना समय लगा?
पत्थर द्वारा प्राप्त की गई ऊँचाई 1.25 m होगी और वहाँ पहुँचने में 0.5 s का समय लगेगा।
दी गई जानकारी: शुरुआती वेग (u) = 5 m/s अंतिम वेग (v) = 0 m/s (अधिकतम ऊँचाई पर पहुँचकर पत्थर एक पल के लिए रुक जाता है) त्वरण (a) = -10 m/s² (त्वरण नीचे की ओर लग रहा है, जो गति के विपरीत है, इसलिए इसे ऋणात्मक लेंगे)
(1) समय (t) ज्ञात करना: गति के पहले समीकरण से: v = u + at 0 = 5 + (-10) × t 0 = 5 - 10t 10t = 5 t = 5 / 10 = 0.5 सेकंड
(2) प्राप्त की गई ऊँचाई (s) ज्ञात करना: गति के तीसरे समीकरण से: v² = u² + 2as (0)² = (5)² + 2 × (-10) × s 0 = 25 - 20s 20s = 25 s = 25 / 20 = 1.25 मीटर
✅ पत्थर द्वारा प्राप्त की गई ऊँचाई 1.25 m है तथा उसे वहाँ पहुँचने में 0.5 s का समय लगा।
एक एथलीट वृत्तीय पथ जिसका व्यास 200 m है, का एक चक्कर 40 s में लगाता है। 2 min 20 s के बाद वह कितनी दूरी तय करेगा और उसका विस्थापन क्या होगा ?
एथलीट द्वारा तय की गई दूरी 2200 m होगी और उसका विस्थापन 200 m होगा।
दी गई जानकारी: वृत्तीय पथ का व्यास (d) = 200 m वृत्तीय पथ की त्रिज्या (r) =
कुल समय = 2 मिनट + 20 सेकंड = 120 सेकंड + 20 सेकंड = 140 सेकंड
कुल चक्करों की संख्या: कुल चक्कर = कुल समय / एक चक्कर का समय कुल चक्कर =
(1) तय की गई दूरी ज्ञात करना: एक पूरे चक्कर में तय की गई दूरी वृत्त की परिधि (2 × π × r) के बराबर होती है। 1 चक्कर की दूरी = 2 ×
3.5 चक्करों में तय की गई कुल दूरी: कुल दूरी = 3.5 ×
(2) विस्थापन ज्ञात करना: 3 पूरे चक्कर लगाने के बाद एथलीट वापस अपने शुरूआती बिंदु पर आ जाएगा। बाकी बचे आधे (0.5) चक्कर में, वह वृत्तीय पथ के ठीक सामने वाले विपरीत छोर पर पहुँच जाएगा। शुरूआती बिंदु और अंतिम बिंदु के बीच की सबसे छोटी सीधी दूरी वृत्त का व्यास होती है।
विस्थापन = वृत्त का व्यास = 200 m
✅ एथलीट द्वारा तय की गई दूरी 2200 m होगी और उसका विस्थापन 200 m होगा।
300 m सरल रेखीय पथ पर जोसेफ जॉगिंग करता हुआ 2 min 30 s में एक सिरे A से दूसरे सिरे B तक पहुँचता है और घूमकर 1 min में 100 m पीछे बिन्दु C पर पहुँचता है। जोसेफ की औसत चाल और औसत वेग क्या होंगे?
- सिरे A से सिरे B तक तथा
- सिरे B से सिरे C तक।
जोसेफ की औसत चाल और औसत वेग इस प्रकार होंगे:
a. सिरे A से सिरे B तक: औसत चाल = 2 m/s और औसत वेग = 2 m/s
b. सिरे A से सिरे C तक: (नोट: प्रश्न के अनुसार गणना शुरूआती बिंदु A से अंतिम बिंदु C तक की जाती है) औसत चाल = 1.90 m/s और औसत वेग = 0.95 m/s
हल की गणना:
भाग (a) सिरे A से सिरे B तक के लिए: दूरी = 300 m विस्थापन = 300 m (क्योंकि पथ सीधा है) समय = 2 मिनट + 30 सेकंड = 120 सेकंड + 30 सेकंड = 150 सेकंड
औसत चाल = कुल दूरी / कुल समय =
भाग (b) सिरे A से सिरे C तक के लिए: कुल दूरी = A से B तक की दूरी + B से C तक की दूरी = 300 m + 100 m = 400 m कुल विस्थापन = शुरूआती बिंदु A से C की सीधी दूरी = 300 m - 100 m = 200 m कुल समय = A से B का समय + B से C का समय = 150 सेकंड + 60 सेकंड (1 मिनट) = 210 सेकंड
औसत चाल = कुल दूरी / कुल समय =
✅ सिरे A से B तक: औसत चाल = 2 m/s, औसत वेग = 2 m/s ✅ सिरे A से C तक: औसत चाल = 1.90 m/s, औसत वेग = 0.95 m/s
अब्दुल गाड़ी से स्कूल जाने के क्रम में औसत चाल को 20 km/h पाता है। उसी रास्ते से लौटने के समय वहाँ भीड़ कम है और औसत चाल 30 km/h है। अब्दुल की इस पूरी यात्रा में उसकी औसत चाल क्या है ?
अब्दुल की पूरी यात्रा में उसकी औसत चाल 24 km/h होगी।
मान लेते हैं कि अब्दुल के घर से स्कूल की दूरी d किमी है।
घर से स्कूल जाने में लगा समय (t1) = दूरी / चाल =
पूरी यात्रा की कुल दूरी = जाने की दूरी + आने की दूरी = d + d = 2d किमी पूरी यात्रा का कुल समय = t1 + t2 =
कुल समय को सरल करने पर (20 और 30 का लघुत्तम समापवर्त्य या LCM 60 है): कुल समय =
औसत चाल का सूत्र: औसत चाल = कुल दूरी / कुल समय
मान रखने पर: औसत चाल =
(वैकल्पिक आसान शॉर्टकट सूत्र: जब दूरी समान हो, तो औसत चाल =
✅ अब्दुल की इस पूरी यात्रा में उसकी औसत चाल 24 km/h है।
कोई मोटरबोट झील में विरामावस्था से सरल रेखीय पथ पर 3.0 m s-2 के नियत त्वरण से 8.0 s तक चलती है। इस समय अन्तराल में मोटर बोट कितनी दूरी तय करती है ?
मोटरबोट द्वारा तय की गई दूरी 96 m होगी।
दी गई जानकारी: शुरुआती वेग (u) = 0 m/s (क्योंकि मोटरबोट विरामावस्था से चलना शुरू करती है) त्वरण (a) = 3.0 m/s² समय (t) = 8.0 सेकंड
दूरी ज्ञात करने के लिए गति के दूसरे समीकरण का उपयोग करते हैं: s = ut + 0.5 × a × t²
मान रखने पर: s = 0 × 8.0 + 0.5 × 3.0 × (8.0)² s = 0 + 0.5 × 3.0 × 64 s = 1.5 × 64 s = 96 m
✅ इस समय अन्तराल में मोटरबोट 96 m की दूरी तय करती है।
एक कृत्रिम उपग्रह 42,250 km त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में घूम रहा है। यदि वह 24 घंटे में पृथ्वी की परिक्रमा करता है तो उसकी चाल का परिकलन कीजिए।
कृत्रिम उपग्रह की चाल 3.07 km/s (या लगभग 11,055.4 km/h) होगी।
दी गई जानकारी: वृत्ताकार कक्षा की त्रिज्या (r) = 42,250 km परिक्रमा का कुल समय (t) = 24 घंटे
एक पूरे चक्कर में उपग्रह द्वारा तय की गई दूरी वृत्त की परिधि के बराबर होती है: कुल दूरी = 2 × π × r कुल दूरी = 2 × 3.1416 × 42250 = 2,65,465 km
समय को सेकंड में बदलने पर: t = 24 × 60 × 60 = 86,400 सेकंड
चाल का सूत्र: चाल = कुल दूरी / कुल समय
यदि हम चाल को किलोमीटर प्रति सेकंड (km/s) में निकालें: चाल =
यदि हम चाल को किलोमीटर प्रति घंटा (km/h) में निकालें: चाल =
✅ कृत्रिम उपग्रह की चाल 3.07 km/s अथवा 11,055.4 km/h है।
Bihar Polytechnic (DCECE)
Bihar Polytechnic gives students a structured pathway to build technical skills and pursue a career in engineering and related fields. It supports job-oriented learning, encourages practical problem-solving, and helps students become more capable for higher studies and employment.
किसी वस्तु को ऊपर-नीचे उठाना, सेना की परेड और भारी वस्तु का मुक्त रूप से गिरना किस गति के उदाहरण हैं?
- सरलरेखीय गति
- आवर्ती गति
- घूर्णन गति
- दोलन गति
सही विकल्प () है।
एक कार वृत्ताकार पथ में एकसमान गति का अनुभव करती है।
- गति की दिशा में परिवर्तन के कारण चाल में परिवर्तन।
- गति की दिशा में परिवर्तन के कारण वेग में परिवर्तन।
- गति की दिशा में कोई परिवर्तन न होने के कारण संवेग में परिवर्तन।
- गति की दिशा में परिवर्तन के कारण स्थिर संवेग।
सही विकल्प () है।
एकसमान रेखीय गति और एकसमान वृत्तीय गति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?
(i) एकसमान रेखीय गति में, एक पिण्ड समान दिशा में नियत चाल से चलता है लेकिन एकसमान वृत्तीय गति में, पिण्ड की गति नियत रहती है और गति की दिशा लगातार परिवर्तनीय है। (ii) एकसमान रेखीय गति में, वेग में तात्कालिक परिवर्तन होता है लेकिन एकसमान वृत्तीय गति में वेग समान रहता है। (iii) एकसमान रेखीय गति एक त्वरित गति है, लेकिन एकसमान वृत्तीय गति एक त्वरित गति नहीं है। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन करें
- (ii) और (iii)
- केवल (iii)
- केवल (i)
- (i) और (iii)
सही विकल्प () है।
जब वस्तु समान समयन्तरालों में समान दूरियाँ तय करती है, तो उसकी गति होती है
- अवमन्दित गति
- त्वरित गति
- असमान गति
- एकसमान गति
सही विकल्प () है।
एक रेलगाड़ी 11 मी/से के वेग से चलती है। ब्रेक लगाने पर रेलगाड़ी 121 मी चलकर रुक जाती है। विरामावस्था में आने में समय लगेगा
- 5.5 सेकण्ड
- 11 सेकण्ड
- 4.4 सेकण्ड
- 22 सेकण्ड
सही विकल्प () है।
किसी वस्तु के वेग को दोगुना कर देने पर उसे रोकने की सापेक्ष दूरी होगी
- दोगुनी
- तीन गुनी
- चार गुनी
- आठ गुनी
सही विकल्प () है।
एक पिण्ड समान त्वरण के साथ चल रहा है। एक समय पर इसका वेग 10 मी/से है। 5 सेकण्ड बाद इसका वेग 20 मी/से हो जाता है। 2 सेकण्ड पूर्व इसका वेग था
- 4 मी/से
- 6 मी/से
- 8 मी/से
- 10 मी/से
सही विकल्प () है।
एक वस्तु विराम अवस्था से चलना प्रारम्भ करती है। उसका त्वरण 5 मी/से² है। 50 मी/से का वेग प्राप्त होने पर उसके द्वारा चली गयी दूरी होगी
- 250 मी
- 25 मी
- 312.5 मी
- 2500 मी
सही विकल्प () है।
पिण्ड का त्वरण शून्य होगा यदि पिण्ड का चाल-समय ग्राफ
- समय अक्ष के लम्बवत् रेखा हो
- समय अक्ष के समान्तर रेखा हो
- समय अक्ष से कोई कोण बनाती हुई रेखा सरल रेखा हो
- एक वक्र रेखा हो
सही विकल्प () है।
चाल-समय ग्राफ के ढलान से ज्ञात करते हैं
- पिण्ड की चाल
- पिण्ड द्वारा चली गई दूरी
- पिण्ड का त्वरण
- पिण्ड की गति की दिशा
सही विकल्प () है।
दो वस्तुएँ
सही विकल्प () है।
एक हवाई जहाज 75 मी/से की गति से सीधी रेखा में चलते हुए 6 सेकण्ड तक रॉकेट छोड़ता है। इस समय के अन्त तक हवाई जहाज की गति बढ़कर 120 मी/से हो जाती है। जहाज द्वारा प्रथम 10 सेकण्ड में तय की गई दूरी है
- 930 मी
- 1200 मी
- 1065 मी
- इनमें से कोई नहीं
सही विकल्प () है।
कोई बालक मेरठ में 20 मी ऊँचाई तक गेंद फेंक सकता है जहाँ
- 19.98 मी
- 20 मी
- 19.53 मी
- 199.8 मी
सही विकल्प () है।
एक पिण्ड 100 मी/से के वेग से ऊर्ध्वाधर फेंका जाता है। गति प्रारम्भ करने वाले बिन्दु पर लौटने का समय होगा
- 10.2 सेकण्ड
- 20.4 सेकण्ड
- 30.3 सेकण्ड
- 40.4 सेकण्ड
सही विकल्प () है।
एक पिण्ड स्थिर अवस्था में एकसमान त्वरण से चलना प्रारम्भ करता है। यदि वह 2 सेकण्ड में
सही विकल्प () है।
एक इलेक्ट्रॉन
सेकण्ड में सेकण्ड में सेकण्ड में सेकण्ड में
सही विकल्प () है।
20 मी ऊँचाई से दो गेंदें 1 सेकण्ड के अन्तराल पर छोड़ी जाती हैं। दोनों के छोड़े जाने के 2 सेकण्ड बाद उनके बीच दूरी होगी
- 24.5 मी
- 4.9 मी
- 9.8 मी
- 19.6 मी
सही विकल्प () है।
43.2 किमी/घण्टा की गति से चलती हुई मोटर कार पर इस प्रकार के ब्रेक लगाए जाते हैं कि इसकी गति का मन्दन 60 सेमी/से² की दर से हो। विरामावस्था में जाने से पूर्व कार द्वारा तय की गयी दूरी है
- 120 मी
- 360 मी
- 720 मी
- इनमें से कोई नहीं
सही विकल्प () है।
एक लड़का एक भवन की चोटी से गेंद को छोड़ता है। वह शीर्ष से 10 मी नीचे 2 मी की ऊँचाई की खिड़की को पार करेगी लगभग
- 1.41 सेकण्ड में
- 0.13 सेकण्ड में
- 0.3 सेकण्ड में
- 0.6 सेकण्ड में
सही विकल्प () है।
एक पत्थर ऊँचाई
- इनमें से कोई नहीं
सही विकल्प () है।
क्रिकेट की गेंद 15 मी/से के वेग से क्षैतिज से
- 2.81 मी
- 4.0 मी
- 3.80 मी
- 5.25 मी
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
एक प्रक्षेप्य को क्षैतिज से
- 1.5 किमी
- 3 किमी
- 6 किमी
- 4.5 किमी
सही विकल्प () है।
एक मोटरसाइकिल 100 मी त्रिज्या के वृत्तीय पथ पर नियत चाल से चक्कर लगा रही है। यदि वह 62.8 सेकण्ड में एक चक्कर पूरा करती है तो मोटर साइकिल की औसत चाल है
- 1000 मी/से
- 100 मी/से
- 10 मी/से
- 1 मी/से
सही विकल्प () है।
यदि किसी वृत्तीय पथ पर कण के नियत कोणीय वेग के लिए पथ की त्रिज्या दोगुनी कर दी जाए, तो रेखीय वेग होगा
- दोगुना
- तीन गुना
- अपरिवर्तित
- शून्य
सही विकल्प () है।
40 मी ऊँचे भवन से एक बालक एक पत्थर विरामावस्था से छोड़ता है। यदि g = 9.8 मी/से² हो, तो पत्थर की चाल जमीन से टकराने के समय होगी
- 28 मी/से
- 30 मी/से
- 32 मी/से
- 34 मी/से
सही विकल्प () है।
एक आदमी एक गेंद को ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की ओर फेंकता है, तो गेंद 20 मी ऊपर उठकर उसके हाथों में वापस आ जाती है। गेंद की प्रारम्भिक गति (u) क्या थी और वह हवा में कितने समय (T) तक रही? (g = 10 मी/से²)
- u = 10 मी/से, T = 2 सेकण्ड
- u = 10 मी/से, T = 4 सेकण्ड
- u = 20 मी/से, T = 2 सेकण्ड
- u = 20 मी/से, T = 4 सेकण्ड
सही विकल्प () है।
यदि एक वस्तु u मी/से के प्रारम्भिक वेग तथा f मी/से² के त्वरण से चल रही हो, तो दूसरे सेकण्ड में वस्तु द्वारा तय की गई दूरी होगी
- u + 2f
- 2u + 2f
- u + 3/2 f
- 2u + 3/2 f
सही विकल्प () है।
सीधी सड़क पर चलती हुई किसी कार की चाल 10 सेकण्ड में 20 किमी/घण्टा से 50 किमी/घण्टा हो जाती है। उस कार का त्वरण है
- 30 मी/से²
- 3 मी/से²
- 18 मी/से²
- 0.83 मी/से²
सही विकल्प () है।
जमीन पर एक व्यक्ति एक जेट विमान को अपने सिर के ठीक ऊपर देखता है। जब विमान ऊर्ध्वाधर के साथ 30° का कोण व्यक्ति की आँख पर बनाता है, तब ध्वनि सुनाई देती है। यदि ध्वनि का वेग v हो, तो जेट विमान का वेग होगा
- v/2
- √3v/√2
- v/√3
- इनमें से कोई नहीं
सही विकल्प () है।
किसी 200 मी ऊँची मीनार की चोटी से पत्थर को ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर 20 मी/से की चाल से प्रक्षेपित करने पर पृथ्वी से टकराते समय इसकी चाल होगी।
- 60 मी/से
- 85 मी/से
- 70 मी/से
- 76 मी/से
सही विकल्प () है।
160 मी त्रिज्या वाले वक्र मार्ग पर 400 मी/से चाल से गति करती हुई मोटरसाइकिल का त्वरण होगा
- 1 मी/से²
- 10 मी/से²
- 100 मी/से²
- 1 किमी/से²
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
Value Based Questions (VBQs)
कोई कण त्रिज्या (r) के वृत्ताकार पथ में गमन कर रहा है। अर्धवृत्त पूरा करने के पश्चात् इसका विस्थापन होगा
- शून्य
- πr
- 2r
- 2π r
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
किसी गतिमान पिंड के लिए विस्थापन तथा दूरी का आंकिक अनुपात क्या होता है
- सदैव l से कम
- सदैव l के बराबर
- सदैव l अधिक
- l के बराबर अथवा कम
सही विकल्प () है।
यदि किसी पिंड का विस्थापन, समय के वर्ग के अनुक्रमानुपाती है, तो वह वस्तु गमन करती है
- एकसमान वेग से
- एकसमान त्वरण से
- बढ़ते त्वरण से
- घटते त्वरण से
सही विकल्प () है।
मान लीजिए कोई लड़का 10 m s−1 की नियत चाल से चल रहै "मेरी गो राउंड" झूले पर सवारी करने का आनंद ले रहा है। इससे ज्ञात होता है कि वह लड़का-
- विराम में है
- बिना त्वरण के गमन कर रहा है
- त्वरित गति में है
- एकसमान वेग से गमन कर रहा है
सही विकल्प () है।
v − t ग्राफ द्वारा घेरा गया क्षेत्रफल किसी भौतिक राशि को निरूपित करता है जिसका मात्रक है
- m2
- m
- m3
- ms−1
सही विकल्प () है।
सही विकल्प () है।
नीचे दिए गए प्रकरणों में से किसमें, चली गई दूरी तथा विस्थापन के परिमाण समान होते हैं?
- यदि कार सीधी सडक पर गमन कर रही है
- यदि कार वृत्ताकार पथ में गमन कर रही है
- लोलक इधर-उधर गति कर रहा है
- पृथ्वी सूर्य कौ परिक्रमा कर रही है।
सही विकल्प () है।
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