Skip to content

Class 10 Science Chapter 5 Notes in Hindi

📘 अध्याय 5: तत्वों का आवर्त वर्गीकरण ​

⚠️ महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम सूचना: हालांकि यह अध्याय हाल ही में CBSE और कुछ बोर्डों के आंतरिक मूल्यांकन तर्कसंगतकरण (Rationalized Syllabus) के तहत मुख्य बोर्ड परीक्षाओं से हटाया गया है, लेकिन BSEB (बिहार बोर्ड), CUET, NEET/JEE Foundation, NTSE, पारामेडिकल और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह रसायन विज्ञान का सबसे आधारभूत और अत्यधिक महत्वपूर्ण अध्याय बना हुआ है।

Image of science%20 notes for professional
NCERT, Bihar Board, CBSE, State Board,SCERT, VVI Point, Extra

⚡ अध्याय का विहंगम दृश्य (Chapter Overview) ​

हमारे आस-पास कुल 118 तत्व ज्ञात हैं। शुरुआत में जब इतने सारे तत्वों के गुणधर्मों को अलग-अलग याद रखना असंभव हो गया, तब वैज्ञानिकों ने उन्हें वर्गीकृत करना शुरू किया। इस अध्याय में हम तत्वों को व्यवस्थित करने के ऐतिहासिक प्रयासों से लेकर आधुनिक आवर्त सारणी के नियमों और जादुई रासायनिक प्रवृत्तियों (Trends) को समझेंगे।

🧠 माइंड मैप (Quick Mind Map) ​

  • डोबेराइनर का त्रिक ➡️ तीन-तीन तत्वों का समूह, बीच वाले का द्रव्यमान शेष दो का औसत।
  • न्यूलैंड्स का अष्टक नियम ➡️ संगीत के सुरों की तरह (सा, रे, गा, मा…), हर 8वाँ तत्व समान गुण वाला।
  • मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी ➡️ तत्वों के गुणधर्म उनके परमाणु द्रव्यमान का आवर्त फलन होते हैं।
  • आधुनिक आवर्त सारणी ➡️ तत्वों के गुणधर्म उनके परमाणु संख्या (Atomic Number) का आवर्त फलन होते हैं। इसमें 7 आवर्त और 18 समूह हैं।

1. वर्गीकरण के प्रारंभिक ऐतिहासिक प्रयास ​

🧪 ① डोबेराइनर के त्रिक (Döbereiner's Triads) ​

जर्मन वैज्ञानिक वोल्फगांग डोबेराइनर ने समान गुणधर्मों वाले तत्वों को तीन-तीन के समूहों में व्यवस्थित किया, जिन्हें त्रिक कहा गया।

  • नियम: त्रिक के तीनों तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम में रखने पर बीच वाले तत्व का परमाणु द्रव्यमान, शेष दो तत्वों के परमाणु द्रव्यमान का औसत होता है।
  • उदाहरण:
    • लिथियम ((Li = 6.9)), सोडियम ((Na = 23.0)), पोटैशियम ((K = 39.0))
    • औसत: (\frac{6.9 + 39.0}{2} = 22.95 \approx 23) (जो सोडियम का द्रव्यमान है)।
  • सीमा (Failure): उस समय ज्ञात तत्वों में वे केवल 3 त्रिक ही ढूंढ पाए थे, इसलिए यह वर्गीकरण सफल नहीं रहा।

🎶 ② न्यूलैंड्स का अष्टक सिद्धांत (Newlands' Law of Octaves) ​

अंग्रेज वैज्ञानिक जॉन न्यूलैंड्स ने तत्वों को परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित किया।

  • नियम: उन्होंने पाया कि प्रत्येक आठवें तत्व का गुणधर्म, पहले तत्व के गुणधर्म के समान होता है। इसकी तुलना संगीत के अष्टक (सा, रे, गा, मा, पा, धा, नि, सा) से की गई।
    • उदाहरण: लिथियम ((Li)) के बाद आठवां तत्व सोडियम ((Na)) है, और दोनों के गुण समान हैं।
  • सीमाएँ (Drawbacks):
    • यह नियम केवल कैल्शियम ((Ca)) तक ही लागू होता था।
    • न्यूलैंड्स ने माना कि प्रकृति में केवल 56 तत्व ही रहेंगे (जो बाद में गलत साबित हुआ)।
    • असमान तत्वों को एक साथ रख दिया गया (जैसे कोबाल्ट और निकेल को फ्लोरीन/क्लोरीन के साथ)।

2. मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी (Mendeléev's Periodic Table) ​

रूसी रसायनज्ञ इवानोविच मेन्डेलीफ ने तत्वों के वर्गीकरण में मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम तथा उनके रासायनिक गुणधर्मों (ऑक्सीजन और हाइड्रोजन के साथ बनने वाले हाइड्राइड और ऑक्साइड के सूत्रों) के आधार पर व्यवस्थित किया।

  • मेन्डेलीफ का आवर्त नियम: तत्वों के गुणधर्म उनके परमाणु द्रव्यमान का आवर्त फलन होते हैं।
  • इसमें 8 ऊर्ध्वाधर स्तंभ (समूह / Groups) और 6 क्षैतिज पंक्तियाँ (आवर्त / Periods) थीं।

👍 मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी की उपलब्धियाँ (Achievements) ​

  1. नए तत्वों के लिए रिक्त स्थान: मेन्डेलीफ ने अपनी सारणी में कुछ खाली स्थान छोड़ दिए और उनके गुणों की पहले ही सटीक भविष्यवाणी कर दी।
    • जैसे: एका-बोरोन ➡️ स्कैंडियम ((Sc))
    • एका-एल्युमिनियम ➡️ गैलियम ((Ga))
    • एका-सिलिकॉन ➡️ जर्मेनियम ((Ge))
  2. उत्कृष्ट गैसों का समायोजन: जब हीलियम ((He)), नियॉन ((Ne)) और आर्गन ((Ar)) जैसी अक्रिय गैसों की खोज हुई, तो पुरानी व्यवस्था को छेड़े बिना उन्हें एक नए समूह में रखा जा सका।

👎 मेन्डेलीफ की सारणी की सीमाएँ (Anomalies) ​

  1. हाइड्रोजन का स्थान: हाइड्रोजन को क्षार धातुओं और हैलोजन दोनों जैसे गुण दिखाने के कारण नियत स्थान नहीं दिया जा सका।
  2. समस्थानिकों (Isotopes) का स्थान: समस्थानिकों के परमाणु द्रव्यमान अलग-अलग होते हैं, जिससे उन्हें अलग स्थान मिलना चाहिए था, जो कि नहीं दिया गया।
  3. परमाणु द्रव्यमान का गलत क्रम: कुछ जगहों पर अधिक द्रव्यमान वाले तत्व को कम द्रव्यमान वाले तत्व से पहले रख दिया गया (जैसे कोबाल्ट (58.9) को निकेल (58.7) से पहले)।

3. आधुनिक आवर्त सारणी (Modern Periodic Table) ​

सन 1913 में हेनरी मोज़ले ने दिखाया कि तत्व के परमाणु द्रव्यमान की तुलना में उसकी परमाणु संख्या (Atomic Number - Z) अधिक आधारभूत गुणधर्म है।

  • आधुनिक आवर्त नियम: तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुणधर्म उनकी परमाणु संख्या का आवर्त फलन होते हैं।
  • संरचना:
    • 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ हैं, जिन्हें समूह (Groups) कहा जाता है।
    • 7 क्षैतिज पंक्तियाँ हैं, जिन्हें आवर्त (Periods) कहा जाता है।
text
[ आधुनिक आवर्त सारणी का ढांचा ]
समूह (1 से 18) ➡️  1  2  3 . . . . . . . . . . . 13 14 15 16 17 18
आवर्त 1 (2 तत्व)   H                                            He
आवर्त 2 (8 तत्व)   Li Be                           B  C  N  O  F  Ne
आवर्त 3 (8 तत्व)   Na Mg                           Al Si P  S  Cl Ar
...
(नीचे दो अलग पंक्तियाँ हैं: लैंथेनाइड्स और एक्टिनाइड्स)

🧩 समूह और आवर्त की विशेषताएँ ​

  • एक ही समूह के सभी तत्वों में: संयोजकता इलेक्ट्रॉनों (Valence Electrons) की संख्या समान होती है, इसलिए उनके रासायनिक गुण भी समान होते हैं।
    • उदाहरण (समूह 1): (2,1), (2,8,1), (2,8,8,1) ➡️ सभी के बाहरी कक्ष में 1 इलेक्ट्रॉन है।
  • एक ही आवर्त के सभी तत्वों में: कोशों (Shells) की संख्या समान होती है, परंतु परमाणु संख्या बढ़ने के साथ संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या बाएं से दाएं बदलती है।

📈 4. आधुनिक आवर्त सारणी में आवर्ती प्रवृत्तियाँ (Gradation in Properties) ​

परीक्षाओं (BSEB, CUET, NEET) में सबसे ज्यादा प्रश्न इसी खंड से ग्राफ और लॉजिकल रीज़निंग के रूप में पूछे जाते हैं।

① संयोजकता (Valency) ​

  • आवर्त में (बाएं से दाएं जाने पर): यह पहले 1 से 4 तक बढ़ती है, और फिर घटकर 0 हो जाती है।
  • समूह में (ऊपर से नीचे जाने पर): संयोजकता समान (स्थिर) रहती है क्योंकि बाहरी इलेक्ट्रॉन समान होते हैं।

② परमाणु साइज / त्रिज्या (Atomic Size) ​

  • आवर्त में (बाएं से दाएं जाने पर): परमाणु साइज घटता है। क्योंकि नाभिकीय आवेश (Nuclear Charge) बढ़ने से वह इलेक्ट्रॉनों को भीतर की ओर अधिक मजबूती से खींचता है।
  • समूह में (ऊपर से नीचे जाने पर): परमाणु साइज बढ़ता है। क्योंकि नीचे जाने पर एक नया इलेक्ट्रॉनिक कोश (Shell) जुड़ जाता है, जिससे नाभिक और बाहरी कोष की दूरी बढ़ जाती है।

③ धात्विक गुणधर्म (Metallic Character) ​

धात्विक गुण का अर्थ है इलेक्ट्रॉन त्यागने की क्षमता (विद्युत धनात्मकता)।

  • आवर्त में (बाएं से दाएं): धात्विक गुण घटता है, क्योंकि नाभिकीय आवेश बढ़ने से इलेक्ट्रॉन त्यागना कठिन हो जाता है।
  • समूह में (ऊपर से नीचे): धात्विक गुण बढ़ता है, क्योंकि परमाणु का आकार बढ़ने से बाहरी इलेक्ट्रॉन पर नाभिक का आकर्षण कमजोर होता है और वह आसानी से निकल जाता है।

④ अधात्विक गुणधर्म (Non-Metallic Character) ​

अधात्विक गुण का अर्थ है इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की क्षमता (विद्युत ऋणात्मकता)।

  • आवर्त में (बाएं से दाएं): अधात्विक गुण बढ़ता है।
  • समूह में (ऊपर से नीचे): अधात्विक गुण घटता है।

🧪 ऑक्साइडों की प्रकृति (Nature of Oxides) ​

  • आवर्त सारणी में बाईं ओर के तत्व (धातुएँ) क्षारकीय ऑक्साइड बनाते हैं (जैसे- )।
  • दाईं ओर के तत्व (अधातुएँ) अम्लीय ऑक्साइड बनाते हैं (जैसे- , )।

🎯 परीक्षा बूस्टर डोज (Exam-Points & Super Tricks) ​

⚡ Super Trend Trick (रामबाण ट्रिक):

  • बाएं से दाएं (👉) जाने पर केवल दो चीजें बढ़ती हैं: नाभिकीय आवेश और अधात्विक गुण (विद्युत ऋणात्मकता)। बाकी सब (आकार, धात्विक गुण) घटता है।
  • ऊपर से नीचे (👇) जाने पर: आकार (Size) और धात्विक गुण बढ़ता है। संयोजकता समान रहती है।
  1. उपधातु (Metalloids): आधुनिक आवर्त सारणी में एक टेढ़ी-मेढ़ी (Zig-zag) रेखा धातुओं को अधातुओं से अलग करती है। इस रेखा पर आने वाले तत्वों में धातु और अधातु दोनों के गुण होते हैं, इन्हें उपधातु कहते हैं। जैसे— बोरोन (), सिलिकॉन (), जर्मेनियम (), आर्सेनिक (), एंटीमनी (), टेल्यूरियम (), पोलोनियम ()।
  2. हैलोजन परिवार: समूह 17 के तत्वों को हैलोजन कहा जाता है ()। ये अत्यंत अभिक्रियाशील अधातुएँ हैं।
  3. उत्कृष्ट/अक्रिय गैसें: समूह 18 के तत्वों का बाहरी कोश पूर्णतः भरा होता है ()। इनकी रासायनिक अभिक्रियाशीलता शून्य (नगण्य) होती है।

🏁 निष्कर्ष (Conclusion) ​

तत्वों का आवर्त वर्गीकरण मानव बुद्धि और विज्ञान की सबसे खूबसूरत जीतों में से एक है। डोबेराइनर के छोटे से प्रयास और मेन्डेलीफ के साहस से शुरू हुआ यह सफर आज हेनरी मोज़ले की आधुनिक आवर्त सारणी के रूप में हमारे सामने स्थापित है। यह सारणी रसायन विज्ञान की वर्णमाला है, जिसके बिना न तो जटिल रासायनिक बंधों को समझा जा सकता है और न ही नई सामग्रियों की खोज की जा सकती है। इसके प्रवृत्तियों (Trends) को समझना ही उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं (NEET, JEE, CUET) की चाबी है।

Join the Discussion

Show Comments

No comments

No comments yet.

Post a Comment

Popular Post

हिंदी व्याकरण Ch 1 Important Questions & PYQ नोट्स

1. भाषा 📙 Book Based Questions ⚡ Competitive exam 📋 Bihar Board - Class 12 2. वर्ण-विचार 📚 Books Based Questions ⚡ Competitive exam 📋 Bihar Board - Class 10 📋 Bihar Board - Class 10 PYQ 📋 Bihar Board - Class 12 📋 Bihar Board - Class 12 PYQ Bihar Board - Class 12 Arts PYQ 3. वर्तनी ⚡ Competitive exam 4. विराम-चिह्ना 📙 Book Based Questions ⚡ Competitive exam Bihar Board - Class 12 Arts PYQ 🏁 निष्कर्ष (Conclusion) 1. भाषा ​ 📙 Book Based Questions ​ प्रश्‍न 1 : हिन्दी भाषा का प्रादुर्भाव किस भाषा से हुआ? पालि संस्कृत अपभ्रंश प्राकृत उत्तर : सही विकल्प () है। प्रश्‍न 2 : भारतीय आर्य भाषाओं को कितनी भाषाओं में विभाजित किया गया है? तीन चार पाँच दो उत्तर : सही विकल्प () है। प्रश्‍न 3 : प्राचीन भारतीय आर्य भाषा के अन्तर्गत कौन-सी भाषा आती है? वैदिक संस्कृत लौकिक संस्कृत अवहट्ठ 'a' तथा 'b' दोनों उत्तर : सही विकल्प () है। प्रश्‍न 4 : बौद्ध साहित्य की रचना किस भाषा से हुई? संस्कृत प्राकृत पालि अपभ्रंश उत्तर : सही विकल्प () है। प्रश्‍न 5 : मध्यकालीन आर्य भाषा की तीसरी ...
By Guddu Kumar
Class 11 Chemistry Chapter 1 Important Questions Hindi

Class 11 Chemistry Chapter 1 Important Questions Hindi

JEE Main, NDA, CBSE, BSEB, UP, PYQ, Sample Questions, Model Paper Question द्रव्य के गुणधर्म और उनका मापन (Properties of Matter and their Measurement) मापन में अनिश्चितता (Uncertainty in Measurement) परमाणु द्रव्यमान और आण्विक द्रव्यमान (Atomic and Molecular Masses) मोल-संकल्पना और मोलर द्रव्यमान (Mole Concept and Molar Masses) प्रतिशत संघटन (Percentage Composition) स्टॉइकियोंमीट्री और स्टॉइकियोंमीट्रिक परिकलन (Stoichiometry and Stoichiometric Calculations) 📝 निष्कर्ष (Conclusion) द्रव्य के गुणधर्म और उनका मापन (Properties of Matter and their Measurement) ​ 1995 प्रश्‍न 1 : दाब के विमा समान है- बल प्रति इकाई आयतन ऊर्जा प्रति इकाई आयतन बल ऊर्जा उत्तर : सही विकल्प () है। मापन में अनिश्चितता (Uncertainty in Measurement) ​ 1998 प्रश्‍न 2 : 161 cm, 0.161 cm तथा 0.0161 cm के लिए सार्थक संख्याएँ हैं- क्रमशः 3, 4 और 5 क्रमशः 3, 4 और 4 क्रमशः 3, 3 और 4 क्रमशः 3, 3 और 3 उत्तर : सही विकल्प () है। 2014 प्रश्‍न 3 : समान द्रव्यमान में H₂, O₂ और मिथेन को एक आयतन V के पात्र में 27°C पर समान परिस्थि...
By Guddu Kumar
निबंध-लेखन: Hindi Grammar Essay Format for BSEB & CBSE

निबंध-लेखन: Hindi Grammar Essay Format for BSEB & CBSE

✍️ 25. निबंध-लेखन (Essay Writing) ​ यह अध्याय BSEB (कक्षा 9, 10, 11, 12), CBSE, State Boards और अन्य सभी अकादमिक परीक्षाओं के लेखन खंड (Writing Section) का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा अंक दिलाने वाला विषय है। बोर्ड परीक्षाओं में यह प्रश्न प्रायः 8 से 10 अंकों के लिए पूछा जाता है। इस डिजिटल नोट्स में दी गई संरचना और ब्रह्मास्त्र ट्रिक्स की मदद से आप निबंध में अधिकतम अंक सुनिश्चित कर सकते हैं। CBSE, BSEB, UP, PYQ, Sample Questions, Model Paper Question ✍️ 25. निबंध-लेखन (Essay Writing) 🗺️ निबंध-लेखन का मास्टर माइंड मैप 🏗️ ① निबंध के तीन मुख्य स्तम्भ (The Ideal 3-Step Structure) 🧲 Ⓐ प्रस्तावना / भूमिका (Introduction) 📈 Ⓑ विषय-विस्तार (Body of the Essay) 🏁 Ⓒ उपसंहार (Conclusion) ⚙️ ② परीक्षा में पूरे अंक पाने के 5 सुनहरे नियम (Golden Rules) 📝 ③ लाइव मॉडल उदाहरण (Live Model Essay Segment) Bihar Board Class 12 Science PYQ 1. कोई अविस्मरणीय घटना 2. मेरा भारत महान् 3. पर्यटन का महत्व 4. मेरे प्रिय कवि 5. शहरी जीवन 6. यदि मैं प्रधानमंत्री हो जाऊँ 7. मेरे सपनों का भारत 8. भ्रष्टाचार का दान...
By Guddu Kumar

AvN Learn English

AvN Learn English

No blogs found in this list.

Share