Skip to content

BSEB Class 10 Disaster Management Chapter 6 Notes

📖 इकाई - 6: आपदा और सह-अस्तित्व (Disaster and Co-existence) ​

🎯 BSEB (कक्षा 10), BPSC, SSC और अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष रूप से तैयार ​

Image of disaster management%20 notes for professional
NCERT, Bihar Board, CBSE, State Board,SCERT, VVI Point, Extra

📌 1. आपदा और सह-अस्तित्व का मूल सिद्धांत ​

  • 🌋 स्वाभाविक घटनाएँ: बाढ़, सुखाड़, चक्रवात, भूकम्प, ज्वालामुखी विस्फोट और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाएँ स्वाभाविक हैं। इन्हें पूरी तरह रोका नहीं जा सकता.
  • 🤝 सह-अस्तित्व (Co-existence): यह मानकर बैठ जाना कि यह सब प्राकृतिक प्रकोप है और मनुष्य कुछ नहीं कर सकता, पूरी तरह गलत दृष्टिकोण है. हमें आपदाओं के साथ सुरक्षित रहने की कला विकसित करनी होगी।
  • 🎯 मूल उद्देश्य: आपदा से पूर्व ही ऐसी तैयारी करना जिससे कम से कम जान-माल की क्षति हो सके.
  • 🌍 सफल वैश्विक मॉडल: अमेरिका और जापान जैसे देशों में बार-बार भूकंप आते हैं, लेकिन वहाँ इसे मात्र एक 'अल्पकालिक आपदा' माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वहाँ के लोग सुरक्षित रहने के तरीकों के प्रति जागरूक हैं और मकान भूकंपरोधी बने होते हैं.

🌋 2. भूकम्प और सुरक्षित भवन निर्माण तकनीक ​

भूकम्प एक अत्यंत विनाशकारी आपदा है जो कुछ ही क्षणों में अकल्पनीय बर्बादी कर देती है. चूँकि इसके आगमन का सटीक पूर्वानुमान लगाना संभव नहीं है, इसलिए पूर्व-सतर्कता ही एकमात्र बचाव है.

📜 ऐतिहासिक घटना (26 जनवरी, 2001): इस तिथि को भारत (गुजरात के कच्छ) में 6.9 की तीव्रता वाला भीषण भूकम्प आया था, जिससे लगभग 1300 से अधिक लोगों की जान गई, 1.67 लाख लोग घायल हुए और करोड़ों लोग प्रभावित हुए थे.

🏗️ भूकंपरोधी आवास निर्माण के मुख्य बिंदु: ​

  1. 🔲 इमारत की आकृति: भवनों का आकार आयताकार (Rectangular) होना चाहिए और उनका नक्शा बिल्कुल साधारण होना चाहिए.
  2. 🧱 दीवारों को सहारा: लंबी दीवारों को मजबूती देने के लिए ईंट-पत्थर या कंक्रीट के कॉलम (Pillars) होने चाहिए.
  3. 📐 जटिल आकृतियों का प्रबंधन: जहाँ तक संभव हो तथा आकार वाले बड़े भवनों को सीधे बनाने के बजाय उन्हें छोटे-छोटे आयतों में बांटकर बनाना चाहिए तथा उनके बीच खाली जगह छोड़नी चाहिए.
  4. 🔬 मिट्टी का वैज्ञानिक अध्ययन: भवन निर्माण से पूर्व उस स्थान की मिट्टी का वैज्ञानिक परीक्षण किया जाना चाहिए और उसी के अनुरूप नींव तैयार होनी चाहिए.
  5. 🪟 खिड़की-दरवाजे: दरवाजों और खिड़कियों की स्थिति भी तकनीकी रूप से भूकंप अवरोधी मानकों के अनुसार होनी चाहिए.
  6. 🛣️ चौड़ी सड़कें: गलियाँ एवं सड़कें चौड़ी होनी चाहिए तथा दो मकानों के बीच पर्याप्त दूरी होनी चाहिए ताकि आपातकाल में लोग आसानी से बाहर निकल सकें.
  7. 🏔️ ढलान वाले क्षेत्रों में सुरक्षा: खड़ी ढलानों पर बने मकानों के पास मजबूत अवरोधक दीवार या जलग्रहण (कैचमेंट एरिया) क्षेत्र बनाना चाहिए, जो छोटे-छोटे भूस्खलन को रोक सके.

🌊 3. सुनामी के प्रभाव को कम करने के उपाय ​

सुनामी तटीय क्षेत्रों में जान-माल की भारी हानि पहुँचाने के साथ-साथ उपजाऊ खेतों को नमकीन पानी से बंजर बना देती है और बंदरगाहों को नष्ट कर देती है. इसके प्रभाव को कम करने के प्रमुख तरीके निम्नलिखित हैं:

  1. 🏘️ सुरक्षित दूरी: सुनामी संभावित तटीय क्षेत्रों में बस्तियों और मकानों को ऊँचे स्थानों पर तथा तट से कम से कम 100 मीटर की सुरक्षित दूरी पर बनाना चाहिए.
  2. 🌳 सघन वृक्षारोपण: समुद्र तटीय भागों में मैंग्रोव झाड़ियों और सघन वनों को लगाना चाहिए, जो सुनामी की लहरों की तीव्र गति को सोख लेते हैं.
  3. 🧱 कंक्रीट अवरोधक: तटीय नगरों और पत्तनों (बंदरगाहों) की रक्षा के लिए कंक्रीट के मजबूत ऊँचे तटबंध और बांध बनाए जाने चाहिए.
  4. 📡 आधुनिक तकनीक: समुद्र की तली में होने वाली हलचलों का लगातार पता लगाने के लिए 'सुनामीटर' (Tsunameter) उपकरणों से लैस 'सुनामी रिकॉर्डिंग सेंटर' की स्थापना होनी चाहिए.
  5. 🛰️ सैटेलाइट वार्निंग: उपग्रह प्रौद्योगिकी द्वारा प्राप्त चेतावनियों को संचार माध्यमों से तुरंत तटीय मछुआरों और आम लोगों तक पहुँचाना चाहिए.

🌧️ 4. बाढ़ के साथ सह-अस्तित्व और जोखिम प्रबंधन ​

अधिकतर बाढ़ संभावित क्षेत्रों और उनके मौसम का पूर्वानुमान पहले से ज्ञात होता है। इसलिए योजनाबद्ध तरीके से इसके नुकसान को बहुत कम किया जा सकता है:

  • 🗺️ आपदा मानचित्रण (Disaster Mapping): सुदूर संवेदन (Remote Sensing) और भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) तकनीक की सहायता से सबसे पहले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के नक्शे तैयार किए जाने चाहिए और वहाँ भूमि के उपयोग (भू-उपयोग) पर नियंत्रण रखना चाहिए.
  • 🏗️ शहरी जल संरक्षण: शहरी क्षेत्रों में कंक्रीट की संरचनाओं के बीच तालाबों, झीलों या निचले जलधारक क्षेत्रों का निर्माण किया जाना चाहिए ताकि पानी वहां जमा हो सके। जलजमाव वाले निचले इलाकों में भवन निर्माण पर रोक होनी चाहिए.
  • 🛖 निर्माण शैली: मकानों का निर्माण कंक्रीट के मजबूत खंभों (Pillars) पर होना चाहिए तथा बाढ़ के समय पानी को रोकने के लिए मकान की नींव के पास रेत से भरी बोरियाँ रखी जानी चाहिए.
  • 🌾 जलमग्न फसल प्रजातियाँ: कृषि को बचाने के लिए धान की ऐसी प्रजातियों का विकास करना जो कई दिनों तक पानी में डूबे रहने पर भी नष्ट न हों (जैसे उत्तरी बिहार के बाढ़ क्षेत्रों में किसान धान की ऐसी विशेष किस्म उगाते हैं और नाव पर जाकर उसकी कटाई करते हैं).
  • 🪙 खाद्यान्न बैंक (Food Grain Bank): अकाल की स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जगह-जगह अनाज बैंकों की स्थापना होनी चाहिए.
  • 🗓️ सरकारी नीति (1954): भारत सरकार ने 1954 ई० में बाढ़ नियंत्रण के लिए तीन आयाम निर्धारित किए हैं: त्वरित (Immediate), अल्प-कालिक (Short-term), और दीर्घ-कालिक (Long-term) कार्रवाई.

☀️ 5. सुखाड़ प्रबंधन और शुष्क कृषि पद्धति ​

सुखाड़ अचानक नहीं आता, बल्कि यह धीरे-धीरे संकेत देकर आता है. सुखाड़ तीन प्रकार के होते हैं: (i) सामान्य सुखाड़, (ii) कृषि सुखाड़, और (iii) मौसमी सुखाड़. इनमें कृषि सुखाड़ को सबसे खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसमें मिट्टी की पूरी नमी खत्म हो जाती है.

🌾 शुष्क कृषि पद्धति (Dry Farming Methods) की प्रमुख विधियाँ: ​

  1. 🚜 गहरी जुताई: खेतों की गहरी जुताई की जानी चाहिए ताकि धरातल के नीचे की नमीयुक्त मिट्टी ऊपर आ सके.
  2. 🌱 वैकल्पिक फसलें: सुखाग्रस्त क्षेत्रों में कम पानी में उगने वाली फसलें जैसे मशरूम, औषधीय पौधे, नागफनी (कैक्टस), ज्वार और बाजरा लगाई जानी चाहिए.
  3. 🚿 आधुनिक सिंचाई: पारंपरिक सिंचाई के स्थान पर ड्रिप (बूँद-बूँद) और छिड़काव (Sprinkler) सिंचाई विधि का प्रयोग करना चाहिए.
  4. 🧪 कम समय वाले बीज: ऐसे उन्नत बीजों का उपयोग करना चाहिए जो बहुत कम समय में फसल का उत्पादन कर सकें.
  5. 🧱 पक्के कंक्रीट नहर: छोटे-छोटे बांधों का निर्माण करना तथा ऐसे नहर बनाना जिनके तल में कंक्रीट बिछा हो, जिससे पानी का रिसाव (Seepage) रुक सके.
  6. 🥛 वैकल्पिक अर्थव्यवस्था (Alternative Economy): कृषि के असफल होने पर किसानों की आजीविका बनाए रखने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में चारागाहों का विकास कर दुग्ध उद्योग (Dairy Industry) तथा कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना चाहिए.
  7. 🏞️ जल विभाजक विकास (Watershed Management): स्थानीय समुदायों के सहयोग से एक भौगोलिक क्षेत्र के भीतर मृदा और जल का प्रभावी प्रबंधन करना, जिससे भूमिगत जल स्तर बना रहे.

👥 6. सामुदायिक सहभागिता और स्वयंसेवी संगठन ​

आपदा प्रबंधन की पूर्ण सफलता राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पूर्व-नियोजित योजनाओं तथा स्थानीय समुदाय के आपसी सहयोग पर निर्भर करती है:

  • 🏫 आपदा शिक्षा: आपदा शिक्षा को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना तथा जनसाधारण को इसके प्रति जागृत व शिक्षित करना अनिवार्य है.
  • 🎖️ अग्रिम पंक्ति के स्वयंसेवक: आकस्मिक स्थिति में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), होम गार्ड और नेहरू युवा केंद्र जैसे संगठन स्थानीय स्तर पर राहत और जीवन रक्षक कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

💡 Quick Exam Tips & Tricks ​

  • Most Dangerous Drought: सुखाड़ के प्रकारों में कृषि सुखाड़ सर्वाधिक विनाशकारी होता है.
  • Building Shape for Safety: भूकंप संभावित क्षेत्रों में मकानों की सबसे सुरक्षित आकृति आयताकार (Rectangular) होती है.
  • Natural Shield against Tsunami: तटीय क्षेत्रों में सुनामी की लहरों का वेग कम करने वाली वनस्पति मैंग्रोव वन है.
  • Flood Plan Year: भारत सरकार की त्रिवर्षीय बाढ़ नियंत्रण नीति 1954 ई० में लागू की गई थी.

🏁 निष्कर्ष (Conclusion) ​

प्राकृतिक आपदाओं को घटित होने से मनुष्य रोक नहीं सकता है. हम केवल पूर्व से सतर्क रहकर, आधुनिक तकनीकों (GIS, रिमोट सेंसिंग) का सही उपयोग करके तथा आपसी सहयोग व सह-अस्तित्व की भावना से आपदाओं के मध्य सुरक्षित जीने की कला सीख सकते हैं.

Join the Discussion

Show Comments

No comments

No comments yet.

Post a Comment

Popular Post

हिंदी व्याकरण Ch 1 Important Questions & PYQ नोट्स

1. भाषा 📙 Book Based Questions ⚡ Competitive exam 📋 Bihar Board - Class 12 2. वर्ण-विचार 📚 Books Based Questions ⚡ Competitive exam 📋 Bihar Board - Class 10 📋 Bihar Board - Class 10 PYQ 📋 Bihar Board - Class 12 📋 Bihar Board - Class 12 PYQ Bihar Board - Class 12 Arts PYQ 3. वर्तनी ⚡ Competitive exam 4. विराम-चिह्ना 📙 Book Based Questions ⚡ Competitive exam Bihar Board - Class 12 Arts PYQ 🏁 निष्कर्ष (Conclusion) 1. भाषा ​ 📙 Book Based Questions ​ प्रश्‍न 1 : हिन्दी भाषा का प्रादुर्भाव किस भाषा से हुआ? पालि संस्कृत अपभ्रंश प्राकृत उत्तर : सही विकल्प () है। प्रश्‍न 2 : भारतीय आर्य भाषाओं को कितनी भाषाओं में विभाजित किया गया है? तीन चार पाँच दो उत्तर : सही विकल्प () है। प्रश्‍न 3 : प्राचीन भारतीय आर्य भाषा के अन्तर्गत कौन-सी भाषा आती है? वैदिक संस्कृत लौकिक संस्कृत अवहट्ठ 'a' तथा 'b' दोनों उत्तर : सही विकल्प () है। प्रश्‍न 4 : बौद्ध साहित्य की रचना किस भाषा से हुई? संस्कृत प्राकृत पालि अपभ्रंश उत्तर : सही विकल्प () है। प्रश्‍न 5 : मध्यकालीन आर्य भाषा की तीसरी ...
By Guddu Kumar
Class 11 Chemistry Chapter 1 Important Questions Hindi

Class 11 Chemistry Chapter 1 Important Questions Hindi

JEE Main, NDA, CBSE, BSEB, UP, PYQ, Sample Questions, Model Paper Question द्रव्य के गुणधर्म और उनका मापन (Properties of Matter and their Measurement) मापन में अनिश्चितता (Uncertainty in Measurement) परमाणु द्रव्यमान और आण्विक द्रव्यमान (Atomic and Molecular Masses) मोल-संकल्पना और मोलर द्रव्यमान (Mole Concept and Molar Masses) प्रतिशत संघटन (Percentage Composition) स्टॉइकियोंमीट्री और स्टॉइकियोंमीट्रिक परिकलन (Stoichiometry and Stoichiometric Calculations) 📝 निष्कर्ष (Conclusion) द्रव्य के गुणधर्म और उनका मापन (Properties of Matter and their Measurement) ​ 1995 प्रश्‍न 1 : दाब के विमा समान है- बल प्रति इकाई आयतन ऊर्जा प्रति इकाई आयतन बल ऊर्जा उत्तर : सही विकल्प () है। मापन में अनिश्चितता (Uncertainty in Measurement) ​ 1998 प्रश्‍न 2 : 161 cm, 0.161 cm तथा 0.0161 cm के लिए सार्थक संख्याएँ हैं- क्रमशः 3, 4 और 5 क्रमशः 3, 4 और 4 क्रमशः 3, 3 और 4 क्रमशः 3, 3 और 3 उत्तर : सही विकल्प () है। 2014 प्रश्‍न 3 : समान द्रव्यमान में H₂, O₂ और मिथेन को एक आयतन V के पात्र में 27°C पर समान परिस्थि...
By Guddu Kumar
निबंध-लेखन: Hindi Grammar Essay Format for BSEB & CBSE

निबंध-लेखन: Hindi Grammar Essay Format for BSEB & CBSE

✍️ 25. निबंध-लेखन (Essay Writing) ​ यह अध्याय BSEB (कक्षा 9, 10, 11, 12), CBSE, State Boards और अन्य सभी अकादमिक परीक्षाओं के लेखन खंड (Writing Section) का सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा अंक दिलाने वाला विषय है। बोर्ड परीक्षाओं में यह प्रश्न प्रायः 8 से 10 अंकों के लिए पूछा जाता है। इस डिजिटल नोट्स में दी गई संरचना और ब्रह्मास्त्र ट्रिक्स की मदद से आप निबंध में अधिकतम अंक सुनिश्चित कर सकते हैं। CBSE, BSEB, UP, PYQ, Sample Questions, Model Paper Question ✍️ 25. निबंध-लेखन (Essay Writing) 🗺️ निबंध-लेखन का मास्टर माइंड मैप 🏗️ ① निबंध के तीन मुख्य स्तम्भ (The Ideal 3-Step Structure) 🧲 Ⓐ प्रस्तावना / भूमिका (Introduction) 📈 Ⓑ विषय-विस्तार (Body of the Essay) 🏁 Ⓒ उपसंहार (Conclusion) ⚙️ ② परीक्षा में पूरे अंक पाने के 5 सुनहरे नियम (Golden Rules) 📝 ③ लाइव मॉडल उदाहरण (Live Model Essay Segment) Bihar Board Class 12 Science PYQ 1. कोई अविस्मरणीय घटना 2. मेरा भारत महान् 3. पर्यटन का महत्व 4. मेरे प्रिय कवि 5. शहरी जीवन 6. यदि मैं प्रधानमंत्री हो जाऊँ 7. मेरे सपनों का भारत 8. भ्रष्टाचार का दान...
By Guddu Kumar

AvN Learn English

AvN Learn English

No blogs found in this list.

Share