📖 इकाई- 6: वैश्वीकरण (Globalization)
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📌 1. वैश्वीकरण का बुनियादी परिचय (Introduction to Globalization)
- 🌍 विश्व एक बाजार: 20वीं शताब्दी के अंतिम दशक (1991) से विश्व बाजार में एक नए युग की शुरुआत हुई. वैश्वीकरण के अंतर्गत भौगोलिक सीमाएं समाप्त हो गई हैं और पूरी दुनिया का बाजार एक-दूसरे के लिए मुक्त हो गया है.
- 🧠 ब्रैंको मिलनोवीक (Branko Milnovic) के अनुसार: "वैश्वीकरण का अर्थ पूँजी, वस्तु, प्रौद्योगिकी एवं लोगों के विचारों (Ideas) का स्वतंत्र प्रवाह है।" कोई भी ऐसा वैश्वीकरण अधूरा (आंशिक) माना जाएगा जिसमें मानवीय संपदा (श्रम) के प्रवाह में रुकावट आए.
- 🏬 मॉल (Mall) संस्कृति: वैश्वीकरण और उदारीकरण की देन। एक ही छत के नीचे उपभोक्ता की छोटी से लेकर बड़ी उपभोग की सारी वस्तुएँ आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध होना। (यद्यपि इससे छोटे स्थानीय व्यापारियों की बिक्री कम होने का खतरा बढ़ा है).
🛠️ 2. नई आर्थिक नीति (NEP) या LPG नीति (1991)
वर्ष 1990-91 में भारत का राजकोषीय घाटा अत्यधिक बढ़ गया था, विदेशी मुद्रा भंडार मात्र 15 दिनों के आयात के लायक बचा था और भारत को 49 क्विंटल सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड में बंधक रखना पड़ा था. इस आर्थिक संकट से उबरने के लिए भारत सरकार ने सन् 1991 में नई आर्थिक नीति अपनाई, जिसे LPG नीति भी कहते हैं:
- L - उदारीकरण (Liberalisation): सरकार द्वारा लगाए गए सभी अनावश्यक प्रशासनिक नियंत्रणों और प्रतिबंधों (जैसे- लाइसेंस, परमिट, कोटा आदि) से अर्थव्यवस्था को मुक्त करना.
- P - निजीकरण (Privatisation): सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी) के उद्यमों पर पूर्ण या आंशिक रूप से निजी क्षेत्र को स्वामित्व और प्रबंधन सौंपना.
- G - वैश्वीकरण (Globalisation): देश की अर्थव्यवस्था का विश्व अर्थव्यवस्था के साथ समन्वय या एकीकरण करना ताकि वस्तुओं, सेवाओं, पूँजी और तकनीक का बेरोकटोक प्रवाह हो सके.
📊 3. वैश्वीकरण के 5 मुख्य अंग (Components of Globalization)
वैश्वीकरण की प्रक्रिया मुख्यतः निम्नलिखित 5 स्तंभों पर आधारित है:
- 📉 व्यापार संबंधी अवरोधों की कमी: आयात-निर्यात पर से कर और प्रतिबंध हटाना ताकि बहुराष्ट्रीय और स्थानीय कंपनियां एक-दूसरे के देशों में सामान मुक्त रूप से बेच सकें.
- 💰 पूँजी का निर्बाध प्रवाह: ऐसा वातावरण बनाना जिससे विदेशी पूँजीपति भारत में और भारतीय पूँजीपति विदेशों में स्वतंत्र रूप से निवेश (Investment) कर सकें.
- 📡 प्रौद्योगिकी (तकनीक) का निर्बाध प्रवाह: बिना किसी प्रतिबंध के किसी भी देश से आधुनिक तकनीक का आयात-निर्यात करना.
- 👷 श्रम का निर्बाध प्रवाह: विभिन्न देशों के बीच कुशल कामगारों के आवागमन को सुगम बनाना. (यद्यपि विकसित देश आज भी श्रम के इस प्रवाह में वीजा नियमों द्वारा बाधा उत्पन्न कर रहे हैं).
- 🔄 पूँजी की पूर्ण परिवर्तनशीलता: विदेशी विनिमय दरों के अनुसार पूँजी को किसी भी मुद्रा में आसानी से बदलने की स्वतंत्रता.
🏢 4. बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ (Multinational Companies - MNCs)
- 🧠 अर्थ: वह कंपनी जो एक से अधिक देशों में उत्पादन पर नियंत्रण व स्वामित्व रखती है. जैसे— फोर्ड मोटर्स, सैमसंग, कोका कोला, नोकिया, टाटा मोटर्स, इंफोसिस आदि.
- ⚙️ कार्य-प्रणाली: ये कंपनियां उत्पादन लागत कम करने और अधिक लाभ कमाने के लिए उन देशों में कारखाने लगाती हैं जहाँ सस्ता श्रम, सस्ता कच्चा माल और संसाधन उपलब्ध हों (जैसे भारत की 'डाबर' कंपनी नेपाल में उत्पादन करती है).
📦 वैश्विक उत्पादन नेटवर्क (Global Connection of Products):
बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपना माल एक जगह नहीं बनातीं, बल्कि पूरे विश्व को एक चेन से जोड़ती हैं:
- अनुसंधान व डिजाइन → अमेरिका 🇺🇸 (उच्च तकनीक के कारण)
- पुर्जों का निर्माण → चीन 🇨🇳 (सस्ते विनिर्माण के कारण)
- पुर्जों को जोड़ना/असेम्बल → मेक्सिको व पूर्वी यूरोप 🇲🇽 (अमेरिका व यूरोप के मुख्य बाजारों के निकट होने के कारण)
- ग्राहक देखभाल (Call Centres) → भारत 🇮🇳 (शिक्षित, अंग्रेजी बोलने वाले सस्ते मानव संसाधन के कारण)
📈 निवेश और विलय (Investment):
- निवेश: भूमि, भवन, मशीन जैसे उपकरणों की खरीद में व्यय की गई मुद्रा. बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा किए गए निवेश को विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI - Foreign Direct Investment) कहते हैं.
- कंपनियों का अधिग्रहण: बहुराष्ट्रीय कंपनियां स्थानीय बाजार में प्रवेश के लिए घरेलू कंपनियों को खरीद लेती हैं (जैसे भारतीय कंपनी पारले समूह के 'थम्स अप' ब्रांड को अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी कोका कोला ने खरीद लिया).
🌐 5. विश्व व्यापार संगठन (WTO - World Trade Organisation)
- 🧠 उद्देश्य: अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को उदार, निष्पक्ष और बाधारहित बनाना तथा इससे संबंधित वैश्विक नियमों का निर्धारण करना.
- 🗓️ स्थापना: जनवरी, 1995 में की गई (भारत इसका संस्थापक सदस्य है).
- 🏢 मुख्यालय: जेनेवा (स्वीट्जरलैंड) में स्थित है. वर्ष 2006 तक इसके 149 सदस्य देश थे.
- ⚠️ विवाद/कमी: यह सभी देशों को मुक्त व्यापार की सुविधा देने की वकालत करता है, परंतु विकसित देश (जैसे अमेरिका) अनुचित ढंग से अपने व्यापार अवरोधक बनाए रखते हैं और विकासशील देशों पर इन्हें हटाने का दबाव डालते हैं.
🇮🇳 6. भारत और आम आदमी पर वैश्वीकरण का प्रभाव
भारत एक विशाल युवा आबादी (विश्व का अग्रणी युवा देश) और बड़ा उपभोक्ता बाजार होने के कारण वैश्वीकरण का मुख्य केंद्र है.
🟢 क) आम आदमी पर अच्छा प्रभाव:
- 📺 आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता: विश्वस्तरीय उच्च गुणवत्ता वाली उपभोक्ता वस्तुएं (जैसे रंगीन टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर, स्मार्टफोन) सापेक्षतः कम कीमत पर मिलने लगी हैं.
- 💼 रोजगार में वृद्धि: औद्योगिक और आईटी क्षेत्र के विस्तार से कुशल श्रमिकों के लिए देश-विदेश में रोजगार के नए क्षेत्र (जैसे बैंगलोर का आईटी हब) खुल गए हैं.
- 📡 आधुनिक तकनीक: इंटरनेट, ई-मेल और ई-बैंकिंग जैसी संचार तकनीकों तक आम आदमी की पहुँच आसान हो गई है.
🛑 ख) आम आदमी पर बुरा प्रभाव:
- 📉 अकुशल लोगों में बेरोजगारी: आधुनिक मशीनी और स्वचालित उत्पादन बढ़ने से समाज की विशाल अकुशल (Unskilled) और अर्धकुशल श्रम-शक्ति के लिए बेरोजगारी का खतरा बढ़ गया है.
- 🥊 असमान प्रतियोगिता: बहुराष्ट्रीय कंपनियों के ब्रांडेड, आकर्षक और सस्ते उत्पादों के सामने घरेलू मध्यम व छोटे उत्पादक टिक नहीं पा रहे हैं. (नियम: बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है).
- 🪓 श्रम कानूनों में लचीलापन: प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनियां श्रम लागत घटाने के लिए अब स्थायी रोजगार के बजाय अस्थायी/कॉन्ट्रैक्ट रोजगार देती हैं, जिससे श्रमिक संगठन कमजोर हो गए हैं.
- 🌾 ग्रामीण व कृषि संकट: बड़े पूँजीपतियों द्वारा कम श्रम-शक्ति वाले कॉर्पोरेट फार्म हाउस बनाने से छोटे और सीमांत किसानों के समक्ष संकट खड़ा हो गया है.
🗺️ 7. बिहार की अर्थव्यवस्था पर वैश्वीकरण का मिश्रित प्रभाव
पूर्व राष्ट्रपति डॉ० कलाम ने कहा था— "देश की प्रगति के लिए बिहार की प्रगति अनिवार्य है।" बिहार में भी वैश्वीकरण के दोहरे प्रभाव देखे गए हैं:
🌟 क) सकारात्मक प्रभाव (Positive Impact):
- 🌾 कृषि उत्पादन में वृद्धि: उन्नत बीजों और तकनीकों के कारण कृषि उत्पादन बढ़ा है। वर्ष 2009 के सुखाड़ जैसी गिरावट की स्थिति में भी सरकार वैश्वीकरण के कारण खाद्यान्न आपूर्ति बनाए रखने में सक्षम रही.
- 🍎 निर्यातों में वृद्धि: बिहार से फल और व्यावसायिक फसलों का निर्यात बढ़ा है. विशेषकर बिहार अपनी लीची, आम और मखाना के अंतर्राष्ट्रीय निर्यात के लिए प्रसिद्ध है.
- 💵 राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में वृद्धि: राज्य की कुल आय और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय सुधार हुआ है (बिहार की हालिया विकास दर 11.03% रही).
- 💻 आईटी रोजगार: बिहार के बड़ी संख्या में सॉफ्टवेयर इंजीनियर आज संयुक्त राज्य अमेरिका और इंग्लैंड जैसे विकसित देशों की बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्यरत हैं.
- 🏦 बहुराष्ट्रीय कंपनियों का आगमन: बिहार के शहरों में विदेशी बैंक (जैसे HSBC बैंक) और बहुराष्ट्रीय बीमा कंपनियाँ (बजाज एलियांज, बिरला सनलाइफ, टाटा एआईजी) संयुक्त उपक्रम के रूप में आ चुकी हैं.
❌ ख) नकारात्मक प्रभाव (Negative Impact):
- 🌾 कृषि आधारित उद्योगों की उपेक्षा: कृषि प्रधान राज्य होने के बावजूद बिहार में कृषि-जनित उद्योगों में वैश्वीकरण के बाद उतना निवेश नहीं हुआ जितना अपेक्षित था.
- 🧸 कुटीर एवं लघु उद्योगों पर मार: बिहार में कुटीर, हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सस्ते उत्पादों के सामने बंद होने की कगार पर हैं. (जैसे चीन निर्मित आकर्षक व सस्ते खिलौनों ने बिहार के स्थानीय खिलौना उद्योग को पूरी तरह बाजार से बाहर कर दिया है).
- 🗼 बुनियादी ढांचे की कमी: बिजली की भारी किल्लत, विश्वस्तरीय होटलों और अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों की कमी के कारण बिहार में अन्य राज्यों की तुलना में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की गति बहुत धीमी है.
💡 Quick Revision Tips & Tricks
- LPG Acronym: L=उदारीकरण (ढीला छोड़ना), P=निजीकरण (प्राइवेट करना), G=वैश्वीकरण (ग्लोबल जोड़ना) 🔄.
- WTO Birth Year: 1995 (Jan) | हेडक्वार्टर = जेनेवा 🇨🇭.
- Bihar Export Trio: लीची + आम + मखाना 🍎.
- Thums Up Brand Acquisition: पारले समूह के थम्स अप को कोका कोला ने खरीदा (MNC Takeover का बड़ा उदाहरण) 🥤.
🏁 निष्कर्ष (Conclusion)
वैश्वीकरण एक अनिवार्य अंतर्राष्ट्रीय वास्तविकता है, जिसे नकारा नहीं जा सकता. हालांकि वैश्वीकरण का लाभ शुरुआत में समाज के मुट्ठी भर धनी और उच्च शिक्षा प्राप्त लोगों तक ही सीमित रहा है, जिससे 85% आम जनता का जीवन कठिन हुआ है। इस खाई को पाटने के लिए देश और बिहार में न्यायपूर्ण वितरण प्रणाली और समावेशी विकास (Inclusive Growth) की व्यूह-रचना को पूरी ईमानदारी से लागू करना होगा, ताकि वैश्वीकरण का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके.
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